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  • मौसम को लेकर रेड अलर्ट, अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश

    मौसम को लेकर रेड अलर्ट, अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश

    राज्य के पांच जनपदों में भारी बारिश का रेड अलर्ट

    27 सितम्बर को चार जनपदों के लिए रेड अलर्ट जारी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों के लिए जारी रेड अलर्ट की चेतावनी को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से वार्ता कर सभी संबंधित जनपदों एवं विभागों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेड एवं ऑरेंज अलर्ट वाले जनपदों में विशेष सतर्कता बरती जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखते हुए मौसम संबंधी चेतावनियों का तत्काल स्थानीय स्तर तक प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    वहीं आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से वार्ता कर प्रदेश में मौसम की स्थिति एवं तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम की स्थिति पर पैनी नजर रखते हुए संभावित परिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने शुक्रवार को बैठक कर सभी जनपदों को एलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

    सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को राज्य के पांच जनपदों में रेड अलर्ट, पांच जनपदों में ऑरेंज अलर्ट तथा तीन जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह 27 सितम्बर को चार जनपदों में रेड अलर्ट, चार जनपदों में ऑरेंज अलर्ट तथा 05 जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग द्वारा अलर्ट के अनुसार 26 सितंबर को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में रेड अलर्ट, जबकि देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट तथा हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी प्रकार 27 सितंबर को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार में रेड अलर्ट, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट तथा बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

    मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी 13 जनपदों के साथ बैठक कर अलर्ट मोड पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से रेड एवं ऑरेंज अलर्ट वाले जनपदों में संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने तथा मौसम संबंधी प्रत्येक चेतावनी को तत्काल निचले स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। सचिव आपदा प्रबंधन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी-नालों, गाड़-गदेरों एवं जलस्रोतों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास के लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील सड़कों एवं क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए जेसीबी एवं अन्य आवश्यक मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर तैयार रखा जाए, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात सुचारू किया जा सके।

    उन्होंने सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने, पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव दलों की तैनाती तथा आवश्यक उपकरण एवं संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि पर्वतीय मार्गों पर मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए ही यातायात संचालित किया जाए तथा भूस्खलन एवं अतिवृष्टि की आशंका वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन न किया जाए। नदी, नाले एवं बरसाती धाराओं के आसपास रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक किया जाए और लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने तथा तेज बहाव में प्रवेश करने से रोका जाए।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा मार्गों, प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को न्यूनतम प्रतिक्रिया समय में प्रारंभ करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं। सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी जनपद प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा नदी-नालों एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

    उन्होंने कहा कि राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के नंबर 1077 तथा आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क किया जा सकता है।

  • महिलाओं के आत्मनिर्भरता प्रयासों को सीएस ने सराहा

    महिलाओं के आत्मनिर्भरता प्रयासों को सीएस ने सराहा

    पीएम श्री रा.ई. कॉलेज मातली पहुंचकर शिक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    उत्तरकाशी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अपने तीन दिवसीय सीमांत जनपद दौरे के पहले दिन शुक्रवार को जिले के सामरिक और नागरिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्त्वपूर्ण हवाई पट्टी चिन्यालीसौड़ की वर्तमान व्यवस्थाओं तथा विस्तार योजनाओं के दृष्टिगत स्थलीय निरीक्षण किया।
    इस दौरान उन्होंने एप्रन, रनवे, टर्मिनल भवन सहित बुनियादी ढांचागत सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिये। चीन सीमा से निकटता के कारण यह हवाई पट्टी सीमांत क्षेत्र में भारतीय वायु सेना के सामरिक संचालन को गति प्रदान करने के साथ–साथ आपातकालीन रेस्क्यू, आपदा प्रबंधन एवं वीवीआईपी आवाजाही के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

    इसके बाद मुख्य सचिव ने विकासखंड चिन्यालीसौड़ के अंतर्गत ग्राम मल्ली पहुंचकर ‘सर्व शक्ति क्लस्टर लेवल फेडरेशन ‘ तुल्याडा के कलेक्शन सेंटर का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं व लखपति दीदीयों से सीधा संवाद कर उनके द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों, उत्पादन कार्यों एवं अनुभवों की जानकारी ली। महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन करते हुए उनके आर्थिक स्वावलंबन तथा सामाजिक सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना की।

    क्लस्टर से जुड़ी महिलाओं ने अवगत कराया कि ‘सर्वशक्ति सी.एल.एफ. तुल्याड़ा द्वारा यूजीवीएस-रीप, आजीविका परियोजना एवं आईएफएडी के वित्तीय व तकनीकी सहयोग से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने क्लस्टर द्वारा संचालित बेकरी, स्ट्रॉबेरी उत्पादन, सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर, कैटरिंग फार्मिंग, डेयरी, मुर्गी पालन तथा स्थानीय उत्पादों व अचार निर्माण जैसी बहुआयामी स्वरोजगार गतिविधियों की जानकारी दी।
    इस दौरान ब्लॉक प्रमुख चिन्यालीसौड़ रणदेव सिंह महंत उपस्थित रहे।

    इसके उपरांत मुख्य सचिव ने विकासखंड डुंडा के पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज मातली का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य सचिव ने कक्षाओं में पहुंचकर अध्ययनरत विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का निडरता से सामना करने, उच्च लक्ष्य निर्धारित करने और अनुशासित जीवन शैली अपनाकर सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर कक्ष और पेयजल व्यवस्था का भी जायजा लिया।

    मुख्य सचिव ने राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों के राजकीय विद्यालयों में आधुनिक तकनीकी संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन का माहौल सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इस दौरान मुख्य सचिव ने पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में पौधारोपण किया एवं विभिन्न शैक्षणिक, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर लंबी कूद में राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर हेतु चयनित तथा कबड्डी में राज्य स्तर के लिए चयनित सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी राजीव (कक्षा 12), शुभम (कक्षा 11) सहित गृह परीक्षा सत्र 2025-26 के उत्कृष्ट छात्र लविश एवं अस्मित को सम्मानित कर बधाई दी। इसके साथ ही परिषदीय हाईस्कूल परीक्षा में विद्यालय का नाम रोशन करने वाली टॉपर निधि भट्ट एवं अनुष्का को उनकी शानदार शैक्षणिक उपलब्धि के लिए सम्मानित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा अन्य छात्रों को निरंतर प्रेरणा लेकर कठिन परिश्रम व अनुशासन के साथ सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

    इस दौरान जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, एसडीएम देवानंद शर्मा, सीओ चंचल शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल, ईई सिंचाई सचिन सिंहल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • निर्वाचन आयोग के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

    निर्वाचन आयोग के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

    सचिवालय स्थित चुनाव कार्यालय घेरा

    एसआईआर में गड़बड़ी का आरोप, कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग की

    देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देहरादून में प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से सचिवालय तक मार्च निकाला और सचिवालय स्थित निर्वाचन कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी दहन किया गया।

    प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा समेत विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल रहे।

    कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन

    उपजिलाधिकारी सदर को सौंपकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों निर्वाचन आयुक्तों को पद से हटाने की मांग की। ज्ञापन में आयोग के पूर्व फैसलों को निरस्त करने तथा नए मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की मांग भी की गई। कांग्रेस ने निर्वाचन आयुक्तों की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।

    कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और चुनावी पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उनका कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया में विपक्षी दलों की शिकायतों पर अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। कांग्रेस ने आयोग की निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की।

    फार्म-7 के इस्तेमाल पर सवाल
    कांग्रेस ने उत्तराखंड में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फार्म-7 दाखिल किए जाने पर भी सवाल उठाए। पार्टी का दावा है कि कई विधानसभा क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें मिली हैं, जहां कुछ लोगों ने बड़ी संख्या में फार्म-7 दाखिल कर अलग-अलग मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया।

    कांग्रेस ने एसआईआर के दौरान प्राप्त सभी फार्म-7 का विधानसभा और बूथवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। असामान्य संख्या में फार्म-7 दाखिल करने वालों की सूची जारी कर उनके आवेदनों की विशेष जांच कराने की मांग भी की गई। पार्टी ने कहा कि किसी वैध मतदाता का नाम केवल आपत्ति या फार्म-7 के आधार पर नहीं हटाया जाना चाहिए, बल्कि बीएलओ और ईआरओ के स्तर पर भौतिक सत्यापन तथा संबंधित मतदाता को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए।

    कांग्रेस ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता, शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, आपत्तियों पर उचित सुनवाई और निर्वाचन प्रक्रिया में कथित पक्षपात या दबाव की शिकायतों की स्वतंत्र जांच की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का मत सर्वोच्च है और मतदाता सूची की विश्वसनीयता सीधे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ी है।

  • प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के दौरान मिलेगा बेहतर शैक्षणिक वातावरणः डाॅ. धन सिंह रावत

    प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के दौरान मिलेगा बेहतर शैक्षणिक वातावरणः डाॅ. धन सिंह रावत

    शिक्षा मंत्री ने किया डायट देहरादून में 281.68 लाख की लागत से नवनिर्मित छात्रावास का लोकार्पण

    कहा, छात्रावास संचालन से दूर दराज क्षेत्रों के छात्रों को मिलेगा लाभ

    देहरादून। सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) देहरादून में 281.68 लाख की लागत के तैयार नवनिर्मित छात्रावास का विधिवत लोकार्पण किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ डायट देहरादून के डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा स्वागत गीत से हुआ।

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि नवनिर्मित छात्रावास दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक एवं बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के दौरान बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा और वे अपनी पढ़ाई एवं प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की शैक्षिक आवश्यकताओं के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके लिये प्रशिक्षण कार्यशालाओं में पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक तकनीकों एवं नवाचार को अपनाया जा रहा है। ताकि शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शैक्षणिक कार्यों में नवाचार अपनाकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।

    कार्यक्रम में निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल ने छात्रावास की उपयोगिता और प्रशिक्षुओं के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह सुविधा डायट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण अनुभव को और अधिक सुगम बनाएगी। वहीं डायट की प्राचार्य हेमलता गौड़ उनियाल ने छात्रावास के लोकार्पण को संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे प्रशिक्षुओं को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। लोकार्पण समारोह के दौरान डीएलएड प्रशिक्षुओं ने जौनसारी लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

    इस अवसर पर सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद प्रसाद सेमल्टी, अपर निदेशक एससीईआरटी पदमेंद्र सकलानी, संयुक्त निदेशक के.एन. बिजल्वाण, जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक देहरादून प्रेमलाल भारती, डायट प्राचार्य हेमलता गौड़ उनियाल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी व डायट देहरादून संकाय सदस्य एवं डीएलएड प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

  • जनवरी तक तैयार हो जायेगा जीएनटीआई स्टेडियमः डाॅ. धन सिंह रावत

    जनवरी तक तैयार हो जायेगा जीएनटीआई स्टेडियमः डाॅ. धन सिंह रावत

    श्रीकोट-स्वीत व डुंगरीपंथ क्षेत्र के लिये 3 करोड़ की विकास योजना स्वीकृत

    कहा, धारी देवी रेलवे स्टेशन में बनेगा बहुउद्देशीय पार्किंग व आधुनिक पार्क

    देहरादून। श्रीनगर स्थित ऐतिहासिक जीएनटीआई स्टेडियम आगामी जनवरी माह तक नये व आधुनिक रूप में बनकर तैयार हो जायेगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत स्टेडियम का पुनर्निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके अलावा श्रीकोट-स्वीत व डुंगरीपंथ क्षेत्र के लिये 3 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृति दे दी गई है साथ ही विभागीय अधिकारियों को इन योजनाओं के प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिये गये हैं।

    सूबे के कैबिनेट मंत्री व श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक डाॅ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास से वर्चुअल माध्यम से अपने विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। डाॅ. रावत ने ऐतिहासिक जीएनटीआई स्टेडियम के पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के मुख्य परियोजना प्रबंधक को आगामी जनवरी माह तक जीएनटीआई स्टेडियम को पूरी तरह तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय तक यह स्टेडियम पुनः स्थानीय सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का एक मुख्य केंद्र बन सके। इसके अलावा उन्होंने धारी देवी रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के साथ ही बहुउद्देशीय पार्किंग व आधुनिक पार्क के निर्माण के निर्देश भी रेलवे आधिकारियों को दिये।

    बैठक में श्रीकोट-स्वीत व डुंगरीपंथ क्षेत्र के विकास के लिये लगभग 3 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृति दी गई। डाॅ. रावत ने स्थानीय प्रशासन व संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर इन योजनाओं के प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये, उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों ने समय पर प्रस्ताव नहीं भेजे तो उनके विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। बैठक में डाॅ रावत ने श्रीकोट स्थित सीडीएस जनरल विपिन रावत स्टेडियम में माॅडल पार्किंग के निर्माण के निर्देश स्थानीय प्रशासन को दिये। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में आने वाले लोगों के लिये बेहतर व आधुनिक पार्किंग व्यवस्था की जायेगी, जिसमें सैकड़ों वाहनों की पार्किंग क्षमता होगी। इसके अलावा उन्होंने श्रीनगर स्थित उद्यान विभाग के बगीचे व रीवर फ्रंट के सौन्दर्यीकरण के निर्देश भी जिला प्रशासन व विभागीय अधिकारियों को दिये।

    वर्चुअल बैठक में कमिश्नर गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप, जिला अधिकारी पौड़ी स्वाती भदौरिया, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के मुख्य परियोजना प्रबंधक हिमांशु बडोनी, एसडीएम श्रीनगर नुपुर वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

  • उत्तराखंड में तेज हुआ HPV टीकाकरण अभियान

    उत्तराखंड में तेज हुआ HPV टीकाकरण अभियान

    65 हजार से अधिक किशोरियों का हुआ टीकाकरण

    चमोली ने हासिल किया 100 प्रतिशत लक्ष्य

    देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण कार्यक्रम को प्रदेश में निरंतर गति मिल रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड द्वारा राज्य एवं जनपद स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, लक्षित किशोरियों की सूची तैयार करने, टीकाकरण सत्रों की संख्या बढ़ाने तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा निरंतर फॉलोअप के परिणामस्वरूप अभियान ने हाल के महीनों में उल्लेखनीय गति पकड़ी है।

    कार्यक्रम के तहत 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष की आयु पूरी न करने वाली किशोरियां लक्षित समूह में शामिल हैं।

    भारत सरकार के विजन के अनुरूप उत्तराखंड में HPV टीकाकरण को बढ़ावा
    “सुबोध उनियाल, स्वास्थ्य मंत्री, ने कहा कि राज्य सरकार किशोरियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। HPV टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य की प्रत्येक पात्र किशोरी तक HPV टीकाकरण की सुविधा समय पर पहुंचे और टीकाकरण को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या हिचकिचाहट को सही एवं तथ्यात्मक जानकारी के माध्यम से दूर किया जाए।

    राष्ट्रीय स्तर पर किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के अनुरूप उत्तराखंड में भी पात्र किशोरियों तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    विनय शंकर पांडेय ,सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि भारत सरकार के विजन के अनुरूप उत्तराखंड में HPV टीकाकरण को पात्र किशोरियों तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र किशोरी तक समय पर टीकाकरण की सुविधा पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है और इसके लिए राज्य स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप को मजबूत किया जा रहा है। कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य केवल वर्तमान अभियान के दौरान अधिक से अधिक किशोरियों का टीकाकरण करना ही नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें प्रत्येक पात्र बालिका को 14 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर समय से HPV टीका मिल सके।

    सर्वाइकल कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण कदम
    HPV संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। किशोरावस्था में HPV का टीका लगाए जाने से भविष्य में HPV संक्रमण तथा उससे होने वाली सर्वाइकल कैंसर संबंधी बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। यही कारण है कि कम उम्र में पात्र किशोरियों का टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय माना जाता है।

    डॉ. संदीप तिवारी, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने कहा “उत्तराखंड में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से विद्यालय स्तर पर जागरूकता एवं टीकाकरण गतिविधियों को गति दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग का यह संयुक्त प्रयास “सही जानकारी, सही समय पर टीकाकरण और स्वस्थ भविष्य” के संदेश के साथ उत्तराखंड की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

    उत्तराखंड में HPV टीकाकरण की प्रगति
    एचपीवी वैक्सीनेशन प्रोग्राम के जिला रैंकिंग डैशबोर्ड के अनुसार सितंबर माह 2026 तक उत्तराखंड में कुल 95,000 के निर्धारित अभियान लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 65,000 लाभार्थियों का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 69 प्रतिशत है। जनपदवार प्रगति में चमोली 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज कर प्रथम स्थान पर है, जबकि पिथौरागढ़ ने लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की है। ऊधम सिंह नगर जनपद में लगभग 86 प्रतिशत, लाभार्थियों का टीकाकरण किया गया है। साथ ही, राज्य के अन्य जनपदों में भी एचपीवी टीकाकरण ने गति पकड़ ली है। इस प्रकार राज्य में एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रगति दर्ज की जा रही है।

    यह प्रगति राज्य एवं जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा, फॉलोअप, सक्रिय ड्यू-लिस्टिंग तथा पात्र किशोरियों के मोबिलाइजेशन को दर्शाती है।
    प्रदेश स्तर पर 95,000 किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और विभाग द्वारा शेष पात्र किशोरियों तक पहुंचने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

    डॉ. अमित शुक्ला, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने कहा कि प्रदेश में HPV टीकाकरण की प्रगति को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। जनपदों द्वारा किए जा रहे प्रयासों, ड्यू-लिस्टिंग, मोबिलाइजेशन और फॉलोअप के माध्यम से शेष पात्र किशोरियों तक पहुंचने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य जनपदों में भी टीकाकरण ने गति पकड़ी है और निर्धारित लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    स्वास्थ्य विभाग की रणनीति—हर पात्र बालिका तक पहुंच, टीकाकरण और फॉलोअप
    HPV टीकाकरण को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जमीनी स्तर पर कई महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनमें आशा कार्यकर्ताओं द्वारा पात्र किशोरियों की ड्यू-लिस्ट तैयार एवं अद्यतन करना, टीकाकरण सत्रों का आयोजन, जनपद एवं विकासखंड स्तर पर दैनिक प्रगति की समीक्षा तथा छूटी हुई किशोरियों का फॉलोअप शामिल है।

    विभाग द्वारा टीकाकरण से वंचित किशोरियों को विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित किया जा रहा है, जैसे—टीकाकरण सत्र में उपस्थित न होना, परिवार अथवा किशोरी की हिचकिचाहट, संपर्क में न आना, प्रवास आदि। इससे प्रत्येक श्रेणी के अनुसार लक्षित कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।
    इसके साथ ही विद्यालयों, अभिभावकों, समुदाय के प्रतिनिधियों तथा RKSK काउंसलर्स के माध्यम से जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

    डॉ. ऋतु खेतान, सहायक निदेशक, टीकाकरण प्रभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने बताया कि HPV टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र किशोरियों की पहचान, ड्यू-लिस्टिंग, टीकाकरण सत्रों का आयोजन और छूटी हुई किशोरियों का फॉलोअप कार्यक्रम की प्रमुख रणनीतियां हैं। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा और डेटा आधारित मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी पात्र किशोरी टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि “हर किशोरी तक HPV टीकाकरण, स्वस्थ उत्तराखंड की ओर एक कदम।”

    सुरक्षित टीकाकरण पर विशेष जोर
    HPV टीकाकरण के दौरान सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए टीकाकरण स्थल पर निर्धारित व्यवस्थाओं, AEFI (Adverse Events Following Immunization) की तैयारी तथा संक्रमण रोकथाम संबंधी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    विभाग द्वारा टीकाकरण टीमों की क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण एवं सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि पात्र किशोरियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण टीकाकरण सेवा मिल सके।

    HPV KAVACH से डेटा के आधार पर लिए जा रहे निर्णय
    उत्तराखंड में HPV टीकाकरण कार्यक्रम की निगरानी को मजबूत करने के लिए HPV KAVACH—HPV Program SMART Dashboard विकसित किया जा रहा है। यह पहल उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली नवाचार एवं अच्छी कार्यप्रणाली के रूप में सामने आ रही है।
    HPV KAVACH के माध्यम से टीकाकरण की प्रगति, कवरेज, सत्रों तथा वैक्सीन स्टॉक की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। रियल-टाइम डेटा, विश्लेषणात्मक जानकारी और अलर्ट के माध्यम से कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों तथा वैक्सीन स्टॉक से संबंधित संभावित समस्याओं की समय पर पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

    यह डिजिटल पहल “Data to Action” की अवधारणा को मजबूत करते हुए नीति-निर्माताओं और कार्यक्रम प्रबंधकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    अभियान से नियमित टीकाकरण की ओर
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा HPV टीकाकरण को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित व्यवस्था के रूप में मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    अभियान चरण में वर्तमान पात्र समूह की सभी किशोरियों तक पहुंच बनाकर उनका टीकाकरण सुनिश्चित करना लक्ष्य है, जबकि नियमित चरण में प्रत्येक बालिका के 14 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही उसे समय पर टीका उपलब्ध कराने पर ध्यान रहेगा।
    इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र किशोरियों की पहचान—ड्यू-लिस्ट—मोबिलाइजेशन—टीकाकरण—फॉलोअप की पूरी प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा।

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए ड्यू-लिस्ट की नियमित समीक्षा, विकासखंडवार दैनिक विश्लेषण, टीकाकरण से वंचित किशोरियों की पहचान, वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता, नियमित रिपोर्टिंग और सामुदायिक सहभागिता को और मजबूत किया जा रहा है।
    विद्यालय स्तर पर जागरूकता एवं अभिभावकों की सहभागिता

    HPV टीकाकरण को जन-जन तक पहुंचाने और पात्र किशोरियों एवं उनके अभिभावकों में टीकाकरण के प्रति सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखंड सरकार द्वारा शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विद्यालय स्तर पर विशेष जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

    विद्यालयों में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के दौरान छात्र-छात्राओं को HPV, HPV संक्रमण से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम, सर्वाइकल कैंसर से बचाव में HPV टीकाकरण की भूमिका तथा टीकाकरण की पात्रता के संबंध में सरल एवं तथ्यात्मक जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही किशोरियों के अभिभावकों के साथ संवाद स्थापित कर HPV वैक्सीन को लेकर प्रचलित भ्रांतियों एवं आशंकाओं को दूर करने तथा तथ्यों के आधार पर टीकाकरण के महत्व को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा विद्यालयों के माध्यम से अभिभावकों तक यह संदेश भी पहुंचाया जा रहा है कि HPV टीकाकरण किशोरियों के भविष्य के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के इस समन्वित प्रयास से विद्यालय, स्वास्थ्यकर्मी, शिक्षक, किशोरियां और अभिभावक—सभी को अभियान से जोड़कर सामुदायिक सहभागिता को मजबूत किया जा रहा है।

    डॉ. पंकज सिंह, सहायक निदेशक, IEC एवं जागरूकता प्रभाग ने कहा कि HPV टीकाकरण की सफलता में सही एवं तथ्यात्मक जानकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर विद्यालयों में प्रार्थना सभा, अभिभावक संवाद तथा विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से HPV टीकाकरण से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाने और भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से किशोरियों एवं अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व को समझने और सही निर्णय लेने में सहयोग मिलेगा।

    Pink Day के माध्यम से HPV टीकाकरण का संदेश
    HPV टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में “Pink Day” जैसी विशेष जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। राज्य में प्रत्येक रविवार को पिंक डे के रूप में मनाया जा रहा है। Pink Day को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम एवं HPV टीकाकरण के प्रति जागरूकता का प्रतीकात्मक अवसर बनाते हुए छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को अभियान से जोड़ा जा रहा है।
    इस अवसर पर जागरूकता संवाद, जानकारी साझा करना, पोस्टर/संदेश प्रदर्शन तथा किशोरियों और अभिभावकों के साथ संवाद जैसी गतिविधियों के माध्यम से HPV टीकाकरण से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

    इस पहल का उद्देश्य HPV टीकाकरण को लेकर झिझक, गलत धारणाओं और मिथकों को दूर करना तथा अभिभावकों को अपनी पात्र बेटियों के टीकाकरण के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित करना है।

    प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि उत्तराखंड की प्रत्येक पात्र किशोरी तक HPV टीकाकरण की सुविधा पहुंचे और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के बोझ को कम करने की दिशा में ठोस आधार तैयार हो।
    “हर बालिका तक पहुंच—हर पात्र बालिका का टीकाकरण—सुरक्षित भविष्य की ओर उत्तराखंड।”

  • उत्तराखण्ड भाजपा के संगठन महामंत्री बने फणीन्द्र नाथ शर्मा

    उत्तराखण्ड भाजपा के संगठन महामंत्री बने फणीन्द्र नाथ शर्मा

    अजेय कुमार और दुष्यंत गौतम की छुट्टी के बाद नई टीम मैदान में

    देहरादून। प्रदेश प्रभारी व दो सह प्रभारी की नियुक्ति के बाद भाजपा ने लम्बे समय से खाली चल रहे प्रदेश महामंत्री संगठन की कुर्सी फणीन्द्र नाथ शर्मा को सौंप दी।

    गौरतलब है कि अंकिता भंडारी मामले से चर्चा में आये संगठन महामंत्री अजेय कुमार का राजस्थान तबादला कर दिया गया था।
    इसके बाद 23 सितंबर को प्रभारी दुष्यंत गौतम की छुट्टी करते हुए राम माधव को नया प्रदेश प्रभारी बनाया गया।

    संगठन से जुड़े अहम पदों पर नियुक्ति करते हुए भाजपा ने चुनावी तैयारियों को एक कदम आगे बढ़ा दिया है।

    सीएम धामी व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने फणीन्द्र नाथ शर्मा को उत्तराखंड भाजपा का नया प्रदेश महामंत्री संगठन नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    उन्होंने पार्टी शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फणीन्द्र नाथ शर्मा की संगठनात्मक कार्यशैली, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और बूथ सशक्तीकरण का वृहद एवं कुशल अनुभव प्रदेश संगठन को मिलेगा।
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    भट्ट ने कहा कि असम, त्रिपुरा और हरियाणा में संगठन महामंत्री एवं अन्य दायित्वों के रूप में उनके द्वारा किए गए कार्य और माइक्रो-बूथ प्रबंधन का लाभ आगामी चुनावों की जीत में निश्चित रूप से मिलेगा। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में भाजपा संगठन और अधिक सशक्त, जीवंत एवं ऊर्जावान होकर उभरेगा।

    प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि नए प्रदेश संगठन महामंत्री के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड में संगठन की नींव बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत होगी तथा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में नई ऊर्जा के साथ कार्य किया जाएगा।

  • खटीमा गौशाला में हजारों गायों  को मिलेगी छत

    खटीमा गौशाला में हजारों गायों को मिलेगी छत

    7.23 करोड़ की गौशाला का लोकार्पण

    108.84 करोड़ की 15 योजनाओं का शिलान्यास

    धामी ने हल्दीघेरा गौशाला के विस्तार की घोषणा की, 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को आश्रय का दावा

    खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्दीघेरा में 7.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गौशाला का लोकार्पण किया।
    इस दौरान उन्होंने 108.84 करोड़ रुपये की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें 34.44 करोड़ रुपये की लागत से राज्य मार्ग-70 पर सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग तक 13.60 किलोमीटर मार्ग के उच्चीकरण की योजना प्रमुख है।

    मुख्यमंत्री ने गौशाला के भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे अधिक संख्या में निराश्रित गोवंश को सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय मिल सकेगा। सड़कों पर विचरण करने वाले गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिलने से उनकी बेहतर देखभाल के साथ किसानों और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। इससे गोवंश के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।

    उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गोवंश का विशेष स्थान है। उत्तराखंड में भी गौ संरक्षण और सेवा की परंपरा रही है। राज्य सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश में गौ सदनों के माध्यम से 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम्य गौ सेवक योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। शहरी विकास और पंचायती राज विभाग के सहयोग से प्रदेश में 63 स्थानों पर गौशाला निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की गई है। गोवंश को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। बद्री गाय के शुद्ध घी और दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष ग्रोथ सेंटर स्थापित किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ पशुधन संवर्धन की दिशा में भी काम किया जा रहा है। राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के साथ सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा कि खटीमा समेत पूरे ऊधमसिंह नगर जिले में सड़क, पुल, शिक्षा, बाढ़ सुरक्षा और अन्य अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। विकास योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।

  • पर्वतारोहियों के जज्बे को सीएम ने बताया प्रेरणास्रोत

    पर्वतारोहियों के जज्बे को सीएम ने बताया प्रेरणास्रोत

    मुख्यमंत्री ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के सफल पर्वतारोहण अभियानों का किया फ्लैग-इन

    माउंट एकांकागुआ के साथ नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन चोटियों पर सफल आरोहण करने वाले दलों को दी बधाई

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), उत्तरकाशी द्वारा संचालित चार सफल पर्वतारोहण अभियानों का फ्लैग-इन किया। इनमें जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (JIM&WS), पहलगाम के साथ संयुक्त रूप से संचालित माउंट एकांकागुआ अभियान भी शामिल था।

    मुख्यमंत्री ने सभी पर्वतारोहियों को सफल अभियानों के लिए बधाई देते हुए चुनौतीपूर्ण उच्च पर्वतीय परिस्थितियों में उनके साहस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों की ये उपलब्धियां उत्तराखण्ड के साथ ही देश के युवाओं को साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करेंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने पर्वतारोहण, साहसिक खेलों, युवा विकास और उच्च हिमालयी प्रशिक्षण के क्षेत्र में देश और प्रदेश में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। संस्थान द्वारा युवाओं को पर्वतारोहण एवं साहसिक गतिविधियों के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनमें साहस, नेतृत्व, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता भी विकसित की जा रही है।

    माउंट एकांकागुआ (6,961 मीटर), अर्जेंटीना के लिए NIM और JIM&WS के संयुक्त अभियान का नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। छह सदस्यीय अभियान दल ने 22 फरवरी 2026 को माउंट एकांकागुआ के शिखर पर सफल आरोहण किया। इस संयुक्त अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक से फ्लैग ऑफ किया था।

    नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के नुन-कुन अभियान-2026 का नेतृत्व संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित ने किया। अभियान दल ने 15 अगस्त 2026 को माउंट कुन की 7,077 मीटर ऊंची चोटी पर सफल आरोहण किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हासिल की गई यह उपलब्धि अभियान दल के लिए विशेष रही। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए दल ने 26 अगस्त 2026 को माउंट डेल्टा-41 की 5,908 मीटर ऊंची चोटी तथा 31 अगस्त 2026 को माउंट नुन की 7,135 मीटर ऊंची चोटी पर भी सफल आरोहण किया। इस प्रकार अभियान दल ने एक ही अभियान के दौरान नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन चोटियों पर सफल आरोहण की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।

    मुख्यमंत्री ने सभी अभियान सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं प्रदान करती हैं। पर्वतारोहियों की ऐसी उपलब्धियां युवाओं को साहसिक खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखण्ड की पहचान को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करती हैं।

    इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अमित कुमार सिन्हा, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित, जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स, पहलगाम के प्रधानाचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन . संतोष कुमार सहित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के अधिकारी एवं विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों के सदस्य उपस्थित थे।

  • पर्यावरण जागरूकता पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित

    पर्यावरण जागरूकता पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित

    नरेंद्रनगर। राजकीय महाविद्यालय खाड़ी, टिहरी गढ़वाल में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत “स्वच्छता ही सेवा” पखवाड़े के तहत आज दिनांक 24 सितंबर 2026 को पर्यावरण जागरूकता (Environmental Awareness) विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं प्रकृति के प्रति अपनी जागरूकता को रचनात्मक माध्यम से प्रस्तुत किया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता तथा अपने आसपास के प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।

    इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ए. के. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “स्वच्छ पर्यावरण केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए ही आवश्यक नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की भी आधारशिला है। पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षणगण एवं समस्त संबंधित सदस्य उपस्थित रहे। डॉ. संगीता बिजल्वाण जोशी, कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. मीनाक्षी एवं श्रीमती मीना सहित अन्य शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

    पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छता, प्लास्टिक प्रदूषण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और मजबूत किया।