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  • सक्रिय सहभागिता से बनेगी त्रुटिरहित मतदाता सूची : डीएम

    सक्रिय सहभागिता से बनेगी त्रुटिरहित मतदाता सूची : डीएम

    जिले में 5,99,944 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूर्ण

    देहरादून। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ आशीष चौहान की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के सफल संचालन के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों, प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति, राजनीतिक दलों की भूमिका तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला कार्यालय में प्रत्येक सोमवार एसआईआर की समीक्षा की जाएगी।
    जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध करते हुए कहा कि मतदाताओं के प्रपत्र भरने में सहयोग प्रदान करें तथा अपने-अपने बीएलए के माध्यम से पुनरीक्षण कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।

    उन्होंने कहा कि जहां किसी घर पर ताला लगा हो अथवा परिवार उपलब्ध न हो, वहां बीएलओ द्वारा पुनः भ्रमण किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची की तैयारी एवं संशोधन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक दलों के बीएलए-1 एवं बीएलए-2 की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
    उन्होेंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि जिन मतदान स्थलों पर अभी तक बीएलए-2 की नियुक्ति नहीं की गई है, वहां शीघ्र नियुक्तियां सुनिश्चित करें, जिससे पुनरीक्षण कार्य के दौरान मतदाता सूची का परीक्षण, सत्यापन एवं संशोधन कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की सफलता सभी हितधारकों की सहभागिता पर निर्भर करती है।
    राजनीतिक दलों, बीएलओ, बीएलए एवं आम नागरिकों के सहयोग से ही शत-प्रतिशत शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सकती है, जो लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाएगी।

    जनपद में कुल 13,76,813 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 22 जून 2026 तक 98.44 प्रतिशत मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जिनके सापेक्ष 43.57 प्रतिशत्, 5,99944 गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूर्ण किया जा चुका है। बीएलओ द्वारा शेष मतदाताओं तक भी शीघ्र पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

    बैठक में बताया गया कि यदि किसी मतदाता को गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुआ है तो उसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। ऐसे प्रकरणों का सत्यापन कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी तथा मृत, स्थानांतरित एवं डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर पृथक सूची तैयार की जाएगी। यह सूची पंचायत भवनों, नगर निकाय कार्यालयों एवं जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
    बैठक में विधानसभावार बीएलए की स्थिति की भी समीक्षा की गई। भारतीय जनता पार्टी द्वारा अधिकांश मतदान स्थलों पर बीएलए-1 एवं बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा भी विभिन्न मतदान स्थलों पर बीएलए नामित किए गए हैं। बहुजन समाज पार्टी द्वारा अभी तक बीएलए-2 नियुक्त नहीं किए गए हैं तथा आम आदमी पार्टी द्वारा चार विधानसभा क्षेत्रों में बीएलए-1 की नियुक्ति की गई है।

    बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, कांग्रेस से अमेन्द्रा बिष्ट, रितेश जोशी, सुनील जायसवाल, भाजपा से अरविन्द जैन, सीपीआई एम से अन्नत आकाश, बीएसपी सत्येन्द्र सिंह, आम से कमल राना, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

  • कर्णप्रयाग विवाद मामले की जांच हरिद्वार पुलिस के हवाले

    कर्णप्रयाग विवाद मामले की जांच हरिद्वार पुलिस के हवाले

    सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर भी मुकदमा दर्ज

    पुलिस के कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की होगी जांच

    डीआईजी को दो सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश

    कर्णप्रयाग प्रकरण में निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस मुख्यालय के अहम फैसले

    देहरादून। कर्णप्रयाग में 16 जून को सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद तथा मारपीट के मामले में पुलिस मुख्यालय ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
    घटना से जुड़े दोनों मुकदमों की विवेचना अब हरिद्वार पुलिस करेगी, जबकि स्थानीय पुलिस के कथित व्यवहार और आचरण संबंधी शिकायतों की जांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई है।

    पुलिस मुख्यालय के अनुसार, घटना के बाद सिख श्रद्धालुओं के खिलाफ थाना कर्णप्रयाग में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस बीच घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर उनके साथ कथित मारपीट करने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ 20 जून को थाना कर्णप्रयाग में एक अन्य एफआईआर भी दर्ज की गई है।

    दोनों मामलों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विवेचना चमोली जनपद से हरिद्वार जनपद स्थानांतरित कर दी गई है। मामलों की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर की निगरानी में की जाएगी।

    उधर, विभिन्न सिख संगठनों ने सिख श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय पुलिस के कथित व्यवहार और आचरण पर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों की जांच डीआईजी यशवंत सिंह को सौंपी गई है। उन्हें दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
    गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है और प्रत्येक मामले में कानून के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी तथा न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण यात्रा है, जिसे पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता, वन स्टॉप सेंटरों को मिलेगा और बल

    महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता, वन स्टॉप सेंटरों को मिलेगा और बल

    समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं जन शिकायतें

    शिकायत-बहुल क्षेत्रों की होगी जीआईएस मैपिंग, तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही-डीएम

    देहरादून। जन शिकायतों के त्वरित और स्थायी समाधान को लेकर शासन अब बेहद कड़े रुख में है। सोमवार को आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से लगातार अधिक शिकायतें आ रही हैं, वहाँ जीआईएस आधारित विश्लेषण कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके लिए उन्होंने एनआईसी को पिछले 10 समाधान दिवसों के डेटा का विभागवार विश्लेषण कर जीआईएस मैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायत-बहुल क्षेत्रों (हॉटस्पॉट्स) की पहचान कर सीधे जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी ताकि समस्याओं का स्थायी निस्तारण हो सके।

    सोमवार को आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने 146 फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर शिकायतों को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। समाधान दिवस में भूमि पर अवैध कब्जा, अतिक्रमण, सीमांकन, बैंक ऋण माफी, विद्युत, पेयजल, विधिक एवं आर्थिक सहायता से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं।

    जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों तथा निर्माणदायी विभागों के अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए कि यदि किसी कारणवश वे समाधान दिवस में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते हैं, तो वर्चुअल माध्यम से अनिवार्य रूप से जुड़ें, ताकि शिकायतों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने विशेष रूप से चकराता और कालसी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश दिए।

    बैंकों से जुड़ी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने लीड बैंक प्रबंधक को समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने सवाल उठाया कि ऋण स्वीकृत करते समय सिविल जांच क्यों नहीं की जाती, जो बाद में लोन चुकाने में दिक्कतें आती हैं।

    पारिवारिक विवादों से पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले में संचालित ‘वन स्टॉप सेंटर’ के माध्यम से महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा केंद्र का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। वहीं बढ़ते मारपीट और विवाद संबंधी मामलों पर उन्होंने पुलिस विभाग को सख्ती के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    समाधान दिवस में विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए। विकासखंड चकराता के ग्राम नाड़ा में पीएमजीएसवाई द्वारा सड़क कटिंग के बाद सुरक्षा दीवार और पेंटिंग न किए जाने से सेब के बागानों को हो रहे खतरे पर अधिशासी अभियंता को सात दिन के भीतर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया। ऋषिकेश स्थित त्रिवेणी घाट की ऐतिहासिक खुर्जा वाली धर्मशाला की भूमि पर अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण की शिकायत पर एसडीएम ऋषिकेश और नगर निगम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

    इसी प्रकार पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, सालावाला के बाहर अतिक्रमण, तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं अवैध गतिविधियों की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक और सहायक नगर आयुक्त को सात दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

    सहसपुर क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा मारपीट और एफआईआर के बावजूद कार्रवाई न होने की शिकायत पर पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। ग्राम छरबा में तालाबों, बंजर भूमि और सरकारी कुओं पर अतिक्रमण की शिकायत पर तहसीलदार विकासनगर को जांच कर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए। मोहिनी रोड पर बिना अनुमति सड़क खुदाई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में एसडीएम सदर को जांच कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

    समाधान दिवस में डोईवाला निवासी सुदामी देवी ने पारिवारिक संपत्ति विवाद तथा अंबेडकर मार्ग निवासी राजेन्द्र कुमार ने बिजली बिल माफी से संबंधित शिकायत दर्ज कराई।

    इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी मौजूद थे।

  • श्रीमद्भागवत कथा: जीवन के वास्तविक उद्देश्य का मार्ग

    श्रीमद्भागवत कथा: जीवन के वास्तविक उद्देश्य का मार्ग

    श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में प्रतिभाग करते हुए पूज्य संत-महात्माओं का अभिनंदन किया तथा आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा, संस्कार एवं समाज जागरण के कार्यों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने संत समाज को भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना का संवाहक बताते हुए कहा कि इतिहास में संतों एवं मनीषियों ने समाज को मार्गदर्शन देने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में संत समाज का योगदान अतुलनीय है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए युग का साक्षी बन रहा है।अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्य भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता, आध्यात्मिक पहचान एवं सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता तथा भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं सभ्यता पर उच्च स्तरीय अध्ययन एवं शोध कार्य किए जाएंगे। हरिद्वार में प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिचेतानन्द महाराज का आभार व्यक्त करते हुए संत समाज से राज्य एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह किया।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को अवश्य पूर्ण किया जाएगा।

    इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रदीप बत्रा, संतगण एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।

  • कैबिनेट में रखे जायेंगे त्रिस्तरीय ढांचा व ओपीएस प्रकरणः डाॅ. धन सिंह रावत

    कैबिनेट में रखे जायेंगे त्रिस्तरीय ढांचा व ओपीएस प्रकरणः डाॅ. धन सिंह रावत

    कहा, जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों की मांगों का होगा शीघ्र निस्तारण

    देहरादून । प्रदेशभर के जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों को शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित त्रिस्तरीय ढांचे में शामिल किया जायेगा, इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना से वंचित शिक्षकों को लाभ देने, अशासकीय विद्यालयों में पीटीए शिक्षकों की मांग का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जायेगा।

    सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित सभाकक्ष में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों की 13 सूत्रीय मांगों पर विस्तृत चर्चा करते हुये प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। शिक्षकों की मांग है कि प्रस्तावित त्रिस्तरीय ढांचे में उनको भी शामिल किया जाय, जिन जनपदों में चुनाव आचार संहिता के चलते शिक्षक योगदान नहीं दे पाये थे उनको भी अन्य की भांति पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाय, सम्पूर्ण सेवाकाल में तीन पदोन्नति देने तथा सेवारत शिक्षकों को टीईटी में छूट देने की मांग प्रमुख है। बैठक में डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षा मित्रों को अन्य की भांति समान कार्य के लिये समान वेतनमान दिये जाने, अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत मानदेय प्राप्त शिक्षकों को तदर्थ नियुक्ति देने, तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने तथा बिना मानदेय के कार्य कर रहे पीटीए शिक्षकों को मानदेय दिये जाने पर विचार विमर्श किया गया। उक्त प्रकरणों के निस्तारण हेतु महानिदेशालय स्तर पर एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया, जिसमें औपबंधिक शिक्षकों के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। डाॅ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि समिति दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को सौंपेगी जिसके आधार पर विभाग प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध करायेगा।

    बैठक में शिक्षकों की पदोन्नति व स्थानांतरण को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिसमें निर्णय लिया गया कि विभागीय अधिकारी आंतरिक बैठक कर न्यायालय में विचाराधाीन प्रकरण से इतर बीच का रास्ता निकाले हुये शिक्षकों के हित में प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत करेंगे, जिसके उपरांत शासन कोई ठोस निर्णय लेगा।

    बैठक में प्रमुख सचिव विधायी अमित कुमार, सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षाा आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव वित्त गंगा प्रसाद, अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत, उप निदेशक जे.पी. काला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जनसमूह संग सीएम ने किया योगाभ्यास

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जनसमूह संग सीएम ने किया योगाभ्यास

    मुख्यमंत्री ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान

    उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

    युवाओं से नशामुक्त, अनुशासित एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बनबसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित योग साधकों, सशस्त्र सीमा बल के जवानों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, मातृशक्ति एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ शारदा की पावन भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों के साथ योगाभ्यास करने का अवसर प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने योग दिवस के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी योग प्रशिक्षकों, साधकों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग मन को स्थिरता प्रदान करता है तथा व्यक्ति को सकारात्मक, संतुलित एवं सफल जीवन की ओर अग्रसर करता है।

    उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में कार्य कर रहा है। योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता मजबूत होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने विश्वभर में मानवता को जोड़ने का कार्य किया है तथा भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के संदेश को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक पहचान मिली और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड योग, अध्यात्म और साधना की प्राचीन परंपराओं की भूमि है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देश की पहली योग नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग, ध्यान एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं तथा सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य शारदा नदी तट पर भी योग एवं आध्यात्मिक साधना को व्यापक रूप से बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक एवं पर्यटन विकास की नई पहचान देने के लिए कार्य कर रही है। लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। प्रथम चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ किया जा चुका है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी उत्तराखंड को योग का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे।

    योग दिवस कार्यक्रम के अवसर पर कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री  भरत चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत  आनंद सिंह अधिकारी, सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत,सचिव आयुष रंजना राजगुरु,आईजी कुमाऊं  निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी चम्पावत  मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर  नितिन सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक उधमसिंह नगर  अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी मौजूद थे।

  • हरिद्वार में संत समाज का सम्मान: सीएम धामी को मिला ‘सनातन रक्षक’ का संबोधन

    हरिद्वार में संत समाज का सम्मान: सीएम धामी को मिला ‘सनातन रक्षक’ का संबोधन

    विहिप केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक

    लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद के विरोध की गूंज

    विहिप भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षकम- धामी

    उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है सरकार : सीएम धामी

    हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भूपतवाला में आयोजित विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व हिन्दू परिषद पिछले छह दशकों से सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय चेतना के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    उन्होंने कहा कि परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का एक सशक्त माध्यम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में देश और विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में समाज को जागरूक, संगठित एवं अपनी सांस्कृतिक जड़ों एवं मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक एकता, समरसता एवं राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी वर्गों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है।
    अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक जैसे कार्यों ने देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

    केदारखण्ड एवं मानसखण्ड क्षेत्रों में प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास एवं सौन्दर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार तथा हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक विरासत एवं मूल स्वरूप के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है।
    समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार एवं समान कानून सुनिश्चित किए गए हैं। सख्त भू-कानून लागू कर प्रदेश की भूमि, संस्कृति एवं जनहितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है तथा कानून व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं सभ्यता से संबंधित विषयों पर अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है।

    मुख्यमंत्री के संबोधन से पूर्व विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शक मंडल से जुड़े संत-महात्माओं ने उन्हें धर्मरक्षक, सनातन सेवा के लिए समर्पित तथा देवभूमि के देवालयों का सेवक बताते हुए पूरे संत समाज की ओर से आशीर्वाद प्रदान किया।

    महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि ने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वभर में सनातन संस्कृति की पताका फहरा रही है, उसी प्रकार उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सनातन मूल्यों की रक्षा एवं संरक्षण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसी प्रवृत्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त करने जैसे निर्णयों ने उत्तराखण्ड को सनातन संरक्षण का एक आदर्श मॉडल बनाया है।

    महामंडलेश्वर स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश महाराज ने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य एवं दिव्य मंदिर का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ।
    उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नकारते थे, वे आज भी राम मंदिर एवं उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को विवादित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व सनातन परंपरा के विरोधी हैं।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में तेजी से बदल रही जनसांख्यिकी को लेकर धामी सरकार की गंभीरता तथा देवभूमि के पौराणिक स्वरूप एवं सांस्कृतिक मानबिंदुओं के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं।

    बैठक की अध्यक्षता अटल पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वात्मानन्द महाराज ने की। महाराष्ट्र से स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज, साध्वी पूर्णप्रज्ञा जी, गुजरात कर्णावती के देवलाचार्य-अविचलाचार्य महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज, मुम्बई से डॉ. भदन्त राहुल बोधि, गोवा के पद्मनाभ पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मेशानन्द महाराज, सहित अनेक प्रतिष्ठित संत-महात्माओं एवं धर्माचार्यों ने सहभागिता की।

    विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं केन्द्रीय प्रबन्ध समिति के वरिष्ठ सदस्य दिनेश , अंतरराष्ट्रीय महामंत्री संगठन मिलिंद परांडे, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश विनायक, प्रांत संगठन मंत्री अजय कुमार, क्षेत्र संयोजक बजरंग दल अनुज वालिया, बलराम कपूर, सौरभ चौहान सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

  • त्रिवेणी घाट पर गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा

    त्रिवेणी घाट पर गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा

    जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में ऋषिकेश क्षेत्र की प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न

    देहरादून। त्रिवेणी घाट पुनर्विकास, चंद्रभागा पैदल पुल, आस्था पथ सौंदर्यीकरण एवं केएफडब्ल्यू वित्तपोषित परियोजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी अर्द्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियों के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

    बैठक में उत्तराखंड जल संस्थान, सिंचाई विभाग, नगर निगम ऋषिकेश, उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास अभिकरण (यूयूएसडीए) सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा प्रस्तावित एवं प्रगति पर चल रही परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई।
    नगर निगम ऋषिकेश द्वारा अर्द्धकुंभ मेला-2027 के लिए लगभग ₹156 करोड़ लागत के प्रस्तावित कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया गया, जबकि उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा पेयजल एवं संबंधित अवसंरचना विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया।

    बैठक के दौरान त्रिवेणी घाट पुनर्विकास, चंद्रभागा पैदल पुल तथा आस्था पथ के सौंदर्यीकरण संबंधी प्रस्तावों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण में त्रिवेणी घाट को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों के अनुरूप विकसित करने की योजना पर चर्चा की गई। इसके अंतर्गत अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक प्रदर्शन क्षेत्र (Ritual Performance Zone) विकसित करने, बाढ़ स्तर को ध्यान में रखते हुए संरचनात्मक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा त्रिवेणी घाट से मां सरस्वती मंदिर तक के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रस्तावित कार्यों में चरणबद्ध बैठक व्यवस्था, गतिविधि क्षेत्र तथा अतिरिक्त जनसुविधाओं के विकास को भी शामिल किया गया है।

    बैठक में चंद्रभागा पैदल पुल परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे अधिक सुरक्षित, आकर्षक एवं जनोपयोगी स्वरूप प्रदान करने के संबंध में आवश्यक सुझावों पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न घाटों के पुनर्विकास, नदी तट संरक्षण एवं पर्यटन अवसंरचना सुदृढ़ीकरण से संबंधित परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

    अधिकारियों को स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा अनुमोदन एवं निविदा प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

    बैठक में केएफडब्ल्यू (KfW) वित्तपोषित एकीकृत शहरी अवसंरचना विकास परियोजना की भी समीक्षा की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश, मुनिकीरेती, तपोवन एवं स्वर्गाश्रम क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्ट्रीट लाइटिंग, विद्युत बस अवसंरचना, जल निकासी व्यवस्था तथा अन्य शहरी सुविधाओं से संबंधित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई।

    अधिकारियों ने अवगत कराया कि कई परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है तथा विभिन्न स्तरों पर अनुमोदन एवं निविदा प्रक्रियाएं प्रचलित हैं।

    बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा अर्द्धकुंभ मेला-2027 के दृष्टिगत ऋषिकेश क्षेत्र की प्रमुख सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं सुधार कार्यों की प्रगति भी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनसुविधा से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।

    जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि अर्द्धकुंभ मेला-2027 से संबंधित सभी विकास परियोजनाएं श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऋषिकेश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन पहचान को और सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही त्रिवेणी घाट स्थित गंगा संग्रहालय के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने को कहा।

    बैठक में नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला, सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश दीक्षांत गुप्ता, परियोजना प्रबंधक (पीआईयू) सिंचाई विभाग एस.के. सिंह, परियोजना प्रबंधक पेयजल निगम गंगा ऋषिकेश संजीव वर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग भृगु द्विवेदी, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि, जिला पंचायत, वन विभाग, पर्यटन विभाग, परिवहन विभाग, यूरेडा, स्वास्थ्य विभाग, यूयूएसडीए, तथा जिला गंगा समिति के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • घूसखोरी करते पकड़ा गया पीआरडी कर्मी, विजिलेंस ने दबोचा

    घूसखोरी करते पकड़ा गया पीआरडी कर्मी, विजिलेंस ने दबोचा

    दाखिल-खारिज दर्ज कराने के एवज में 4,500 रुपये की मांग

    टोल फ्री 1064 की शिकायत पर कार्रवाई

    रुड़की। शिकायतकर्ता द्वारा टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई गई कि तहसीलदार कार्यालय रुड़की में पेशकार का कार्य देख रहा पीआरडी कर्मी संदीप उसकी बहन की भूमि के दाखिल-खारिज को रजिस्टर में दर्ज कराने के एवज में 4,500 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है।
    शिकायत की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देशन में ट्रैप टीम का गठन किया गया।

    ट्रैप टीम ने 19 जून 2026 को कार्रवाई करते हुए संदीप कुमार पुत्र बीरबल, निवासी थिथोला, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार, वर्तमान में तहसीलदार कार्यालय रुड़की में तैनात पीआरडी कर्मी, को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उसने रिश्वत की मांग की तथा रिश्वत की राशि प्राप्त करने के बाद उसे एक अज्ञात व्यक्ति को देकर साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया।

    विजिलेंस ने आरोपी को तहसीलदार कार्यालय रुड़की से गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • उत्तराखंड में रेल परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, विकास कार्यों पर जोर

    उत्तराखंड में रेल परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, विकास कार्यों पर जोर

    मुख्यमंत्री ने रेलवे बोर्ड के साथ की समीक्षा बैठक

    ऋषिकेश-कर्णप्रयाग, टनकपुर-बागेश्वर और किच्छा-खटीमा रेल लाइनों पर फोकस, स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर भी चर्चा

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार, विभिन्न रेल परियोजनाओं की प्रगति तथा भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण राज्य के समग्र विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की महत्वाकांक्षी और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए इसके कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चारधाम यात्रा, विशेषकर बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाएगी।

    बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि परियोजना का सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि नवंबर 2026 तक इस परियोजना पर ठोस प्रगति दिखाई देगी। उन्होंने कर्णप्रयाग-बागेश्वर तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजनाओं को भी क्षेत्रीय संतुलित विकास और भविष्य की जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर आगे कार्रवाई करने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तीर्थाटन और पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना आवश्यक है। उन्होंने गढ़वाल मंडल के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की तथा कुमाऊँ मंडल के हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
    उन्होंने आगामी कुंभ और कांवड़ मेले के मद्देनजर हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

    बैठक में हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण (डबल लाइन) की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

    रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने कहा कि बैठक में जिन बिंदुओं पर चर्चा हुई है, उन पर पूरी गंभीरता के साथ कार्य किया जाएगा।
    बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी भी मौजूद रहे।