बच्चों की लेखन कार्यशाला, बच्चों ने सीखे कहानी लेखन के गुर

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देहरादून। अल्मोड़ा से प्रकाशित बच्चों की त्रैमासिक पत्रिका बाल प्रहरी एवं भारत ज्ञान विज्ञान समिति देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में फूलचंद नारी शिल्प मंदिर इंटर कॉलेज देहरादून में आयोजित बच्चों की लेखन कार्यशाला के दूसरे दिन आज बच्चों को कहानी लेखन के गुर सिखाए गए। साहित्यकार एवं बाल अखबार ‘बाल स्वर’ की संपादक डॉ कुसुम नैथानी ने बच्चों को कहानी की बारीकियां बताई। प्रारंभ में बच्चों ने कछुआ व खरगोश कहानी को अपने अपने अंदाज में प्रस्तुत किया। उसके बाद बालप्रहरी संपादक उदय किरौला ने बच्चों को एक कहानी सुनाई जो वास्तव में कहानी नहीं थी। उस कहानी पर बच्चों ने अपनी अपनी टिप्पणी दी। कहानी में घटना, पात्र, संवाद, मजेदार व शिक्षाप्रद न होने की बात बच्चों ने कही। इस बहाने बच्चों ने स्वयं ही कहानी के तत्वों पर बात की। बच्चों ने समूह में मौखिक कहानी तैयार की। बाद में दिए हुए शब्दों के आधार पर कहानी, चित्र देखकर कहानी, अधूरी कहानी पूरी करो, तथा कहानी के आधार पर चित्र बनाने की गतिविधि अपने अपने समूह में कई।
आज बच्चों के चार समूह बनाए गए। बाल कवि गोष्ठी, नुक्कड़ नाटक व समूह गीत के लिए दो समूह बनाए गए। बाल कवि सम्मेलन के लिए संचालकों का चुनाव बच्चों ने किया। पहले संचालन करने के इच्छुक सभी बच्चों ने अपने अपने अंदाज में संचालन किया। उनके प्रदर्शन के आधार पर बच्चों ने मतदान के माध्यम से संचालकों का चुनाव किया। आंचलिक बोली भाषा को बढ़ावा देने के लिए बच्चों को आंचलिक बोली भाषा में लिखने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों ने इस सत्र में गढ़वाली, कुमाउनी, भोजपुरी, बंगाली, पंजाबी आदि अपनी अपनी मातृ भाषा में अपने विचार लिखे। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रांतीय अध्यक्ष विजय भट्ट ने ‘लाला जी ने लड्ड खाए’, ‘ तोता कहता है’, नेताजी की खोज, तगड़ी चिकन, बच्चे से बच्चा, कितना बड़ा पहाड़ आदि खेल बच्चों को कराए। इस अवसर पर भारत ज्ञान विज्ञान समिति के महासचिव एस एस रावत, कमलेश खंतवाल, रुचिका रावत, डॉ मंजू बलोदीव उदय किरौला आदि उपस्थित थे।
शुरुआत ‘मैं तुमको विश्वास दू’ समूह गीत से हुई। अध्यक्ष मंडल में वेदांगी गुप्ता, कहकशा, लक्ष्मी चौहान, अनुष्का को शामिल किया गया। नाजरीन तथा जिया जोशी ने पिछले दिन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। आज बच्चों को रिपोर्ट लेखन विधा का भी अभ्यास कराया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रिया पंडित, ज्योति यादव, स्नेहा गुप्ता, अंसरा, मुस्कान भंडारी, रीतिका, चंचल, व सोनिका को बालसाहित्य पुरस्कार में दिया गया।