कहीं बन न जाएं इतिहास, उत्तराखंड के ये खूबसूरत बुग्याल!

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उत्तराखंड में कई ऐसे बुग्याल हैं जो अपनी खूबसूरती के लिए विश्व विख्यात हैं। जिन्हें देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से पहुंचते हैं। उत्तराखंड के अधिकतर बुग्याल कईं तरह के खतरों का सामना कर रहे हैं।

बुग्याल यानी पहाड़ों की ऊंचाई पर स्थित घांस के मैदान। इन्हें सवाना भी कहा जाता है। जहां चारों ओर सिर्फ घांस से भरे मैदान दिखाई देते हैं, जिन्हें देखकर यह आभास होता है कि मानो जैसे किसी ने इन पहाड़ों पर घांस के गद्दे बिछा दिए हों।

खूबसूरती के लिए विश्वविख्यात हैं बुग्याल: अपनी सुंदरता के लिए मशहूर यह बुग्याल संकट में नजर आ रहे हैं। उत्तराखंड में कई ऐसे बुग्याल हैं जो अपनी खूबसूरती के लिए विश्व विख्यात हैं। जिन्हें देखने के लिए पर्यटक दूर -दूर से पहुंचते हैं। आपको बता दें की प्रदेश में चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बहुत सुंदर बुग्याल हैं। जो अपनी ओर किसी को भी आकर्षित करने का दम रखते हैं। इन्हीं में सबसे प्रसिद्ध है चमोली जनपद का “वेदनी बुग्याल” है, जिसे एशिया में सबसे सुंदर और ऊंचाई पर स्थित बुग्याल कहा जाता है।

चरागाह बनाने से खतरा: अक्सर बुग्यालों में बड़ी संख्या में भेड़, बकरियां और अन्य दुधारू पशु चरते हुए मिलते हैं। जिन्हें गांव के लोग छह महीने के प्रवास पर यहां लेकर आते हैं। इन पशुओं से सबसे ज्यादा इन बुग्यालों पर असर पड़ता है। क्योंकि बुग्यालों में छोटे-छोटे फूल, पौधे और दुर्लभ किस्म की वनस्पति होती है। जानवरों इन्हें नष्ट कर देते हैं। बुग्यालों में जमीन के नीचे से हर वक्त पानी निकलता रहता है। जिसके कारण जब यह जानवर यहां विचरण करते हैं, तो बड़े पैमाने पर भूमि का कटाव होता है।

टेंटिंग भी है बड़ा खतरा: यह सभी विश्व धरोहर तभी संरक्षित हो सकती हैं, जब इन्हें सही ढंग से सुरक्षित रखने के प्रयास किए जाएं, लेकिन ज्यादा राजस्व के चक्कर में भी वन और पर्यटन विभाग यहां बड़े पैमाने पर टेंट लगाने की इजाजत भी दे देते हैं, जिसने नुक्सान सिर्फ इन बुग्यालों का होता है, जिनके दम पर यह क्षेत्र विश्वभर में जाने जाते हैं।

हाईकोर्ट ने भी कहा इन्हें बचाओ: बुग्यालों में हो रहे लगातार नुकसान की वजह से कई क्षेत्रों में बुग्याल संरक्षण समिति तक गठित की गई है। उच्च न्यायलय ने भी कहा है कि वन विभाग यह सुनिश्चित करे कि इन विश्व धरोहर बुग्यालों में नुक्सान नहीं होने पाये। साथ ही यहाँ पहुँचने वाले पर्यटकों के लिए भी नियम बनाए जाएं और उनका पालन सही तरीके से होना चाहिए।

कहां है बेदनी बुग्याल: बेदनी बुग्याल तक पहुंचने के लिए आपको चमोली जनपद के देवाल ब्लॉक के अंतिम गांव वाण से करीब 13 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना होता है। इसके बाद आप बेदनी बुग्याल क्षेत्र में पहुंचते हैं। जहां चारों ओर लाल, पीले फूलों से घिरे हरे-भरे बुग्याल नजर आते हैं। इसकी खूबसूरती नजारा मन मोह लेता है।

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