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  • रोमांच से भरपूर ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ में सैकड़ों धावकों ने लगाई दौड़

    रोमांच से भरपूर ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ में सैकड़ों धावकों ने लगाई दौड़

    फिट इंडिया मुहिम और सीमांत पर्यटन को नई उड़ान देने की पहल

    देशभर से पहुंचे 933 धावक

    चमोली । जनपद की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में रविवार को तीन दिवसीय  ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य शुभारंभ हुआ।

    पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

    कार्यक्रम का शुभारंभ काबीना मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना है।

    उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और द्वितीय रक्षा पंक्ति के गांव और अधिक मजबूत होंगे।

    जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया जाएगा। पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।

    कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने शुभारम्भ किया

    उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में 5, 10 एवं 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। समापन अवसर पर गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।

    इससे पूर्व शनिवार रात्रि मलारी गांव में पर्यटन विभाग द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। लोकगायक किशन महिपाल ने अपने लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभागियों एवं स्थानीय लोगों ने देर रात तक उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

    यही नहीं सीमांत गांव गमशाली में ग्रामीणों ने धावकों।के लिए रात्रिभोज की भी व्यबस्था की।

    इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, गृह सचिव शैलेश बगोली, सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारी-जवान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

  • इंतजार खत्म! उत्तराखंड: पर्यटकों के दीदार के लिए खुली विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी

    इंतजार खत्म! उत्तराखंड: पर्यटकों के दीदार के लिए खुली विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी

    इंतजार खत्म! उत्तराखंड: पर्यटकों के दीदार के लिए खुली विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी

    चमोली । विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Valley of Flowers National Park) आज से पर्यटकों के दीदार के लिए खोल दिया गया है। प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकर्स के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं है, जहां उन्हें हजारों प्रकार के रंग-बिरंगे फूल एक साथ देखने को मिलते हैं। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल इस घाटी के खुलने से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी नई ऊर्जा मिली है।

    प्रत्येक वर्ष की तरह, इस वर्ष भी घाटी को जून महीने के शुरुआती सप्ताह में पर्यटकों के लिए खोला गया है। यह घाटी आमतौर पर अक्टूबर के अंत तक या बर्फबारी शुरू होने तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। मानसून के आगमन के साथ ही घाटी में फूलों की बहार आने लगती है, जो सितंबर तक अपने चरम पर होती है। इस दौरान यहां ब्रह्म कमल, ब्लू पोस्ता (Blue Poppy), कोबरा लिली जैसे सैकड़ों प्रजातियों के फूल खिलते हैं, जिससे पूरी घाटी एक रंगीन कालीन का रूप ले लेती है।

    गोविंदघाट से लगभग 13 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई (ट्रेक) करके बेस कैंप घांघरिया तक पहुंचते हैं, और फिर घांघरिया से फूलों की घाटी का प्रवेश द्वार लगभग 3 किलोमीटर दूर है। घाटी के अंदर केवल दिन के समय ही रहने की अनुमति होती है, और सूर्यास्त से पहले वापस आना होता है।

    इस दौरान रेंजर चेतना कांडपाल,चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह,वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी व पर्यटक मौजूद रहे ।

  • गंगा स्वच्छता अभियान की प्रगति धरातल पर दिखे: डीएम

    गंगा स्वच्छता अभियान की प्रगति धरातल पर दिखे: डीएम

    एसटीपी, सीवर परियोजनाओं, नाला टैपिंग एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की डीएम ने की गहन समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    देहरादून । जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार देर सायं ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला गंगा संरक्षण समिति के साथ ही अर्धकुंभ मेला 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यों के सम्बन्ध बैठक लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जनपद अन्तर्गत  संचालित गंगा संरक्षण, सीवरेज, अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि केवल प्रस्तुतिकरण (प्रेजेंटेशन) नहीं, बल्कि धरातल पर कार्यों के प्रभावी परिणाम दिखाई देने चाहिए।
    बैठक में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान एवं परियोजना प्रबंधन निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों, यह सुनिश्चित किया जाए।
    टपकेश्वर मंदिर, गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण कार्य हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के साथ पृथक बैठक आयोजित कर भूमि चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
    जिलाधिकारी ने ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवेज पम्पिंग स्टेशन (एसपीएस) एवं सीवर लाइन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जीआईजेड एवं नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संयुक्त रूप से आवास विकास वार्ड में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पायलट परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए उसे मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
    बैठक में नगरीय क्षेत्रों में डेयरी वेस्ट प्रबंधन की जानकारी मांगे जाने पर नगर निगम देहरादून के संबंधित अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
    बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग कार्यों में हो रही देरी पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नाला टैपिंग के सभी कार्य निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किए जाएं। साथ ही आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर नालों की नियमित एवं प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए।
    जिलाधिकारी ने गंगा नदी सहित अन्य नदियों के तटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि संभावित प्रदूषण स्थलों का चिन्हीकरण कर लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार की जाए तथा नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
    मसूरी क्षेत्र में 0.70 एमएलडी क्षमता के कैमल बैक एसटीपी की समीक्षा के दौरान वर्ष 2022 में बजट स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पेयजल निगम, मसूरी के संबंधित अधिकारी को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी।
    इसी प्रकार अर्केडिया जोन में प्रस्तावित 0.70 एमएलडी एसटीपी परियोजना में वर्ष 2022 से स्वीकृति प्राप्त होने के बावजूद भूमि चिन्हीकरण एवं म्यूटेशन की कार्यवाही लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया तथा संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी को मामले की जांच कर सात दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
    जिलाधिकारी ने सभी नगर निगमों एवं नगर निकायों को निर्देशित करते हुए कहा कि मा0 मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में रखा गया है। उन्होंने सभी निकाय कूड़ा उठान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएं तथा डंपिंग जोन का चिन्हीकरण कर वहां सीसीटीवी एवं अन्य तकनीकी माध्यमों से निगरानी सुनिश्चित करने को निर्देशित किया। उन्होंने अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष बल दिया। नगर पंचायत सेलाकुई में अभी तक स्लज वाहन उपलब्ध न होने पर जिलाधिकारी ने हैरानी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने संसाधनों से तत्काल वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    जिलाधिकारी ने फल्ड प्लानिंग जोनिंग चिन्हीकरण की समीक्षा की बैठक में बताया गया कि गंगा नदी की हरिद्वार तक तथा रिस्पना नदी का फल्ड जोन चिन्हिकरण कर लिया गया है। आसन रिवर का चिन्हकरण कार्य पूर्ण हो गया है। सुसवा, सौंग, जाखन/रानीपोखरी, चन्द्रबागा, यमुना सर्वे कर लिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि फल्ड जोन चिन्हिकरण कार्य समयबद्ध पूर्ण कर लिया जाए।
    जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अर्धकुंभ मेला 2027 हेतु प्रस्तावित निर्माण कार्यों को एनएमसीजी की अनुमति एवं निर्धारित एसओपी के अनुसार पूर्ण किए जाएं।
    बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपाल राम बिनवाल, समिति सदस्य पंकज गुप्ता, पर्यावरणविद् विनोद जुगलान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • SIR अभियान पर प्रशासन सक्रिय, डीएम ने दिये स्पष्ट निर्देश

    SIR अभियान पर प्रशासन सक्रिय, डीएम ने दिये स्पष्ट निर्देश

    मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यो में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त,

    सभी ईआरओ बूथवार बीएलए-2 नियुक्ति तत्काल सुनिश्चित करें,

    बीएलओ और सुपरवाइजरों को दिया जाए व्यापक प्रशिक्षण- डीएम

    08 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, मतदाता पुनरीक्षण अभियान होगा तेज,

    देहरादून । जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर पुनरीक्षण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने निर्देशित किया कि मतदाता सूची की मैपिंग गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ की जाए तथा सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाए। साथ ही अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं के नाम अत्यंत सावधानीपूर्वक सूची से हटाए जाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर लें, ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
    उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं सुपरवाइजरों को पुनरीक्षण कार्यों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाए तथा उनकी सभी शंकाओं का समाधान प्रशिक्षण के दौरान ही सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त संबंधित क्षेत्रों में पटवारियों के माध्यम से भी सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए, जिससे किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का बूथ लेवल पर पुनरीक्षण हेतु राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्ति बीएलए-2 की अहम भूमिका है। सभी ईआरओ अपने क्षेत्र में राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर प्रत्येक बूथ हेतु बीएलए-2 अवश्य नियुक्त करवा लें। ताकि पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित व पारदर्शिता के साथ हो सके। मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सभी ईआरओ को अपने-अपने क्षेत्रों के बूथों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश भी दिए।
    जिलाधिकारी ने पुनरीक्षण कार्यों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सितंबर माह में किया जाना है। इसके साथ ही निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु टेंडर प्रक्रिया की सूची तैयार कर समय पर समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
    उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 7 जून तक गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग एवं कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन करेंगे। इसी अवधि में नए पोलिंग बूथों को सम्मिलित करते हुए बूथों का अंतिम निर्धारण भी किया जाएगा।
    उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को मतदाता सूची के प्रथम ड्राफ्ट का प्रकाशन किया जाएगा। इसके उपरांत 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 11 सितंबर तक उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा।
    जनपद देहरादून की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 13 लाख 80 हजार 800 मतदाता पंजीकृत हैं। प्री-एसआईआर अभियान के अंतर्गत 16 मई तक 11 लाख 1 हजार 437 मतदाताओं, अर्थात 80.38 प्रतिशत की मैपिंग पूर्ण की जा चुकी है, जबकि शेष 2 लाख 70 हजार 161 मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि 47923 अनुपस्थित, 145797 स्थानांतरित एवं 33008 मृत मतदाता हो गए है।
    उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 1882 मतदेय स्थल हैं, जिनमें अब तक भारतीय जनता पार्टी द्वारा 1836, कांग्रेस द्वारा 1443 तथा सीपीआई द्वारा 378 बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं। अधिकृत बीएलए-2 अपने संबंधित मतदेय स्थलों पर बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची के परीक्षण, संशोधन एवं अन्य कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।
    उप जिलाधिकारी ने बताया कि कोई भी नागरिक निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित ईसीआई-नेट के माध्यम से पंजीकरण एवं मतदाता पहचान पत्र संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एप पर उपलब्ध “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा के माध्यम से संबंधित बीएलओ से भी संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त निर्वाचन कार्यालय के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
    बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों सहित पुनरीक्षण व्यवस्थाओं से जुड़े सभी नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
  • नीति घाटी में पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

    नीति घाटी में पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

    नीति अल्ट्रा रन मैराथन की तैयारी अंतिम चरण में

    होमस्टे, जैविक खेती और स्थानीय संस्कृति संरक्षण पर सरकार का जोर

    ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद

    नीति घाटी,चमोली। पर्यटन एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से नीति घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पर्यटन एवं ग्रामीण विकास सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने नीति गांव, गमशाली, बम्पा सहित कई सीमांत गांवों का दौरा कर “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन मैराथन” की तैयारियों का जायजा लिया।
    दौरे के दौरान सचिव गर्ब्याल ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें होमस्टे शुरू करने, जैविक उत्पादन बढ़ाने, मोटे अनाजों की खेती करने तथा फलोद्यान विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन आधारित गतिविधियों से स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

    नीति घाटी उत्तराखंड के चमोली जनपद में भारत-तिब्बत सीमा पर स्थित एक दुर्गम हिमालयी क्षेत्र है। यह नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता, भोटिया संस्कृति, टिम्मर सैंण महादेव गुफा तथा ऊंचाई वाले बुग्यालों के लिए प्रसिद्ध है। नीति गांव भारत का अंतिम गांव माना जाता है, जहां से नीति दर्रा तिब्बत की ओर जाता है। वहीं गमशाली और बम्पा जैसे ऊंचाई वाले गांव शांति और रोमांच पसंद पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में पर्यटन विकास सतत एवं पर्यावरण अनुकूल हो। उन्होंने भोटिया संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और लोकगीतों के संरक्षण के साथ पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय परंपराओं के सम्मान को अनिवार्य बताया।

    हाल के वर्षों में नीति घाटी में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वर्ष 2024-25 में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है। सरकार का मानना है कि अल्ट्रा मैराथन जैसे आयोजन क्षेत्र में पर्यटन को नई पहचान देंगे।

    मैराथन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि 31 मई से 2 जून 2026 तक आयोजित होने वाली “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” इस क्षेत्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगी। यह आयोजन आदि कैलाश परिक्रमा अल्ट्रा मैराथन की तर्ज पर किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि इस आयोजन से हजारों पर्यटक और खिलाड़ी क्षेत्र में पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों से पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के तहत अपने पैतृक घरों को विकसित करने तथा पर्यटकों को पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन उपलब्ध कराने की अपील की। इससे ग्रामीण आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

    सचिव गर्ब्याल ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के तहत पर्वतीय क्षेत्रों के जैविक उत्पादों और मोटे अनाजों की खरीद कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जा रहा है। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह ब्रांड महिलाओं और स्थानीय कारीगरों को सशक्त बना रहा है। इसके अंतर्गत पर्वतीय क्षेत्रों के अनाज, दालें, घी, शहद और अन्य उत्पाद शामिल हैं।
    उन्होंने कहा कि नीति घाटी का भोटिया समुदाय परंपरागत रूप से जैविक खेती करता आया है। यहां की जलवायु और मिट्टी मोटे अनाज तथा औषधीय पौधों की खेती के लिए बेहद उपयुक्त है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” के माध्यम से इन उत्पादों की बिक्री पांच सितारा होटलों तक की जा रही है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इससे बेरोजगारी कम होगी और युवाओं को गांवों में रहकर स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।

    नीति घाटी की आबादी सीमित है और सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण लोगों को निचले क्षेत्रों की ओर पलायन करना पड़ता है। ऐसे में पर्यटन स्थानीय लोगों के लिए मौसमी रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। गमशाली बुग्याल ट्रेक, टिम्मर सैंण महादेव गुफा में स्थित बर्फानी शिवलिंग तथा द्रोणागिरी पर्वत जैसे आकर्षण पहले से ही पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं।
    सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने ग्रामीणों से कहा, “सीमांत क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। इसे अवसर में बदलें। होमस्टे, जैविक खेती और फलोद्यान के माध्यम से आपकी आय बढ़ेगी और बेरोजगारी दूर होगी।”
    सरकार की इस पहल से जहां क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है, वहीं स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी। नीति, गमशाली और बम्पा जैसे गांव भविष्य में महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सकते हैं।

    Niti Valley: Major Push for Tourism and Rural Economy

    Niti valley : In a significant initiative by the Tourism and Rural Development Department, efforts are underway to promote tourism in the Niti Valley and strengthen the local economy. Tourism and Rural Development Secretary Dhiraj Singh Garbyal, on the instructions of Chief Minister Pushkar Singh Dhami, visited Niti village, Gamshali, Bampa, and several other villages to review preparations for the Niti Xtreme Ultra Run Marathon.

    During the visit, Secretary Garbyal held meetings with local residents and encouraged them to start homestays, undertake organic production, cultivate millets, and establish fruit orchards. He informed the villagers that these tourism-related activities would not only create new sources of income but also lead to overall development of the region.
    Niti Valley is a remote Himalayan valley located in Chamoli district of Uttarakhand, along the India-Tibet border. It forms part of the Nanda Devi Biosphere Reserve and is renowned for its natural beauty, Bhotia culture, Timmer Sain Mahadev Cave, and high-altitude bugyals (meadows). Niti village is the last village in India, from where the Niti Pass leads towards Tibet. Villages like Gamshali and Bampa, situated at high altitudes, attract tourists seeking both peace and adventure.
    Chief Minister Pushkar Singh Dhami has given special instructions that tourism development in the area must be sustainable. He emphasized preserving Bhotia culture, traditional attire, handicrafts, and folk songs while offering unique experiences to tourists. Proper waste management, environmental conservation, and respect for local traditions are essential.
    Tourist arrivals in Niti Valley have been increasing, with tourism activities gaining momentum in 2024-25. Events like the Ultra Marathon should continue as they will significantly boost tourism in the region.
    Reviewing the preparations for the marathon, Secretary Garbyal said that the Niti Extreme Ultra Run, scheduled from 31 May to 2 June 2026, will put this region on the global tourism map. The event is being organized on the lines of the Adi Kailash Parikrama Ultra Marathon.

    The event is expected to bring thousands of tourists and athletes to the area, providing a major boost to the local economy. The Secretary urged villagers to develop their ancestral homes under the Tourism Department’s homestay scheme and serve traditional mountain cuisine to attract visitors. This will enhance economic self-reliance.
    Secretary Garbyal informed that under the “House of Himalaya” brand of the Rural Development Department, organic products and millets from the mountainous regions are being procured and sold in national and international markets. This brand, launched by Prime Minister Narendra Modi in 2023, is empowering women and local artisans. It includes all types of grains, pulses, ghee, honey, and other products from the hills.

    The Bhotia community in Niti Valley has traditionally practiced organic farming. The soil and climate here are ideal for millets and medicinal plants. House of Himalaya is selling these products through outlets in five-star hotels, which can significantly increase farmers’ income. This will help reduce unemployment and enable youth to stay in the villages and pursue entrepreneurship.

    Niti Valley has a limited population, and during winter, heavy snowfall forces people to migrate to lower areas. Tourism will create seasonal employment opportunities. Attractions such as the Gamshali Bugyal trek, Timmer Sain Mahadev Cave (with its ice Shivling), and the nearby Dronagiri mountain are already drawing tourists.
    Secretary Dhiraj Singh Garbyal told the villagers, “Tourist movement is increasing in this border region. Turn this into an opportunity. Through homestays, organic farming, and orchards, your income will rise and unemployment will end.”
    The government’s initiative is expected to drive economic development while preserving the cultural heritage of the region. Villages like Niti, Gamshali, and Bampa have the potential to become important tourism hubs.

  • राष्ट्र और आध्यात्म के स्वर से गुंजायमान हुआ परमार्थ निकेतन

    राष्ट्र और आध्यात्म के स्वर से गुंजायमान हुआ परमार्थ निकेतन

    गंगा आरती में शामिल हुए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (more…)

  • सीमांत पर्यटन को नई उड़ान देगी ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’

    सीमांत पर्यटन को नई उड़ान देगी ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’

    नीति घाटी में 31 मई एवं 01 जून को आयोजित होगी ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’

    देहरादून। उत्तराखंड की दुर्गम नीति घाटी में 31 मई एवं 01 जून 2026 को आयोजित होने वाला ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ भारत में तेजी से विकसित हो रहे एडवेंचर पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना के समन्वय से आयोजित यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने, सैन्य-नागरिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा हिमालय के दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों की आर्थिक संभावनाओं को नई पहचान देने का प्रयास है।

    चमोली जनपद में भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित नीति घाटी अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचाई वाले दुर्गम भूभाग और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि, भौगोलिक दूरस्थता और सीमित आधारभूत सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र अब तक अपेक्षाकृत कम विकसित रहा है। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन जैसे आयोजन इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा इसे सतत पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

    इस अल्ट्रा रन में 75 किमी, 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी एवं 5 किमी की विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं, जिनमें पेशेवर खिलाड़ियों के साथ-साथ शौकिया धावक भी भाग लेंगे। प्रतिभागियों को तीव्र चढ़ाई, कम ऑक्सीजन स्तर और बदलते मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना होगा। यही कारण है कि यह प्रतियोगिता देश की सबसे चुनौतीपूर्ण सहनशक्ति दौड़ों में से एक मानी जा रही है, जिसमें शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता भी आवश्यक है।

    इस आयोजन की एक विशेषता नागरिक प्रशासन और भारतीय सेना के बीच उत्कृष्ट समन्वय है। नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सेना की लॉजिस्टिक क्षमता, चिकित्सा सुविधाएं और संचालन विशेषज्ञता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टेंट एवं आवास व्यवस्था से लेकर चिकित्सा सहायता और मार्ग सुरक्षा सुनिश्चित करने तक, सेना की भागीदारी आयोजन को सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने में अहम योगदान दे रही है।

    यह पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। आयोजन के दौरान बढ़ने वाली पर्यटकों की संख्या से होम-स्टे, परिवहन, भोजन एवं गाइड सेवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही यह सीमावर्ती गांवों से हो रहे पलायन को रोकने के व्यापक उद्देश्य को भी समर्थन प्रदान करेगा।

    यह आयोजन सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में सरकार की ‘वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज’ अवधारणा के अनुरूप भी है। प्रतिभागियों और मीडिया का ध्यान आकर्षित कर नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन इस क्षेत्र को एक जीवंत और सुलभ पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।

    पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन भी इस आयोजन के प्रमुख केंद्र बिंदु हैं। आयोजकों द्वारा अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा प्रतिभागियों के बीच जागरूकता बढ़ाने जैसे उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि घाटी की प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रह सके।

    आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। समन्वय बैठकें, मार्ग सर्वेक्षण, चिकित्सा योजना एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रतिभागियों एवं स्थानीय समुदायों में इस आयोजन को लेकर उत्साह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

    नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि साहस, एकता और प्रगति का प्रतीक है। यह आयोजन दर्शाता है कि खेल किस प्रकार विकास, राष्ट्रीय एकीकरण और राष्ट्र गौरव का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।

  • एक माह में पूर्ण करें कण्डारस्यूं व विडोली पेयजल योजना

    एक माह में पूर्ण करें कण्डारस्यूं व विडोली पेयजल योजना

    कैबिनेट मंत्री डाॅ. रावत ने कार्यदायी संस्थाओं को दिये निर्देश

    कहा, जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

    देहरादून । सूबे के कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज शासकीय आवास पर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कण्डारस्यूं, भीड़ा-हस्यूंडी व विडोली ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजनाओं को एक माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिये। इसके अलावा एनआईटी पेयजल पम्पिंग योजना व जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की।

    समीक्षा बैठक में डाॅ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता पर्वतीय क्षेत्रों में आम लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। जिसके तहत श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विडोली ग्राम समूह पेयजल पम्पिंग योजना, कंडारस्यूं, भीड़ा-हस्यूंड़ी एवं एनआईटी पेयजल पम्पिंग योजनाओं का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। इसके अलावा श्रीनगर के नगरीय क्षेत्र भी पेयजल समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। जिसके लिये अधिकारियों को तत्काल कार्य योजना तैयार कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिये गये हैं। बैठक में ढ़िकाल गांव पेयजल योजना की भी समीक्षा की गई साथ ही थलीसैण नगर पंचायत के अंतर्गत निर्माणाधीन योजना की भी प्रगति मांगी गई। जिस पर अधिकारियों ने बताया कि सभी पेयजल योजनाओं का कार्य गतिमान है जिसमें से दो बड़ी योजनाओं का कार्य एक माह के भीतर पूर्ण कर लिया जायेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि ढ़िकाल गांव पम्पिंग योजना में आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण वंचित 30 गांव में भी शीघ्र पेयजल आपूर्ति मुहैया करा दी जायेगी।

    बैठक में पेयजल निगम के मुख्य अभियंता मुख्यालय संजय सिंह, मुख्य अभियंता गढ़वाल अनुपम रतन, अधीक्षण अभियंता मुहम्मद निशम, अधिशासी अभियंता नवीन बिष्ट, जल संस्थान पौड़ी के अधिशासी अभियंता टीएस रावत, सुभाष भट्ट, अर्पित मित्तल, अजय गुरूंग सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • भाजपा लगातार तीसरी जीत दर्ज कर रचेगी इतिहास” — नितिन नबीन

    भाजपा लगातार तीसरी जीत दर्ज कर रचेगी इतिहास” — नितिन नबीन

    नितिन ने कहा, प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक और युगांतरकारी निर्णय लिए

    प्रदेश कोर कमेटी  व मंत्री समूह की बैठक

    देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन ने तीन दिवसीय प्रवास के पहले दिन बूथ प्रबंधन और विधानसभा प्रवास पर फोकस किया।
    लोक सभा और विस चुनावों मे ऐसे बूथ जहाँ पर पार्टी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा उसे लेकर एक टीम गठित करने का फैसला लिया गया।
    कोर कमेटी के सदस्य दो दो दिन के प्रवास पर उन क्षेत्रों मे जाकर उस विधान सभा के कोर कमेटी के सदस्यों के साथ चर्चा करेंगे और बूथ पर भी बैठक करेंगे।

    कोर कमेटी के 17  सदस्य जून, जुलाई और अगस्त माह मे सभी विस क्षेत्रों मे दौरा करेंगे। सभी प्रभावशाली सदस्यों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी दी जायेगी।  विपक्ष के नकारात्मक एजेंडे का जवाब देने के लिए भी रणनीति बनाई जायेगी।
    प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जानकारी देते हुए कहा कि, चूंकि हमारी चुनाव योजना, पूरी बूथ आधारित होती है और उसी विषय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हमें बैठक आवश्यक मार्गदर्शन दिया है। उन्होंने बताया कि आगामी चुनाव को लेकर बूथ प्रबंधन को हमें कैसे और बेहतर तथा प्रभावी बनाना हैं। ये पूरी बैठक विधानसभा में हैट्रिक लगाने को लेकर रणनीति पर केंद्रित रही। विशेषकर पूर्व के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जिन बूथों को हम जीत नहीं पाये, विशेषकर उनको लेकर हमें टीम बनानी है।

    बैठक में तय हुआ है कि कोर कमेटी के सभी सदस्य दो दिन एक विधानसभा में प्रवास करेंगे। जून, जुलाई अगस्त में होने वाले इस प्रवास में प्रदेश कोर कमेटी सदस्य संबंधित विधानसभा कोर कमेटी से संवाद करेगी और बूथ पर जाकर जमीनी रणनीति बनाएगी।
    इसके साथ ही स्थानीय समस्याओं का फीड बैक लेकर सरकार को निराकरण के लिए सुझाव देगी। शीघ्र ही रणनीति बनाते हुए कमेटी सदस्यों के प्रभावो के अनुशार विधानसभाओं की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही साथ हमारे प्रतिद्वंद्वी पार्टियों की रणनीति और कार्य योजनाओं को परखते हुए और क्या बेहतर कार्यक्रम किया जा सकते हैं उसको लेकर भी कार्य किया जाएगा।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चुनावी जीत का मंत्र देते हुए कहा कि देवतुल्य जनता और कर्मठ कार्यकर्ताओं के दम पर भाजपा जीत की हैट्रिक का इतिहास रचेगी। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन, सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के साथ उन्होंने संगठन की प्रदेश कोर कमेटी और मंत्री समूह की बैठक लेकर 27 में जीत का मूल मंत्र देते हुए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

    अपने प्रवास के पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शाम से प्रदेश संगठन कोर कमेटी बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी लक्ष्यों पर मंथन को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन किया। उसके बाद मंत्री समूह की बैठक लेकर प्रदेश सरकार के कार्यों और केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वहन को लेकर अलग अलग विस्तृत जानकारी ली।
    गुरुवार को सम्पन्न कोर ग्रुप की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री संगठन के साथ मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री  दुष्यंत गौतम, केंद्रीय मंत्री एवं अल्मोड़ा सांसद  अजय टम्टा, सह प्रभारी रेखा वर्मा, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक,  तीरथ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद  त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी, नैनीताल सांसद  अजय भट्ट, टिहरी सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह, प्रदेश महामंत्री  कुंदन परिहार, दीप्ति रावत,  तरुण बंसल, कैबिनेट मंत्री  सतपाल महाराज, डाक्टर धन सिंह रावत और  मदन कौशिक शामिल हुए।

    इसी तरह मंत्री समूह की बैठक में कैबिनेट मंत्री  सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, भरत सिंह चौधरी, खजान दास,  सौरभ बहुगुणा,  मदन कौशिक,  गणेश जोशी,रेखा आर्य, प्रदीप बत्रा शामिल हुए।

    बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, केंद्र और राज्य सरकार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति और संगठन की मजबूती को लेकर विस्तृत समीक्षा की।
    नबीन ने कहा, “पीएम मोदी के अगाध प्रेम और हमारी डबल इंजन सरकार के प्रयासों से देवभूमि की जनता का भाजपा में अटूट विश्वास है। ये सौ फीसदी सही है कि सरकार की नीतियों और कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम के बल पर हम उत्तराखंड में भी निरंतर जनसेवा के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
    चूंकि, हम भी एक राजनैतिक दल है और हमारी अगली परीक्षा है 2027 के विधानसभा चुनाव। बेशक हमारी इस चुनावी परीक्षा को लेकर तैयारी भी पूरी है, लेकिन हमें अपनी इन कोशिशों को अधिक तेज करते हुए अपने ही चुनावी रिकॉर्ड को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए काम करना है।

    उन्होंने विश्वास जताया कि देवतुल्य जनता के आशीर्वाद और कर्मठ कार्यकर्ताओं के दम पर देवभूमि में भाजपा जीत की हैट्रिक का नया इतिहास रचेगी।” वहीं मंत्री समूह बैठक में उन्होंने सरकार के कार्यों और उपलब्धियों की अलग विस्तृत जानकारी ली। साथ ही कहा, प्रदेश सरकार के ऐतिहासिक और युगांतरकारी निर्णयों की तारीफ करते हुए कहा, आज उत्तराखंड कही मायनों में देश के अन्य राज्यों में नजीर बन रहा है।
    धर्म संस्कृति संरक्षण और डेमोग्राफी संतुलन को लेकर जो कार्य मुख्यमंत्री धामी ने किए हैं उसकी चर्चा चारों तरफ है। आज उत्तराखंड छोटा राज्य होने के बावजूद विकास के  मोर्चे पर बड़े राज्यों को चुनौती दे रहा है।
    केंद्र की तरह हमारी प्रदेश की सरकार भी सही दिशा और सही गति से काम कर रही है, ये कार्य और उपलब्धियां नीचे तक सही तरीके से पहुंचे तो हमें तीसरी बार नए रिकॉर्ड के साथ कमल खिलाने से कोई रोक नहीं सकता है।

    ​इस अवसर पर पार्टी मुख्यालय में प्रदेश उपाध्यक्ष  अनिल गोयल, शैलेंद्र बिष्ट, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, प्रदेश कार्यालय सचिव  जगमोहन रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी  मानवी चौहान समेत बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रथम उत्तराखंड आगमन पर हवाई अड्डे जॉलीग्रांट से  भाजपा मुख्यालय तक कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। इस दौरान जगह जग ढोल-दमौ, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों दी गयी।
    अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन पर उमड़े कार्यकताओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उत्तराखंड के उनके इस तीन दिवसीय संगठनात्मक प्रवास को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।

    पार्टी मुख्यालय पहुंचने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री संगठन  बी एल संतोष का औपचारिक स्वागत प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद  महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री  पुष्कर धामी, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, सरकार के कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों और वरिष्ठ प्रदेश पदाधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ से किया गया।

    ​राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत में समूचा पार्टी प्रदेश कार्यालय परिसर देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के रंग में सराबोर नजर आया। देवभूमि के पारंपरिक वाद्ययंत्रों—ढोल-दमौ के साथ समूचा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘भाजपा जिंदाबाद’ के गगनभेदी नारों से गुंजायमान होता रहा। मुख्यालय के मुख्य द्वार से लेकर मुख्य सभाकक्ष तक कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा कर अपने राष्ट्रीय नेतृत्व का स्वागत किया।

  • ऊर्जा संरक्षण एवं सौर जागरूकता पर आधारित स्मारिका पुस्तिका का विमोचन

    ऊर्जा संरक्षण एवं सौर जागरूकता पर आधारित स्मारिका पुस्तिका का विमोचन

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक स्मारिका पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट एवं पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, जो देश के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का अपना प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पूर्व प्राप्त कर लिया है तथा निर्धारित संयंत्रों के लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड आज देश में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में पहुँच चुका है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक मात्र दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की है। उत्तराखण्ड लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल, ऊरेडा, क्षेत्रीय अधिकारियों तथा इस अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता टीम उत्तराखण्ड की सामूहिक प्रतिबद्धता और समर्पण का परिणाम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सौर कौथिग व्यापक जन-जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक एवं अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता का वातावरण तैयार किया है। उन्होंने CEEW की टीम के सहयोग एवं उल्लेखनीय योगदान की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों के विद्युत व्यय में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित भविष्य प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के समक्ष एक प्रेरणादायक एवं आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

    इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, CEEW के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जी. एस बुदियाल एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।