सावन 2019 : शिवरात्रि आज, ‘ओम नमः शिवाय’ के जाप के साथ भक्त कर रहे भोले का जलाभिषेक

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आज शिवरात्रि के दिन शिवालयों में देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित पूरी देवभूमि में तड़के से ही  जलाभिषेक किया जा रहा है। सावन के महीने में शिवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सोमवार को मंदिरों में दिनभर शिवरात्रि के आयोजन की तैयारियां होती रहीं। कई मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। श्रावण में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि कहा जाता है। इस दिन रात्रि जागरण और शिवजी की पूजा को मोक्षदायिनी माना जाता है। इसलिए सावन के महीने में ही शिवभक्त सबसे ज्यादा कांवड़ चढ़ाते हैं। वहीं एक पखवाड़े से चल रही कांवड़ यात्रा सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बना कर संपन्न हो गई। प्रशासन के अनुसार अंतिम दिन करीब 40 से 45 लाख शिवभक्त जल भरकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। प्रशासन का दावा है कि अभी तक करीब साढ़़े तीन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु जल भरकर रवाना हो चुके हैं। अभी हरिद्वार शहर में कई लाख कांवड़िए जमे हुए हैं जो जल भरकर लगातार अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहे हैं। शविरात्रि के दिन जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार से गंगाजल लेकर जाने वाले शिवभक्तों का हाईवे पर सोमवार को सैलाब उमड़ पड़ा। हाईवे पर डाक कांवड़िए बड़े वाहनों और बाइकों से फर्राटा भरते रहे। सोमवार को सुबह से पूरा हाईवे शिवभक्तों के हवाले रहा। डाक कांवड़ ला रहे शिवभक्तों की टोलियों में अपने गंतव्य की ओर रवाना होते रहे। इन टोलियों के नाम भी बहुत रोचक थे। इसमें बुलंदशहर के सुपरफास्ट भोले, गाजियाबाद के भोलों का तूफान, हरियाणा के भोलों की शताब्दी, राजस्थान के कांवड़ियों की राजधानी एक्सप्रेस शामिल थी।