विवाहिता फांसी पर झूली

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12_03_2015-11cth27-c-.5हल्द्वानी : शादी के दस माह बाद देवलचौड़ खाम में विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा ली। उसे मायके जाना था, लेकिन उसने रसोई बंद कर दुपट्टा छत के कुंडे में फंसा गले में फंदा डाल दिया। मृतका के मायके वालों ने ससुरालियों पर बेटी की जान लेने का आरोप लगाया है।
ज्योलीकोट के सड़ियाताल निवासी केशर सिंह जीना की पुत्री रेखा की शादी देवलचौड़ खाम निवासी राजेंद्र नेगी के संग बीते साल चार मई 2014 को हुई थी। राजेंद्र की घर के पास परचून की दुकान है। शादी को महज दस माह हुए थे। इस बीच न जाने ऐसी कौन सी बात हुई कि रेखा ने आत्महत्या की ठान ली। बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ राजेंद्र दोस्त बचन सिंह के साथ अपने किसी मित्र के पिता की अंत्येष्टि में शामिल होने रानीबाग गया था। उसके बाद राजेंद्र की मां देवकी देवी बड़े बेटे ललित मोहन नेगी की पत्‍‌नी विमला के साथ दवा लेने सरकारी अस्पताल चली गई। राजेंद्र के घर पर नहीं होने से उसके पिता पान सिंह नेगी दुकान पर बैठे थे जबकि दादा बच्ची सिंह पड़ोस में बड़े बेटे प्रताप सिंह के घर पर थे। राजेंद्र की पत्‍‌नी रेखा नेगी जेठानी की चार साल की बेटी राशि के साथ घर पर थी। दोपहर 12 बजे रेखा ने दुकान पर ससुर को खाना भी पहुंचाया। अपराह्न करीब दो बजे राजेंद्र के दादा बच्ची सिंह घर पहुंचे तो रसोईघर के दरवाजे से धुंआ निकलते देखा। इस पर बच्ची ने दुकान पर जाकर पान सिंह को मामले से अवगत कराया। पान सिंह ने घर पहुंचकर रसोईघर के दरवाजे में धक्के मारकर कुंडी तोड़ी तो रेखा कुंडे पर झूल रही थी। दुपट्टा काटकर रेखा को नीचे उतारा। शोर सुनकर मोहल्ले वाले भी पहुंच गए। पान सिंह रेखा को अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन तब तक रेखा मर चुकी थी। इस बीच राजेंद्र भी घर पहुंच गया।
करीब सवा तीन बजे सूचना पर सीओ आरएस हयांकी, एसएसआइ एनबी भट्ट, चौकी प्रभारी सुशील जोशी मौके पर पहुंचे। साढ़े चार बजे रेखा के पिता केशर सिंह, भाई विक्की भी परिवार के लोगों के साथ पहुंचे। इन्होंने ससुरालियों पर बेटी को मारने का आरोप लगाया है। पिता ने बताया कि बेटी आज उनके घर आने वाली थी।
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::::: इनसेट
क्यों मरवा दिया मेरी बेटी को
हल्द्वानी : फर्श पर बेटी की लाश देख पिता केशर सिंह जीना व भाई विक्की समेत अन्य परिजन बदहवाश हो गए। रोते हुए केशर बोले ससुरालियों ने उनकी बेटी को मरवा दिया। उसके भाई ने भी बहन की हत्या का संदेह जताया।
बूढ़े केशर सिंह के सवालों का रेखा के ससुर कोई जवाब नहीं दे पाए। रोते हुए केशर सिंह ने दामाद के दादा बच्ची सिंह से भी कई सवाल किए। रेखा के पिता केशर ने दामाद से कहा कि अब मन का हो गया। कुछ और चाहिए था तो बता देते। बेटी की मौत से केशर सिंह और उनका परिवार सदमे में है। इस घटना से मृतका का पति राजेंद्र भी गुमशुम है। राजेंद्र ने बताया कि उसकी पत्‍‌नी रेखा सुबह मायके जाने वाली थी। गाड़ी भी बुक कर ली थी, लेकिन रात में रेखा ने मायके जाने से मना कर दिया।
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अकेले डरती थी रेखा
– राजेंद्र ने बताया कि रेखा अकेले सोने में डरती थी। परिवार के लोगों ने जागर भी लगाई। झाड़ फूंक वाले भी दिखाया। कुछ दिन भी रेखा की तबियत खराब हुई तो उसे कैंसर हॉस्पिटल में दिखाया गया था। कई जाचें भी कराई गई।

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