भूस्खलन से खतरे में पचास मकान

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साहिया: साहिया बाजार व उसके आसपास रह रहे 50 से ज्यादा परिवारों पर अमलावा नदी व सरला खड्ड से खतरा मंडरा रहा है। बरसात के चलते अमलावा व सरला खड्ड उफनने से बस्ती के पास लगातार हो रहे भू कटाव के चलते दर्जनों रियायशी मकान खतरे की जद में हैं। पिछले तीन वर्ष में साहिया बाजार व उसके आसपास के दो दर्जन से ज्यादा मकान व दुकानें जमींदोज हो गए थे। इसके बावजूद शासन-प्रशासन ने आज तक सुरक्षा के लिए कोई ठोस कार्य नहीं कराए। खानापूर्ति को सिंचाई विभाग ने बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा पर फाइल दफ्तरों में ही गुम हो गई।

विकासखंड कालसी अंतर्गत साहिया बाजार जौनसार क्षेत्र के सौ से ज्यादा गांवों का प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है। साहिया बाजार कई गांवों को जोड़ने वाले साहिया-क्वानू, समाल्टा-माक्टी व साहिया-चकराता मार्ग से लिंक है। यहां अमलावा नदी व सरला खड्ड के नजदीक बसे बाजार व उसके आसपास बस्ती में सालों से निवास कर रहे दर्जनों परिवारों पर हर बरसात में बारिश खतरा बनकर मंडराती है।

बीती 16 व 17 जून की रात को हुई अतिवृष्टि के चलते अमलावा नदी उफनने से बाजार क्षेत्र के आठ मकान व दुकान जमींदोज हो गए थे। बस्ती के आसपास नदी के तेज बहाव के चलते हो रहे भूकटाव के चलते पचास से ज्यादा रियायशी मकानों को खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन से कुछेक मकानों में तो दरारें भी आ गई हैं। खतरे की आशंका के चलते कुछ परिवारों ने अन्यत्र शरण ली हुई है।

वहीं बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने को सिंचाई विभाग अंबाडी के अधिशासी अभियंता एससी पांडे ने कुछ समय पहले सरकार को प्रस्ताव गठित कर भेजा, लेकिन सुरक्षा कार्य आज तक नहीं हुए। नदी का बहाव परिवर्तित करने को सिंचाई विभाग ने साहिया के पास कुछ जाल भरकर इतिश्री कर ली। सिंचाई विभाग एई केएन नौटियाल का कहना है कि धन के अभाव के कारण बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं कराए जा पा रहे हैं। धन मिलने पर ही सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे।

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