बजट से पहले आम लोगों को मिली राहत, सस्‍ते हुए गैस सिलेंडर के दाम

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मोदी सरकार देश का अंतरिम बजट कल यानि 1 फरवरी को पेश करेगी. बजट से पहले सरकार की ओर से आम लोगों को राहत दी गई है. दरअसल, घरेलू रसोई गैस के सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 1.46 रुपये कम हो गई है. वहीं बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम 30 रुपये घट गए हैं. बता दें कि रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब दो महीनों के भीतर तीसरी बार गिरावट आई है. इससे पहले, एक दिसंबर को सब्सिडी वाले सिलेंडर पर 6.52 रुपये और एक जनवरी को 5.91 रुपये की बड़ी कटौती की गई थी.

देश की सबसे बड़ी रसोई गैस कंपनी इंडियन ऑयल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि गुरुवार की मध्यरात्रि से दिल्ली में सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के गैस सिलेंडर की कीमत 493.53 रुपये होगी. वर्तमान में इस सिलेंडर की कीमत 494.99 रुपये है. इसी तरह बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत में 30 रुपये की कमी आई है. आज मध्‍यरात्रि से बिना सब्‍सिडी वाले सिलेंडर की नई कीमत 659 रुपये हो जाएगी. वर्तमान में एलपीजी ग्राहकों को सिलेंडर बाजार कीमत पर लेने होते हैं.  सरकार एक उपभोक्‍ता को साल में अधिकतम 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी देती है.

क्‍या है गिरावट की वजह

एलपीजी के दामों में कमी की अहम वजह इस ईंधन पर टैक्‍स का भार कम होना है. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत घटना और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति में सुधार की वजह से भी इसकी कीमतों पर असर पड़ा है. बता दें कि डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे बढ़कर 71.08 के स्तर पर बंद हुआ है.  इससे पहले रुपये की शुरुआत बेहद मजबूत हुई थी. गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 26 पैसे मजबूत होकर 70.86 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया. वहीं बुधवार को रुपया एक पैसे नरम रहकर 71.12 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. यहां बता दें कि एलपीजी पर सब्सिडी हर महीने अलग-अलग हो सकती है जो विदेशी मुद्रा विनिमय और इंटरनेशनल मार्केट में एलपीजी की कीमतों के औसत के अनुसार तय की जाती है.

बजट से पहले राहत

एलपीजी की कीमतों में कटौती ऐसे समय में हुई है जब देश का अंतरिम बजट पेश होने में चंद घंटे बचे हैं. बता दें कि कल यानि 1 फरवरी को पीयूष गोयल बजट पेश करेंगे. लोकसभा चुनाव से पहले के इस बजट में आम लोगों के लिए कई बड़े ऐलान होने की संभावनाएं हैं. इनमें टैक्‍स स्‍लैब में बदलाव और यूनिवर्सल बेसिक इनकम जैसे ऐलान हो सकते हैं. बता दें कि यह बजट पूर्ण नहीं बल्कि अंतरिम है. अंतरिम बजट तब पेश होता है जब देश में लोकसभा चुनाव हो या फिर सरकार के कार्यकाल खत्‍म होने में कुछ महीनों का वक्‍त बचा हो. इसमें आंशिक समय के लिए बजट पेश की जाती है.