भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखण्ड का कार्यालय हर्रावाला स्थानांतरित
देहरादून। राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य सचिव श्री विनय शंकर पांडेय द्वारा जनहित में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) की तैनाती की गई है।
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ये नियुक्तियां की गई हैं।
अल्मोड़ा में डॉ. योगेश पुरोहित, नैनीताल में डॉ. रशिम पंत, पिथौरागढ़ में डॉ. हरीश चन्द्र पंत, पौड़ी में डॉ. मेघना असवाल, रुद्रप्रयाग में डॉ. अमित कुमार शुक्ला, टिहरी में डॉ. राम प्रकाश और उत्तरकाशी में डॉ. श्याम विजय की तैनाती की गई है।
सचिव स्वास्थ्य ने विश्वास व्यक्त किया है कि संबंधित जनपदों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।
भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखण्ड का कार्यालय हर्रावाला स्थानांतरित
1 जून से नए पते पर होंगे सभी कार्य व पत्राचार
देहरादून। भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखण्ड का कार्यालय मोथरोवाला रोड, अजबपुरकलां स्थित वर्तमान पते से स्थानांतरित होकर उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर, रेलवे रोड, हर्रावाला, देहरादून में संचालित किया जाएगा।
रजिस्ट्रार नर्वदा गुसांई द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 1 जून 2026 से परिषद के कार्यालय से संबंधित समस्त प्रशासनिक कार्य, अभिलेखीय कार्य तथा पत्राचार नए कार्यालय पते से ही संपादित किए जाएंगे।
परिषद ने सभी संबंधित चिकित्सकों, संस्थानों एवं आमजन से अनुरोध किया है कि 1 जून 2026 के बाद कार्यालय संबंधी सभी पत्राचार एवं कार्यवाही के लिए उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर, रेलवे रोड, हर्रावाला, देहरादून स्थित नए कार्यालय पते का ही उपयोग करें।
नए जुआ कानून के तहत सख्ती बढ़ी, सट्टा संचालकों पर जेल
जुर्माना और संपत्ति कुर्की का प्रावधान
देहरादून। उत्तराखंड में ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध गेमिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 86 अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों (यूआरएल) को ब्लॉक कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए उत्तराखंड जुआ कानून-2026 के तहत सट्टा और जुए के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
एसटीएफ के अनुसार, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संचालित अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्मों की पहचान कर उन्हें बंद कराया गया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य लोगों को आर्थिक नुकसान और साइबर ठगी से बचाना है।
नए कानून के तहत ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट चलाने वालों को 3 से 5 वर्ष तक के कारावास तथा 2 से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अवैध जुआ घर संचालित करने या उन्हें वित्तीय सहायता देने वालों के लिए 5 वर्ष तक की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
कानून में सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेलने या सट्टा लगाने-खिलाने वालों की बिना वारंट गिरफ्तारी की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा दोबारा अपराध करने वाले अभ्यस्त अपराधियों को दोगुनी सजा और जुर्माना भुगतना होगा।
एसटीएफ ने बताया कि जुए और सट्टेबाजी से अर्जित अवैध आय से बनाई गई चल-अचल संपत्तियों को जब्त और कुर्क किया जा सकेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि त्वरित कमाई के लालच में ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध गेमिंग ऐप्स के जाल में न फंसें तथा किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या ऐप की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे- सीएम
अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं बैठक
ऋषिकेश। देश की आत्मा गाँवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के सपने, उनकी आकांक्षाएँ और उनके भविष्य की संभावनाएँ शहरों में आकार लेती हैं।
यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं बैठक में कही।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 23.15 करोड़ की एक योजना का लोकार्पण एवं 6.63 करोड़ की दो योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
स्थानीय होटल में आयोजित कार्यक्रम में
मुख्यमंत्री ने विभिन्न शहरों के मेयर का स्वागत करते हुए कहा कि सभी मेयर अपने शहर के प्रथम नागरिक और शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के भी प्रतिनिधि हैं। आपके निर्णय का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस वर्ष चार धाम यात्रा में अब तक कुल 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की है,जो एक नया रिकॉर्ड है।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारी प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सरल, सुगम , सुरक्षित हो। उन्होंने कहा पहले, आदि कैलाश में 500 लोग आते थे, इस वर्ष यात्रा शुरू होने से अब तक प्रति दिन करीब 1000 लोग आदि कैलाश पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया मां पूर्णागिरि मंदिर में भी 24 लाख लोगों ने दर्शन कर लिए हैं। बीते चार सालों में 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड आ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। आज स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों में साफ-सफाई की नई संस्कृति विकसित हुई है।
स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का घर का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड के शहरों के विकास को नई गति दी जा रही है। उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। राज्य में निराश्रित गौवंशों को आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से आश्रय योजना प्रारम्भ की है। स्थानीय निकायों में श्वानों की बढ़ती संख्या की रोकथाम हेतु एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना की शुरुआत की है। हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर, दुनिया के समक्ष देश की वास्तविक छवि भी प्रस्तुत करते हैं। शहर सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित होंगे तो भारत की छवि भी सशक्त, समृद्ध और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा शहर स्वच्छ होगा तो पूरा भारत स्वच्छ होगा। शहर सुव्यवस्थित होगा, तो पूरा देश सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा प्रत्येक शहर सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा, तो भारत विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 तर्ज पर हम भी विकसित उत्तराखंड को आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं।
विकसित भारत की कल्पना को पूरा करने में महानगर को विकसित करने, आत्मनिर्भर बनाने, सौर ऊर्जा, कूड़ा प्रबंधक , रेनवाटर हार्वेस्टिंग, लोकल एवं छोटे उद्योग की स्थापना एवं आत्मनिर्भर महानगर की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम, ऋषिकेश में ₹1.80 करोड़ की लागत से बने पीपीपी मोड़ पर 10 स्थानों पर ई.वी. चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण कार्यों एवं 4.83 करोड़ की लागत से ऋषिकेश के 12 स्थानों पर वर्षा जल का संचय कार्यों का शिलान्यास किया।
उन्होंने ₹ 23.15 करोड़ की लागत से नगर निगम ऋषिकेश के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट योजनान्तर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनेट्री लैन्डफिल साईट लाल पानी बीट निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थलों का भी अवलोकन किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, आशुतोष एवं देशभर के विभिन्न शहरों से मेयर उपस्थित रहे।
गमसाली से मलारी तक एमटीबी चैलेंज में दिखा जबरदस्त जज्बा
चमोली। सीमांत जनपद चमोली की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के अंतिम दिन गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी (माउंटेन बाइकिंग) चैलेंज प्रतियोगिता का रोमांचक आयोजन किया गया।
दुर्गम पहाड़ी रास्तों, चुनौतीपूर्ण ट्रैक और मनमोहक प्राकृतिक वादियों के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर से आए 100 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
30 किलोमीटर पुरुष एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता में खरिकसिंग अडॉनिस तांगपू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सूरज राणा मगर दूसरे एवं प्रकाश थापा मगर तीसरे स्थान पर रहे।
महिला वर्ग की 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता में अवनी डरियाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। संध्या मौर्या दूसरे तथा इंद्रा कुमारी तमांग तीसरे स्थान पर रहीं।
15 किलोमीटर पुरुष एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता में प्रज्जवल चौहान प्रथम, इशांत सिंह अधिकारी द्वितीय तथा अश्विन रौथान तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महिला वर्ग में प्रिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में देश के 27 राज्यों से आए कुल 1200 से अधिक प्रतिभागीयों ने हिस्सा लिया। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस एवं साहसिक खेलों के प्रति जागरूक करना है।
पूरे आयोजन के दौरान नीति घाटी खेल, साहस, संस्कृति और पर्यटन गतिविधियों का जीवंत केंद्र बनी रही। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, भारतीय सेना, आईटीबीपी, चिकित्सा विभाग, पर्यटन विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चम्बा (टिहरी गढ़वाल)। ग्राम पंचायत आराकोट में आयोजित एक महत्वपूर्ण सामूहिक बैठक में सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शादी-विवाह, मुंडन, जन्मदिन एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब परोसने एवं सेवन करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामेश्वरी देवी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
बैठक में समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए निर्णय लिया गया कि विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में शराब परोसना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इसके अतिरिक्त विवाह समारोहों में डीजे रात्रि 12 बजे तक ही संचालित किया जाएगा तथा शराब पीकर गांव में हुड़दंग करने वालों के विरुद्ध सामाजिक कार्रवाई की जाएगी। ग्राम सभा ने नियमों के उल्लंघन पर आर्थिक दंड एवं सामाजिक दायित्व निर्धारित करने का भी निर्णय लिया।
बैठक में सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से ग्राम समाज सुधार समिति का भी सर्वसम्मति से गठन किया गया। समिति में गीता देवी को अध्यक्ष, हुकम सिंह रावत को उपाध्यक्ष, सावित्री देवी को सचिव, सुशीला देवी को सह सचिव तथा पूरण चन्द को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा कृष्णा देवी, रीता देवी, सुमन चौहान, रेनू रावत, राधा रमोला, रजनी रावत एवं शंकुतला देवी को सदस्य नामित किया गया।
ग्राम प्रधान एवं संरक्षक रमेश्वरी देवी ने कहा कि गांव के सामाजिक वातावरण को स्वस्थ, सुरक्षित एवं संस्कारित बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक ग्रामीण की भागीदारी आवश्यक है और ग्राम पंचायत इस दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।
“शराब नहीं, संस्कार” मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने कहा कि आराकोट ग्राम सभा द्वारा लिया गया यह निर्णय समाज सुधार की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है। उन्होंने कहा कि नशा परिवारों को आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक रूप से कमजोर करता है, जबकि संस्कार समाज को मजबूत और संगठित बनाते हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत, ग्राम समाज सुधार समिति एवं समस्त ग्रामवासियों को इस साहसिक निर्णय के लिए बधाई देते हुए कहा कि यदि उत्तराखंड के अन्य गांव भी इसी प्रकार का संकल्प लें तो राज्य नशामुक्त एवं संस्कारित समाज की दिशा में नई पहचान बना सकता है।
नवनिर्वाचित समिति के अध्यक्ष गीता देवी ने कहा कि समिति गांव में सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेगी। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर नशा मुक्त समाज हेतु शपथ ली गई कार्यक्रम में जगदीश बडोनी व लक्ष्मी बहुगुणा भी उपस्थित रहे
132 शिकायतों पर डीएम ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
देहरादून। जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को नई व्यवस्था से जोड़ते हुए देहरादून में अब प्रत्येक सोमवार को आयोजित जनता दरबार को ‘समाधान दिवस’ के रूप में संचालित किया जाएगा।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि जनता की सभी शिकायतें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज की जाएंगी, जिससे उनकी नियमित मॉनिटरिंग, ट्रैकिंग और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
आयोजित समाधान दिवस में 132 शिकायतों की सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी ने भूमि विवादों के लिए विशेष हाई-लेवल सेल गठित करने सहित विभिन्न मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समाधान दिवस के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की गई।
कुल 132 लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, जिनमें सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवादों से जुड़ी थीं। इसके अलावा ऋण माफी, आर्थिक सहायता, पैदल पुलिया, सड़क और सार्वजनिक रास्तों से संबंधित समस्याएं भी प्रमुखता से सामने आईं।
भूमि विवादों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर एक उच्च स्तरीय विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सेल के माध्यम से भूमि सीमांकन, कब्जा, अतिक्रमण, किरायेदार संबंधी विवाद, ऋण भुगतान तथा अन्य राजस्व मामलों का फास्ट ट्रैक मोड में निस्तारण किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित शिकायतों पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सड़क संपर्क से वंचित दूरस्थ गांवों में गर्भवती महिलाओं का डेटा तैयार कर उनकी नियमित निगरानी की जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को प्रसव से पहले सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराया जाए। साथ ही अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए टोकन व्यवस्था लागू करने को कहा गया, ताकि लोगों को लंबी कतारों में इंतजार न करना पड़े।
समाधान दिवस में 89 वर्षीय पूर्व सैनिक राधेश्याम ने किरायेदार द्वारा मकान खाली न करने और धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी को व्यक्तिगत रूप से मामले का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार भरत भूषण मित्तल ने निजी संपत्ति पर अवैध कब्जे और धमकी की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर एसडीएम सदर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ग्राम कुंजा ग्रांट में सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम विकासनगर को दोनों पक्षों की सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं विशलाड़, अठगांव, बोंदूर, तपलाड़ और द्वारखात क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के संबंध में पीएम फसल बीमा योजना के तहत शीघ्र मुआवजा दिलाने के लिए उद्यान विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
डालनवाला निवासी मुस्कान ने आर्थिक तंगी के कारण अपने पुत्र की स्कूल फीस जमा न कर पाने और प्रमाणपत्र रोके जाने की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर को स्कूल प्रशासन से समन्वय स्थापित कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा डोईवाला निवासी विधवा लता थपलियाल तथा आराघर निवासी बुजुर्ग महिला मंचल बाला ने आर्थिक सहायता की मांग रखी।
जनजातीय क्षेत्रों चकराता, क्वांसी और लाखामंडल में ‘खुशियों की सवारी’ एंबुलेंस सेवा शुरू करने की मांग पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं देहरादून-डोईवाला-भानियावाला-जौली-थानो मार्ग पर परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी अथवा इलेक्ट्रिक बस सेवा संचालित करने के प्रस्ताव पर भी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को स्वतः संज्ञान लेकर नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।
समाधान दिवस के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अर्पणा ढौंडियाल, एसडीएम अपूर्वा सिंह, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सेरेब्रल पाल्सी को चुनौती देकर अनुराग रावत ने “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में पूरी की 10 किलोमीटर दौड़
चमोली। पच्चीस वर्षीय अनुराग रावत ने जनपद चमोली में 31 मई से 2 जून तक आयोजित हो रही “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में अदम्य साहस, आत्मविश्वास और अटूट जज्बे का परिचय देते हुए लगभग 1 घंटा 45 मिनट में 10 किलोमीटर की कठिन दौड़ पूरी कर सभी प्रतिभागियों एवं दर्शकों को प्रेरित किया।
“Beyond Limits, Beyond the Canyon” के संदेश को साकार करते हुए अनुराग ने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।
मूल रूप से पौड़ी जनपद के निवासी तथा वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग रावत ने cerebral palsy (सेरेब्रल पाल्सी) जैसी दिव्यांगता के बावजूद नीति घाटी की दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस कठिन दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा किया।
चमोली जनपद स्थित नीति घाटी में आयोजित हो रही “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के दौरान नीति घाटी के ऊंचे पहाड़, कठिन रास्ते और सीमित ऑक्सीजन जैसी विषम परिस्थितियों के बीच अनुराग का यह प्रदर्शन सभी के लिए प्रेरणास्रोत बन गया।
अनुराग की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती। उनके साहस, दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच ने आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरित किया। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में उनका प्रदर्शन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से संघर्ष करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणादायक मिसाल बन गया।अनुराग ने बताया कि इससे पूर्व भी उन्होने कई प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग ले चुके हैं।
अनुराग ने कहा कि “सीमाएं केवल हमारे दिमाग में होती हैं। यदि संकल्प मजबूत हो, तो इंसान अपने शरीर को किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है।”
“नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के इस भव्य आयोजन में देशभर से उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। सीमांत नीति घाटी में आयोजित इस एडवेंचर स्पोर्ट्स महाकुंभ में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अदम्य साहस, उत्साह और खेल भावना का परिचय दिया।
नीति घाटी में पर्यटन विकास को नई उड़ान, मुख्यमंत्री धामी ने की कई अहम घोषणाएं, बॉर्डर टूरिज्म और होम स्टे विकास को मिलेगा बढ़ावा
चमोली । नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के पुरस्कार वितरण समारोह में वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र में पर्यटन विकास को नई गति देने हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में जनपद चमोली के नीति, मलारी, कोशा, फरकिया, बाम्पा, गुरगुटी, कैलाशपुर एवं महरगांव में सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके अंतर्गत सामुदायिक होम स्टे निर्माण के साथ ग्रामीण पर्यटन हेतु आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि नीति घाटी के विभिन्न गांवों एवं प्रमुख पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए साइनज एवं व्यू प्वाइंट विकसित किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त जनपद चमोली के रिमखिम एवं बाड़ाहोती क्षेत्र में बॉर्डर टूरिज्म को विकसित करने के उद्देश्य से ‘सीमा दर्शन केंद्र’ का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी घोषणा की कि ग्राम गमशाली स्थित दुप्फूधार मैदान में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र में साहसिक पर्यटन एवं बड़े आयोजनों को बढ़ावा मिल सके।
मुख्यमंत्री धामी की इन घोषणाओं से नीति घाटी सहित पूरे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यसेवक सदन में आयोजित समारोह में नगर एवं ग्राम नियोजन, प्राविधिक शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास तथा वन विभाग में चयनित 276 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने नवचयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनसेवा के नए दायित्व की शुरुआत भी है।
नियुक्ति प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में वन विभाग के 109, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 88, प्राविधिक शिक्षा विभाग के 65 तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के 14 अभ्यर्थी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को यह सफलता वर्षों के परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और धैर्य के बल पर मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए अनेक सुधार किए हैं। नकल माफियाओं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके चलते युवाओं को उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33 हजार युवाओं को पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रक्रिया के तहत सरकारी सेवाओं से जोड़ा गया है। नवचयनित कार्मिकों से अपेक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वे ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में चयनित युवा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के कार्मिक सुनियोजित विकास को गति देंगे, प्राविधिक शिक्षा विभाग के युवा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे, जबकि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं को मजबूत करेंगे। वन विभाग में चयनित युवा राज्य की वन संपदा और जैव विविधता के संरक्षण में अहम योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड भी विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में आधारभूत ढांचे का विस्तार, निवेश को बढ़ावा और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी नवचयनित युवा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएंगे।
समीक्षा बैठक में तकनीकी निदेशक को दिये शीघ्र नियुक्ति के निर्देश
कहा, पॉलीटेक्निक कॉलेजों में छात्रावासों के नवीनीकरण कार्यों लाये तेजी
देहरादून । बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट में शीघ्र ही नियमित कुलसचिव की नियुक्ति की जायेगी। इसके लिये प्राविधिक शिक्षा विभाग के निदेशक को निर्देश दे दिये गए हैं, ताकि संस्थान में प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।
सूबे के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान द्वाराहाट में नियमित कुलसचिव न होने पर विभागीय अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने तकनीकी शिक्षा निदेशक को एक सप्ताह के भीतर कुलसचिव की नियुक्ति को विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नियमित कुलसचिव न होने से प्रशासनिक कार्यों में अवरोध उत्पन्न हो रहा है। जिसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
बैठक में मंत्री ने प्रदेश के विभिन्न पॉलीटेक्निक कॉलेजों के छात्रावासों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कई छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य लंबित होने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
डॉ. रावत ने पॉलीटेक्निक संस्थानों में खेल मैदानों के विकास, खेल सामग्री की उपलब्धता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है।
डॉ रावत ने बैठक में प्रत्येक जनपद में एक-एक मॉडल पॉलीटेक्निक संस्थान विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही विभाग के अंतर्गत संचालित पॉलीटेक्निक कॉलेजों एवं अन्य तकनीकी संस्थानों में लंबे समय से रिक्त पड़े विभिन्न संवर्गों के पदों को शीघ्र भरने तथा पदोन्नति के पात्र कार्मिकों को समयबद्ध रूप से पदोन्नत करने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ रावत ने विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ रंजीत सिन्हा, कुलपति तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. तृप्ता ठाकुर, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, उप सचिव ब्योमकेश दुबे सचिव यूबीटीआर डॉ मुकेश पांडेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।