जो करेगा कमजोर करने की कोशिश,उसे नेस्तनाबूद कर देंगे: हरीश रावत

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Harish Rawat Upset After Being Ignored For CM Postभले ही उत्तराखंड विधानसभा में हुई वोटिंग का अभी कोई फैसला सामने नहीं आया हो, लेकिन कांग्रेस ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। आज हरीश रावत ने भी कांग्रेस कार्यकर्ताओ के साथ खुशी मनाई। इस मौके पर हरीश रावत ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए विरोधियों को निशाने पर लिया।

हरीश रावत ने कहा, ये तो देवताओ की नगरी है धरती है। उन देवों ने ताकत देने का काम किया है। आज के आधुनिक धाम अपने न्यायालयों को भी प्रणाम करना चाहता हूं। जो संकट आ गया था यूके चीख भी नही पा रही थी क्योंकि लोग चीखने नहीं दे रहे थे। ऐसा लग रहा था आसमानी राक्षसों का बोलबाला हो गया है उनसे रक्षा न्यायालयों ने की है।

मै तो दिल्ली की शक्ति का हिस्सा रहा हूं, जानता हूं क्या शक्ति है दिल्ली की। पता नहीं निर्णय क्या है लिफाफे में। सब लोगो को धन्यवाद। यहां से अपील करना चाहता हूं, मेरे पीछे राजीव की मूर्ति है। क्रूर काल ने उन्हें छीन लिया। कई लोगों ने कहा कि जेल भेज देंगे। मैंने घर के दरवाजे खोल दिए। मैंने अभ्यास शुरू कर दिया, मैने पंखा बंद कर दिया, गर्मी का अभ्यास कर रहा हूं।

रावत ने कहा, मेरा नार्को टेस्ट करवा देना लेकिन 2-4 उन पहलवानों का भी करवा देना। पीएम का सम्मान करता हूं। कई पहलवान है जो पिछले कई महीने से परेशान थे। विधायकों की नींद हराम कर दी थी उनका भी नार्को करवा दो।

हरीश नही रहेगा तो यहां तो बहुत से हरीश रावत हैं। आज फिर कहना चाहता हूं, यहां से हम भूल जाएं, आज फिर टर्निंग प्वाइंट आया है।

खासकर बीजेपी के दोस्तों से कहना चाहता हूं, आओ फिर से नई शुरूआत करें। सर्वोच्चता (केंद्र के लिए) को स्वीकार करता हूं। आप हमारी मदद कीजिए। आप खड़े होइए ना, हम तो छोटे से राज्य हैं। दिल्ली में सर्वशक्तिशाली लोगों मैं आपके सामने नतमस्तक होकर यूके के विकास के लिए आपकी महत्ता को स्वीकार करता हूं। विकास के लिए मिलजुलकर काम करते हैं।

रावत ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की प्रतीक्षा करें, न्याय की सर्वोच्चता को प्रणाम करें। कोई शक्ति कमजोर करने का प्रयास करेगी तो हम सब उसको नेस्तनाबूद कर देंगे। देश बहुत सारे घाव झेल रहा है। पिछले 2 महीने में हमारे यूके पर कई घाव लग गए। हम छोटे से राज्य में हैं। हम आगे बढ़ना चाहते हैं। मां बहनों ने जिस यूके का सपना देखा था उसको आगे बढ़ा रहे हैं। कभी कल्पना नहीं की थी कि यूके में दल बदल से सरकार गिराई जाएगी। लोकतंत्रिय परंपराओ का हनन करके राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा।

मैंने कहा कि मेरा स्थान तो यूके की मिट्टी में है, घिसते-घिसते यहां मिट्टी में मिल जाउंगा। यहां का पत्थर छोटा या बड़ा हो उसे कोई मुट्ठी में मसल नहीं सकता। कई दलों ने इस लड़ाई के अंदर हमारा मनोबल बढ़ाया है और आज भी हमारे साथ खड़े हैं।

मैने अंबेडकर को नहीं देखा, कांशीराम और मायावती के संघर्ष को देखा। उन्होंने मदद की। हमारे 3 निर्दलीय साथियों ने मदद दी कि हम अपनी सरकार चला पाए। सबकी मदद से सरकार बनी। मै उन सबको धन्यवाद देना चाहता हूं। ये हरीश रावत का नहीं सारे यूके का संकट का समय था। वो चट्टान की तरह एकजुट रहे। सभी का धन्यवाद।

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