जनमत संग्रह के पाक के आह्वान को भारत ने किया खारिज 

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mahajanभारत ने जम्मू-कश्मीर में जनमत संग्रह करवाने के पाकिस्तान के आह्वान को कड़ाई के साथ खारिज करते हुए कहा है कि यह राज्य देश का एक अभिन्न हिस्सा है और इसके नागरिकों ने लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को चुना है। लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बताया, ‘‘पाकिस्तान को पता होना चाहिए कि यह एक अंतर-संसदीय संघीय मंच है, जहां 2030 के विकास एजेंडे पर चर्चा की गई है।”

महाजन की इस टिप्पणी से एक ही दिन पहले पाकिस्तान नेशनल असेंबली के कार्यकारी स्पीकर मुर्तजा जावेद अब्बासी ने स्पीकरों के चौथे वैश्विक सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान कहा था कि ‘‘अब वक्त आ गया है’’ कि जम्मू-कश्मीर की जनता को अपने आत्मनिर्णय के अधिकार का इस्तेमाल करने दिया जाए। महाजन ने कश्मीर के मुद्दे को वैश्विक विकास एजेंडे पर ध्यान केंद्रित करने वाले मंच पर उठाने के पाकिस्तान के कदम को कड़े तरीके से खारिज किया और कहा कि पाकिस्तान की टिप्पणियां ‘‘पूरी तरह अप्रासंगिक’’ हैं और इस्लामाबाद को अपना ध्यान विकास पर केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर स्वतंत्रता के बाद से ही भारत का एक अभिन्न अंग है। राज्य में लोकतांत्रिक रूप से चुनाव होते हैं।’’

पाकिस्तान द्वारा जनमत संग्रह के लिए किए गए आह्वान को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव होते हैं और वहां के लोग अपनी राज्य सरकार चुनने के लिए इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेते हैं। वहां एक निर्वाचित सरकार है। इससे ज्यादा लोकतांत्रिक और क्या हो सकता है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान हर मंच पर यह मुद्दा क्यों उठा रहा है? यह मंच इसके लिए नहीं है, अभी यह मुद्दा नहीं है। यहां का एजेंडा वर्ष 2030 के टिकाऊ विकास लक्ष्यों का है। कश्मीर का मुद्दा यहां उठाने की कोई प्रासंगिकता नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र के हर मंच पर उठाकर एक ऐसा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है, जो कि वास्तव में मुद्दा है ही नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘वे जमीनी हकीकतों को नजरअंदाज कर रहे हैं। कश्मीर संयुक्त राष्ट्र के लिए मुद्दा है ही नहीं। वे एक ऐसी चीज को मुद्दा बना रहे हैं, जो कि मुद्दा है ही नहीं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिलेगी।’’

महाजन ने कहा कि पिछले कई वर्षों से राज्य में चुनाव आयोजित हुए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में राज्य में मतदाता प्रतिशत पिछले दो दशक में सबसे ज्यादा रहा। 20 निर्वाचन क्षेत्रों में हुए चुनाव में लगभग 66 प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामाबाद में राष्ट्रमंडलीय संसदीय संघ सम्मेलन रद्द किया गया क्योंकि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर की विधानसभा के स्पीकर को आमंत्रित नहीं किया था, जो कि उन्होंने कहा कि संस्था के ‘नियमों के खिलाफ’ है। महाजन ने कहा, ‘‘उनका ध्यान विकास पर केंद्रित नहीं है। वे अपने नागरिकों के बारे में या पाकिस्तान में विकास के तरीके के बारे में नहीं सोच रहे। इसके बजाय वे सिर्फ एक ही मुद्दा जब-तब उठाने की कोशिश करते रहते हैं। उनकी सोच सही नहीं है।’’

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