उत्तराखंड की लोक संस्कृति विरासत, मन्दिरों, देव-देवी डोलियों के संरक्षण को बचाने की पहल, हरिद्वार में निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा!

0
1049

dev-doli-उत्तराखंड और हिमाचल की लोक संस्कृति विरासत, मठ-मन्दिरों, देव-देवी डोलियों के संरक्षण को बचाने के लिए अब प्रदेश में नई पहल की शुरूआत होने जा रही है।

22 अप्रैल 2016 को हरिद्वार में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें प्रदेश की सभी देव-देवियों की डोलियों और विरासतीय प्रतीकों को बुलाया इसके लिए अल्मोड़ा पहुंचे मोहन सिंह गांववासी ने कहा कि देव भूमि उत्तराखंड की आस्था और परम्परा को संरक्षण और संवर्द्धन करना अनिवार्य है।

अर्द्धकुंभ में इस बार भी उत्तराखंड के देवताओं की डोलियों को शामिल किया जा रहा है। 21 अप्रैल को पूरे उत्तराखंड की देव डोलियां ऋषिकेश पहुंचेंगी, जिसके बाद 22 अप्रैल को हर की पैड़ी में स्नान के बाद पंथद्वीप में समापन किया जाएगा। खास बात यह कि देव डोलियों को उनके मूल स्थान से पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर लाया जाएगा।

देव डोलियों में अलग-अलग क्षेत्रों के देवताओं के प्रतीक चिन्हों को रखा जाएगा। देव डोलियों में श्रीबद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के साथ ही पूरे उत्तराखंड से सभी क्षेत्रपाल, लोकपाल और भूमियाल देवताओं की डोलियां शामिल रहेंगी। पौड़ी में देव डोलियों के संयोजक और पूर्व मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी ने बताया कि इस आयोजन से जहां एक ओर उत्तराखंड के देवताओं के महात्म्य की जानकारी आम लोगों को मिलेगी वहीं यहां पर धर्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आय के स्रोत भी बढ़ेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here