उत्तराखंड: तीन गुलदारों को जहर देकर मारा गया, वन विभाग में हड़कंप

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तीन गुलदारों को शिकारियों ने जहर देखकर मार डाला। इस घटना के बाद वन विभाग में हड‍़कंप मचा हुआ है। पहला शव हरिद्वार वन प्रभाग के चिड़ियापुर रेंज केलालढांग काली मंदिर के पास बरामद हुआ है जबकि दूसरा शव लैंसडाउन वन प्रभाग के लालढांग रेंज में बरामद किया गया है और तीसरा शव राजाजी टाइगर रिजर्व के रवासन क्षेत्र में बरामद हुआ है। हरिद्वार, लैंसडाउन और राजाजी की टीमें मौके पर पहुंचकर सर्च आपरेशन चला रही हैं। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता लग पाएगा।

लालढ़ांग के काली मंदिर के पास दुर्गंध फैलने पर लोगों ने चिड़ियापुर रेंज को किसी जानवर के मरे होने की सूचना दी। रेंज के कर्मियों ने गश्त की लेकिन अंधेरा होने के कारण कुछ नहीं मिला। शुक्रवार सुबह गश्त के दौरान दो से तीन दिन पुराना पांच से छह वर्ष के गुलदार का शव बरामद किया गया। मौके पर हरिद्वार वन प्रभाग के डीएफओ आकाश वर्मा सहित अन्य अधिकारी और कर्मी पहुंचे। अभी जांच चल ही रही थी कि मालूम चला कि दो और गुलदार के शव आसपास में हैं। गुलदारों की उम्र अमूमन पांच से आठ साल के बीच बताई जा रही है। राजाजी टाइगर रिजर्व और लैंसडाउन वन प्रभाग की टीमें ने जांच शुरू कर दी है। कयास लगाया जा रहा है कि इन्हें जहर देखकर मारा गया है क्योंकि जब भी बेजुबानों को जहर दिया जाता है तो वह पानी की ओर भागता है। बहरहाल, चिकित्सकों की टीमों को बुलाकर सभी प्रभाग और टाइगर रिजर्व की टीमें पोस्टमार्टम कराकर हकीकत जानने में जुट गई है।

 

“प्रथम दृष्टया तीनों ही केस जहर देने के लग रहे हैं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कुछ निष्कर्ष निकाला जा सकता है। इसके अलावा फारेन्सिक जांच के लिए प्रमाण जुटाए जा रहे हैं।”

आकाश वर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार, हरिद्वार वन प्रभाग