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  • सुरक्षा व्यवस्था और पुष्प सज्जा से जुड़े कर्मियों को भी किया गया भुगतान

    सुरक्षा व्यवस्था और पुष्प सज्जा से जुड़े कर्मियों को भी किया गया भुगतान

    अतिथि सत्कार के लिए 6 लाख एडवांस और
    आठ गेस्ट हाउस में टिकाया

    केदारनाथ के वीआईपी भुगतान पर बीकेटीसी की जांच रिपोर्ट पर मची रार

    देहरादून/केदारनाथ। बदरीनाथ धाम के दान चोरी के साथ केदारनाथ में वीआईपी अतिथियों के सत्कार के खर्चे का मुद्दा हर दिन नया मोड़ ले रहा है।
    मई 2025 में केदारनाथ में आये भाजपा के वीआईपी के अलावा सुरक्षाकर्मियों व  फूलों की साज सज्जा वालों का खर्चा पानी भी बदरी-केदार मंदिर समिति ने उठाया। कुल आठ गेस्ट हाउस में सभी के ठहरने की व्यवस्था की गई।
    हालांकि, भाजपा मंत्री गणेश जोशी की पुत्री नेहा जोशी ने स्वंय भुगतान की बात कही। लेकिन अपने तर्क के समर्थन में बिल भुगतान की कोई रसीद पेश नहीं कर पाई। यही स्थिति केदारनाथ से भाजपा विधायक आशा नौटियाल की बताई जा रही है।
    अगर वीआईपी अतिथियों ने स्वंय भी भुगतान किया है तो उसकी डुप्लीकेट/कार्बन रसीद सम्बंधित गेस्ट हाउस के दस्तावेजों में होगी। जांच कमेटी ने यह ब्यौरा भी सार्वजनिक नहीं किया।
    जांच कमेटी ने तत्कालीन सीईओ विजय थपलियाल, अनिल ध्यानी व प्रभारी अरविंद शुक्ला को संदेह के दायरे में रखा है। जबकि इनका तर्क है कि 2 मई 2025 में बोर्ड का गठन नहीं हुआ था। लिहाजा, प्रदत्त अधिकारों के तहत अतिथि सत्कार के लिए 6 लाख अग्रिम धनराशि ली गयी थी।
    कुल 8 गेस्ट हाउसों में अतिथियों और कर्मचारियों को ठहराया गया। और
    कुल भुगतान  ₹6,55,840 किया गया।
    हालांकि,  2 मई कपाट खुलने के दौरान बीकेटीसी का अध्यक्ष पद खाली था। और सीईओ विजय थपलियाल के ही हस्ताक्षर व निर्देश के तहत काम हो रहे थे। इसी बीच,इन खर्चों के लिए 6 लाख अग्रिम भुगतान लिया गया।

    दो महीने पूर्व आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश नेगी ने दस्तावेज सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया कि बीकेटीसी ने दान के पैसे से वीआईपी का खर्च उठाया। इनमें भाजपा विधायक आशा नौटियाल व कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की पुत्री नेहा जोशी का नाम प्रमुखता से सामने आया।
    इस बीच,बीकेटीसी की जांच समिति ने तीन अधिकारियों को वित्तीय गड़बड़ी का दोषी पाया। उधर, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्वेदी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को जाएगी । जबकि तत्कालीन सीईओ विजय थपलियाल का कहना है कि जांच कमेटी ने उन लोगों का पक्ष ही नहीं लिया। उन्होंने कहा कि, नियमों के तहत ही कार्य किये गए।
    यह भी चर्चा है कि जांच समिति ने सम्बंधित वीआईपी से निजी भुगतान के बाबत ही कोई ठोस जानकारी नहीं ली।

    बहरहाल, इस मुद्दे पर विस्तृत जांच होनी अभी बाकी है। फिलहाल, वीआईपी श्रद्धालुओं के खर्चे पानी को लेकर बीकेटीसी के अंदर खिंची तलवारें भाजपा के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। विपक्षी दल व अन्य संगठन भी हमलावर रुख अपनाए हुए हैं।

    देखें,वीआईपी व अन्य की सूची

    बहरहाल,केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय (2 मई 2025) बीकेटीसी ने कई वीआईपी व सरकारी कर्मियों को विभिन्न गेस्ट हाउस में ठहराया।
    केदारनाथ धाम यात्रा 2025 के दौरान वीआईपी, अति विशिष्ट अतिथियों, समिति पदाधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पीआरडी जवानों तथा कुछ मीडिया प्रतिनिधियों के ठहरने के लिए विभिन्न गेस्ट हाउसों में कमरे किराये पर लिए गए।
    इन आवासों के भुगतान के लिए पहले 6 लाख रुपये की अग्रिम स्वीकृति मांगी गई और बाद में 30 सितंबर 2025 को कुल 6,55,840 रुपये के बिल का भुगतान किया गया।

    केदारनाथ धाम यात्रा 2025 के दौरान विशिष्ट एवं अति विशिष्ट अतिथियों के आवास पर हुए खर्च से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं।

    17 जून 2025 को मुख्य कार्याधिकारी अनिल ध्यानी द्वारा जारी पत्र में बताया गया कि 30 अप्रैल से 15 जून 2025 तक विभिन्न अतिथियों तथा पीआरडी जवानों के आवास का भुगतान लंबित था।
    इसी कारण व्यवस्था प्रभारी अरविंद शुक्ला को 6 लाख रुपये अग्रिम देने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि लंबित बिलों का भुगतान और आगे की व्यवस्था की जा सके।
    बाद में 30 सितंबर 2025 को तैयार बिल के अनुसार अतिथि सत्कार मद से कुल 6,55,840 रुपये का भुगतान किया गया।
    दस्तावेजों में इस मद के लिए 15 लाख रुपये का बजट दर्शाया गया है, जिसमें भुगतान के बाद 7,16,850 रुपये शेष बताए गए हैं।

    किन-किन गेस्ट हाउसों में ठहराए गए अतिथि
    व कुल व्यय

    गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन)

    ₹90,940

    पंजाब सिंध आवास
    ₹83,400

    गायत्री भवन
    ₹60,000

    अलीगढ़ भवन
    ₹48,000

    राजस्थान भवन
    ₹30,500

    बीकानेर हाउस
    ₹79,000

    पिंक सिटी भवन
    ₹1,54,000

    न्यू आगरा हाउस
    ₹1,10,000

    कुल व्यय : ₹6,55,840

    दस्तावेजों में दर्ज प्रमुख अतिथि

    रविशंकर (सचिव)

    संतोष भट्ट एवं आनंद बडोनी (उत्तराखंड राजभवन)

    CEO, BKTC
    प्रशांत सिंह
    प्रतीक प्रशांत
    विजय कपरवान (उपाध्यक्ष, BKTC)
    प्रतीक कौशिक
    आशा नौटियाल (विधायिका, केदारनाथ)
    भारत भूषण भट्ट (जिलाध्यक्ष, भाजपा)
    मण्डोली (सतपाल महाराज के साथ)
    नेहा जोशी
    पंकज मोदी (द्वारा मुख्य सचिव, पंजाब सरकार कार्यालय से संबद्ध)
    हरीश गौड़
    मनोज
    राकेश
    प्रकाश एवं निरंजन (RSS)
    हरीश चन्द्र (सचिव, धर्मस्व)
    अनिल ध्यानी
    मधु भट्ट (पूर्व सदस्य, BKTC)
    आदि।

    सज्जा एवं फूल व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी

    वर्षा थरटे

    कर्मचारियों एवं सुरक्षा बलों के लिए व्यवस्था
    दस्तावेजों के अनुसार केवल वीआईपी ही नहीं बल्कि कर्मचारियों के लिए भी आवास की व्यवस्था की गई।

    पीआरडी के जवान – पिंक सिटी भवन में 16 दिनों तक आवास, व्यय ₹1,54,000।

    एसटीएफ (पुलिस जवान) – न्यू आगरा हाउस में 11 दिनों का आवास, व्यय ₹1,10,000।

    फूल-सज्जा से जुड़े कर्मचारियों के लिए अलीगढ़ भवन में तीन दिन की व्यवस्था, व्यय ₹48,000।

    महत्वपूर्ण तथ्य-

    कपाट खुलने से पहले ही अतिथियों के ठहरने की तैयारी शुरू कर दी गई थी।
    17 जून 2025 को 6 लाख रुपये अग्रिम स्वीकृत करने का प्रस्ताव रखा गया।
    30 सितंबर 2025 को सभी बिलों का  भुगतान किया गया।

    दस्तावेजों के अनुसार कुल 8 गेस्ट हाउसों में अतिथियों और कर्मचारियों को ठहराया गया।

    कुल भुगतान : ₹6,55,840

    जांच के बाद का आदेश 25 जून 2026

    बीकेटीसी की अग्रिम भुगतान कार्यवाही

  • 20 वर्षों के इंतजार के बाद एलटी शिक्षकों को मिला वरिष्ठता का अधिकार

    20 वर्षों के इंतजार के बाद एलटी शिक्षकों को मिला वरिष्ठता का अधिकार

    1994 बैच के एलटी शिक्षकों को 20 वर्ष बाद वरिष्ठता का अधिकार

    विभाग ने जारी किए अंतिम सूची के निर्देश

    उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित वरिष्ठता विवाद के मामले में बड़ा निर्णय सामने आया है। आयोग से वर्ष 1994 में चयनित सहायक अध्यापक (एलटी) शिक्षकों को आखिरकार उनके अधिकार के अनुरूप वरिष्ठता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।
    मामले में वरिष्ठ शिक्षक रूप चंद्र लखेड़ा द्वारा दायर अवमानना याचिका पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने शासन के दिनांक 25 जनवरी 2024 के आदेश के अनुपालन में 09 जुलाई 2026 को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक, गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल को वर्ष 1992 से 1996 तक के एलटी शिक्षकों की अंतिम वरिष्ठता सूची तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।
    यह पूरा मामला उस समय और जटिल हो गया था जब पूर्व में सीटी (CT) संवर्ग के शिक्षकों को 2005में नियमों के विपरीत मात्र 5 वर्ष की सेवा पर सहायक अध्यापक एलटी में समायोजन के फलस्वरूप वरिष्ठता का लाभ भी दे दिया गया था, जबकि नियमानुसार यह अवधि 10 वर्ष होनी चाहिए थी। इस निर्णय के कारण आयोग से चयनित एलटी शिक्षकों की वरिष्ठता गंभीर रूप से प्रभावित हुई और वे वर्षों तक पदोन्नति से वंचित रहे।
    इस अन्याय के विरुद्ध वरिष्ठ शिक्षक रूपचंद्र लखेड़ा द्वारा दायर अवमानना याचिका के बाद विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी। न्यायालय और ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि—
    👉 सीटी संवर्ग के शिक्षकों को अब नियुक्ति तिथि से 10 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही एलटी में वरिष्ठता का लाभ मिलेगा।
    👉 इसके परिणामस्वरूप आयोग से चयनित सहायक अध्यापक एलटी को उनकी पूर्व की भांति विशेष वरीयता (जैसे वर्ष 2001 में दी गई थी) प्रदान की जाएगी।
    इस निर्णय को शिक्षा विभाग में ऐतिहासिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया का रास्ता भी साफ हो गया है।
    ज्ञात हो कि इस प्रकरण में 07 जुलाई 2026 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा तदर्थ शिक्षकों से संबंधित वाद का अंतिम निस्तारण भी किया जा चुका है,
    शिक्षक समुदाय के एक बड़े वर्ग ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है। वहीं, इससे आने वाले समय में शिक्षा विभाग में पदोन्नति और प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • सर्वाधिक कार्यकाल के गौरव पर मुख्यमंत्री को पूर्व विधायकों ने दी शुभकामनाएँ

    सर्वाधिक कार्यकाल के गौरव पर मुख्यमंत्री को पूर्व विधायकों ने दी शुभकामनाएँ

    मुख्यमंत्री से पूर्व विधायकों ने की शिष्टाचार भेंट

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को विभिन्न दलों के पूर्व विधायकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री धामी को उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक के रूप में सर्वाधिक कार्यकाल पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    पूर्व विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य ने विकास, सुशासन तथा जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के समग्र विकास एवं आमजन के हितों को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनका व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन राज्य के विकास की दिशा में सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा उत्तराखण्ड को विकास के नए आयामों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने राज्य के समग्र विकास, जनकल्याण एवं सुशासन के क्षेत्र में बीते वर्षों में हुई प्रमुख उपलब्धियों के लिए भी मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी नेतृत्व की सराहना की।

    मुख्यमंत्री से पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, दिनेश अग्रवाल, देशराज कर्णवाल, लाखीराम जोशी, पुष्पेश त्रिपाठी, धन सिंह नेगी, केदार सिंह रावत, राजकुमार, श्रीमती विजया बड़थ्वाल, सुरेश चंद्र आर्य व जोत सिंह गुनसोला ने भेंट की।

  • जनता के द्वार पहुंच समस्याओं का समाधान कर रही सरकार: सीएम

    जनता के द्वार पहुंच समस्याओं का समाधान कर रही सरकार: सीएम

    ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान से शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वास : मुख्यमंत्री

    एक हजार से अधिक लोगों ने कराया पंजीकरण

    विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला

    सहसपुर में सेवा, सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के तहत आयोजित हुआ जनसेवा शिविर

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल, सहसपुर में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जनसेवा शिविर में प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाना है। सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सुशासन का वास्तविक अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान ने शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान लगभग 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। देहरादून जनपद में आयोजित 46 शिविरों में 60 हजार से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा लगभग 39 हजार लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया गया।

    उन्होंने कहा कि ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़े के तहत प्रदेशभर में जनसेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। 4 जुलाई से प्रारंभ हुए सेवा पखवाड़े में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया है। इस दौरान प्राप्त 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का समाधान सुनिश्चित किया गया है तथा 2,522 नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं सेवाओं से लाभान्वित किए जाने की प्रक्रिया संचालित की गई है।

    मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित शिविर में 01 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस अवसर पर पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण-पत्र एवं अन्य सहायता वितरित की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजन को योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा” का विजन आज तेजी से साकार हो रहा है। राज्य में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश एवं हवाई संपर्क सहित प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे ऐतिहासिक आयोजनों का सफल आयोजन हुआ। राज्य की अर्थव्यवस्था निरंतर सुदृढ़ हो रही है तथा निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड नई पहचान बना रहा है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा तथा कृषि के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्ड’ के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा प्रत्येक नागरिक तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही दिए जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

    सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन, सम्पर्ण ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ना सिर्फ जन समस्याओं को सुना बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को जन समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
    कारबारी ग्रांट निवासी सुमन बासकंडी ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में साईलोक कारबारी ग्रांट में 30 सोलर लाइट लगाने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को 2 माह के भीतर सोलर लाइट लगाने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री को जूट बैग बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के लिए मांगपत्र सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आज ही सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी तरह सेलाकुईं नगर पंचायत के सभासद अनिल नौटियाल ने आंतरिक मार्ग, नालियां, जल निकासी व्यवस्था, इंटरलॉकिंग सीसी मार्ग सहित अन्य विकास कार्यों की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने शहरी विकास निदेशालय को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गोकुल फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की मांग पर मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह नंदन संह कंडारी ने भाऊवाला पुल किनारे श्मशान घाट निर्माण की मांग उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीएम को दो माह में श्मशान निर्माण के निर्देश दिए। यशपाल सिंह नेगी ने अटकफार्म और सेंट्रल होपटाउन में बंदोबस्त कार्य पूरा न होने के कारण, पेश आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग की, मुख्यमंत्री ने सचिव राजस्व को इस समस्या का 15 दिन में समाधान करने के निर्देश दिए। शिविर में शांति विहार सुधार एवं विकास समिति ने भगवानपुर बहुगुणा मार्ग में डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम पर पार्क और ओपन जिम निर्माण की मांग की, मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को कार्रवाई को कहा है। इसी तरह उन्होंने ग्राम बडोवाला में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग पर भी स्वास्थ्य विभाग को एक माह में जरूरी कार्रवाई के लिए कहा।

    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुण्डीर, दायित्वधारी विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल, भाजपा के जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • SIR द्वितीय चरण: ERO-AERO के विशेष सुनवाई कैंप शुरू होंगे

    SIR द्वितीय चरण: ERO-AERO के विशेष सुनवाई कैंप शुरू होंगे

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर SIR पर की समीक्षा

    दावे-आपत्तियों के निस्तारण में मानसून के चलते मतदाता को न हो परेशानी- सीईओ

    देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को कुमांऊ गढ़वाल के मंडल आयुक्तों सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) की समीक्षा की। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि SIR के अगले चरण ड्राफ्ट पब्लिकेशन, नोटिस फेज और दावे आपत्तियों के निस्तारण के समय मतदाताओं को किसी प्रकार अनावश्यक परेशानी ना हो। उन्होंने निर्देश दिए कि पहाड़ी जनपदों में मानसून के दौरान सड़क अवरुद्ध या आवाजाही प्रभावित होने के दृष्टिगत पहले से ही नोटिस के जवाव और दावे आपत्तियों की सुनवाई के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। जिन स्थानों पर ईआरओ/एईआरओ मतदाताओं के नोटिस पर सुनावाई करेंगे उन स्थानों पर बिजली, पानी, इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्केनर और फोटो कॉपी मशीन का उचित प्रबंध किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पहाड़ी क्षेत्रों में दावे आपत्तियों के निस्तारण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर कल्सटर में कैम्प लगाने हेतु रोस्टर तैयार किया जाए। मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अतरिक्त नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड लेवल पर कैंप का रोस्टर तैयार किया जाए।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ईआरओ और एईआरओ की सहायता हेतु डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के लिए शिक्षा, राजस्व, तहसील सहित सम्बंधित विभागों से नोडल अधिकारी नामित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 70 ईआरओ के साथ ही 800 एईआरओ की भी तैनाती की गई है, उन्होंने जनपदों को निर्देश दिए कि जहां एईआरओ की सख्या और बढ़ाई जानी है उसके प्रस्ताव शनिवार तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करा दिए जाएं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोनों मंडल में मंडलायुक्त 14 जुलाई से जनपदों की फील्ड विजिट कर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी डीईओ / ईआरओ को निर्देश दिए कि ड्राफ्ट पब्लिकेशन के दृष्टिगत समय पर जनपद एवं विधानसभा स्तर पर राजनैतिक दलों के साथ बैठक कर राजनैतिक दलों को ड्राफ्ट मतदाता सूची सौंपी जाए।

    बैठक में कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरुप, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

  • भाजपा का मिशन 2027: चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए संयोजक नियुक्त

    भाजपा का मिशन 2027: चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए संयोजक नियुक्त

    देहरादून। विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने 18 विभागों में संयोजक और सह संयोजक की सूची जारी कर दी है।
    प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर यह नियुक्ति की गयी है।

  • TTF कोलकाता में उत्तराखंड पर्यटन की शानदार दस्तक

    TTF कोलकाता में उत्तराखंड पर्यटन की शानदार दस्तक

    सतपाल महाराज ने किया राज्य पवेलियन का उद्घाटन

    29 पर्यटन हितधारकों के साथ बी-टू-बी बैठकों के जरिए निवेश और पर्यटन कारोबार बढ़ाने पर जोर

    कोलकाता/देहरादून। पूर्वी भारत के सबसे बड़े पर्यटन व्यापार मंच ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF) कोलकाता में उत्तराखंड ने अपनी पर्यटन संभावनाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

    तीन दिवसीय आयोजन के पहले दिन पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड पर्यटन पवेलियन का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य को साहसिक, आध्यात्मिक और विशेष (नीश) पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की सरकार की रणनीति को उद्योग जगत के सामने रखा।

    सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक विरासत और एडवेंचर पर्यटन के अनूठे संगम के कारण देश-दुनिया के पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन और आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन जैसे आयोजनों के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों और गांवों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई जा रही है।

    वहीं नई बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति और पर्यटक गाइड पोर्टल जैसी पहलें राज्य के पर्यटन उद्योग को नई मजबूती प्रदान कर रही हैं।

    उन्होंने कहा कि TTF कोलकाता जैसा मंच पूर्वी भारत के ट्रैवल ट्रेड, टूर ऑपरेटरों और निवेशकों के साथ सीधे संवाद का अवसर देता है। इससे उत्तराखंड में पर्यटन कारोबार, निवेश और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    इस वर्ष उत्तराखंड से 29 पर्यटन हितधारकों ने मेले में भाग लिया है। इनमें होटल व्यवसायी, टूर ऑपरेटर, होमस्टे संचालक और अन्य पर्यटन सेवा प्रदाता शामिल हैं। बी-टू-बी बैठकों के माध्यम से उन्हें देश-विदेश के प्रमुख ट्रैवल ट्रेड बायर्स से नए व्यावसायिक संबंध स्थापित करने का अवसर मिलेगा।

    उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के उप निदेशक प्रकाश सिंह खत्री, विभागीय अधिकारी, पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधि तथा पश्चिम बंगाल पर्यटन सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

    10 से 12 जुलाई तक चलने वाले इस आयोजन में उत्तराखंड पवेलियन के माध्यम से राज्य के धार्मिक, साहसिक, इको, वेलनेस और ग्रामीण पर्यटन की विविध संभावनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नए बाजार, निवेश और व्यावसायिक साझेदार मिलने की उम्मीद है।

  • धामी कैबिनेट की अहम फैसलों पर मुहर

    धामी कैबिनेट की अहम फैसलों पर मुहर

    उच्च शिक्षा, पर्यटन, शिक्षा, वित्त, रोजगार, वन संरक्षण एवं प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आहूत राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, शिक्षा, पर्यटन, वित्तीय प्रशासन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण तथा सुशासन को गति देने वाले अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।

    फैसलों की जानकारी सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मीडिया को दी।।

    पिथौरागढ़ में सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के विस्तार के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी
    एआईसीटीई मानकों के अनुरूप पिथौरागढ़ के मढ़धुरा स्थित निर्माणाधीन नन्हीं परी सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के समुचित विकास के लिए कुल 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया गया। इससे शैक्षणिक भवन, छात्रावास, फैकल्टी आवास, खेल परिसर, ऑडिटोरियम तथा आधुनिक प्रयोगशालाओं सहित विश्वस्तरीय शैक्षणिक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।

    पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता, उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी

    राज्य में साहसिक पर्यटन को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से “उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026” के प्रख्यापन को स्वीकृति दी गई। नई नियमावली में सुरक्षा मानकों को प्रभावी बनाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं।

    श्रीनगर में अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से मिलेगा गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन

    पीएम पोषण योजना के अंतर्गत श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) स्थित केंद्रीकृत किचन से अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा चयनित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की गई।

    राज्य भण्डारण निगम के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ

    उत्तराखण्ड राज्य भण्डारण निगम के नियमित 68 कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा तथा व्यय निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा।

    कुंभ मेला-2027 की पारदर्शी लेखा परीक्षा के लिए दो पदों का सृजन

    हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की समवर्ती लेखा परीक्षा को प्रभावी बनाने हेतु एक तकनीकी विशेषज्ञ तथा एक वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी सहित कुल दो पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई।

    उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी
    उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में पदोन्नति संबंधी उत्पन्न विसंगतियों को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।

    वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ होगा और अधिक सशक्त

    राज्य में वित्तीय अनुश्रवण एवं लेखा परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ की संरचना को अद्यतन करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत पदों के उच्चीकरण, भर्ती स्रोत में परिवर्तन तथा दो नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।

    विदेशों में रोजगार के अवसरों से जुड़ेंगे उत्तराखण्ड के युवा

    कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत सहसपुर स्किल हब में स्थापित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के सफल संचालन हेतु सात पदों वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन को मंजूरी दी गई। इससे युवाओं को विदेशों में उपलब्ध रोजगार अवसरों, प्रशिक्षण एवं नियोजन से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

    बापूग्राम आरक्षित वन प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन पर कैबिनेट का मार्गदर्शन
    ऋषिकेश स्थित बापूग्राम आरक्षित वन से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन एवं भावी कार्यवाही के संबंध में कैबिनेट ने आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

    अरेबिया मदरसों की अनुदान योजना का बजट मद वित्तीय वर्ष 2027-28 से समाप्त

    राज्य में लागू नई अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2027-28 से “अरेबिया मदरसों को अनुदान” संबंधी बजट मानक मद को समाप्त (विलोपित) किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की। नई व्यवस्था के तहत केवल उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त संस्थान ही संचालित होंगे।
    कैबिनेट के इन निर्णयों से राज्य में उच्च शिक्षा, पर्यटन, स्कूली शिक्षा, वित्तीय सुशासन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण तथा प्रशासनिक व्यवस्था को नई गति मिलने के साथ विकास एवं जनकल्याण के प्रयास और अधिक प्रभावी होंगे।

  • उद्योग समूहों के सहयोग से गति पकड़ेगी उत्तराखंड की विकास यात्रा : मुख्यमंत्री

    उद्योग समूहों के सहयोग से गति पकड़ेगी उत्तराखंड की विकास यात्रा : मुख्यमंत्री

    बड़े औद्योगिक घरानों के साथ हुआ MOU

    ‘उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने ‘उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में  उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से प्रदेश की विकास यात्रा में सहयोग करने की अपील की है।
    मुख्यमंत्री ने कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों, विभिन्न केंद्रीय उपक्रमों के अधिकारियों, सीएसआर पार्टनर्स, उद्योग एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे धर्म ग्रंथों में भी लिखा गया है कि तीर्थ स्थलों पर किए गए दान पुण्य का विशेष महत्व है।

    इसलिए कॉरपोरेट समूहों द्वारा देवभूमि उत्तराखंड में, सीएसआर के तौर पर दिए गए योगदान का महत्व भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में जन्म लेना का अवसर तो ईश्वर देता है, लेकिन हर कोई देवभूमि में कर्म कर अपना योगदान दे सकता है। इसलिए सभी लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत से समूह सीएसआर के तहत शानदार काम कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में स्थापित अन्य समूहों से भी अपना सीएसआर उत्तराखंड में ही खर्च करने की अपील की।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये कार्यक्रम कोई औपचारिक बैठक नहीं बल्कि देवभूमि उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक साझा संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कौशल विकास, सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए किए गए हैं। साथ ही देश के प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट समूहों ने उत्तराखंड के लिए कई नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा भी की है।

    उत्तराखंड की विकास संबंधित चुनौतियां भिन्न

    इस मौके मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की अपनी विशिष्ट परिस्थितियाँ हैं, उत्तराखंड एक पर्वतीय और सीमांत प्रदेश है। यहां की पारिस्थितिकी अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए इस राज्य की विकास संबंधी चुनौतियाँ भी अन्य राज्यों से भिन्न हैं। यहां ज्यादा संसाधन और मेहनत खर्च करनी पड़ती है। इसलिए हमारे लिए “समग्र विकास” का अर्थ केवल सड़कें, भवन और आधारभूत संरचनाएँ खड़ी करना ही नहीं है बल्कि रोजगार सृजन, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच समन्वय स्थापित करना है। इसलिए राज्य को ऐसा विकास चाहिए जो पहाड़ों की संवेदनशीलता का सम्मान करे, साथ ही जंगलों और नदियों को भी सुरक्षित रखने के साथ ही युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति में कॉरपोरेट जगत का अनुभव, संस्थागत क्षमता, आधुनिक प्रबंधन शैली और सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    औद्योगिक विकास को समर्पित सरकार

    मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में वर्ष 2023 में ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन किया, जिसमें राज्य को 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।

    इसमें से अब तक 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने व्यापार को सुगम बनाने के लिए लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान करते हुए जहां एक ओर सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था लागू की है। वहीं औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और MSME नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लाकर उद्योगों को एक बेहतरीन और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने का काम किया है।

    इसके साथ ही राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना और 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इन्हीं प्रयासों से नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। इसके साथ-साथ, उत्तराखंड को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में ‘एचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ की श्रेणी प्राप्त हुई है।

    पारदर्शी नीतियों का लाभ मिला उद्योगों को

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी राज्य में अच्छा औद्योगिक माहौल तब तक नहीं बन सकता जब तक कि शासन में पारदर्शिता न हो। इसीलिए, प्रदेश सरकार ने प्रदेश के इतिहास में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बीते वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की है।

    राज्य सरकार की पारदर्शिता का सीधा लाभ उद्यमियों को मिल रहा है। उन्हें अब योजनाओं की स्वीकृति, जमीन आवंटन, औद्योगिक लाइसेंस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किसी भी अनावश्यक बाधा या भ्रष्टाचार का सामना नहीं करना पड़ता है।

    मुख्यमंत्री ने उद्यमी को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश के अग्रणी “इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट” के रूप में स्थापित करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि कॉर्पोरेट कुशलता और प्रदेश सरकार की पारदर्शी नीतियां मिलकर एक ऐसी ‘सस्टेनेबल इकोनॉमी’ का निर्माण करेंगी, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगी।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव  आर.के सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार, अपर सचिव  मनमोहन मैनाली शामिल हुए।

    इनके साथ हुआ एमओयू

    किया, हुंडई, लर्नेंट – इंफोशिस फाउंडेशन, ओएनजीसी, आईटीसी, महेंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड, आदित्य बिरला कैपिटल, फिनोलेक्स, पैनोसोनिक।

  • रानीबाग-भीमताल रोप-वे को जल्द मिले रफ्तार

    रानीबाग-भीमताल रोप-वे को जल्द मिले रफ्तार

    देहरादून।  सीएम धामी से गुरूवार को आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष भावना मेहरा ने मुलाकात की।
    उन्होंने रानीबाग-भीमताल रोप-वे परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन से संबंधित पत्र सौंपा।
    उन्होंने कहा कि रानीबाग-भीमताल रोप-वे परियोजना क्षेत्र के पर्यटन और आधारभूत विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    सीएम धामी ने कहा कि कुमायूं क्षेत्र के इन प्रमुख पर्यटन स्थलों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए रोप-वे परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रानीपुर, भीमताल, नैनीताल व कैंचीधाम के लिए रोप-वे परियोजनाये इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार होंगे। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही का भी आश्वासन दिया है।