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  • जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने किया  नारी निकेतन, बाल सुधार गृह तथा किशोरी गृह का निरीक्षण

    जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने किया नारी निकेतन, बाल सुधार गृह तथा किशोरी गृह का निरीक्षण

    सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और पुनर्वास व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश

    बालकों का विस्तृत प्रोफाइल बनाने पर जोर

    देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने केदारपुरम स्थित नारी निकेतन, बाल सुधार गृह और किशोरी गृह का निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों और महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता तथा पुनर्वास गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाल सुधार गृह में रह रहे किशोरों से संवाद कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, दिनचर्या और अन्य आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि बाल सुधार गृह में बेसिक लर्निंग प्रोग्राम संचालित किया जाए, ताकि बच्चों की शैक्षिक और बौद्धिक क्षमता का विकास हो सके। साथ ही सभी बालकों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।
    जिलाधिकारी ने प्रत्येक बालक की नियमित काउंसलिंग और स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पुनर्वास, व्यक्तित्व विकास और कौशल संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया।

    नारी निकेतन और किशोरी गृह के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और उन्हें और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यहां रह रही किशोरियों और संवासिनियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।

    जिलाधिकारी ने परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थानों में स्वच्छ, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं को बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    वर्तमान में नारी निकेतन में 160 संवासिनियां, बाल सुधार गृह में 7 किशोर और किशोरी संप्रेक्षण गृह में 12 किशोरियां निवासरत हैं।
    निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाईं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, समिति सदस्य पी.एन. जौहर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • कार्यकर्ताओं के अथक समर्पण से भाजपा ने हासिल की अजेय पहचान : सीएम धामी

    कार्यकर्ताओं के अथक समर्पण से भाजपा ने हासिल की अजेय पहचान : सीएम धामी

    प्रकोष्ठों को सरकार के कार्य हर वर्ग तक पहुंचाकर, जीत को अधिक प्रचंड बनाना है : सीएम धामी

    राजनीति सेवा का माध्यम, तभी भाजपा में आपदा , एनजीओ और पर्यटन जैसे प्रकोष्ठों की अहमियत : सीएम धामी

    प्रकोष्ठों का विस्तार बताता है, भाजपा जनता के बीच काम करती है, विपक्ष सोशल मीडिया पर : सीएम धामी

    बूथ बूथ कमल खिलाने में प्रकोष्ठों की भूमिका बेहद अहम होगी : भट्ट

    देहरादून । भाजपा प्रदेश प्रकोष्ठों की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा, कार्यकर्ताओं की क्षमता, अनुभव और समर्पण से भाजपा अजेय बनी हुई है। अब प्रकोष्ठों को सरकार के कामों को हर वर्ग तक पहुंचाकर, पार्टी की जीत को अधिक प्रचंड बनाना है।

    भाजपा के लिए राजनीति सेवा का माध्यम, तभी आपदा , एनजीओ और पर्यटन जैसे प्रकोष्ठों की हमारे लिए अहमियत है, जो बताता है भाजपा जनता के बीच काम करती है, विपक्ष सोशल मीडिया पर। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा, बूथ बूथ कमल खिलाने में प्रकोष्ठों की भूमिका बेहद अहम होने जा रही है।

    प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस बैठक में बोलते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, भाजपा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर चलने वाला एक जीवंत जीवंत विचारधारा है। और इस विचार को समाज के अंतिम छोर तक खड़े हुए विभिन्न आय वर्ग और सामाजिक वर्ग के लोगों तक पहुंचाने का काम कोई करता है, समाज के हर वर्ग तक पहुंचने में पार्टी का कोई माध्यम बनता है, तो हमारे प्रकोष्ठ बनते हैं। आज हमारे पास चिकित्सा,सहकारिता, सांस्कृतिक, व्यवसायिक, आपदा प्रबंधन, पर्यटन गतिविधि, खेल सभी क्षेत्रों में काम करने वाले विभिन्न प्रकोष्ठ हैं। उसमें आप सभी लोगों को इस क्षेत्र में अपनी एक विशेषज्ञता के साथ, पार्टी के अनुभव और समाज का अनुभव है का सामंजस्य बनाते हुए सरकार और पार्टी के कामों को जन जन तक पहुंचाना है। आप लोगों की क्षमता, अनुभव और समर्पण हमे अन्य पार्टियों के सामने अजेय बनाता है।

    उन्होंने कहा, भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों में यही प्रमुख अंतर है कि अन्य दल सिर्फ चुनाव के समय में वोट ढूंढने के लिए निकलते हैं। और हम लोग 365 दिन समाज के हर वर्ग की सेवा के लिए काम करते है। क्योंकि भाजपा राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानती है। हम लोग सरकार में इसलिए आना चाहते हैं कि इसके माध्यम से समाज की सेवा करें, राष्ट्र के उन्नयन में अपना योगदान दें, समाज के अंतिम छोर में खड़े हुए व्यक्ति को आगे लाने का कार्य करें।

    उन्होंने प्रशंसा करते हुए कहा, इस बार हमारी पार्टी ने अपने संगठन के दायरे को बढ़ाते हुए आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, स्वयं सहायता प्रकोष्ठ को भी बहुत प्रमुखता दी है। चूंकि उत्तराखंड एक संवेदनशील हिमालय राज्य है, हमने आपदाओं का दर्द भी देखा है और उनसे लड़ने का साहस भी दिखाया है। पार्टी का एक सिद्धांत कि’जहां कम, वहां हम’—इस उक्ति को भी हमने चरितार्थ किया है। जब भी राज्य या देश पर कोई आपत्ति आती है, तो सरकार और प्रशासन तो अपना काम करते हैं। लेकिन ऐसे विपरीत समय में सबसे पहले समाज खड़ा होता है। और समाज को दिशा देने का काम हमारे पार्टी के कार्यकर्ता करते हैं।

    ऐसे कठिन समय में हमारे कार्यकर्ता राहत के काम हों, बचाव के कार्य हों, उन सभी में योगदान देते हैं; चाहे आपदा हो, चाहे कोरोना जैसी महामारी हो, या कोई अन्य कोई असमय आने वाली विपत्ति हो। हमारे कार्यकर्ता राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए, समाज को सर्वोपरि मानते हुए संकट की घड़ी में आगे बढ़ते हैं।
    उन्होंने आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के संयोजकों से आग्रह किया कि आप लोग ब्लॉक स्तर पर ऐसे युवाओं की टोली अवश्य तैयार कीजिए, जो आपदा के समय में ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनें यानी कि सबसे पहले वहां पर जाएं। हमें जनता के दिलों में यह विश्वास जगाना है कि संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हर मुश्किल में उनके साथ खड़ा है। यह भाव, यह विश्वास आम जनता में पैदा करने का काम हमारे प्रकोष्ठ के आप सभी महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के माध्यम से होना है।

    इसी तरह स्वयं सहायता समूह प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों से भी आग्रह किया कि हमारी लाखों बहनें आज स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्राप्त कर रही हैं। यानी कि स्वयं भी रोजगार कर रही हैं और स्वयं के रोजगार के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान करने का काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का लक्ष्य है कि 2029 तक 3 करोड़ हमारी बहनें, महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनें। और हमारी सरकार भी उनके इस संकल्प को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए काम कर रही है।

    इसके साथ ही हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना से लेकर लखपति दीदी योजना तक, महिलाओं के लिए 30% का क्षैतिज आरक्षण लागू करने का काम भी किया है। ऐसे में हमारे स्वयं सहायता समूह प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी है कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हमारी हजारों महिला समूहों तक पहुंच बनाएं, उनसे संपर्क स्थापित करें और उन्हें सरकार की योजनाओं से जोड़ने का काम भी करें। उन्हें बताएं कि डबल इंजन की सरकार किस प्रकार से उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। क्योंकि हमारा स्पष्ट मानना है, कमल का बटन दबाना हमारी माताओं-बहनों के लिए मात्र एक वोट देना नहीं है, बल्कि उनके लिए उनके स्वाभिमान का जरिया होना चाहिए।

    इसी तरह उत्तराखंड की आर्थिकी में बहुत बड़ा प्रमुख साधन पर्यटन है। ऐसे में हमारे पर्यटन गतिविधि प्रकोष्ठ की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। आज प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हम उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। आज चाहे मानसखंड हो या केदारखंड हो, यहां के सभी धार्मिक स्थलों का विकास हो रहा है, उनका नवनिर्माण हो रहा है, पुनर्निर्माण हो रहा है, वहां पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। उसी का परिणाम है कि आज तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हो रही है। इस बार तो चारधाम यात्रा ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं, दो माह में ही 40 लाख लोग चारधाम की यात्रा पर और आदि कैलाश जैसे सीमांत क्षेत्र में 45 हज़ार लोगों ने डेढ़ महीने के अंदर ही भ्रमण कर लिया है। ऐसे में पर्यटन प्रकोष्ठ का काम है कि हमारे स्थानीय युवाओं को भी इस संबंध में वह गाइड करें, उनको बताएं कि पहले क्या होता था और अब क्या हो रहा है, अब कितना परिवर्तन हुआ है।

    वहीं अन्य सभी प्रकोष्ठों से भी आग्रह किया कि अपने-अपने कार्यक्षेत्र में समाज की अपेक्षाओं, चुनौतियों और आवश्यकताओं को समझते हुए सेवा, संगठन और जन-जागरण का प्रभावी माध्यम बनें। सरकार की उपलब्धियों को, उनकी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम करें।
    आज एक ओर हमारी सरकार विकासवाद और राष्ट्रवाद पर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर जो हमारे सामने विपक्ष है, उसकी नकारात्मकता, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति है। आज हमारे प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के पास न तो कोई नीति है, न कोई नियत है और न ही कोई नेता है। हम सभी लोगों ने ग्राउंड जीरो पर जाकर लोगों को बताना है कि जब हमारे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार होती थी, तो तब उन्होंने उत्तराखंड को सिर्फ भ्रष्टाचार, घोटालों और तुष्टिकरण का केंद्र बनाने का काम किया है। वहीं जब से हमारी सरकार विकास और जनकल्याण के लिए कार्य कारण लगी तो कांग्रेस पार्टी के लोगों के पेट में दर्द होने लगा। जब हम देवभूमि के मूल स्वरूप को बचाने के लिए समान नागरिक संहिता का कानून लेकर आए, तो यह वोट बैंक की राजनीति करने वाले बिलबिला उठे, परेशान हो गए। जब हमने देवभूमि की पवित्र भूमि पर धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून किया और सरकारी जमीन अवैध कब्जों पर, अवैध रूप से बनी हुई मजारों पर, अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया, तो जो तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने वाले लोग थे, इन ठेकेदारों को बहुत तेज मिर्ची लग गई। यह वह लोग हैं, जो उत्तराखंड की संस्कृति को नष्ट करना चाहते हैं। लेकिन हमें जनता को विश्वास दिलाना है कि जब तक देवभूमि में भाजपा की सरकार है, तब तक यहां की डेमोग्राफी को बदलने नहीं दिया जाएगा, किसी कीमत पर बदलने नहीं दिया जाएगा। अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। युवाओं के हक पर डाका डालने वालों को जेल की सलाखों के पीछे डालने का यह अनवरत रूप से चलने वाला काम, यह रोका नहीं जाएगा, यह अनवरत रूप से चलेगा।

    ​उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह वह लोग हैं जो आपदा के समय केवल ट्विटर पर, फेसबुक पर, सोशल मीडिया पर और एयर कंडीशनर कमरों में बैठकर बयानबाजी करते हैं, ग्राउंड जीरो पर नहीं उतरते हैं। जबकि हमारा एक-एक कार्यकर्ता धरातल पर जाकर जनता की सेवा करता है। एक कार्यकर्ता होने के नाते ऐसी कोई आपदा नहीं है, जहां में स्वयं ग्राउंड जीरो पर नहीं पहुंचा हूँ। चाहे वह धराली की आपदा हो, स्याना चट्टी की आपदा हो, सिल्क्यारा टनल आपदा हो, जोशीमठ आपदा हो, रुद्रप्रयाग छैनागाड़ आपदा हो, पौड़ी सेंज़ी आपदा हो, देहरादून हो, बागेश्वर हो।
    ​
    उन्होंने कहा, जनता को पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश में डबल इंजन की सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ दिन-रात कार्य कर रही है। इसीलिए पूरे देश के अंदर जहां भी चुनाव हो रहे हैं, वहां देश की जनता डबल इंजन सरकारों को चुन रही है। अब दो-तीन राज्य रह गए हैं और आने वाले समय में अटक से लेकर कटक तक, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक पूरा भगवामय भाजपा ही भाजपा की सरकार होगी।

    उन्होंने सभी प्रकोष्ठ से लगातार अपनी गतिविधियों को मिशन मोड़ पर आगे बढ़ने का आह्वाहन किया। कहा, आप जनता के बीच में बैठिए, उनकी समस्याओं को ध्यान से सुनिए, उन्हें सीधे हम तक पहुंचाइए। सरकार का दरवाजा हमेशा खुला है। हमे इस विश्वास को और अधिक मजबूत करना है कि सुख हो या दुख, भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हमेशा उनके साथ खड़ा है क्योंकि जनता का यही विश्वास हमारी ताकत है।

    वहीं जोर देते हुए कहा कि हमारे पास हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जैसा मजबूत और दूरदर्शी पारदर्शी नेतृत्व एवं दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा जो ऐतिहासिक कार्य हैं, वह भी हमारे लिए बहुत बड़ी एक ताकत हैं। और उस सबके ऊपर आप जैसे कर्मठ कार्यकर्ताओं की फौज है। लिहाजा हमे बस एकजुटता और समर्पण भाव से पार्टी के कामों को इसी तरह आगे बढ़ाना है। हम न थकेंगे, न हम रुकेंगे। उन्होंने संकल्प दिलाया कि हमें विपक्ष के हर झूठ को, हर अफवाह को सही तथ्यों से, तथ्यपरक चीजों से जवाब देने का काम करना है। हम सबको मिलकर संगठन को अधिक मजबूत करते हुए, समाज की सेवा को और व्यापक बनाएं। ताकि राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में हमारी सक्रिय भागीदारी अधिक सुनिश्चित हो।

    इस मौके पर अपने सम्बोधन में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने सभी मोर्चों से उनकी भूमिका लेकर विभिन्न पार्टी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा, प्रकोष्ठ पार्टी की बड़ी ताकत हैं क्योंकि उसके कार्यकर्ता समाज के सभी वर्गों के बीच कर्मठता से जुड़कर सहभागिता करते हैं। क्योंकि समाज में ऐसे बहुत से लोग हैं जो पार्टी के कार्यकर्ता नहीं हों लेकिन हमारी विचारधारा, हमारे सरकार के कार्यों और हमारे नेतृत्व से प्रसन्न है। उन सब तक पार्टी के कार्यक्रमों और सरकार की योजनाओं को पहुंचाना है ताकि वे चुनाव की दृष्टि पार्टी के पक्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने सभी प्रकोष्ठों को निदेश दिए कि शीघ्र अपनी टीमों का गठन मंडल तक पूरा करना है। प्रकोष्ठ से संबंधित समाज में सबको नीचे तक जाना है और बूथ-बूथ पर कमल खिलाने का लक्ष्य पूरा करना है।

    बैठक में प्रदेश महामंत्री श्री कुंदन परिहार एवं पार्टी के प्रदेश प्रकोष्ठ संयोजक श्री कुस्तुभानंद जोशी के साथ सभी 22 प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक एवं सह संयोजक मौजूद रहे।

  • उत्तराखंड पुलिस की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर लोगों को गुमराह करने वाला युवक गिरफ्तार

    उत्तराखंड पुलिस की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर लोगों को गुमराह करने वाला युवक गिरफ्तार

    एआई-डीपफेक से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का वीडियो बनाया

    पुलिस वर्दी और फर्जी आईडी भी बरामद

    देहरादून। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून और एसटीएफ ने उत्तराखंड पुलिस का प्रतिरूपण कर फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट संचालित करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए पुलिस की वर्दी पहनकर फोटो और वीडियो पोस्ट करता था। उसने एआई और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का भ्रामक वीडियो भी तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था।

    एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि “Uttarakhand_police__112” नाम से संचालित एक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए उत्तराखंड पुलिस का फर्जी प्रतिरूपण किए जाने की सूचना मिलने पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मेटा और अन्य सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त डाटा का विश्लेषण किया गया।

    तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने क्लेमेनटाउन क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए मोरोवाला निवासी 20 वर्षीय लुकमान मलिक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर संचालित की तथा एआई/डीपफेक तकनीक के माध्यम से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का परिवर्तित वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

    पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों पर प्रभाव जमाने और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता व आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से पुलिस वर्दी में फोटो और वीडियो बनाता था। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें संबंधित फर्जी इंस्टाग्राम आईडी लॉग-इन मिली। मोबाइल की जांच में एआई जनरेटेड वीडियो, पुलिस वर्दी में तस्वीरें तथा फर्जी पुलिस पहचान पत्र की फोटो भी मिली।

    इसके अलावा आरोपी के घर से उत्तराखंड पुलिस की वर्दी से मिलते-जुलते वस्त्र और अन्य सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने बरामद सामग्री को सीज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

  • गंभीर बीमारी-पारिवारिक आधार पर तबादले मंजूर

    गंभीर बीमारी-पारिवारिक आधार पर तबादले मंजूर

    सुगम-दुर्गम स्थानांतरण पर अभी रोक बरकरार, कार्मिक विभाग की राय के बाद होगा फैसला

    देहरादून। उत्तराखंड शासन ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में लंबित स्थानांतरण मामलों के निस्तारण को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। सचिव रविनाथ रामन ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा तथा अपर शिक्षा निदेशकों को निर्देशित किया है कि उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम-2017 के तहत गठित समिति की संस्तुतियों के अनुरूप पात्र मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
    शासनादेश के अनुसार, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के स्थानांतरण प्रस्तावों पर विचार किया।

    इनमें गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, मानसिक रूप से अस्वस्थ या गंभीर रूप से बीमार बच्चों की देखभाल, विधवा, विधुर, तलाकशुदा, परित्यक्ता, आपदा प्रभावित तथा माता-पिता की गंभीर बीमारी जैसे मानवीय आधारों पर प्राप्त आवेदन शामिल हैं। समिति ने ऐसे मामलों में स्थानांतरण अधिनियम की धारा 17(1)(ख) के तहत अनुरोध आधारित तबादलों पर कार्रवाई की संस्तुति दी है।

    हालांकि, सुगम से दुर्गम और दुर्गम से दुर्गम क्षेत्रों में स्थानांतरण से जुड़े मामलों पर फिलहाल निर्णय टाल दिया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि नैनीताल हाईकोर्ट की रिट याचिका संख्या 533/2025 में 16 दिसंबर 2025 को दिए गए आदेश के कारण इस श्रेणी के स्थानांतरणों पर रोक लागू है। इस संबंध में मामला कार्मिक एवं सतर्कता विभाग को भेजा गया है और वहां विचाराधीन है।
    शासन ने निर्देश दिए हैं कि धारा-27 के अंतर्गत भेजे गए सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण समिति की संस्तुतियों और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप निर्धारित समयावधि में किया जाए। वहीं, सुगम-दुर्गम श्रेणी के आवेदनों पर कार्मिक एवं सतर्कता विभाग से आवश्यक परामर्श प्राप्त होने के बाद अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।

    प्रेषक,
    रविनाथ रामन,
    सचिव, उत्तराखण्ड शासन ।
    सेवा में,
    1. महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड ।
    2. निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तराखण्ड।
    3. अपर शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, निदेशालय / कुमांऊ मण्डल / गढ़वाल मण्डल ।
    माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-01
    देहरादूनः दिनांकः 24 जून, 2026
    विषयः- उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 के अन्तर्गत स्थानान्तरण हेतु प्राप्त आवेदनों के सम्बन्ध में।
    महोदय,
    कृपया उपर्युक्त विषयक कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, उत्तराखण्ड शासन के पत्र दिनांक 01.06.2026 (छायाप्रति संलग्न), जिसके माध्यम से उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 की धारा-27 के अन्तर्गत मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में गठित समिति की दिनांक 24.04.2026 को सम्पन्न बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक / प्रवक्ता / सहायक अध्यापक (एल०टी०) के स्थानान्तरण के संबंध में प्रेषित प्रस्ताव पर समिति द्वारा की गयी संस्तुति / निर्णय की प्रति उपलब्ध करायी गयी हैं, का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें।
    2-उक्त के क्रम में अवगत कराना है कि समिति द्वारा स्थानान्तरण के संबंध में प्रेषित प्रस्तावों के संबंध में निम्नवत संस्तुति प्रदान की गयी है:-
    (माध्यमिक शिक्षा विभाग)
    04 प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक, 91 प्रवक्ता, 97 सहायक अध्यापक एल०टी० (गढ़वाल मण्डल) व 73 सहायक अध्यापक एल०टी० (कुमाऊं मण्डल) का स्वयं अथवा पति/पत्नी (यथालागू) की गम्भीर रोगग्रस्तता / विकलांगता, मानसिक रूप से विक्षिप्त एवं लाचार/दिव्यांग/बीमार बच्चों, विधवा/विधुर/तलाकशुदा/परित्यक्ता/आपदा प्रभावित एवं माता / पिता की गम्भीर बीमारी के आधार पर स्थानान्तरण का प्रस्ताव।
    समिति की संस्तुति/निर्णयः- वर्तमान में स्थानान्तरण सत्र 2026-27 के अन्तर्गत स्थानान्तरण की कार्यवाही विभागों के स्तर पर गतिमान है। गम्भीर रोग, जिनका उल्लेख अधिनियम की धारा 3 (घ) में किया गया है, से ग्रसित कार्मिकों के स्थानान्तरण के प्रावधान अधिनियम में किये गये हैं। इस संबंध में उत्तराखण्ड लोक सेवाकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 की धारा 3 (घ) में निहित प्रावधानों के आलोक में वर्तमान स्थानान्तरण सत्र, 2026-27 में प्रशासकीय विभाग / विभागों द्वारा प्रश्नगत प्रस्तावों पर अधिनियम की धारा 17 (1) (ख) के अनुसार अनुरोध के आधार पर स्थानान्तरण के संबंध में
    कार्यवाही की जाय।
    3-यह भी अवगत कराना है कि अधिनियम की धारा 17 (1) (ख) के अन्तर्गत (छः) एवं (सात) में दुर्गम से दुर्गम एवं सुगम से दुर्गम क्षेत्र में स्थानान्तरण हेतु अनुरोध का उल्लेख है। वर्तमान में विद्यालयी शिक्षा विभाग में मा० उच्च न्यायालय में योजित रिट याचिका संख्या-533/2025 में पारित निर्णय दिनांक 16.12.2025 के कारण सुगम / दुर्गम के आधार पर स्थानान्तरण किए जाने पर रोक लगायी गयी है। ऐसी स्थिति में समिति द्वारा की गयी संस्तुति के अनुसार उपरोक्त धारा 17 (1) (ख) (छः) एवं (सात) के अन्तर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों (दुर्गम / सुगम आधारित स्थानान्तरणों) के आधार पर स्थानान्तरण किये जाने के संबंध में पुनर्विचार किये जाने हेतु प्रकरण कार्मिक एवं सतर्कता विभाग को संदर्भित किया गया है, जोकि वर्तमान में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के स्तर पर विचाराधीन है।
    4-
    अतः उपरोक्त के क्रम में कार्यालय महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा / निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तराखण्ड के विभिन्न पत्रों द्वारा स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 की धारा-27 के अन्तर्गत शासन के विचारार्थ स्थानान्तरण हेतु प्रेषित समस्त आवेदन पत्रों को मूल रूप में वापस करते हुए मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उपरोक्तानुसार वर्णित स्थानान्तरण अधिनियम की धारा 27 के अन्तर्गत गठित समिति द्वारा प्रदत्त संस्तुति एवं मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल के उपरोक्त सन्दर्भित निर्णय के आलोक में अभी स्थानान्तरण अधिनियम की धारा 17 (1) (ख) के अन्तर्गत (एक) से (पांच) में वर्णित आधारों के क्रम में प्राप्त समस्त आवेदनों तथा स्थानान्तरण अधिनियम की धारा-27 के अन्तर्गत गठित समिति द्वारा की गयी संस्तुति (प्रस्तर-2 में वर्णित) के अनुसार समिति के समक्ष प्रस्तुत स्थानान्तरण प्रस्तावों (सूची संलग्न) पर निर्धारित समयावधि के भीतर नियुक्ति प्राधिकारी के स्तर पर गठित स्थानान्तरण समितियों के माध्यम से नियमानुसार कार्यवाही करने का कष्ट करें। स्थानान्तरण अधिनियम की धारा 17 (1) (ख) के अन्तर्गत (छः) एवं (सात) में वर्णित आधारों के क्रम में प्राप्त आवेदनों के संबंध में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग से अपेक्षित परामर्श प्राप्त होने के उपरान्त उक्त आवेदनों पर कार्यवाही किये जाने के संबंध में पृथक से आदेश निर्गत किये जायेंगे।
    संलग्नक-यथोक्त ।
    Digitally signed by
    RAVINATH RAMAN
    Date: 24-06-2026
    11:29:13
    भवदीय,
    (रविनाथ रामन)
    सचिव ।
  • आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों को रखना होगा डिजिटल रिकॉर्ड

    आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों को रखना होगा डिजिटल रिकॉर्ड

    31 अगस्त तक एबीडीएम आधारित डिजिटल व्यवस्था लागू करनी होगी

    आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन उत्तराखंड की स्टेट मिशन डायरेक्टर रीना जोशी ने जारी किए आदेश

    एक सितंबर से केवल नियमों का पालन करने वाले अस्पतालों को ही मिलेगा आयुष्मान योजना का प्रोत्साहन

    देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना से जुड़े अस्पतालों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि 31 अगस्त 2026 तक सूचीबद्ध अस्पतालों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) आधारित हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) लागू कराया जाए और मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए।

    आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन उत्तराखंड की स्टेट मिशन डायरेक्टर रीना जोशी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एक सितंबर 2026 से केवल उन्हीं अनुबंधित अस्पतालों को पीएम-जेएवाई और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा तक सभी आवश्यक मानकों का पालन कर लिया होगा। समय सीमा के भीतर अनुपालन नहीं करने वाले अस्पताल प्रोत्साहन राशि के पात्र नहीं होंगे। निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में तत्काल प्रभाव से एबीडीएम-सक्षम एचएमआईएस और ‘स्कैन एंड शेयर’ सुविधा लागू करनी होगी। इसके साथ ही अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और फार्मासिस्टों का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) आईडी तथा सभी चिकित्सा संस्थानों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) आईडी पंजीकरण भी सुनिश्चित करना होगा। मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड को एबीडीएम इकोसिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया भी 31 अगस्त तक शुरू करनी होगी।सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। इससे विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य प्रणालियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित डिजिटल माध्यम से उपलब्ध रहेंगे। जरूरत पड़ने पर किसी भी अधिकृत स्वास्थ्य संस्थान में मरीज की उपचार संबंधी जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी, जिससे इलाज की निरंतरता भी बनी रहेगी।सभी जिलों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी सहायता और समन्वय के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन उत्तराखंड कार्यालय से संपर्क करने को भी कहा है।

  • टिहरी की सपना राणा ने बढ़ाया प्रदेश का मान, जर्मनी में मिली नौकरी

    टिहरी की सपना राणा ने बढ़ाया प्रदेश का मान, जर्मनी में मिली नौकरी

    मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना

    हैमबर्ग के अस्पताल में नर्स पद पर चयन

    मिलेगा 3.30 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को सपना राणा ने मुलाकात की। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त करने और भाषा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सपना राणा का चयन जर्मनी के हैमबर्ग स्थित शॉन क्लीनिक अस्पताल में नर्स के पद पर हुआ है। उन्हें 3060 यूरो (करीब 3.30 लाख रुपये) प्रतिमाह वेतन मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत गठित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
    वर्तमान में प्रकोष्ठ द्वारा युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार के लिए भाषा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब तक लगभग 65 युवाओं को जापान में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।

    कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि जर्मनी में नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार की अच्छी संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा जर्मन भाषा का प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। इसी प्रशिक्षण के बाद टिहरी गढ़वाल की नर्सिंग प्रशिक्षित युवती सपना राणा का जर्मनी में नर्स के रूप में चयन हुआ है।

    सपना राणा ने अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, पोखाल (टिहरी गढ़वाल) से तथा नर्सिंग की पढ़ाई स्टेट नर्सिंग कॉलेज, देहरादून से पूरी की है। राज्य सरकार की योजना के तहत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें हैमबर्ग स्थित शॉन क्लीनिक अस्पताल में नियुक्ति मिली है।
    इस अवसर पर सचिव सी. रविशंकर भी मौजूद रहे।

  • केंद्र का बड़ा तोहफा: उत्तराखंड के लिए धन की बारिश

    केंद्र का बड़ा तोहफा: उत्तराखंड के लिए धन की बारिश

    SASCI योजना के तहत कुल 2355 करोड़ रुपए स्वीकृत

    देहरादून। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए “पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (SASCI) योजना के तहत कुल 2355 करोड़ रुपए स्वीकृत किये है।

    वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार “पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (SASCI) योजना के तहत कुल 71.94 करोड़ रुपए स्वीकृत किया गया है। जबकि इसी योजना में संचालित “प्राइड ऑफ हिल्स (पर्वतीय राज्यों के लिए विशेष विकास सहायता योजना)” के तहत उत्तराखंड के लिए कुल 2283.60 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इन दोनों स्वीकृति के बाद भारत सरकार, राज्य को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026- 27 के दौरान इस योजना के तहत कुल अब तक 2355.54 करोड़ रुपए प्रदान कर चुकी है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार उत्तराखंड के विकास में पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के संकल्प के अनुसार राज्य को विकसित भारत में अग्रणी राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्प होकर कार्य कर रही है।

  • करोड़ों की ठगी करने वाला ईनामी भू-माफिया गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद

    करोड़ों की ठगी करने वाला ईनामी भू-माफिया गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद

    एनआरआई महिला की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री की थी

    देहरादून। राजपुर थाना पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी भू-माफिया एवं कुख्यात गैंगस्टर विशाल कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक वृद्ध एनआरआई महिला की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने तथा राजपुर रोड स्थित एक बड़ी भूमि का सौदा कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप है।

    गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध 32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
    पुलिस के अनुसार, लक्ष्मण चौक निवासी कमल जिंदल ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि विशाल कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजपुर रोड पर स्थित एक संपत्ति को बेचने का झांसा देकर उनसे विभिन्न माध्यमों से 6 करोड़ 75 लाख रुपये ले लिए।
    इसके बाद न तो संपत्ति की रजिस्ट्री कराई गई और न ही धनराशि वापस की गई। शिकायत के आधार पर थाना राजपुर में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि विशाल कुमार के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर, धोखाधड़ी, जालसाजी, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में लगभग दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। वह कई मामलों में वांछित चल रहा था और लगातार फरार रहने के कारण उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था।

    आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लिया। लगातार निगरानी और दबिश के बाद पुलिस ने 22 जून को आईटी पार्क चौक के निकट तपोवन रोड से उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी द्वारा इस्तेमाल की जा रही क्रेटा कार (यूके-07 एचबी-1133) को भी सीज कर दिया गया है।

    तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक अवैध 32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए, जिसके आधार पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।

    गिरफ्तार आरोपी विशाल कुमार (46 वर्ष) शांति नगर, भोपा रोड, कूकड़ा, थाना नई मंडी, जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। पुलिस के अनुसार वह पूर्व में भी कई बार जेल जा चुका है। उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की संख्या दो दर्जन से अधिक है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

  • सूबे में चलाया जायेगा ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियानः डाॅ. धन सिंह रावत

    सूबे में चलाया जायेगा ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियानः डाॅ. धन सिंह रावत

    कहा, इफको के सहयोग से किसानों के लिए बनेगी व्यापक कार्ययोजना

    नई दिल्ली/देहरादून । सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज नई दिल्ली में इफको अध्यक्ष दिलीप संघानी से मुलाकात की। इफको मुख्यालय में हुई इस मुलाकात में डाॅ. रावत ने इफको के अध्यक्ष से उत्तराखंड में कृषि व सहकारिता क्षेत्र में इफको की भागीदारी को और बढ़ाने का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान डाॅ. रावत ने किसानों के हित में प्रदेशभर में ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने तथा इफको के सहयोग से किसानों के लिये व्यापक कार्ययोजना बनाने पर भी चर्चा की।

    सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि उन्होंने नई दिल्ली में आज इफको के मुख्यालय का दौरा किया। जहां उन्होंने इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी से मुलाकात कर राज्य से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य सुधार, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही राज्य के किसानों को वैज्ञानिक एवं सतत कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
    डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में प्राकृतिक खेती एवं किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को आत्मनिर्भर एवं कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। डाॅ. रावत ने वार्ता के दौरान इफको अध्यक्ष से राज्य में कृषि एवं सहकारिता गतिविधियों में इफको की सहभागिता और बढ़ाने तथा किसानों के हित में प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान संचालित करने का आग्रह किया।

    इफको अध्यक्ष दिलीप संघानी ने सहकारिता मंत्री डाॅ. रावत के आग्रह को स्वीकार करते हुये कहा कि इफको शीघ्र ही उत्तराखंड में एक बड़े किसान सम्मेलन का आयोजन करेगा। जिसमें इफको की भागीदारी, किसानों के हित में संचालित की जाने वाली योजनाओं तथा कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

    बैठक में इफको के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल, विपणन प्रबंधक योगेंद्र कुमार, उत्तराखंड से इफको निदेशक उमेश त्रिपाठी तथा प्रदीप चैधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • सड़क हादसे में उपनिरीक्षक विनोद कुमार  की मौत, पुलिस विभाग में शोक

    सड़क हादसे में उपनिरीक्षक विनोद कुमार की मौत, पुलिस विभाग में शोक

    ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर खाई में गिरी कार

    ऋषिकेश। थाना मुनि की रेती क्षेत्र की शिवपुरी चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक विनोद कुमार शर्मा का ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया।

    मिली जानकारी के मुताबिक ड्यूटी के बाद 22/23 जून की देर रात वह अपनी स्कॉर्पियो से चौकी की ओर जा रहे थे, तभी वाहन गहरी खाई में गिर गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेजा।
    मंगलवार की दोपहर त्रिवेणी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उपनिरीक्षक विनोद शर्मा का अंतिम संस्कार किया गया।

    रानीपोखरी निवासी विनोद शर्मा पूर्व सैनिक भी रहे थे तथा ढालवाला और कैलाश गेट चौकी प्रभारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। अपने सरल स्वभाव, मृदुभाषी व्यवहार और कर्मठ कार्यशैली के कारण वह पुलिस विभाग और आम जनता में बेहद लोकप्रिय थे।
    मंगलवार को ड्यूटी के दौरान हुए आकस्मिक निधन से उत्तराखंड पुलिसमें शोक की लहर है।

    2 अगस्त 1978 को जन्मे विनोद कुमार शर्मा ने भारतीय सेना में गौरवपूर्ण सेवाएं देने के बाद वर्ष 2016 में उत्तराखंड पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। सेना और पुलिस दोनों सेवाओं में उन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन तथा ईमानदारी से अलग पहचान बनाई। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2023 में सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह से सम्मानित किया गया था।

    वर्ष 2017 से लगातार टिहरी गढ़वाल में तैनात रहे विनोद कुमार शर्मा ने जनसेवा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा पुलिस दायित्वों के निर्वहन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सरल स्वभाव, सहयोगी व्यवहार और कार्य के प्रति समर्पण के कारण वे सहकर्मियों और आम नागरिकों के बीच समान रूप से लोकप्रिय थे।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे सहित समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दिवंगत उपनिरीक्षक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। पुलिस परिवार ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।