उत्तराखंड : 8 जिलों में 17 जगहों का 4200 करोड़ रुपये से होगा कायाकल्प

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उत्तराखंड के 8 जिलों के 17 शहर जल्द ही जगमगाने लगेंगे। यहां विकास कार्य रफ्तार पकड़ेंगे, सुविधाओं में इजाफा होगा। कुल मिलाकर इन 17 शहरों के अच्छे दिन आने वाले हैं। इन शहरों के विकास के लिए एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) 4200 करोड़ का बजट देगा। ये बजट लोन के तौर पर दिया जाएगा। लोन पर दी गई ये धनराशि 9 साल 11 महीने के लिए मिलेगी। इस धनराशि का सबसे बड़ा हिस्सा ऋषिकेश में होने वाले विकास कार्यों पर खर्च होगा। धनराशि का 50 फीसदी हिस्सा ऋषिकेश को मिलेगा। जहां 2100 करोड़ रुपये के लोन से विकास कार्य होंगे। आपको बता दें कि इसी साल जून में शहरी विकास विभाग के अंतर्गत शहरी क्षेत्र विकास निवेश एजेंसी ने शहरों में सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रस्ताव तैयार किए थे। कुल 17 शहरों के लिए प्रस्ताव तैयार हुआ था। किन-किन शहरों के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था ये भी बताते हैं। ऋषिकेश के बारे में तो आप जान ही चुके हैं, इसके अलावा पिथौरागढ़, ऊधमसिंहनगर, बागेश्वर, चमोली, पौड़ी, देहरादून, चंपावत, अल्मोड़ा समेत 17 शहरों के विकास के लिए योजना बनी। अब एआईआईबी ने प्रदेश के इन 17 शहरों के लिए दिए जाने वाले लोन के लिए स्वीकृति दे दी है। एआईआईबी की मदद से कहां-कहां विकास कार्य होंगे, उन शहरों के बारे में भी जान लें। डोईवाला, विकासनगर, ऋषिकेश, पिथौरागढ़, टनकपुर, जसपुर, चंपावत, सितारगंज, काशीपुर, रुद्रपुर, किच्छा, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली-गोपेश्वर, जोशीमठ और श्रीनगर में विकास कार्य होंगे। इन शहरों में सड़कें बनेंगी, पेयजल आपूर्ति सुधारी जाएगी। लोगों को 24 घंटे पानी उपलब्ध होगा। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। नदियों के किनारे सुरक्षा के इंतजाम होंगे। शहरवासियों के लिए ध्यान पार्क बनेंगे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट संबंधी काम होंगे। इसके साथ ही इंडियन कल्चरल म्यूजियम भी बनेगा। सुरक्षा के लिए शहरभर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। लोगों को मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा मिलेगी। साथ ही कम्युनिटी क्लीनिक, फर्स्टएड सेंटर और फायर सेफ्टी के इंतजाम भी होंगे। शहरी विकास और आवास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि वित्तीय एजेंसियों की मदद से हर शहर के लिए कोई ना कोई योजना लाई जाएगी। फिलहाल 17 शहरों के विकास के लिए एआईआईबी से 4200 करोड़ के ऋण पर सैद्घांतिक सहमति बन गई है। एमओयू साइन होने के बाद डीपीआर और अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी।