“सृजन के बीज”

0
74

डॉ निशंक ने अपने फेसबुक पेज पर कविता से हरिद्वार की जनता को नमन किया
मैं समूचे उत्तराखंड एवं हरिद्वार लोकसभा की जनता को कोटि-कोटि नमन करना चाहता हूं जिनके आशीर्वाद से मुझे देश सेवा का यह पुनीत अवसर मिला है । आइए नव भारत के निर्माण में हम सभी जुट जाएं ।

मेरी कविता संग्रह “सृजन के बीज” से एक कविता, शीर्षक है “वह कल” आज के लिए आप सभी के सम्मुख –

उस कल की क्यों चिंता करें
जो कल न अभी तक आया है,
इस क्षण में अच्छा काम करें
जो जीवन में आया है ।
क्यों न सँवारें हम इस पल को
जिस पल में हम जीते हैं,
स्वर्ण दिवस यही लाएगा
जिसकी माला सीते हैं ।
जो पास तुम्हारे हैं इस पल
संग जी लो इसके जी भरकर,
यह पल ही इतिहास रचेगा
स्वर्णिम दिवस शीर्षक बनकर,
फिर कल अपने आप ही
सर्वोत्तम हो जाएगा,
और अपने साथ यह
नव युग लेकर आएगा ।

© डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’