कपाट खुलने से पहले जानें केदारनाथ यात्रा की 10 खास बातें

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heavy-snowfall-in-kedarnath-5523c083d52aa_exlstकेदारधाम में बाबा के दर्शन का इंतजार खत्म होने को है। शुक्रवार 24 अप्रैल को सुबह 8.50 बजे केदार मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। बाबा केदार की उत्सव डोली गुरुवार को ही गौरीकुंड से चलकर धाम पहुंच जाएगी। डोली सोमवार को बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से रवाना हुई है।

आस्था पथ की दुश्वारियां अपनी जगह हैं, लेकिन 2013 की आपदा के बाद उपजी कई मुश्किलें अब दूर कर ली गई हैं। पैदल मार्ग अब पहले से बेहतर स्थिति में है। धाम के अलावा पैदल मार्ग पर भी ठहरने के इंतजाम हैं। वर्ष 2013 की आपदा के बाद नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) यहां लगातार सुविधाएं जुटाने और धाम तक पहुंच को सुगम बनाने में जुटा हुआ है।

हेलीपैड पर टेंट कॉलोनी बन रही है। यहां 800 और पैदल मार्ग पर लिनचौली में 500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था हो रही है। इसके अलावा धाम में सुरक्षित निजी भवनों में भी श्रद्धालु ठहर सकेंगे। अब तक जमी बर्फ के कारण धाम का अलौकिक दृश्य देख तीर्थयात्री निहाल हो सकते हैं।

– पृष्ठ भाग की पूजा
समुद्र तल से 3584 मीटर ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मेरु सुमेर पर्वतों की तलहटी में बसा है। यहां भगवान शिव के पृष्ठ भाग की पूजा होती है।

– बदलता मौसम मुसीबत का सबब
केदारनाथ व केदारघाटी में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। सुबह से लेकर दोपहर तक जहां चटख धूप खिल रही है। सूरज ढलने के साथ काले बादल घिर आते हैं।

बीते दो दिन मौसम ठीक रहने के बाद बुधवार शाम को पांच बजे से पहले बारिश होने लगी। छह बजे के बाद हल्की बर्फबारी भी हुई। मौसम विभाग के मुताबिक 23, 24 को रुद्रप्रयाग जिले में बारिश-बर्फबारी हो सकती है।

– कैसे पहुंचें
हवाई मार्ग : केदारनाथ से सबसे निकटतम हवाई अड्डा जौलीग्रांट करीब 258 किमी दूर है। मस्ता, नारायणकोटी, फाटा, मैखंडा और शेरसी से भी केदारनाथ के लिए हेलीकाप्टर सेवा है। इस बार कई निजी कंपनियां केदारनाथ के लिए हवाई सेवा संचालित करेंगी। अभी हेलीकाप्टर सेवा का किराया तय नहीं हुआ है। हालांकि, पिछले साल गुप्तकाशी से केदारनाथ तक हेलीकाप्टर का दोतरफा किराया करीब आठ हजार रुपए और एकतरफ किराया करीब तीन हजार रुपये था।

– रेल और सड़क मार्ग
ट्रेन से केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को ऋषिकेश (242 किमी) और हरिद्वार (268 किमी) पहुंचना होगा। इसके बाद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे से सफर तय कर रुद्रप्रयाग पहुंचना होगा। इसके बाद रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर 72 किमी का सफर तय कर सोनप्रयाग तक बस, टैक्सी से पहुंचा जा सकेगा। ऋषिकेश से सोनप्रयाग का बस किराया प्रति सीट 300 रुपए है। सोनप्रयाग से प्रशासन की ओर से निर्धारित वाहन से यात्री गौरीकुंड जा सकेंगे। इसके लिए प्रति सीट 20 रुपए, एकतरफा बुकिंग 180 रुपए और दोतरफा के लिए 350 रुपए किराया देना होगा।

– मार्ग पर ठहरने की सुविधा
ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, श्रीकोट, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, गबनीगांव, गुप्तकाशी, फाटा, सीतापुर, रामपुर, सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ठहरने, खाने-पीने की सुविधाएं मौजूद हैं।

पैदल मार्ग : केदारनाथ धाम के लिए गौरीकुंड से करीब 16 किमी का पैदल सफर तय करना होगा। गौरीकुंड से भीमबली तक रास्ता छह फीट चौड़ा है। रामबाड़ा से लिनचौली तक करीब तीन फीट चौड़ा मार्ग है। लिनचौली से केदारनाथ तक रास्ते में बर्फ है, जिसे काटकर रास्ता तैयार किया जा रहा है।

– पैदल मार्ग पर साधन
गौरीकुंड से केदारनाथ तक डंडी-कंडी और घोड़ा-खच्चर से भी यात्रा कर सकते हैं। सोनप्रयाग और गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए घोड़ा-खच्चर उपलब्ध हो सकेंगे। सोनप्रयाग से बेस कैंप केदारनाथ तक 1800 और गौरीकुंड से बेस कैंप केदारनाथ तक 1400 रुपये प्रति व्यक्ति किराया देना होगा। इसके अलावा डंडी-कंडी से भी श्रद्धालु गौरीकुंड से केदारनाथ पहुंच सकते हैं।

– पैदल मार्ग पर रुकने के साधन
गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर भीमबली, लिनचोली में जीएमवीएन के हट्स हैं। हालांकि इनकी अब भी मरम्मत की जा रही है। 30 रुपये में नाश्ता और 40-40 रुपये में भोजन की व्यवस्था भी पैदल रास्ते पर की गई है।

– रजिस्ट्रेशन जरूरी
यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं का हरिद्वार और ऋषिकेश से ही फोटोमीट्रिक्स रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग और केदारनाथ में भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन और वेरीफिकेशन नहीं होने पर कोई भी यात्री आगे नहीं जा सकेगा। गुप्तकाशी और फाटा में चेकिंग के बाद वाहनों को आगे बढ़ने दिया जाएगा। सोनप्रयाग के बाद कोई भी निजी वाहन आगे नहीं जा सकेगा।

– मेडिकल फिटनेस
स्वास्थ्य विभाग सोनप्रयाग में श्रद्धालुओं का मेडिकल परीक्षण करेगा। फिट होने पर ही आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। आपात स्थिति के लिए रुद्रप्रयाग में जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। पड़ावों पर भी यात्रियों के मेडिकल चेकअप की सुविधा है।

– सलाह
यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु अपने साथ गर्म कपड़े, सनक्रीम, सनग्लासेज, गर्म मोजे और रेनकोट जरूर लाएं। यहां मौसम कभी भी बदल सकता है। अपने साथ पानी की बोतल, बिस्कुट, चिप्स आदि खाने की सामग्री भी रखें।

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