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  • नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते चार साल में सरकारी सेवा में चयनित हुए कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से पत्र लिखकर, उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकानाएं प्रेषित की है।

    मुख्यमंत्री धामी ने पत्र में कहा है कि उत्तराखण्ड की जनता द्वारा उन्हें वर्ष 2022 में दूसरी बार मुख्य मुख्य सेवक का दायित्व सौंपा गया था। इस जनादेश की भावना के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने के दिन से ही प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या को समाप्त करने के लिए, सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का व्यापक अभियान शुरु किया गया। इसके बाद बीते चार साल में राज्य सरकार द्वारा लगभग 30 हजार से अधिक युवाओं को राजकीय सेवक के रूप में नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है, यह अभियान आगे भी जारी है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्र में कहा है कि अब युवा अपनी शानदार प्रतिभा और कठोर मेहनत के आधार पर राजकीय सेवा में चयनित हो रहे हैं। इस योग्यतम चयन में जहाँ एक ओर युवाओं की मेहनत और प्रतिभा का योगदान है, वहीं राज्य सरकार के कठोर नकल विरोधी कानून के साथ ही निष्पक्ष, ईमानदार और पारदर्शी चयन प्रक्रिया ने भी युवा प्रतिभा को उचित सम्मान मिलना सुनिश्चित किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड राज्य के राजकीय सेवक के रूप में चयन होना सभी कार्मिकों के परिवार के साथ ही राज्य सरकार के लिए भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित कार्मिकों से निष्पक्ष एवं ईमानदार रहकर अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन करने की अपील करते हुए कहा है कि राजकीय सेवक के रूप में वो मानवीय मूल्यों के साथ आमजन की सेवा में हमेशा तत्पर रहें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई चयनित युवाओं से दूरभाष पर बात कर, उन्हें उत्साह पूर्वक जनसेवा में योगदान देने की भी अपील की है।

  • नए पुल से शक्तिफार्म और सिडकुल के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी

    नए पुल से शक्तिफार्म और सिडकुल के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी

    150 मीटर स्पान सीसी पुल का शिलान्यास

    सितारगंज। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सितारगंज के शक्तिफार्म को सिडकुल क्षेत्र से जोड़ने हेतु सिसौना नदी पर लगभग 11 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 150 मीटर स्पान सीसी पुल का शिलान्यास किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण से क्षेत्र के लगभग 50 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा तथा सिडकुल सितारगंज एवं विकासखंड कार्यालय सिसौना तक पहुंचने के लिए लगभग 9 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।

    उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर जनपद एवं शक्तिफार्म-सितारगंज क्षेत्र के विकास हेतु अनेक महत्वाकांक्षी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्तिफार्म में पीपीपी मॉडल के माध्यम से मिल्क पाउडर, आइसक्रीम एवं चीज निर्माण से संबंधित आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है।

    इसके साथ ही प्रह्लाद पलसिया में लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसका लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।

    क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएचसी को 30 बेड के सीएचसी में उच्चीकृत किया गया है। साथ ही सितारगंज-टनकपुर फोरलेन सड़क, आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली, विभिन्न मोटर मार्गों और मल्टी स्टोरी पार्किंग के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद ऊधमसिंह नगर में किच्छा में लगभग 351 करोड़ रुपये की लागत से 100 एकड़ भूमि पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाईअड्डे के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    इसके अतिरिक्त गदरपुर एवं खटीमा बाईपास, खटीमा और किच्छा बस अड्डों, खेल स्टेडियमों, साइकिलिंग ट्रैक, एथलेटिक्स ट्रैक तथा औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को नई पहचान दी जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना को पुनः प्रारंभ कर तराई क्षेत्र की पेयजल एवं सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। किसानों के हित में गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की गई है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जो भी विकास कार्य प्रारंभ करती है, उसे समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर जनता को समर्पित करती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और पारदर्शी प्रशासन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्राप्त हुआ है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  सौरभ बहुगुणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु किए जा रहे कार्य ऐतिहासिक हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह बल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

  • 15,500 फीट की ऊंचाई पर होगा रोमांच, उत्तराखण्ड में जुटेंगे सैकड़ों धावक

    15,500 फीट की ऊंचाई पर होगा रोमांच, उत्तराखण्ड में जुटेंगे सैकड़ों धावक

    सीएम करेंगे ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’  सप्ताह का भव्य उद्घाटन

    23 मई को ऐतिहासिक नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन सप्ताह का काउंटडाउन रन

    मुख्यमंत्री आवास से प्रातः 6:00 बजे होगा ध्वजारोहण

    तीन सौ से अधिक धावक करेंगे 10 किमी की ऐतिहासिक दौड़

    देहरादून। उत्तराखण्ड की देवभूमि एक बार फिर साहस, शक्ति और संकल्प का महायज्ञ आयोजित करने के लिए तैयार है। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (यू.टी.डी.बी.) के तत्वावधान में 23 मई को देहरादून में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन सप्ताह’ का भव्य काउंटडाउन रन आयोजित किया जाएगा।
    इस ऐतिहासिक दौड़ का ध्वजारोहण  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे।

    यह काउंटडाउन रन केवल एक दौड़ नहीं

    यह उस महाअभियान का शंखनाद है, जो 31 मई को नीति घाटी में उत्तराखण्ड के इतिहास की सबसे बड़ी अल्ट्रा मैराथन के रूप में चरमोत्कर्ष पर पहुँचेगा।
    23 मई का यह काउंटडाउन रन उस विराट उत्सव का पहला स्पंदन है — एक ऐसी दौड़ जो देहरादून की सड़कों पर ऊर्जा, उत्साह और एकजुटता का संचार करेगी और पूरे उत्तराखण्ड को एक अभूतपूर्व साहसिक सप्ताह के लिए तैयार करेगी।

      काउंटडाउन रन : कार्यक्रम विवरण

    23 मई, 2026 को प्रातःकाल देहरादून की वायु साहस के रंग में रंग जाएगी। काउंटडाउन रन का सम्पूर्ण मार्ग एवं कार्यक्रम इस प्रकार है —

    ◆  दिनांक  :  23 मई, 2026 (शनिवार)
    ◆  रिपोर्टिंग  :  प्रातः 5:30 बजे — मुख्यमंत्री आवास, देहरादून
    ◆  ध्वजारोहण  :  प्रातः 6:00 बजे — माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा
    ◆  मार्ग  :  मुख्यमंत्री आवास → घड़ी टॉवर → यू.टी.डी.बी. कार्यालय
    ◆  दूरी  :  10 किलोमीटर
    ◆  समापन  :  उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (यू.टी.डी.बी.) कार्यालय, देहरादून
    ◆  प्रतिभागी  :  300 से अधिक उत्साही धावक

    मशाल प्रज्ज्वलन एवं शुभंकर अनावरण : उत्सव का केन्द्र बिन्दु

    23 मई के इस काउंटडाउन रन में केवल दौड़ नहीं होगी।  इस अवसर पर दो ऐसे ऐतिहासिक कार्यक्रम भी सम्पन्न होंगे जो नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन सप्ताह को एक अविस्मरणीय यादगार बना देंगे।
    माननीय मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के कर-कमलों द्वारा एक भव्य फ्लेम्बो (मशाल) का प्रज्ज्वलन किया जाएगा। यह पावन मशाल साहस की उस अग्नि का प्रतीक होगी जो हिमालय की 15,500 फीट ऊँची दुर्गम घाटियों तक भारत के धावकों को प्रेरित करेगी।
    यह एक प्रतीकात्मक क्षण होगा जो समस्त उत्तराखण्ड को एकसूत्र में पिरोएगा।
    इसी अवसर पर 31 मई को नीति घाटी में होने वाली अल्ट्रा मैराथन के आधिकारिक शुभंकर (Mascot) का भी अनावरण किया जाएगा। यह शुभंकर हिमालय की अदम्य शक्ति एवं उत्तराखण्ड की वीरांगना संस्कृति का प्रतिबिम्ब होगा और इसके साथ ही विश्व भर के धावकों के लिए नीति घाटी का निमंत्रण आधिकारिक रूप से जारी हो जाएगा।

    ⛰️  23 मई के बाद — जब असली चुनौती शुरू होती है

    23 मई का काउंटडाउन रन उस भव्य आयोजन का प्रवेश द्वार है जिसे उत्तराखण्ड पर्यटन के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।
    31 मई को नीति घाटी, चमोली में आयोजित होने वाली 75 किलोमीटर की ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ उत्तराखण्ड की धरती पर अपने प्रकार का प्रथम आयोजन होगा — 15,500 फीट (लगभग 4,725 मीटर) की अभूतपूर्व ऊँचाई पर, जहाँ हर कदम एक नई विजय होगी।

    यह महाअभियान नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन को विश्व के छठे सबसे बड़े उच्च-ऊँचाई अल्ट्रा मैराथन के रूप में स्थापित करने का स्वप्न लेकर चल रहा है।  एक ऐसा आयोजन जो उत्तराखण्ड को वैश्विक एडवेंचर स्पोर्ट्स के मानचित्र पर अमिट रूप से अंकित कर देगा। 23 मई की मशाल उसी स्वर्णिम लक्ष्य की ओर जलती हुई यात्रा का प्रारम्भ है।

    PM का ‘वाइब्रेंट विलेज’ संकल्प — नीति से होगा साकार

    नीति घाटी में स्थित नीति गाँव — भारत-तिब्बत सीमा पर बसा अन्तिम आबाद गाँव — प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की ‘वाइब्रेंट विलेज योजना’ का जीवंत प्रतीक है। सीमान्त क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और पर्यटन के माध्यम से इन्हें आत्मनिर्भर बनाने की प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना को ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन सप्ताह’ एक नई ऊँचाई देगा।
    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के ‘श्रेष्ठ उत्तराखण्ड’ संकल्प के अनुरूप, यह आयोजन स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामीण उद्यमियों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों के नए द्वार खोलेगा। 23 मई को देहरादून में जलने वाली यह मशाल उन सपनों की भी आवाज़ है जो नीति घाटी के हर परिवार ने वर्षों से देखे हैं।

    नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन सप्ताह — सम्पूर्ण कार्यक्रम

    ◆  23 मई 2026  :  काउंटडाउन रन — देहरादून (CM आवास → UTDB कार्यालय) | मशाल प्रज्ज्वलन । शुभंकर अनावरण
    ◆  27–30 मई 2026  :  धावकों का आगमन एवं बिब एक्स्पो — नीति घाटी
    ◆  31 मई 2026  :  75 किमी अल्ट्रा रन एवं फुल मैराथन — नीति घाटी (15,500 फीट)
    ◆  1 जून 2026  :  5 किमी • 10 किमी • हाफ मैराथन (21 किमी) — नीति घाटी
    ◆  2 जून 2026  :  माउंटेन बाइकिंग (MTB) रेस डे — नीति घाटी

    “23 मई को देहरादून की सड़कों पर जो मशाल जलेगी, वह केवल एक दौड़ का आरम्भ नहीं — वह उत्तराखण्ड के उस सपने की शुरुआत है जो नीति घाटी को विश्व के साहसिक धावकों का गंतव्य बनाएगी। प्रधानमंत्री जी के ‘वाइब्रेंट विलेज’ के स्वप्न को हम साकार करने जा रहे हैं — हिमालय की ऊँचाइयों पर, अपनी शर्तों पर।”
    —  पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

  • धारी देवी पर्यटन सर्किट के निर्माण में लायें तेजीः डाॅ. धन सिंह रावत

    धारी देवी पर्यटन सर्किट के निर्माण में लायें तेजीः डाॅ. धन सिंह रावत

    समीक्षा बैठक में राहू मंदिर को पर्यटन सर्किट में जोड़ने के दिये निर्देश

    कहा, पर्यटकों को आकर्षित करने में सहायक बनेंगे पयर्टन सर्किट

    देहरादून । श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन धारीदेवी-कमलेश्वर-देवलगढ़-खिर्सू- क्यूँकलेश्वर-पौड़ी पर्यटन सर्किट के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही पैठाणी स्थित राहु मंदिर के कार्यों को भी युद्ध स्तर पर करने को कहा गया है ताकि देश-विदेश के पर्यटक यहां के पर्यटन सर्किट का लुत्फ उठा सके।

    सूबे कैबिनेट मंत्री व श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डाॅ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर पैठाणी स्थित राहु मंदिर व धारीदेवी-कमलेश्वर-देवलगढ़-खिर्सू- क्यूँकलेश्वर-पौड़ी पर्यटन सर्किट के विकास कार्यों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने व गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिये। डाॅ. रावत ने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही व हिलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जायेगी। डाॅ. रावत ने पैठाणी स्थित राहु मंदिर परिसर में घाट निर्माण, पार्किंग व हैलीपैड के निर्माण कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने धारी देवी, देवलगढ़, खिर्सू व कण्डोलिया पौड़ी पर्यटन सर्किट को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि धारी देवी, खिर्सू, क्यूंकालेश्वर व कण्डोलिया के कार्य लगभग पूर्ण कर दिये गये हैं। जबकि कमलेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार का कार्य गतिमान है, इसी प्रकार देवलगढ़ में भी पर्किंग हेतु भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।

    बैठक में अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रोहिल्ला, एमडी गढ़वाल मंडल विकास निगम कुसुम चैहान, अधीक्षण अभियंता आरडब्ल्यूडी तेजपाल सिंह सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शीघ्र होगी शिक्षकों की तैनातीः डा. धन सिंह रावत

    अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शीघ्र होगी शिक्षकों की तैनातीः डा. धन सिंह रावत

    समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री ने दिये अधिकारियों को निर्देश

    कहा, एससीईआरटी में प्रतिनियुक्ति से भरे जायेंगे रिक्त पद

    देहरादून।  राज्य के सभी अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर एक सप्ताह के भीतर तैनाती की जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को शीघ्र काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा एससीईआरटी में शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों को भी प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जायेगा ताकि शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

    सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज यमुना कालोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में एक सप्ताह के भीतर रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती को आयोजित स्क्रीनिंग परीक्षा में सफल शिक्षकों की काउंसलिंग आयोजित की जाय और उन्हें वरियता क्रम में नवीन तैनाती दी जाय, ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को तत्काल दूर कर पठन-पाठन को सुचारू रखा जा सके। डाॅ. रावत ने एससीईआरटी में लम्बे समय से रिक्त चल रहे शैक्षणिक सवंर्ग के पदों को प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि एससीईआरटी में शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम सुचारू रखने के लिये रिक्त पदों को भरा जाना आवश्यक है। जब तक एससीईआरटी का पृथक ढंाचा स्वीकृत नहीं हो जाता है तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रिक्त पदों को प्रतिनियुक्ति से भरे जाने का निर्णय लिया गया है। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शीघ्र वित्त व कार्मिक विभाग से समन्वय स्थापित कर डायटों की नियमावली को मंत्री परिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत करें। डाॅ. रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत लम्बे समय से शिक्षकों का पदोन्नति प्रकरण लम्बित है। जिसको लेकर उन्होंने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के सीएससी से वार्ताकर शीघ्र प्रकरण को हल कराने को कहा ।

    बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा दीप्ति सिंह, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा डाॅ. मुकुल सती, अपर निदेशक माध्यमिक (कुमाऊं) मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निदेशक माध्यमिक परमेन्द्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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    शिक्षा विभाग में सभी अचैटमेंट होंगे समाप्त
    विद्यायली शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग में पिछले शैक्षणिक सत्र में किये गये सभी प्रकार के सम्बद्धीकरण को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, ताकि सम्बद्ध शिक्षकों एवं कार्मिकों की मूल तैनाती स्थल पर किसी भी प्रकार का कार्य में व्यवधान उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि नये शिक्षा सत्र में कार्मिकों का सम्बद्धीकरण आवश्यकतानुसार किया जायेगा।

  • दिल्ली में गूंजेंगी उत्तराखण्ड की बोलियां, शुरू होंगी भाषा सीखने की कक्षाएं

    दिल्ली में गूंजेंगी उत्तराखण्ड की बोलियां, शुरू होंगी भाषा सीखने की कक्षाएं

    गढ़वाली-कुमाऊंनी और जौनसारी बोली-भाषा की ग्रीष्मकालीन कक्षाएं

    नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए ‘उत्तराखंड लोक-भाषा साहित्य मंच’ द्वारा हर साल गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी बोली/ भाषाओं की ग्रीष्मकालीन कक्षाएं चलाई जाती हैं।
    उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली के संरक्षक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक पटल पर दिल्ली-एनसीआर में पहाड़ की सशक्त आवाज़ डॉ.विनोद बछेती के नेतृत्व में वर्ष 2012 से इन ग्रीष्मकालीन कक्षाओं को सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा हैं।

    ‘उत्तराखंड लोक-भाषा साहित्य मंच’ की यह अनूठी पहल दिल्ली-एनसीआर में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों के बच्चों को अपनी जड़ों,लोक संस्कृति,खान-पान और अपनी भाषा-बोली से रू-ब-रू तो करवा ही रहे है। इसके साथ ही बच्चे इस पहल के माध्यम से अपनी मातृ भाषा,लोकगीत,नाटक,रीति-रिवाज और पारंपरिक लोक नृत्य भी सीख रहे हैं। यही वजह भी हैं कि आज उत्तराखंड की लोक भाषाओं गढ़वाली,कुमाऊंनी व जौनसारी को बोलने और सीखने वालों की संख्या दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ रही है।

    इस क्रम में इस वर्ष 24 मई 2026 से ग्रीष्मकालीन कक्षाओं का शुभारंभ किया जा रहा है। जिसमें अपनी भाषा-बोली सीखने के लिए बड़ी संख्या में पहाड़ के नौनिहाल और उनके परिजनों के साथ-साथ गढ़वाली-कुमाऊनी और जौनसारी भाषाओं को पढ़ाने वाले शिक्षक अपनी-अपनी भागीदारी निभाने के लिए तैयार है।

    दिल्ली-एनसीआर में पिछले 15 वर्षों से गढ़वाली- कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाओं की ग्रीष्मकालीन शिक्षण कक्षाओं का सफलतापूर्वक संचालन 52 केंद्रों में किया जा रहा है। इसमें कुछ केंद्र उत्तराखंड में भी है। यह अनूठी पहल बच्चों को अपनी जड़ों,लोक संस्कृति,खान-पान और भाषाओं से जोड़ने के लिए हर साल मई-जून-जुलाई में आयोजित की जाती है। जिसके माध्यम से आज के समय में पहाड़ के नौनिहाल बड़ी संख्या में गढ़वाली-कुमाऊंनी- जौनसारी बोल ही नहीं रहे है बल्कि दूसरे लोगों को भी अपनी भाषा बोलने के लिए प्रेरित कर रहे है।

    इस भागीरथी प्रयास के मुख्य उद्देश्य की बात करें तो प्रवासी उत्तराखंडी बच्चों को अपनी बोली-भाषा पढ़ना-लिखना सिखाना और लोक संस्कृति से परिचित कराना तो हैं ही,साथ ही गढ़वाली,कुमाऊनी,जौनसारी भाषाओं को 8वीं अनुसूची में दर्ज कराना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।

    हम बच्चों को अपनी जड़ों और अपनी लोक सांस्कृतिक विरासत से जोड़ रहे है-डॉ.विनोद बछेती,संरक्षक-उत्तराखंड लोक-भाषा साहित्य मंच

    उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच के संरक्षक एवं दिल्ली-एनसीआर में पहाड़ की सशक्त आवाज़ एवं सामाजिक-सांस्कृतिक पटल पर पहाड़ को एक जुट एक मुट कर अपने रीति-रिवाजों और लोक परिवेश को नई पहचान दिलाने वाले डॉ.विनोद बछेती के मार्गदर्शन में एवं दिल्ली-एनसीआर में अपनी भाषा को बचाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत कई भाषा प्रेमियों की अथक मेहनत और कठोर परिश्रम का सफल परिणाम हैं कि आज दिल्ली-एनसीआर में पिछले 15 वर्षों से ग्रीष्मकालीन कक्षाओं का निरंतर संचालन किया जा रहा है।

    उत्तराखंड लोक-भाषा साहित्य मंच के संरक्षक डॉ.विनोद बछेती इस बारे में बताते है कि बहुत अजीब लगता है जब हम बहुत से पहाड़ के लोगों एक साथ खड़े हों और हम अपनी भाषा-बोली में बात न करें।

    इस तरह के माहौल में,मैं खुद को बहुत असहज महसूस करता हूं। इस धारणा को बदलने के लिए हमने दिल्ली एनसीआर में रह रहे नौनिहालों को अपनी मातृ भाषा से जोड़ने के लिए गढ़वाली-कुमाऊंनी और जौनसारी की ग्रीष्मकालीन कक्षाओं की शुरूआत की,इसके लिए हमारे समाज का एक बड़ा तकबा हमारे साथ खड़ा हुआ और आज मुझे कहने में खुशी होती है कि हमारे नौनिहाल आज अपनी भाषा-बोली में बात करते है,अपने संस्कार-रीति-रिवाजों को जानते है और इस कड़ी में हमने अब एक और नई पहल की है। जिसके तहत हम बच्चों को गढ़वाली-कुमाऊंनी

    नाटक एवं लोकगीतों की बारिकियों को भी सीखा रहे है। इसके माध्यम से हमारे बहुत सारे बच्चे और उत्सुकता के साथ हमारे इस परिवार में शामिल हो रहे है और अपनी भाषा-बोली सीख रहे है।

  • दीपक जोशी अध्यक्ष एवं राजेंद्र रतूड़ी महासचिव निर्वाचित

    दीपक जोशी अध्यक्ष एवं राजेंद्र रतूड़ी महासचिव निर्वाचित

    शुक्रवार रात को उत्तराखण्ड सचिवालय संघ के  चुनाव परिणाम घोषित

    देहरादून। एक बार फिर दीपक जोशी उत्तराखण्ड सचिवालय संघ के अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गए। राजेन्द्र रतूड़ी महासचिव पद पर विजयी रहे।
    शुक्रवार देर शाम घोषित परिणामों में अध्यक्ष पद पर दीपक जोशी ने जीत दर्ज की, जबकि महासचिव पद पर राजेंद्र रतूड़ी विजयी रहे। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सचिवालय परिसर में समर्थकों ने विजेताओं का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया और खुशी जताई।

    अध्यक्ष पद के मुकाबले में दीपक जोशी को 594 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी प्रदीप को 485 मत प्राप्त हुए। महासचिव पद पर राजेंद्र रतूड़ी ने 577 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी विमल जोशी को 498 मत मिले।
    विभिन्न पदों पर भी हुए रोचक मुकाबले
    वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर राकेश जोशी 579 वोट प्राप्त कर विजयी रहे। उन्होंने अभिनव भट्ट (496 ) को पराजित किया।
    उपाध्यक्ष पद पर संजय शर्मा ने जीत दर्ज की। उन्हें 506 वोट मिले, जबकि दिनेश उनियाल को 339 और जगत सिंह डसीला को 228 मत प्राप्त हुए।
    महिला उपाध्यक्ष पद पर प्रमिला टम्टा विजयी रहीं। सचिव पद पर अतुल कुमार ने जीत हासिल की। उन्हें 498 वोट मिले, जबकि अमित कुमार को 184 और पुष्कर सिंह नेगी को 395 वोट प्राप्त हुए।

    संयुक्त सचिव पद पर दिव्यांशु डोभाल ने शानदार जीत दर्ज की। उन्हें 613 मत मिले। इस पद पर सुरेंद्र सिंह रावत को 474, रमेश चंद्र जोशी को 333, लालमणि जोशी को 309 और भूपेंद्र नारायण जोशी को 173 वोट प्राप्त हुए।
    कोषाध्यक्ष पद पर रमेश बर्तवाल व प्रचार सचिव पद पर दीपक बिष्ट निर्विरोध निर्वाचित हुए।

  • महँगाई भत्ता 60 प्रतिशत होने से कर्मचारियों में खुशी की लहर

    महँगाई भत्ता 60 प्रतिशत होने से कर्मचारियों में खुशी की लहर

    संयुक्त कर्मचारी परिषद ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

    देहरादून। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों के महँगाई भत्ते में 2 प्रतिशत वृद्धि किए जाने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सरकार ने परिषद की मांग स्वीकार करते हुए महँगाई भत्ता बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्र सरकार की भांति, 01 जनवरी, 2026 से राज्य सरकार के कार्मिकों एवं पेंशनरों को मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत प्रतिमाह किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

    राज्य सरकार के कार्मिकों एवं पेंशनरों को मंहगाई भत्ता दिये जाने का मुख्यमंत्री ने किया अनुमोदनउल्लेखनीय है कि परिषद ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर राज्य कर्मियों को भी 2 प्रतिशत महँगाई भत्ता वृद्धि का लाभ दिए जाने की मांग की थी।

    राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने इस निर्णय पर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महँगाई के दौर में यह फैसला प्रदेश के हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
    उन्होंने कहा कि परिषद लगातार कर्मचारियों के हितों को लेकर संघर्ष और प्रयास करती रही है। सरकार द्वारा कर्मचारियों की भावनाओं को समझते हुए लिया गया यह निर्णय स्वागत योग्य बताया।

    विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 50 करोड की वित्तीय स्वीकृति

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद चम्पावत के कोतवाली पंचेश्वर में टाईप द्वितीय के 06 आवासों एवं चाहरदीवारी के निर्माण हेतु ₹ 3.13 करोड़, जनपद नैनीताल के फायर स्टेशन हल्द्वानी में टाईप द्वितीय के 64, टाईप-तृतीय के 08 एवं टाईप चतुर्थ के 04 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 36.64 करोड तथा जनपद चम्पावत के थाना रीठासाहिब में टाईप द्वितीय के 06 एवं टाईप-तृतीय का 01 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 3.47 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री द्वारा मौलेखाल बाजार, अल्मोड़ा में पार्किंग के निर्माण हेतु ₹ 5.91 करोड तथा जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र-थराली के अर्न्तगत ग्वालदम बाजार में वाहन पार्किंग निर्माण हेतु ₹ 61.57 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

  • मानकों के विपरीत संचालन पर 96 होमस्टे के लाइसेंस रद्द

    मानकों के विपरीत संचालन पर 96 होमस्टे के लाइसेंस रद्द

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    पर्यटन वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया शुरू

    देहरादून। जनपद में कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने अवैध एवं नियमविरुद्ध संचालित होमस्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में अब तक 96 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। इनमें प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79 होमस्टे शामिल हैं। संबंधित इकाइयों को पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    जिला प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 136 होमस्टे का निरीक्षण किया। जांच में बड़ी संख्या में ऐसे होमस्टे मिले जो उत्तराखंड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के विपरीत संचालित हो रहे थे। कई होमस्टे होटल की तरह व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे थे, जबकि कई इकाइयां लीज और किराये पर संचालित होती मिलीं।

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    रातभर बार, तेज डीजे और हुड़दंग से कानून व्यवस्था पर खतरा

    बिना अग्निशमन उपकरण और फूड लाइसेंस के संचालित हो रहे थे कई होमस्टे

    निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। अनेक होमस्टे में रसोई व्यवस्था नहीं मिली, अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध पाए गए या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई स्थानों पर निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था। कुछ होमस्टे बारात घर और व्यावसायिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। विदेशी नागरिकों के ठहराव संबंधी सी-फॉर्म उपलब्ध न कराने के मामले भी सामने आए।

    प्रशासन के अनुसार कुछ होमस्टे में रातभर नियमविरुद्ध बार संचालन, तेज डीजे और नशे से जुड़ी गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसे स्थान उपद्रवी प्रवृत्ति के लोगों का अड्डा बनते जा रहे थे। शहर में नशे की हालत में ओवरस्पीड वाहन चलाने, हुड़दंग और फायरिंग जैसी घटनाओं में भी ऐसे होमस्टे में ठहरे लोगों की संलिप्तता सामने आ रही थी।
    जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और स्थानीय लोगों की आय को बढ़ावा देना है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे व्यावसायिक होटल व्यवसाय का माध्यम बना दिया। प्रशासन आगे भी सत्यापन और निरीक्षण अभियान लगातार जारी रखेगा।

  • 29 मई से उत्तराखण्ड सहित 19 राज्यों में SIR अभियान की शुरुआत

    29 मई से उत्तराखण्ड सहित 19 राज्यों में SIR अभियान की शुरुआत

    29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग, कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य होंगे सम्पादित

    8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ करेंगे घर-घर सर्वे

    देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग ने तीसरे चरण में 19 राज्यों के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की घोषणा कर दी है। उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि आयोग द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग,कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य सम्पादित किए जाएंगे। 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संकलन करेंगे। उत्तराखण्ड में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इसी क्रम में 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में 11733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष वर्तमान में प्रदेश में राजनैतिक दलों द्वारा 21 हजार 808 बीएलए की तैनाती कर दी गई है।