पहाड़ों में लगे जाम से पर्यटक हुए हलकान

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भीषण गर्मी से निजात पाने पहाड़ों का रुख कर रहे पर्यटक वहां लग रहे जाम से हलकान हैं। बीते दो दिन से उत्तराखंड ही नहीं हिमाचल के रोहतांग-मनाली में भी सैलानी मीलों लंबे जाम में फंसे रहे। वाहनों की लंबी कतारों के बीच अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए पर्यटक भूखे-प्यासे ही जद्दोजहद करते दिखे। शनिवार को भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं से लेकर आमजन को जाम के झाम से छुटकारा दिलाने के लिए जहां प्रशासन व्यस्त रहा, वहीं सैलानी त्रस्त नजर आए।
उत्तराखंड में सरोवर नगरी नैनीताल में जाम बना नियति
उत्तराखंड में सरोवर नगरी नैनीताल की स्थिति तो यह है यहां जाम में फंसना मानो लोगों की नियति बन गई है। नैनीताल में वाहनों का दबाव कम करने के मकसद से उनके वाहनों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा। शटल सेवा जवाब दे जा रही है। टैक्सी चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं।

रानीखेत में एकमात्र पेट्रोल पंप होने की वजह से रानीखेत-हल्द्वानी रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं पर्यटकों को अपने वाहनों में पेट्रोल भराने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

उधर, चितई में जागेश्वर धाम पहुंचे श्रद्धालुओं को भी जाम से जूझना पड़ा। यहां अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु और पर्यटक काफी देर तक जाम में फंसे रहे।
पर्यटकों से मनमाना पैसा वसूल रहे टैक्सी चालक, रंगकर्मियों को भी नहीं बख्शा

सरोवर नगरी आने वाले पर्यटकों से टैक्सी चालकों की लूट-खसोट जारी है। आठ किमी. के भी टैक्सी चालक दो हजार रुपये वसूल रहे हैं। इस अंधेरगर्दी को देखने वाला कोई नहीं है। बीएम साह पार्क में आयोजित नाट्य महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे अनुकृति रंगमंडल कानपुर के रंगकर्मियों से मोटा किराया वसूला गया।

रंगमंडल के सचिव डॉ.ओमेंद्र कुमार ने बताया कि उनके साथ 24 रंगकर्मियों का दल नैनीताल पहुंचा है। डॉ.कुमार ने बताया कि उनके साथी अलग-अलग टुकड़ी में यहां पहुंचे जिनसे बस चालकों ने 65 रुपये किराया लिया, लेकिन टैक्सी चालकों ने 1500 से 1800 रुपये वसूले। परिवार संग पहुंचे काशीपुर के अरमान ने बताया कि रूसी बाईपास से नैनीताल छोड़ने तक टैक्सी चालक ने दो हजार रुपये लिए, जिस कारण वह सही से नैनीताल घूम नहीं पाए।