उत्तराखंड में अपनों ने ही लगाई अमित शाह की ‘क्लास’

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amit-shah-5546e8d5d7427_exlstउत्तराखंड के एक दिनी दौरे पर रविवार को देहरादून आए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को अपनों के सवालों से जूझना पड़ा। इनमें ज्यादा सवाल भूमि अधिग्रहण बिल और काले धन की वापसी पर थे।

भाजपा नेताओं के विचार-विमर्श के आंतरिक सत्र में पार्टी अध्यक्ष शाह ने भाजपा पदाधिकारियों से खुलकर संवाद किया। कुछ सवालों पर उखड़े तो कुछ पर पूछने वाले को डांट-फटकार समेत नसीहतों की घुट्टी पिलाई। केंद्रीय मंत्रिमंडल में उत्तराखंड के प्रतिनिधित्व से संबंधित सवाल पर शाह ने गोलमोल जवाब दिया।

भाजपा अध्यक्ष शाह ने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को जब खुले मन से कुछ भी पूछने का न्योता दिया तो वे सवालों से घिर गए। कई नेताओं ने कहा कि काले धन की वापसी पर कुछ नहीं हुआ, शाह ने कहा कि परिणाम जल्द दिखेगा। पूर्व मंत्री खजानदास ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड ने पार्टी को पांचों कमल दिए लेकिन मंत्री कोई नहीं बना।

दो विस्तार भी हो चुके हैं। शाह बोले कि सब ठीक रहेगा। उत्तरकाशी से आए नेता ने पूछा कि 11 महीने हो गए, ना काला धन वापस आया और ना ही अच्छे दिन आए। शाह ने नसीहत दी कि अभी तक जो हुआ वो नजर नहीं आ रहा है।

एक नेता ने पंचायत चुनाव सिंबल पर कराने की मांग की तो शाह ने खारिज कर दी। एक नेता ने जम्मू कश्मीर के स्पेशल एक्ट की चर्चा की तो शाह बोले अपने अधिकार क्षेत्र की बात करो, यह तो केंद्र सरकार का विषय है।

विधायक अरविंद पांडेय और पूर्व विधायक शैलेंद्र रावत ने कहा कि अधिग्रहण बिल को लेकर लोगों में काफी भ्रम है। शाह ने कहा कि तय मूल्य से चार गुणा भूस्वामी को मिलेगा। किसान सीधे अपनी जमीन उद्यमी को बेच सकेगा। पांडेय ने कहा कि चार गुणा ज्यादा तो सर्किल रेट से होगा, मार्केट वैल्यू से तुलना होनी चाहिए।

शाह का विरोध करने आए युकांई गिरफ्तार
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का विरोध करने आए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने दो घंटे चौकी में बिठाए रखा। भानियावाला तिराहे पर जुलूस के रूप में कार्यकर्ताओं ने शाह को काले झंडे दिखाने की कोशिश की। इस बीच युकांइयों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।

रविवार को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शाह के उत्तराखंड आगमन पर विरोध किया। दोपहर करीब 12 बजे युकां के प्रदेश प्रभारी मनीष ठाकुर और प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी की अगुवाई में कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में भानियावाला तिराहा पहुंचे और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों और राज्य के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार को लेकर नारेबाजी की।

विरोध प्रदर्शन पर हरकत में आई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से जाने को कहा था तो कार्यकर्ता भड़क गए। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी के साथ अधिकारियों की नोकझोंक हो गई।

पुलिस ने कार्यकर्ताओं को जबरन वाहनों में भरकर लालतप्पड़ चौकी भेजा। शाह का काफिला निकलने के बाद कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया।

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