केदारनाथ आपदा: दो साल बाद भी मंदिर के पास मिले कंकाल

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kedarnath-5577b44d2ff5d_exlstआपदा के दौरान केदारनाथ मंदिर के आसपास के ढहे और क्षतिग्रस्त बंद पड़े मकानों के मलबे में अभी सैकड़ों मानव कंकालों के दबे होने की आशंका है।

ऐसे मकानों की तादात 150 से ज्यादा है। यात्रा के दौरान इन मकानों में यात्रियों की भरपूर मौजूदगी रहती थी। जिलाधिकारी राघव लंगर भी स्वीकार करते हैं कि बंद पड़े निजी आवासों में अभी तक खोजबीन नहीं की जा सकी है।

दूसरी ओर नाराज तीर्थपुरोहितों का कहना है कि आपदा के दो साल बाद भी मंदिर के आसपास से मानव कंकाल मिल रहे हैं। इससे जिला प्रशासन की उदासीनता और लापरवाही साफ पता चलती है।

केदारनाथ नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष दिनेश बगवाड़ी का कहना है कि केदारपुरी के जर्जर और ढहे पड़े भवनों के मलबे में सैकड़ों कंकाल दबे हुए हैं पर दो साल बाद भी प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कुल 217 में से 46 भवनों के मलबे को निकाला गया है। साफ किए और तोड़े गए ये सभी सरकारी भवन हैं जबकि शेष भवन तीर्थ पुरोहितों के हैं।

विदित हो कि बीते शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को तीर्थ पुरोहितों ने मंदिर के पीछे बहल आश्रम के समीप हाथ का एक पंजा दिखाया था।

कुछ तीर्थ पुरोहितों ने आशंका जताई थी कि अब भी केदारनाथ में मलबे से पटे जर्जर भवनों के कमरों में काफी कंकाल दबे हुए हैं। पर उनकी खोजबीन नहीं की जा रही है। 16/17 जून 2013 को आई आपदा के बाद से अब तक केदारनाथ मंदिर परिसर व क्षेत्र में लगभग दो सौ मानव कंकाल बरामद हो चुके हैं।

निजी भवनों में अभी मलबे की सफाई नहीं की गई है। ये भवन तीर्थ पुरोहितों के हैं। सरकार के साथ अनुबंध के बाद ही उनमें प्रवेश कर सफाई व सर्च का कार्य किया जा सकेगा। इनमें मानव कंकाल मिलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
– राघव लंगर, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग

चार दिन पहले केदारनाथ में मंदिर के पीछे मिले हाथ के पंजे के बाद से पुलिस और एसडीआरएफ का सर्च आपरेशन जारी है। मंदिर परिसर से तीन किमी के दायरे में कंकाल/शवों को ढूंढने का काम किया जा रहा है।

पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी विपिन चंद्र पाठक ने बताया कि केदारनाथ चौकी प्रभारी संदीप थपलियाल और एसडीआरएफ की टीम अभियान में जुटी है। रुद्रा प्वाइंट से लेकर मंदिर के पीछे बने हेलीपैड सहित मंदाकिनी नदी के किनारों को खंगाला जा रहा है।

1493 ने किए दर्शन
केदारनाथ। मंगलवार को 1493 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। दर्शनार्थियों में 957 पुरुष, 463 महिलाएं, 72 बच्चे और एक विदेशी यात्री शामिल है। दूसरी तरफ पूरे दिनभर केदारनाथ में बादलों और सूरज के बीच आंखमिचौली का खेल चलता रहा।

दोपहर बाद आसमान में घने बादल छाने से यहां हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हो गई थी। इधर जिला मुख्यालय में दिनभर लोग उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। दोपहर एक बजे रुद्रप्रयाग में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

आठ तीर्थ पुरोहितों को भूमि आवंटित
शासन की ओर से जारी सूचना में बताया गया कि धाम में तीर्थ पुरोहितों को आवंटित की जा रही भूमि के समतलीकरण का कार्य भी जोरों पर चल रहा है। अब तक प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग की मौजूदगी में आठ तीर्थ पुरोहितों को भूमि आवंटित की जा चुकी है।

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