Category: स्वास्थ्य

  • एक साल तक प्रतिबंधित रहेंगे निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाले

    एक साल तक प्रतिबंधित रहेंगे निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाले

    गैरसैंण सत्र में देंगे वियक्ष को जवाब-सीएम

    रुद्रपुर में शीघ्र शुरू होगा मेडिकल कॉलेज का संचालन

    देहरादून। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में तंबाकू एवं निकोटीन युक्त गुटखा, पान मसाला और अन्य संबंधित उत्पादों पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।

    उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सरकार जागरूकता एवं प्रभावी कार्रवाई पर जोर दे रही है।

    27 अक्टूबर से गैरसैंण में आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनहित के सभी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा और तथ्यों के आधार पर जवाब देने के लिए तैयार है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और रुद्रपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेजों का संचालन शुरू हो चुका है। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के लिए शैक्षणिक सत्र 2027-28 हेतु सीट आवंटन का आदेश प्राप्त हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए पीएम नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के साथ एम्स के केंद्र को भी शीघ्र शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

    उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, नियमित जनसंवाद तथा मातृशक्ति, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और युवाओं से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया।

  • उत्तराखंड में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा, तीन राजकीय कॉलेज शुरू

    उत्तराखंड में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा, तीन राजकीय कॉलेज शुरू

    रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को मिल सकती है 100 एमबीबीएस सीट

    निजी और सरकारी क्षेत्र में कुल एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर 1700 हुई

    देहरादून। धामी सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड में तीन नए सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरु हो चुके हैं। जल्द ही रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को भी 100 सीटें आवंटित हो सकती हैं।
    प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार के साथ ही अधिक से अधिक युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई का मौका देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
    इस संकल्प को अमलीजामा पहनाने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। प्रदेश में अभी हल्द्वानी (नैनीताल), श्रीनगर (पौड़ी), देहरादून, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, इनमें अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हरिद्वार मेडिकल कॉलेज विगत पांच वर्षों में धामी सरकार के कार्यकाल में प्रारंभ हुए हैं। इसके साथ ही रुद्रपुर में भी मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो चुका है, जल्द यहां भी 100 एमबीबीएस सीटों का आवंटन हो जाएगा।

    प्रदेश में अभी छह राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 675 सीटें हैं। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज की 100 सीटें जुड़ने से कुल एमबीबीबएस सीटों की संख्या बढ़कर 775 हो जाएगी। इसके अलावा प्रदेश में चार निजी मेडिकल कॉलेजों की 900 और एम्स ऋषिकेश की 125 सीटों को जोड़कर कुल एमबीबीएस सीटों का आंकड़ा बढ़कर 1700 तक पहुंच रहा है।

    राजकीय मेडिकल कॉलेज-कुल सीट 675

    -दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून-150 सीट
    -राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी-125 सीट
    -राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर-150 सीट
    -राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा-100 सीट
    -राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार-100 सीट
    -राजकीय मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ-50 सीट

    एम्स ऋषिकेश (केंद्रीय संस्थान)–125 सीट

    निजी मेडिकल कॉलेज-कुल सीट 900
    -हिमालयन इंस्टीट्यूट, जौलीग्रांट-250 सीट
    -एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज, देहरादून-250 सीट
    -गौतम बुद्ध मेडिकल कॉलेज, देहरादून-150 सीट
    -ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट, देहरादून-250 सीट

    वैश्विक पहचान बनाएगा उत्तराखंड : डॉ सयाना
    चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच के परिणाम स्वरूप उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन में देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। भविष्य में उत्तराखंड देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर डॉक्टर, नर्स आदि मानव संसाधन उपलब्ध कराने की स्थिति में आ जाएगा।

    उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हमारा संकल्प है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही योग्य डॉक्टर तैयार हों और होनहार छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए उत्तराखंड से बाहर न जाना पड़े। मेडिकल एजुकेशन के साथ ही हेल्थकेयर तक भी पहुंच बढ़ाने पर सरकार का फोकस है।
    पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

  • उत्तराखंड में तेज हुआ HPV टीकाकरण अभियान

    उत्तराखंड में तेज हुआ HPV टीकाकरण अभियान

    65 हजार से अधिक किशोरियों का हुआ टीकाकरण

    चमोली ने हासिल किया 100 प्रतिशत लक्ष्य

    देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण कार्यक्रम को प्रदेश में निरंतर गति मिल रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड द्वारा राज्य एवं जनपद स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, लक्षित किशोरियों की सूची तैयार करने, टीकाकरण सत्रों की संख्या बढ़ाने तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा निरंतर फॉलोअप के परिणामस्वरूप अभियान ने हाल के महीनों में उल्लेखनीय गति पकड़ी है।

    कार्यक्रम के तहत 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष की आयु पूरी न करने वाली किशोरियां लक्षित समूह में शामिल हैं।

    भारत सरकार के विजन के अनुरूप उत्तराखंड में HPV टीकाकरण को बढ़ावा
    “सुबोध उनियाल, स्वास्थ्य मंत्री, ने कहा कि राज्य सरकार किशोरियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। HPV टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य की प्रत्येक पात्र किशोरी तक HPV टीकाकरण की सुविधा समय पर पहुंचे और टीकाकरण को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या हिचकिचाहट को सही एवं तथ्यात्मक जानकारी के माध्यम से दूर किया जाए।

    राष्ट्रीय स्तर पर किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के अनुरूप उत्तराखंड में भी पात्र किशोरियों तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    विनय शंकर पांडेय ,सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि भारत सरकार के विजन के अनुरूप उत्तराखंड में HPV टीकाकरण को पात्र किशोरियों तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र किशोरी तक समय पर टीकाकरण की सुविधा पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है और इसके लिए राज्य स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप को मजबूत किया जा रहा है। कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य केवल वर्तमान अभियान के दौरान अधिक से अधिक किशोरियों का टीकाकरण करना ही नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें प्रत्येक पात्र बालिका को 14 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर समय से HPV टीका मिल सके।

    सर्वाइकल कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण कदम
    HPV संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। किशोरावस्था में HPV का टीका लगाए जाने से भविष्य में HPV संक्रमण तथा उससे होने वाली सर्वाइकल कैंसर संबंधी बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। यही कारण है कि कम उम्र में पात्र किशोरियों का टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय माना जाता है।

    डॉ. संदीप तिवारी, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने कहा “उत्तराखंड में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से विद्यालय स्तर पर जागरूकता एवं टीकाकरण गतिविधियों को गति दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग का यह संयुक्त प्रयास “सही जानकारी, सही समय पर टीकाकरण और स्वस्थ भविष्य” के संदेश के साथ उत्तराखंड की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

    उत्तराखंड में HPV टीकाकरण की प्रगति
    एचपीवी वैक्सीनेशन प्रोग्राम के जिला रैंकिंग डैशबोर्ड के अनुसार सितंबर माह 2026 तक उत्तराखंड में कुल 95,000 के निर्धारित अभियान लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 65,000 लाभार्थियों का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 69 प्रतिशत है। जनपदवार प्रगति में चमोली 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज कर प्रथम स्थान पर है, जबकि पिथौरागढ़ ने लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की है। ऊधम सिंह नगर जनपद में लगभग 86 प्रतिशत, लाभार्थियों का टीकाकरण किया गया है। साथ ही, राज्य के अन्य जनपदों में भी एचपीवी टीकाकरण ने गति पकड़ ली है। इस प्रकार राज्य में एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रगति दर्ज की जा रही है।

    यह प्रगति राज्य एवं जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा, फॉलोअप, सक्रिय ड्यू-लिस्टिंग तथा पात्र किशोरियों के मोबिलाइजेशन को दर्शाती है।
    प्रदेश स्तर पर 95,000 किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और विभाग द्वारा शेष पात्र किशोरियों तक पहुंचने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

    डॉ. अमित शुक्ला, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने कहा कि प्रदेश में HPV टीकाकरण की प्रगति को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। जनपदों द्वारा किए जा रहे प्रयासों, ड्यू-लिस्टिंग, मोबिलाइजेशन और फॉलोअप के माध्यम से शेष पात्र किशोरियों तक पहुंचने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य जनपदों में भी टीकाकरण ने गति पकड़ी है और निर्धारित लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    स्वास्थ्य विभाग की रणनीति—हर पात्र बालिका तक पहुंच, टीकाकरण और फॉलोअप
    HPV टीकाकरण को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जमीनी स्तर पर कई महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनमें आशा कार्यकर्ताओं द्वारा पात्र किशोरियों की ड्यू-लिस्ट तैयार एवं अद्यतन करना, टीकाकरण सत्रों का आयोजन, जनपद एवं विकासखंड स्तर पर दैनिक प्रगति की समीक्षा तथा छूटी हुई किशोरियों का फॉलोअप शामिल है।

    विभाग द्वारा टीकाकरण से वंचित किशोरियों को विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित किया जा रहा है, जैसे—टीकाकरण सत्र में उपस्थित न होना, परिवार अथवा किशोरी की हिचकिचाहट, संपर्क में न आना, प्रवास आदि। इससे प्रत्येक श्रेणी के अनुसार लक्षित कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।
    इसके साथ ही विद्यालयों, अभिभावकों, समुदाय के प्रतिनिधियों तथा RKSK काउंसलर्स के माध्यम से जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

    डॉ. ऋतु खेतान, सहायक निदेशक, टीकाकरण प्रभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने बताया कि HPV टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र किशोरियों की पहचान, ड्यू-लिस्टिंग, टीकाकरण सत्रों का आयोजन और छूटी हुई किशोरियों का फॉलोअप कार्यक्रम की प्रमुख रणनीतियां हैं। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा और डेटा आधारित मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी पात्र किशोरी टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि “हर किशोरी तक HPV टीकाकरण, स्वस्थ उत्तराखंड की ओर एक कदम।”

    सुरक्षित टीकाकरण पर विशेष जोर
    HPV टीकाकरण के दौरान सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए टीकाकरण स्थल पर निर्धारित व्यवस्थाओं, AEFI (Adverse Events Following Immunization) की तैयारी तथा संक्रमण रोकथाम संबंधी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    विभाग द्वारा टीकाकरण टीमों की क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण एवं सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि पात्र किशोरियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण टीकाकरण सेवा मिल सके।

    HPV KAVACH से डेटा के आधार पर लिए जा रहे निर्णय
    उत्तराखंड में HPV टीकाकरण कार्यक्रम की निगरानी को मजबूत करने के लिए HPV KAVACH—HPV Program SMART Dashboard विकसित किया जा रहा है। यह पहल उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली नवाचार एवं अच्छी कार्यप्रणाली के रूप में सामने आ रही है।
    HPV KAVACH के माध्यम से टीकाकरण की प्रगति, कवरेज, सत्रों तथा वैक्सीन स्टॉक की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। रियल-टाइम डेटा, विश्लेषणात्मक जानकारी और अलर्ट के माध्यम से कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों तथा वैक्सीन स्टॉक से संबंधित संभावित समस्याओं की समय पर पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

    यह डिजिटल पहल “Data to Action” की अवधारणा को मजबूत करते हुए नीति-निर्माताओं और कार्यक्रम प्रबंधकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    अभियान से नियमित टीकाकरण की ओर
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा HPV टीकाकरण को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित व्यवस्था के रूप में मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    अभियान चरण में वर्तमान पात्र समूह की सभी किशोरियों तक पहुंच बनाकर उनका टीकाकरण सुनिश्चित करना लक्ष्य है, जबकि नियमित चरण में प्रत्येक बालिका के 14 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही उसे समय पर टीका उपलब्ध कराने पर ध्यान रहेगा।
    इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र किशोरियों की पहचान—ड्यू-लिस्ट—मोबिलाइजेशन—टीकाकरण—फॉलोअप की पूरी प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा।

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए ड्यू-लिस्ट की नियमित समीक्षा, विकासखंडवार दैनिक विश्लेषण, टीकाकरण से वंचित किशोरियों की पहचान, वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता, नियमित रिपोर्टिंग और सामुदायिक सहभागिता को और मजबूत किया जा रहा है।
    विद्यालय स्तर पर जागरूकता एवं अभिभावकों की सहभागिता

    HPV टीकाकरण को जन-जन तक पहुंचाने और पात्र किशोरियों एवं उनके अभिभावकों में टीकाकरण के प्रति सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखंड सरकार द्वारा शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विद्यालय स्तर पर विशेष जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

    विद्यालयों में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के दौरान छात्र-छात्राओं को HPV, HPV संक्रमण से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम, सर्वाइकल कैंसर से बचाव में HPV टीकाकरण की भूमिका तथा टीकाकरण की पात्रता के संबंध में सरल एवं तथ्यात्मक जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही किशोरियों के अभिभावकों के साथ संवाद स्थापित कर HPV वैक्सीन को लेकर प्रचलित भ्रांतियों एवं आशंकाओं को दूर करने तथा तथ्यों के आधार पर टीकाकरण के महत्व को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा विद्यालयों के माध्यम से अभिभावकों तक यह संदेश भी पहुंचाया जा रहा है कि HPV टीकाकरण किशोरियों के भविष्य के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के इस समन्वित प्रयास से विद्यालय, स्वास्थ्यकर्मी, शिक्षक, किशोरियां और अभिभावक—सभी को अभियान से जोड़कर सामुदायिक सहभागिता को मजबूत किया जा रहा है।

    डॉ. पंकज सिंह, सहायक निदेशक, IEC एवं जागरूकता प्रभाग ने कहा कि HPV टीकाकरण की सफलता में सही एवं तथ्यात्मक जानकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर विद्यालयों में प्रार्थना सभा, अभिभावक संवाद तथा विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से HPV टीकाकरण से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाने और भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से किशोरियों एवं अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व को समझने और सही निर्णय लेने में सहयोग मिलेगा।

    Pink Day के माध्यम से HPV टीकाकरण का संदेश
    HPV टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में “Pink Day” जैसी विशेष जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। राज्य में प्रत्येक रविवार को पिंक डे के रूप में मनाया जा रहा है। Pink Day को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम एवं HPV टीकाकरण के प्रति जागरूकता का प्रतीकात्मक अवसर बनाते हुए छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को अभियान से जोड़ा जा रहा है।
    इस अवसर पर जागरूकता संवाद, जानकारी साझा करना, पोस्टर/संदेश प्रदर्शन तथा किशोरियों और अभिभावकों के साथ संवाद जैसी गतिविधियों के माध्यम से HPV टीकाकरण से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

    इस पहल का उद्देश्य HPV टीकाकरण को लेकर झिझक, गलत धारणाओं और मिथकों को दूर करना तथा अभिभावकों को अपनी पात्र बेटियों के टीकाकरण के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित करना है।

    प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि उत्तराखंड की प्रत्येक पात्र किशोरी तक HPV टीकाकरण की सुविधा पहुंचे और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के बोझ को कम करने की दिशा में ठोस आधार तैयार हो।
    “हर बालिका तक पहुंच—हर पात्र बालिका का टीकाकरण—सुरक्षित भविष्य की ओर उत्तराखंड।”

  • स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद फार्मासिस्टों ने आंदोलन किया स्थगित

    स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद फार्मासिस्टों ने आंदोलन किया स्थगित

    फार्मासिस्टों का आंदोलन 15 दिन के लिए स्थगित

    391 फार्मेसी अधिकारी पदों को क्रियाशील करने और लंबित देयकों के भुगतान पर कार्रवाई के निर्देश

    देहरादून। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बैठक हुई। मांगों पर सकारात्मक चर्चा और कार्रवाई के आश्वासन के बाद एसोसिएशन ने अपना चरणबद्ध आंदोलन 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया।
    बैठक में एसोसिएशन ने 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले फार्मासिस्टों को प्रथम पदोन्नति के पद का वेतनमान देने, स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 फार्मेसी अधिकारी पदों को क्रियाशील करने, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने, चिकित्सकों की अनुपस्थिति में निर्धारित औषधियां उपलब्ध कराने के लिए फार्मेसी अधिकारियों को अधिकृत करने तथा चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित देयकों का भुगतान और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग रखी।
    10 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति के पद का वेतनमान दिए जाने के प्रकरण को डिप्लोमा इंजीनियर्स की तर्ज पर उपसमिति को भेजने पर सहमति बनी। वर्ष 2009 के बाद नियुक्त फार्मासिस्टों को प्रथम एसीपी के तहत पदोन्नति के समकक्ष वेतनमान देने के मामले में विभाग को भारत सरकार के सेवा संबंधी प्रावधानों का परीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
    स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 पदों का प्रस्ताव कैबिनेट की सहमति के लिए आगे बढ़ाने को कहा गया। वहीं, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने और चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मेसी अधिकारियों को निर्धारित औषधियां उपलब्ध कराने के अधिकार के संबंध में एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है। इस मामले में महानिदेशालय स्तर पर समिति गठित की जा चुकी है।
    चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित भुगतान में देरी पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताते हुए 15 दिन के भीतर सभी लंबित देयकों का भुगतान करने के निर्देश दिए। यात्रा ड्यूटी के दौरान फार्मेसी अधिकारियों के रहने-खाने की व्यवस्था में सुधार के लिए संबंधित जिलों से भी रिपोर्ट मांगी गई है।
    बैठक में वित्त सचिव दिलीप जावलकर, चिकित्सा स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सुनीता टम्टा, अपर सचिव गंगा प्रसाद सहित संबंधित अधिकारी और एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

    एसोसिएशन ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में आंदोलन को 15 दिन के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। अब संगठन मांगों से संबंधित कार्यवाही और शासन स्तर पर पत्रावलियों की प्रगति पर नजर रखेगा।

  • नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में युवाशक्ति की भूमिका अहमः डॉ. धन सिंह रावत

    नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में युवाशक्ति की भूमिका अहमः डॉ. धन सिंह रावत

    नशामुक्ति अभियान के तहत स्टेट नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने ली नशे से दूर रहने की शपथ

    कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने युवाओं से स्वयं जागरूक होकर समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने की अपील की

    देहरादून । प्रदेश में संचालित 100 दिवसीय नशामुक्ति अभियान के तहत आज देहरादून स्थित स्टेट नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। इस दौरान प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने और अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का संकल्प दिलाया।

    कार्यक्रम के दौरान डॉ. रावत ने कहा कि युवाशक्ति देश और प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और एक स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसलिए नशे के खिलाफ लड़ना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    डॉ. रावत ने कहा कि छात्र-छात्राओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए। विशेष रूप से स्वास्थ्य एवं नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी समाज में जनजागरूकता फैलाने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
    उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे के विरुद्ध चल रहे अभियान को जनांदोलन का स्वरूप देने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें और अपने संकल्प, व्यवहार एवं जागरूकता के माध्यम से समाज को नशामुक्त बनाने में योगदान दें।

    इस दौरान छात्र-छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    इस अवसर पर रजिस्ट्रार नर्सिंग काउंसिल मनीषा ध्यानी, प्राचार्य स्टेट नर्सिंग कालेज ममता कपरुवाण सहित अन्य विभागीय अधिकारी, नर्सिंग फैकल्टी व नर्सिंग छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

  • खाद्य प्रतिष्ठानों में छापेमारी, जांच के लिए नमूने लिए

    खाद्य प्रतिष्ठानों में छापेमारी, जांच के लिए नमूने लिए

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन का एक्शन जारी

    देहरादून। मिलावटी एवं दूषित खाद्य सामग्री के विरुद्ध जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देश पर मंगलवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त टीमों द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों एवं डेयरी/मिष्ठान दुकानों का सघन निरीक्षण किया गया।
    अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के0के0 मिश्रा एवं उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में नगर निगम क्षेत्र देहरादून के चकराता रोड एवं घंटाघर क्षेत्र में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बीकानेरवाला से मावा, रबड़ी एवं केसर पेड़ा, मक्खन, हल्दीराम से सफेद रसगुल्ला, स्वीट लस्सी एवं प्लेन बर्फी तथा कुमार स्वीट शॉप से काजू बर्फी एवं कलाकन्द सहित कुल 09 नमूने जांच हेतु लिए गए।

    इसी प्रकार उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार के नेतृत्व में विकासनगर क्षेत्र में विभिन्न डेयरी एवं मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया गया। टीम द्वारा संदेह के आधार पर डेयरी से खुला पनीर एवं मावा के 02-02 नमूने, बेसन बर्फी एवं मिल्क केक के 02-02 नमूने तथा कलाकन्द के 02 नमूने, कुल 09 नमूने जांच के लिए लिए गए।

    मसूरी क्षेत्र में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान चाय, बेसन खुला एवं पनीर सहित 03 नमूने लिए गए। इस प्रकार जनपद में आज की कार्रवाई के दौरान कुल 21 खाद्य नमूने जांच हेतु संकलित किए गए हैं।
    कार्रवाई के दौरान विकासनगर क्षेत्र में एक दुकान पर लगभग 03 किलोग्राम बासी एवं अत्यधिक कलरयुक्त लड्डू पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया।

    संयुक्त टीम में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, तहसीलदार विकासनगर विवेक रजौरी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह तथा वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मसूरी कपिल देव सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।

    जिला प्रशासन द्वारा खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने कहा कि जनपद में आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

  • मसूरी में तीन मेडिकल स्टोरों पर दवा बिक्री पर रोक

    मसूरी में तीन मेडिकल स्टोरों पर दवा बिक्री पर रोक

    एक्सपायर दवाइयां और लाइसेंस संबंधी अनियमितताएं मिलीं

    फार्मासिस्ट गैरहाजिर

    मसूरी। आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराने तथा औषधि विक्रय से संबंधित वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को मसूरी क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया।

    सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत किए गए निरीक्षण में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा एवं औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान शामिल रहे। टीम ने मेडिकल स्टोरों में औषधियों के रखरखाव, लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, अभिलेखों के संधारण, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड, फ्रिज एवं तापमान व्यवस्था तथा सीसीटीवी आदि की जांच की।

    हैमर्स मेडिकोज में फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं। मेडिकल स्टोर में दवाइयों के अतिरिक्त दैनिक उपभोग की विभिन्न वस्तुएं भी विक्रय के लिए रखी गई थीं। सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले तथा रैक में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए टीम ने स्टोर में दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

    पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट एवं स्टोर मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव व्यवस्थित नहीं पाया गया। स्टोर में दवाइयों के साथ अन्य सामान भी विक्रय किया जा रहा था। फ्रिज चालू अवस्था में था, लेकिन तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं थी। स्टोर संचालक ने बताया कि एक्सपायर दवाइयां संबंधित कंपनी को वापस कर दी गई हैं। नारकोटिक्स दवाइयों के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया। टीम ने संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    अग्रवाल मेडिकोज में स्टोर मालिक उपस्थित मिला, जबकि फार्मासिस्ट अवकाश पर थी। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाइयों की बिक्री किए जाने की बात सामने आई। फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। अन्य दवाइयों के साथ एक्सपायर दवाइयां भी पाई गईं। कई दवाइयां कटी हुई अवस्था में मिलीं तथा स्टोर में साफ-सफाई का भी अभाव था। गंभीर अनियमितताओं के चलते स्टोर को बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

    ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाई गई। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव अव्यवस्थित मिला तथा फ्रिज खराब अवस्था में पाया गया। टीम ने फ्रिज बदलने के निर्देश दिए। अनियमितताओं के कारण स्टोर को तत्काल बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

    ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट एवं स्टोर मालिक उपस्थित मिले। लाइसेंस मांगे जाने पर संचालक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त होना पाया गया तथा नवीनीकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं और क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख भी व्यवस्थित नहीं पाए गए। रैक में साफ-सफाई का भी अभाव था। टीम ने स्टोर की सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण होने तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षणों का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। औषधियों की गुणवत्ता एवं सुरक्षित वितरण का सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य से है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

    सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर निगरानी एवं जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है। आमजन के स्वास्थ्य एवं मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषकर दूरस्थ एवं पर्यटन क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य एवं औषधि संबंधी प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

  • स्वास्थ्य विभाग में प्रमोशन की बरसात

    स्वास्थ्य विभाग में प्रमोशन की बरसात

    देखें सूची- फार्मेसी अधिकारी बने मुख्य फार्मेसी अधिकारी

    शासन ने जारी किए आदेश

    दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में संभालेंगे नई जिम्मेदारी

    देहरादून। उत्तराखंड शासन ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत फार्मेसी अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए आठ अधिकारियों को मुख्य फार्मेसी अधिकारी (चीफ फार्मासिस्ट) के पद पर नियुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। पदोन्नति संबंधी आदेश चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-2 की ओर से जारी किया गया।
    आदेश के अनुसार विभागीय चयन समिति की संस्तुति और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद फार्मेसी अधिकारी (फार्मासिस्ट) पद पर कार्यरत लाल बहादुर नेगी, गोविन्द प्रसाद, ललित प्रसाद , एस.के. चौधरी, उत्तम सिंह बिष्ट, देवेन्द्र प्रसाद पुरोहित, आनन्द राम तथा राजेन्द्र सिंह को मुख्य फार्मेसी अधिकारी (चीफ फार्मासिस्ट) के रिक्त पदों पर पदोन्नत किया गया है।
    शासन के आदेश में कहा गया है कि सभी पदोन्नत अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाएगा। साथ ही उनके तैनाती आदेश पृथक से जारी किए जाएंगे।

    स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों के बीच जारी इस आदेश को फार्मेसी संवर्ग के लिए महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। इससे विभाग में रिक्त पड़े वरिष्ठ पदों पर नियुक्तियां होने के साथ प्रशासनिक और औषधि प्रबंधन व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • दून में चार नर्सिंग बेरोजगार महिलाओं ने पिया फिनायल

    दून में चार नर्सिंग बेरोजगार महिलाओं ने पिया फिनायल

    एक महिला प्रदर्शनकारी दून अस्पताल की आईसीयू में भर्ती,मचा हड़कंप

    मंत्री से वार्ता विफल होने पर फैली हताशा में उठाया जानलेवा कदम

    देहरादून । वर्षवार नियुक्ति और नर्सिंग भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहीं चार महिला नर्सिंग बेरोजगारों ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आवास के बाहर फिनायल पी लिया।

    इस घटना में उत्तरकाशी जिले की किरण रावत की हालत बिगड़ने पर उसे पहले सिनर्जी अस्पताल में ले गए। और उसके बाद दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस समय किरण को आईसीयू में रख कर इलाज किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले बेरोजगार अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से लिखित परीक्षा के बजाय वर्ष के आधार पर वरिष्ठता के अनुसार नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थी 25-26 जुलाई की लिखित परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे।

    नर्सिंग बेरोजगार एकता मंच के नवल पुंडीर , राजेन्द्र कुकरेती और लीला चौहान ने 22 जुलाई को मंत्री सुबोध उनियाल से वार्ता की थी। पुंडीर का आरोप है कि मंत्री ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया और उन्हें बाहर जाने को कह दिया।

    बातचीत विफल होने के बाद विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। जिसमें चार प्रदर्शनकारी महिलाओं ने फिनायल का सेवन कर लिया।स्थिति गंभीर होने पर एक महिला प्रदर्शनकारी को तुरंत अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया।

    पहले ही पेपर लीक मामले से जूझ रहा सत्ता पक्ष नर्सिंग बेरोजगारों के फिनायल पीने से हड़कंप मच गया।

  • सीएचसी रायपुर को मिली आधुनिक कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन की सौगात

    सीएचसी रायपुर को मिली आधुनिक कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन की सौगात

    स्थानीय लोगों को मिलेगी बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं

    देहरादून। राज्य सरकार द्वारा आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत स्वास्थ्य मंत्री, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, उत्तराखण्ड सरकार सुबोध उनियाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) रायपुर, देहरादून में स्वामी विवेकानंद फांउडेशन के सहयोग तथा ओएनजीसी सीएसआर फंड से स्थापित नई हाई-एंड कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन का रिबन काट विधिवत शुभारंभ किया। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग हेतु स्वामी विवेकानंद फांउडेशन एवं ओएनजीसी का आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखण्ड सरकार सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को उनके निकटतम स्वास्थ्य केन्द्रों पर आधुनिक एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सीएचसी रायपुर में स्वामी विवेकानंद फांउडेशन के सहयोग तथा ओएनजीसी सीएसआर फंड से स्थापित इस अत्याधुनिक कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन से क्षेत्र के हजारों नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की जांच सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तथा समय एवं धन दोनों की बचत होगी।

    उन्होंने कहा कि यह मशीन गर्भावस्था संबंधी जांचों के साथ-साथ विभिन्न आंतरिक रोगों के सटीक परीक्षण में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के सभी प्रावधानों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी अवैध गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

    इस अवसर पर स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि सीएचसी रायपुर आसपास आबादी सहित टिहरी के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी स्वास्थ्य उपचार का प्रमुख केन्द्र है तथा यहां प्रतिदिन 500 से अधिक ओपीडी होती है। उन्होंने चिकित्सालय को 50 बैड की सुविधा आच्छादित करने का अनुरोध किया ताकि रायपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में निवासरत अधिक से अधिक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
    कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने इस पहल को क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर, त्वरित एवं विशेषज्ञ जांच सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, टिहरी लोकसभा क्षेत्र की माननीय सांसद  माला राज्यलक्ष्मी शाह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, ओएनजीसी से नीरज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज शर्मा, सीएचसी रायपुर की प्रभारी डॉ0 इंदु पाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सकगण एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।