बरसात ने ले ली 24 लोगों की जान

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उत्तराखंड में 15 जून से अब तक 24 लोगों की प्राकृतिक आपदाओं में मौत हो चुकी है और 12 आवासीय भवन ध्वस्त हो चुके हैं। बारिष एक बार फिर पहाड पर कहर बनकर बरस रही है। वर्श 2018 पर नजर दौडाए तो 101 लोगों की मौत हुई थी। लगातार बारिष से नदियां उफान पर है। षुक्रवार और षनिवार को हरिद्वार के कई गांव रात भर नहीं सो पाए। उन्हें पूरी रात जाग कर काटनी पडी। यहां गंगा का जल स्तर 294 मीटर यानि खतरे के निषान के पास पहुंच गया है। प्रषासन ने अर्लट जारी किया है और अफसर गांवों में डेरा डाले हुए हैं। देवप्रयाग में भागीरथी व अलकनंदा का जल स्तर लगातार बढ रहा है। खासकर अलकनंदा उफान पर है। यहां अलकनंदा भागीरथी के पानी को पीछ धकेलती नजर आ रही है। गंगा के सभी घाट जलमग्न हो चुके। निर्मल गंगा येाजना बना घाट भी पूरी तरह से नदी में समाया हुआ है। निर्मल गंगा योजना के तहत यहां घाट वहां बनाया गया जहां हमेषा अलकनंदा का प्रवाह क्षेत्र है। करोडों रूपये का घाट पानी समा गया। बरसात में निर्मल गंगा के तहत हुए कार्यों की भी कलई खुल रही है। लगातार बादल यूं ही बरते रहे तो पहाड के गांवों के लिए यह बडा संकट बन सकता है।