उत्तराखंड: 10 हजार अतिथि शिक्षकों के पदों पर भर्ती जल्द

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teacher-551435df56ce6_exlstउत्तराखंड में शिक्षा विभाग में करीब दस हजार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया।

एलटी और प्रवक्ता दोनों के लिए ब्लॉक स्तर की मेरिट जारी की जाएगी। अभ्यर्थी जिस विकासखंड (ब्लॉक) का निवासी होगा, वहीं पर उसकी नियुक्ति की जाएगी।

साथ ही सहायक अध्यापक (एलटी) का प्रवक्ता के पद पर पदोन्नति प्रभावित न हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। अपर मुख्य सचिव के मुताबिक चार से पांच दिन में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

प्रदेश में एलटी और प्रवक्ता के पद पर शिक्षकों के करीब 10 हजार पद रिक्त हैं। दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षकों के बगैर पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जा रही है।

अपर मुख्य सचिव एस राजू ने बताया कि शिक्षकों के जितने पद रिक्त होंगे, उससे दोगुने अभ्यर्थियों के लिए विज्ञप्ति निकाली जाएगी। जितने शिक्षकों की जरूरत होगी उतने रखे जाएंगे, जबकि अन्य शिक्षक प्रतीक्षा सूची में रहेंगे।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति गेस्ट टीचरों का चयन करेगी। नियमित शिक्षकों की नियुक्ति एवं प्रमोशन से पद भरे जाने पर अतिथि शिक्षकों को हटा दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव एस राजू ने बताया कि जितने शिक्षकों की जरूरत होगी, उसी हिसाब से अतिथि शिक्षक रखे जाएंगे।

शिक्षक क्लास में कितने पीरियड पढ़ाएंगे, उसी हिसाब से वेतन दिया जाएगा। वेतन कम से कम 10 से 15 हजार रुपये होगा। पहले खंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी और उपजिलाधिकारी संबंधित ब्लॉक की मेरिट सूची बनाएंगे। इसके बाद यह सूची जिले में आएंगे और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति शिक्षकों का चयन करेगी।

आरक्षण का रखा जाएगा ध्यान
अतिथि शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण का भी ध्यान रखा जाएगा। रोस्टर के हिसाब से इसमें पद आरक्षित कर अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

बेरोजगारों के लिए राहत
प्रदेश में बीएड, बीपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार लंबे समय से नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। अतिथि शिक्षकों की भर्ती से प्रशिक्षित बेरोजगारों को राहत मिलेगी।

सभी रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की भर्ती नहीं की जाएगी। शिक्षकों का प्रमोशन प्रभावित न हो इसके लिए एलटी से प्रवक्ता के पद पर जितने शिक्षकों का प्रमोशन होना है एवं प्रवक्ता के पद पर नई भर्ती से मिलने वाले शिक्षकों के पदों को छोड़ दिया गया है।

अपर मुख्य सचिव एस राजू ने बताया कि शिक्षक संगठनों के विरोध के बाद यह निर्णय लिया गया है। इससे अब उन शिक्षकों का प्रमोशन प्रभावित नहीं होगा।

बता दें कि अमर उजाला ने हाल ही में अतिथि शिक्षकों की भर्ती से नियमित शिक्षकों के प्रमोशन प्रभावित होने की खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद ही शासन हरकत में आया और पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल शिक्षकों को राहत दी गई है।

‌इनका है कहना
शिक्षा विभाग को यदि अतिथि शिक्षकों की भर्ती करनी है तो केवल सहायक अध्यापक (एलटी) के पद पर करें, प्रवक्ता के पद पर अतिथि शिक्षकों की भर्ती का संगठन विरोध करता है। प्रवक्ता के पद पर शत प्रतिशत एलटी से प्रमोशन किया जाए।
-करनैल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ।

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