भारत-मलेशिया में हुए 3 करार, रजाक ने कहा- ‘मोदी मैन ऑफ एक्शन’

0
231

Indian PM Modi at ASEAN Business and Investment Summit in Malaysiaपुत्राजया। भारत और मलेशिया ने आतंकवाद से लड़ने का संकल्प लेते हुए सोमवार को साइबर सुरक्षा, प्रशासन और सांस्कृतिक आदान प्रदान के क्षेत्र में तीन करार किए हैं। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई बातचीत के बाद मोदी ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विभिन्न देशों में हाल में हुए आतंकी हमलों के साथ ही भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ हो रहे लगातार आतंकी प्रयास हमें इस खतरे के वैश्विक स्वरूप की ओर ध्यान दिलाते हैं।

उग्रवाद और कट्टरपंथ से लड़ने, आतंकवाद से धर्म के किसी जुड़ाव को अस्वीकार करने और ‘इस्लाम के असली मूल्यों’ को उजागर करने में अपने मलेशियाई समकक्ष नजीब रज्जाक के योगदान की मोदी ने सराहना की। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा की और सभी देशों का आह्वान किया कि वे आतंकवाद को खारिज करें और आतंकियों को न्याय के कटघरे में खड़ा करें।

मलेशियाई प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने मोदी को ‘मैन ऑफ एक्शन’ बताते हुए कहा कि मलेशिया भी भारत के साथ अपने विविध आयामी संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की इच्छा रखता है। उन्होंने कहा कि इसकी अपार संभावनाएं हैं।

इस संदर्भ में दोनों नेताओं ने आतंकवाद के विरूद्ध दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग का स्वागत किया और इस दिशा में और अधिक तालमेल के साथ काम करने पर सहमत हुए। मलेशिया और भारत आतंकवाद और अन्य पारंपरिक एवं अपारंपरिक खतरों से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सूचनाओं का आदान प्रदान करने और इस बारे में सर्वश्रेष्ठ उपायों को अपनाने पर सहमत हुए। मोदी और नजीब ने बहु संस्कृतिवाद के महत्व को प्रोत्साहित करने को रेखांकित किया और लोकतंत्र, बहुलतावाद और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

उग्रवाद और कट्टरवाद से लड़ने के नजीब के नेतृत्व की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि यह एक महान योगदान है और इस चुनौती के खिलाफ वैश्विक प्रयासों का एक महत्वपूर्ण पहलू है। मोदी ने आतंकवाद को ‘दुनिया का सबसे बड़ा खतरा’ बताते हुए रविवार को कहा था कि आतंकवाद से धर्म को नहीं जोड़ा जाना चाहिए। सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग के संदर्भ में मोदी ने कहा कि दोनों देश इसे और अधिक मजबूत बनायेंगे तथा क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करेंगे।

मोदी ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि हम सुखोई 30 विमानों के लिए अपने पायलटों के संयुक्त अभ्यास का उन्नय करने और एसयू 30 फोरम गठित करने पर सहमत हुए हैं। हम प्रशिक्षण और रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में अपने सहयोग को और बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग का हमारा समझौता बहुत महत्वपूर्ण है । जिस तरह हमारा जीवन नेटवर्क से अधिक से अधिक जुड़ता जा रहा है, यह हमारे युग की सबसे गंभीर चिंताओं में से एक के रूप में उभर रहा है।

भारत और मलेशिया ने साइबर सुरक्षा और परियोजना निष्पादन संबंधी दो सहमति पत्रों तथा 2015 से 2020 तक के लिए सांस्कृति कार्यक्रमों के आदान प्रदान के समझौते पर हस्ताक्षर किये। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को और महत्वपूर्ण उंचाइयों तक ले जाने के मलेशियाई प्रधानमंत्री नजीब के विश्वास को साझा करते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here