उत्तराखंडः आर-पार की लड़ाई को तैयार कर्मचारी

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देहरादून के राजस्व संग्रह अमीनों ने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। प्रदेश के राजस्व संग्रह अमीनों का शनिवार दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रहा।
परेड ग्राउंड में किया धरना-प्रदर्शन
संग्रह अमीनों ने परेड ग्राउंड में धरना-प्रदर्शन किया। प्रांतीय महामंत्री वीरेंद्र सजवाण ने कहा कि सरकार ने 15 अगस्त तक यदि मांगों पर अमल न किया तो संग्रह अमीन क्रमिक अनशन और इसके बाद मुख्यमंत्री आवास घेराव को बाध्य होंगे।
परेड ग्राउंड में एकत्र हुए संग्रह अमीनों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एनटी के पद पर छह फीसदी प्रमोशन के कोटे का कैबिनेट में प्रस्ताव दिसंबर 2013 में पास हुआ, लेकिन अब तक शासनादेश लटका है।
जबकि ग्रेड पे में बढ़ोत्तरी की मांग की भी अनदेखी की जा रही है। हाल यह है कि लेखपालों का ग्रेड पे 19 सौ रुपए से बढ़ाकर 2800 किया गया है।
वहीं संग्रह अमीनों के ग्रेड पे में दशकों बाद भी कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई। संग्रह अमीनों को वर्षों से दो हजार रुपए ग्रेड पे दिया जा रहा है।
प्रदर्शन करने वालों में प्रांतीय अध्यक्ष उदयवीर रावत, प्रांतीय महामंत्री वीरेंद्र सजवाण, अजय पांडे, गुरु प्रसाद बहुगुणा, सूरत सिंह पंवार, शांति लाल, महावीर सिंह, सुरेश सेमवाल आदि शामिल थे।
मांगों पर अमल नहीं होने पर भड़के
आउट सोर्सिंग कार्मिक संघ ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए शिक्षा निदेशालय में प्रदर्शन किया।
कहा कि मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही उनकी मांगों पर अमल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मांगों पर फैसला नहीं लिया गया।
रमसा में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त लैब और कार्यालय सहायकों ने कहा कि प्रदेश में आउटसोर्सिंग से नियुक्त कर्मचारियों की उपनल और पीआरडी के माध्यम से नियुक्त होनी थी।
मुख्यमंत्री की ओर से अधिकारियों को इसके निर्देश दिए गए थे, लेकिन लैब और कार्यालय सहायक पिछले चार महीने से बेरोजगार हैं।
इस मसले पर कई बार अधिकारियों से मिलने के बावजूद उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। धरना देने वालों में अध्यक्ष सुभाष लखेड़ा, महामंत्री आनंद बडोनी, योगेंद्र बडोनी, वीपी सती आदि शामिल थे।
पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों का कैंडल मार्च
सेवा विस्तार और मानदेय बढ़ोत्तरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर परेड ग्राउंड में आमरण अनशन पर बैठे पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षकों ने शनिवार को कैंडल मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि शीघ्र मांगे न मानी गई तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। पॉलीटेक्निक संविदा शिक्षक सोसायटी लंबित मांगों को लेकर चल रहा आमरण अनशन शनिवार पांचवें दिन भी जारी रहा।
शनिवार संविदा शिक्षकों ने परेड ग्राउंड से कनक चौक, सर्वे चौक, तिब्बती बाजार होते हुए वापस परेड ग्राउंड तक कैंडल मार्च निकाला।
संगठन के अध्यक्ष सर्वेश चौधरी ने कहा कि मांगों को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
मुख्यमंत्री कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाने की बात कर रहे हैं, जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलता आंदोलन जारी रहेगा। धरना देने वालों में पूनम, महेश पाल, संदीप, पंकज, निधि, श्वेता, दिव्या, नरेश आदि शामिल थे।
सचिवालय घेराव का ऐलान
उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारियों के राजकीयकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठे जल संस्थान कर्मचारियों ने अब आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
कर्मचारियों ने 11 अगस्त को सचिवालय कूच करने की घोषणा की है। इससे पहले विधायकों का भी घेराव होगा। नेहरू कालोनी स्थित जल भवन में उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संघ के बैनर तले प्रदर्शनकारियों का धरना शनिवार को भी जारी रहा।
संघ के प्रदेश महासचिव गजेंद्र कपिल ने कहा कि सरकार जल संस्थान कर्मचारियों की मांगों को नजर अंदाज कर रही है। अब कर्मचारी पहले अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों का घेराव कर ज्ञापन देंगे।
10 अगस्त तक कोई कार्रवाई न होने पर 11 अगस्त को सचिवालय तक महारैली निकालेंगे।
धरने में श्याम सिंह नेगी, रमेश बिंजोला, शिमला देवी, पुष्पा भट्ट, गायत्री काला, माया देवी, रामेश्वरी नौटियाल, सुमन कंडारी, पुष्पा भट्ट, लीला बहुगुणा, संतोष, गुड्डी भंडारी आदि मौजूद थे।

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