Category: अपराध

  • विजिलेंस का शिकंजा, रिश्वत लेते महिला एएसआई गिरफ्तार

    विजिलेंस का शिकंजा, रिश्वत लेते महिला एएसआई गिरफ्तार

    समझौता कराकर मामला निपटाने के नाम पर मांगी रिश्वत

    देहरादून। हरिद्वार के रानीपुर थाने में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सोनिया को सतर्कता विभाग की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह लेन-देन के विवाद में दूसरे पक्ष से समझौता कराकर मामला निपटाने के एवज में शिकायतकर्ता से रिश्वत मांग रही थी।

    सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर इस संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून ने ट्रैप टीम गठित की। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

    शनिवार को सतर्कता टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला एएसआई सोनिया को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • देहरादून में ट्रिपल मर्डर से मचा हड़कंप

    देहरादून में ट्रिपल मर्डर से मचा हड़कंप

    बुजुर्ग दंपति और महिला की हत्या, प्लंबर हिरासत में

    प्लंबिंग के काम के बाद विवाद में तीन हत्याएं, पुलिस पूछताछ में जुटी

    देहरादून। रायपुर क्षेत्र में बुजुर्ग दंपति और एक महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध अभियुक्त को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिया गया व्यक्ति प्लंबर का काम करता है और बुजुर्ग दंपति का पूर्व परिचित बताया जा रहा है।

    प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार बुजुर्ग दंपति ने प्लंबिंग के काम के लिए अभियुक्त को मंगलवार को अपने घर बुलाया था। काम पूरा होने के बाद किसी बात को लेकर दंपति और अभियुक्त के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान अभियुक्त ने अकेले ही तीनों की हत्या कर दी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस के अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी ली।

    पुलिस ने अभियुक्त को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। हत्या के कारण, घटनाक्रम और वारदात में प्रयुक्त हथियार समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

    कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कानून व्यवस्था पर पुलिस पर प्रहार किए।

  • लाखों की ठगी का खुलासा, पंजाब से साइबर आरोपी गिरफ्तार

    लाखों की ठगी का खुलासा, पंजाब से साइबर आरोपी गिरफ्तार

    फर्जी ट्रेडिंग क्लासेज के नाम पर 55.50 लाख ठगे, एसटीएफ ने दबोचा

    देहरादून। फर्जी ट्रेडिंग क्लासेज और सेबी पंजीकृत सलाहकार बनकर 55.50 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में उत्तराखंड एसटीएफ ने पंजाब से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम में से छह लाख रुपये जमा हुए थे। जांच में उसके खाते के खिलाफ साइबर अपराध से जुड़ी छह अन्य शिकायतें भी दर्ज मिली हैं।

    पुलिस के अनुसार पंडितवाड़ी निवासी चुन्नी लाल अग्निहोत्री ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने उन्हें SBSBL Community/VIP Community नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर खुद को सेबी पंजीकृत सलाहकार बताया। इसके बाद फर्जी ट्रेडिंग क्लासेज, डीमैट अकाउंट और नकली CDSL/NSDL दस्तावेज दिखाकर विश्वास में लिया और अलग-अलग बैंक खातों में कुल 55.50 लाख रुपये जमा कराकर ठगी की।

    शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा अपराध संख्या 56/2025 के तहत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई।

    एसटीएफ के मुताबिक विवेचना के दौरान लाभार्थी बैंक खातों की जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठगी की रकम की मनीट्रेल खंगाली गई। इसमें सुखवीर सिंह उर्फ सूक्कू (26), निवासी शहीद भगत सिंह नगर, चक मन्नेवाला, थाना सिटी जलालाबाद, जिला फाजिल्का, पंजाब की संलिप्तता सामने आई। उसके खाते में शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से छह लाख रुपये जमा हुए थे। एसटीएफ टीम ने पंजाब में दबिश देकर फाजिल्का क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस टीम में निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक जगमोहन राणा और कांस्टेबल सोहन बडोनी शामिल रहे।
    एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि अज्ञात लोगों के कहने पर बैंक खाता, ओटीपी, मोबाइल या अन्य बैंकिंग संबंधी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। निवेश के नाम पर अधिक लाभ का लालच देने वाले संदिग्ध प्रस्तावों से सावधान रहें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

  • नीट-यूजी में फर्जीवाड़ा, 45 लाख में एमबीबीएस सीट का सौदा; दो गिरफ्तार

    नीट-यूजी में फर्जीवाड़ा, 45 लाख में एमबीबीएस सीट का सौदा; दो गिरफ्तार

    स्वतंत्रता सेनानी कोटे के फर्जी प्रमाणपत्र से तीन दाखिले

    20-20 लाख रुपये लिए एडवांस

    देहरादून। नीट यूजी-2025 में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे से एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के मामले में एसआईटी ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में तीन अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रमाणपत्र बनवाने और उनके आधार पर अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में दाखिला कराने का मामला सामने आया है।

    पुलिस के अनुसार, प्रत्येक दाखिले के लिए 45 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था और परिजनों से 20-20 लाख रुपये एडवांस लिए गए थे।
    13 सितंबर को थाना रायपुर और क्लेमेंटाउन में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने की शिकायत मिली थी। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर दोनों थानों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए।
    मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। एसआईटी ने संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के साथ शिक्षण संस्थानों से भी रिकॉर्ड जुटाए। जांच में दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए गए। शिक्षण संस्थानों से मिले रिकॉर्ड के आधार पर अभ्यर्थियों के वास्तविक पतों की जानकारी हासिल की गई।

    कंसल्टेंसी के जरिए दाखिले का खेल
    जांच में सामने आया कि गिरफ्तार रूपेश पंडित पिछले करीब पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था। मेरठ में वह ‘मिकोडो (MECODO) पाठशाला’ नाम से कंपनी संचालित करता था। पुलिस के मुताबिक, कंपनी के माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीकॉम समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में कमीशन के आधार पर दाखिले कराए जाते थे।
    पुलिस के अनुसार, अरविन्द कुमार रूपेश का पुराना परिचित है। अपनी बेटी के एमबीबीएस दाखिले के लिए उसने रूपेश से संपर्क किया था। इसके साथ ही दो परिचितों के बच्चों के दाखिले की बात भी हुई। आरोप है कि रूपेश और उसके साथियों ने तीनों अभ्यर्थियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से दाखिला दिलाने का भरोसा दिया। इसके एवज में प्रत्येक दाखिले के लिए 45 लाख रुपये तय किए गए। तीनों अभ्यर्थियों के परिजनों से 20-20 लाख रुपये एडवांस लिए गए और शेष रकम दाखिले तथा कक्षाएं शुरू होने के बाद देने की बात तय हुई।

    फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर दाखिला
    एसआईटी के मुताबिक, रूपेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर तीनों अभ्यर्थियों के कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए और उनके आधार पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाए। इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर तीनों अभ्यर्थियों ने अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में दाखिला लिया।

    साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने रूपेश पंडित और अरविन्द कुमार को पूछताछ के लिए थाना रायपुर बुलाया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसआईटी मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका, दस्तावेज तैयार करने की पूरी प्रक्रिया और दाखिले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    गिरफ्तार आरोपित

    रूपेश पंडित, निवासी पूर्णिया, बिहार, हाल निवासी ब्रह्मपुरी, मेरठ।
    अरविन्द कुमार, निवासी बहादरपुर खादर, थाना लक्सर, हरिद्वार।

  • निठारी कांड के आरोपी कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर दी जान

    निठारी कांड के आरोपी कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर दी जान

    हरिद्वार। ​कुख्यात निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार के उत्तरी भूपतवाला क्षेत्र में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। लगभग 19 वर्षों तक जेल में वक्त बिताने के बाद, नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से अपने अंतिम मामले में बरी होकर वह बाहर आया था।

    ​साल 2005-06 में नोएडा के निठारी इलाके से बच्चों और महिलाओं के अचानक गायब होने के दौरान कोली का नाम पहली बार चर्चा में आया था। इसके बाद 29 दिसंबर 2006 को उसकी कोठी के पीछे मौजूद नाले से बड़ी संख्या में मानव अवशेष बरामद हुए, जिससे पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने इसकी जांच संभाली और कोली के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए।

    ​अदालती कार्रवाई के दौरान एक समय उसे 13 मुकदमों में मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, साल 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे 12 मामलों में बरी कर दिया, और फिर नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी बचे मामले में भी उसे पूरी तरह दोषमुक्त करार दे दिया था।

  • लाखों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार

    लाखों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार

    शेयर मार्केट-IPO में निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर ठगी

    एक आरोपी के खाते में पहुंचे ₹27.20 लाख

    देहरादून। एसटीएफ ने शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार रजक (40) निवासी वेस्ट बरानगर, कोलकाता और सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई (32) निवासी गार्डन रीच, कोलकाता के रूप में हुई है। दोनों को स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर देहरादून लाया गया।

    एसटीएफ के अनुसार, आरोपियों ने खुद को अमेरिका और भारत के शेयर बाजार से जुड़ा बताकर पीड़ितों को शेयर मार्केट और IPO में निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा दिया। देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में 16 अक्टूबर से 18 नवंबर 2025 के बीच विभिन्न बैंक खातों में ₹47.63 लाख जमा कराए गए। वहीं पटेलनगर से एसटीएफ को हस्तांतरित दूसरे मामले में अक्टूबर 2025 में ₹18.54 लाख की रकम जमा कराई गई। दोनों मामलों में कुल ₹66.18 लाख की रकम ठगी गई।

    जांच के दौरान बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में Bank of Baroda का RAJAK & COMPANY के नाम से संचालित खाता सामने आया। पुलिस के मुताबिक, इस खाते का संबंध आरोपी राकेश कुमार रजक से पाया गया। दोनों मामलों में इस खाते में क्रमशः ₹15 लाख और ₹12.20 लाख, कुल ₹27.20 लाख ट्रांसफर किए गए। इसके बाद रकम RTGS समेत अन्य माध्यमों से दूसरे बैंक खातों में भेजी गई।

    खाते के खिलाफ 19 से ज्यादा साइबर शिकायतें, WhatsApp चैट से खुला राज

    पुलिस जांच में उक्त बैंक खाते के संबंध में NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं। राकेश के मोबाइल की जांच में सैयद शादाब अली के साथ हुई WhatsApp चैट भी बरामद हुई। चैट के विश्लेषण में नेट बैंकिंग उपलब्ध कराने और उसके बदले कमीशन लेने से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। एसटीएफ के अनुसार, शादाब खातों की खरीद-फरोख्त में मुख्य आरोपी है।
    मामले में पीड़ित की ₹12 लाख की होल्ड धनराशि की रिकवरी के लिए न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और ठगी की रकम की बरामदगी के लिए जांच जारी है।
    एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि शेयर मार्केट, IPO या ऑनलाइन निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अनजान लोगों के झांसे में न आएं। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

  • करोड़ों की साइबर ठगी के मामले में वांछित आरोपी कोलकाता से गिरफ्तार

    करोड़ों की साइबर ठगी के मामले में वांछित आरोपी कोलकाता से गिरफ्तार

    एमडी बनकर WhatsApp पर कंपनी के जनरल मैनेजर से कराया था रकम ट्रांसफर

    मोबाइल-लैपटॉप समेत दस्तावेज बरामद

    देहरादून। एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने ₹3.20 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में वांछित आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चन्द्र कांत मिश्रा निवासी ग्रीन फील्ड सिटी, महेशतल्ला, कोलकाता के रूप में हुई है। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और HP कंपनी का एक लैपटॉप बरामद किया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने कंपनी के उच्चाधिकारी/मैनेजिंग डायरेक्टर बनकर WhatsApp के जरिए कंपनी के जनरल मैनेजर से संपर्क किया। प्रोजेक्ट के एडवांस भुगतान और अन्य जरूरी भुगतानों के नाम पर उसे विश्वास में लेकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इसी क्रम में Shyam Trading Company के बैंक खाते में भी धनराशि जमा कराई गई। फर्जी पहचान और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर करीब ₹3.20 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी एसटीएफ ने साइबर टीम को तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने लगातार जानकारी जुटाने के बाद कोलकाता पहुंचकर आरोपी को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया।
    लैपटॉप में मिले आधार-पैन की प्रतियां और एडिटेबल दस्तावेज

    प्रारंभिक जांच में आरोपी के लैपटॉप से विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं से संबंधित एडिटेबल दस्तावेज, बैंक लोन आवेदन, विभिन्न व्यक्तियों के आधार कार्ड और पैन कार्ड की प्रतियां समेत अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है।

    आरोपी से ठगी में उसकी भूमिका, रकम के लेन-देन और अन्य सहयोगियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मामले में पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। साइबर अपराध नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

  • वसंत विहार चेन स्नैचिंग केस: ‘तमंचा’ पुलिस मुठभेड़ में घायल

    वसंत विहार चेन स्नैचिंग केस: ‘तमंचा’ पुलिस मुठभेड़ में घायल

    ‘तमंचे’ ने 14 अगस्त को वसंत विहार में वृद्धा से लूटी थी चेन

    हरबंसवाला बैरियर पर चेकिंग के दौरान भागा बदमाश पुलिस पर की फायरिंग

    जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली

    देहरादून। पांच दिन पहले वसंत विहार में दिन दहाड़े वृद्धा की चेन लूटने वाला बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गया।  बसंत विहार क्षेत्र में मंगलवार की देर रात हरबंसवाला बैरियर पर चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ के बाद घायल बदमाश को गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस की जवाबी कार्रवाई में स्कूटी सवार बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया था। घायल बदमाश को उपचार के लिए प्रेमनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे उच्च उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।

    पुलिस के अनुसार, हरबंसवाला बैरियर पर देर रात सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की स्कूटी सवार को पुलिस टीम ने रोकने का प्रयास किया। चालक चेकिंग प्वाइंट पर नहीं रुका और टी-स्टेट की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया। इस दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
    पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पीछा जारी रखा। इसी दौरान पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में स्कूटी सवार बदमाश के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल बदमाश के उपचार की जानकारी भी ली।
    पुलिस के मुताबिक घायल बदमाश की पहचान आकाश उर्फ तमंचा (27) पुत्र जगदीश लाल, निवासी शिवाजी एनक्लेव, जैन प्लॉट, थाना रायपुर, देहरादून के रूप में हुई है। वह 14 अगस्त को बसंत विहार क्षेत्र में वृद्ध महिला से हुई चेन स्नैचिंग की घटना का आरोपी बताया गया है। इस मामले में उसके खिलाफ बसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज है।
    मौके पर एफएसएल टीम ने पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बदमाश के कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की नीले रंग की एक्टिवा स्कूटी बरामद की है।

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ में स्कूटी को कोतवाली नगर क्षेत्र से चोरी किया जाना बताया गया है। इसके अलावा 14 अगस्त की चेन स्नैचिंग की घटना में लूटी गई चेन भी बरामद की गई है।
    पुलिस मामले में आरोपी के आपराधिक इतिहास और मुठभेड़ की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

  • रिश्वत लेते युवा कल्याण अधिकारी को विजिलेंस ने रंगे हाथ दबोचा

    रिश्वत लेते युवा कल्याण अधिकारी को विजिलेंस ने रंगे हाथ दबोचा

    फूलों की खेती के लिए सरकारी सहायता दिलाने के एवज में मांगी थी रकम

    हरिद्वार। फूलों की खेती के लिए मिलने वाली सरकारी अनुदान राशि की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 35 हजार रुपये रिश्वत मांगना क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी को भारी पड़ गया।

    सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने मंगलवार को अधिकारी को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
    जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता युवा मंगल कल्याण दल का संचालन करता है। दल की ओर से फूलों की खेती के लिए सरकारी अनुदान प्राप्त किया जाना था।

    इसके लिए संबंधित फाइल आगे बढ़ाने के एवज में नारसन ब्लॉक के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप कुमार ने शिकायतकर्ता से 35 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
    शिकायत मिलने पर सतर्कता अधिष्ठान ने मामले का सत्यापन कराया।

    शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार 18 अगस्त को टीम ने कार्रवाई करते हुए कुलदीप कुमार को शिकायतकर्ता से 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
    गिरफ्तार अधिकारी कुलदीप कुमार पुत्र रमेश चंद्र, आदर्श कॉलोनी लक्सर का निवासी है और वर्तमान में नारसन ब्लॉक, हरिद्वार में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात है। सतर्कता अधिष्ठान की टीम आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

  • सतर्कता टीम की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते सहायक कृषि अधिकारी को रंगे हाथों दबोचा

    सतर्कता टीम की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते सहायक कृषि अधिकारी को रंगे हाथों दबोचा

    सब्सिडी की फाइल बढ़ाने पर मांगी रिश्वत, गिरफ्तार

    हरिद्वार। कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगना सहायक कृषि अधिकारी को भारी पड़ गया। सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने मंगलवार को आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
    शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी कि उसके भाई को कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के सत्यापन के बाद सतर्कता टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की।

    18 अगस्त को टीम ने हरिओम यादव पुत्र स्व. लाल सिंह, निवासी प्रतापनगर, नजीबाबाद रोड, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल, हाल सहायक कृषि अधिकारी, विकासखंड खानपुर, जिला हरिद्वार को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सतर्कता अधिष्ठान की टीम आरोपी से पूछताछ के साथ मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।