झील में डूबे फ्लोटिंग मरीना को निकालने पर खर्च होंगे नौ लाख रुपये

0
18

टिहरी झील में सात मई को डूबे फ्लोटिंग मरीना को निकालने पर नौ लाख रुपये खर्च होंगे। टिहरी के जिलाधिकारी के प्रस्ताव पर लोक निर्माण विभाग ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। लोनिवि के प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा ने बताया कि एक माह के भीतर मरीना को संचालन की स्थिति में लाया जाएगा।

टिहरी झील में 2015 में चार करोड़ से फ्लोटिंग मरीना उतारा था। उस दौरान इस पर कैबिनेट की बैठक भी आयोजित हुई थी।

सरकार ने झील में मरीना को पर्यटन से जोड़ने की बात कही थी। मगर, रख-रखाव एवं संचालन के अभाव में मरीना चार सालों से सफेद हाथी साबित हो रहा था, सात मई 2019 को मरीना अचानक झील में पलट गया। तब से मरीना झील में पलटा हुआ है। भारी वजनी मरीना को यथा स्थिति में लाने के लिए झील की खुदाई करनी होगी। इसके अलावा प्लेट फार्म भी बनाना होगा। इसके लिए पर्यटन विभाग ने लोनिवि को प्रस्ताव भेजा था। इस पर करीब नौ लाख रुपये खर्च आने का आगणन बनाया गया था।

बजट को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। मगर, जिलाधिकारी टिहरी के पास करीब 50 लाख रुपये इस मद में जमा थे। इस पर शासन के निर्देश पर टिहरी के जिलाधिकारी ने इस काम के लिए बजट जारी कर दिया है। लोनिवि के प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा ने बताया कि मरीना को ठीक करने का कार्य दो दिन से चल रहा है। इसके लिए फ्लेट फार्म बनाया जाएगा। उम्मीद है कि एक माह के भीतर मरीना को पूर्व की भांति संचालन में लाया जाएगा।