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  • देहरादून में 29 जून को रोजगार मेले का आयोजन

    देहरादून में 29 जून को रोजगार मेले का आयोजन

    85 पदों पर भर्ती का अवसर

    6 निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां लेंगी भाग

    युवाओं से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील

    देहरादून। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय द्वारा 29 जून को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां प्रतिभाग कर योग्य अभ्यर्थियों का चयन करेंगी।

    क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी, ममता चौहान नेगी ने बताया कि रोजगार मेले में 6 निजी क्षेत्र की कंपनियां भाग लेंगी तथा कुल 85 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में देहरादून सहित अन्य जनपदों के बेरोजगार युवा भी प्रतिभाग कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय परिसर में पूर्व पंजीकरण (प्री-रजिस्ट्रेशन) की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की गई है। साथ ही, रोजगार मेले के दिन भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

    क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता नेगी चौहान

    रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों को अपना बायोडाटा, मूल शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण-पत्र, उनकी छायाप्रतियां, सेवायोजन कार्यालय का पंजीयन कार्ड तथा वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा।

    सेवायोजन विभाग ने अधिक से अधिक युवाओं से रोजगार मेले का लाभ उठाने तथा निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होने की अपील की है।

    रोजगार मेले में शामिल होने वाली कंपनियां

    29 जून को आयोजित रोजगार मेले में थेटा फार्मा, विंडलास बायो मेडिसिन, आईपीसीए लेबराट्रीज, अम्भर, मेंटोरे वॉटर एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड, लाइटेनियम टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां शामिल रहेंगी।

  • राठौर जेल से बाहर, ऊर्जा निगमों के कथित भ्रष्टाचार पर हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती

    राठौर जेल से बाहर, ऊर्जा निगमों के कथित भ्रष्टाचार पर हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती

    एक दूसरे के कच्चे चिठ्ठे खोल रहे
    उर्मिला-आरती व ध्यानी

    रिहाई के बाद राठौर पर टिकी निगाहें

    हाईकोर्ट की सख्ती और दून अदालत की राहत: उत्तराखंड के दो चर्चित मामलों में बड़े घटनाक्रम

    सत्ता, सिस्टम और अदालत: ऊर्जा निगम जांच पर हाईकोर्ट सक्रिय, राठौर मामले में राहत

    नैनीताल/देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति और एक बड़े विभाग से जुड़े दो चर्चित मामलों में गुरुवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। एक ओर नैनीताल हाईकोर्ट ने ऊर्जा निगमों में कथित भ्रष्टाचार, अवैध नियुक्तियों और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
    वहीं अंकिता भंडारी के कथित ‘वीआईपी’ के ‘खुलासे’ के बाद प्रभारी दुष्यंत गौतम की ओर से दर्ज कराए गई पुलिस रिपोर्ट के बाद गिरफ्तार पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तारी के चार दिन बाद अदालत से जमानत मिल गई।
    दोनों मामलों ने प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल को फिर तेज कर दिया है।

    मिली राहत, रिहाई के आदेश

    देहरादून। अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े वायरल ऑडियो मामले में गिरफ्तार पूर्व विधायक सुरेश राठौर को अदालत से जमानत मिल गई है। 14 जून को गिरफ्तार किए गए राठौर को गुरुवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश की अदालत ने राहत देते हुए जमानत मंजूर कर दी।
    अदालत ने माना कि उनके खिलाफ लगाई गई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(6) (जबरन वसूली) जमानती प्रकृति की है, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जा सकता है।

    राठौर की ओर से अधिवक्ता अभिलाष शर्मा ने पक्ष रखा, जबकि अभियोजन पक्ष ने गिरफ्तारी को उचित ठहराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपित पर लगाई गई धारा जमानती श्रेणी में आती है। इसके आधार पर अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही धनराशि की जमानत पर रिहाई के आदेश दिए।

    अब क्या ‘खुलासा’ करेंगे पूर्व विधायक

    गौरतलब है कि वायरल ऑडियो प्रकरण और अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े आरोपों को लेकर सुरेश राठौर पिछले कई महीनों से विवादों में रहे हैं। इसी मामले में उनके खिलाफ विभिन्न थानो में मुकदमे दर्ज किए गए थे और हाल ही में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

    ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर का नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक कथित वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद चर्चा में आया था।
    इस मामले में उनके खिलाफ कई शिकायतें और मुकदमे दर्ज हुए। भाजपा ने भी उन्हें अनुशासनहीनता और विवादों के चलते छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
    दूसरी ओर, अभिनेत्री उर्मिला सनावर ,आरती गौड़ और उक्रांद नेता राकेश ध्यानी के बीच सोशल मीडिया में जबरदस्त वाकयुद्ध चल रहा है। उर्मिला ने ध्यानी पर गम्भीर प्रकृति के आरोप लगाए हैं। जबकि आरती गौड़ ने उर्मिला की गिरफ्तारी की मांग की है। ये सभी एक दूसरे के पुराने कच्चे चिठ्ठे खोल रहे हैं।

    कुछ महीने पूर्व उर्मिला और राकेश ध्यानी के एक ही कार में सफर करते हुए औए हंसी ठिठोली का वीडियो भी वॉयरल हो रहा है। और अब तीनों एक दूसरे के चरित्र हनन को खूब उछाल रहे हैं।
    अंकिता भंडारी हत्याकांड की जारी सीबीआई जॉच के बीच राठौर की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े उर्मिला, आरती, राकेश ध्यानी की सोशल मीडिया में जारी जंग ने राजनीति को फिर गर्मा कर दिया है।

    सीबीआई जांच के परिणाम का इंतजार

    अब जमानत मिलने के बाद पूर्व विधायक राठौर क्या कहते हैं,किस को निशाने पर लेते हैं। इस पर भी निगाहें टिकी हुई हैं। गौरतलब है कि गिरफ्तारी से पूर्व राठौर ने मीडिया को कहा था कि उनके खिलाफ साजिश हो रही है।

    ऊर्जा निगमों में कथित भ्रष्टाचार मामला -हाईकोर्ट सख्त

    ऊर्जा निगमों में कथित अनियमितताओं का मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में है। शिकायतकर्ता आशीष सैनी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड (पिटकुल), उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) और उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन (यूपीसीएल) समेत विभिन्न ऊर्जा उपक्रमों में नियमों के विपरीत नियुक्तियां की गईं। इसके अलावा निविदा प्रक्रियाओं में अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ियां और प्रशासनिक स्तर पर पक्षपात के आरोप भी लगाए गए।
    याचिकाकर्ता का कहना था कि इस संबंध में ऊर्जा विभाग को विस्तृत शिकायत भेजे जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार से जवाब तलब किया और अब शिकायत पर कानून के अनुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
    दूसरी ओर, शिकायतकर्ता को भी एक हफ्ते के अंदर आरोपों के संदर्भ में शपथ पत्र पेश करने को कहा है।
    यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य के ऊर्जा निगम लंबे समय से भर्ती, खरीद और ठेकों को लेकर विवादों में रहे हैं। ऊर्जा प्रदेश के सपने को साकार करने में असफल रहे ऊर्जा निगमों की कार्यप्रणाली राज्य गठन के समय से ही चर्चा में रही है।

  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने SIR को लेकर राजनीतिक दलों से मांगे सुझाव

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने SIR को लेकर राजनीतिक दलों से मांगे सुझाव

    विशेष गहन पुनरीक्षण में राजनैतिक दलों से की सहयोग की अपील

    ASDD श्रेणी में अबतक 76 हजार से अधिक मतदाता चिन्हित

    राजनैतिक दलों के BLA करें ASDD मतदाताओं को खोजने का प्रयास

    देहरादून। उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के सम्बंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० बी वी आर सी पुरुषोत्तम ने गुरुवार को सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर एसआईआर को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों से अब तक गणना फार्म वितरण, फील्ड लेवल पर चल रहे पुनरीक्षण कार्यों का फीडबैक लिया। उन्होंने राजनैतिक दलों से इस अभियान में बूथ लेवल ऑफिसर को सहयोग करने की अपील की।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बैठक में बताया कि प्रदेश में गणना फार्म वितरण का कार्य 99 प्रतिशत तक पूर्ण हो गया है, इसके साथ ही अब तक 20 प्रतिशत गणना फार्म को डिजिटाइज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि समयवद्ध तरीके से दैनिक लक्ष्य के आधार पर डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीते 8 जून से प्रारम्भ हुए इस अभियान में बीएलओ द्वारा फील्ड विजिट में अबतक 76754 मतदाता एएसडी श्रेणी में चिन्हित किया गया है। उन्होंने राजनैतिक दलों से अनुरोध किया है कि आगामी 7 जुलाई से पहले इस एएसडी सूची के आधार पर बीएलए के माध्यम से उन मतदाताओं को बीएलओ के साथ खोजने का प्रयास किया जाए ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से अपमार्जित न हो।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया बताया कि उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा इसके साथ ही 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

    राजनैतिक दलों से की सहयोग की अपील

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए राजनैतिक दलों से सहयोग की अपील की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में 11733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष वर्तमान में प्रदेश में राजनैतिक दलों द्वारा 22 हजार 900 से अधिक बीएलए की तैनाती कर दी गई है।

    बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित भाजपा, कांग्रेस, बीएसपी, आम आदमी पार्टी, सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले सीएम आवास में अधिकारियों-कर्मियों का योगाभ्यास

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले सीएम आवास में अधिकारियों-कर्मियों का योगाभ्यास

    देहरादून। आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने गुरुवार को आवास पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया।
    इस अवसर पर उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी से इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। आज योग विश्वभर में स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं समग्र कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मानुशासन, सकारात्मक जीवनशैली तथा जीवन में संतुलन स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकाधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने तथा योग को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान देने का आग्रह किया।

  • मेरठ-ऋषिकेश के बीच नमो भारत ट्रेन की तैयारी तेज, जल्द शुरू होगा डीपीआर सर्वे

    मेरठ-ऋषिकेश के बीच नमो भारत ट्रेन की तैयारी तेज, जल्द शुरू होगा डीपीआर सर्वे

    यूपी-उत्तराखण्ड और एनसीआरटीसी में बनी सहमति

    देहरादून। मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) चलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

    उत्तराखण्ड सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच इस परियोजना को लेकर सहमति बन गई है। अब करीब 150 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए जल्द सर्वे कार्य शुरू किया जाएगा।

    दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत ट्रेन का संचालन इसी वर्ष फरवरी में शुरू हो चुका है। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस सेवा को उत्तराखण्ड तक विस्तार देने के प्रयास कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर को इस संबंध में प्रस्ताव सौंपा था। इसके बाद ट्रेन सेवा को मोदीपुरम से ऋषिकेश तक विस्तार देने पर सहमति बनी।

    परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए उत्तराखण्ड सरकार ने अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जबकि एनसीआरटीसी ने भी अपना नोडल अधिकारी नामित कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार की सहमति मिलने के बाद अब डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरू होने जा रहा है।

    प्रस्तावित योजना के अनुसार नया रेल ट्रैक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से शुरू होकर मुजफ्फरनगर के रास्ते उत्तराखण्ड में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह रुड़की, हरिद्वार और हर की पैड़ी क्षेत्र से होते हुए ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। प्रस्तावित मार्ग का 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश तथा 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखण्ड में होगा।

    परियोजना के पूरा होने पर उत्तराखण्ड आने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश की यात्रा सड़क मार्ग से लगभग पांच से छह घंटे में पूरी होती है, जबकि 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली नमो भारत ट्रेन के संचालन से यह दूरी ढाई से तीन घंटे में तय की जा सकेगी।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ लगातार समन्वय कर रही है। बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

  • उत्तराखण्ड ने हासिल की पूर्ण साक्षरता, धामी कैबिनेट की मुहर

    उत्तराखण्ड ने हासिल की पूर्ण साक्षरता, धामी कैबिनेट की मुहर

    उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत

    उत्तराखंड कैबिनेट के 12 अहम फैसले

    चारधाम यात्रा व प र्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
    बैठक की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पद्मश्री निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई।

    कैबिनेट ने शिक्षा, रोजगार, कृषि, पर्यटन, कारागार प्रशासन और चारधाम यात्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इनमें उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने, उपनल कर्मचारियों को राहत देने और चारधाम यात्रा में संचालित घोड़ा-खच्चरों के लिए बीमा सहायता उपलब्ध कराने जैसे फैसले प्रमुख रहे।

    कैबिनेट के प्रमुख निर्णय

    ■ संस्कृत शिक्षा उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता, पाठ्यक्रम और परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
    ■ उपनल कर्मचारी समान कार्य-समान वेतन के लिए कटऑफ तिथि 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अगस्त 2024 कर दी गई है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है।
    ■ लोक निर्माण विभाग मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के कारण बढ़ी बिटुमेन की कीमतों के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था बनाने का निर्णय लिया गया।
    ■ माध्यमिक शिक्षा प्रदेश को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार उत्तराखंड की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।
    ■ आबकारी विभाग होलोग्राम के दोहराव की स्थिति में दोहरा कर नहीं लगाया जाएगा। ऐसे मामलों में केवल एक बार ही कर वसूला जाएगा।
    ■ कृषि विभाग सगंध एवं हर्बल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सेलाकुई स्थित सगंध केंद्र में मिलावट जांच की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके लिए पांच पदों को स्वीकृति दी गई है।
    ■ पर्यटन विभाग अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को मंजूरी दी गई। आयोजन की जिम्मेदारी मद्रास की एक संस्था को सौंपी जाएगी। रैली में करीब 50 अंतरराष्ट्रीय कारों के भाग लेने की संभावना है।
    ■ गृह विभाग उत्तराखंड कारागार नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई। साथ ही कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
    ■ राज्य आंदोलनकारी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कनिष्ठ सहायक एवं पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2024 में प्रमाण पत्र समय पर न बन पाने वाले राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को दस्तावेज सत्यापन में एक बार विशेष राहत देने का निर्णय लिया गया।
    ■ चारधाम यात्रा यात्रा में संचालित घोड़ा-खच्चरों के लिए सरकार 5 प्रतिशत बीमा दर के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराएगी।
    ■ पशुपालन विभाग दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक आधारित गौवंश संवर्धन की पायलट परियोजना को मंजूरी दी गई।
    कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, कृषि और पशुपालन क्षेत्र को नई गति देने वाला माना जा रहा है। विशेष रूप से उपनल कर्मचारियों, राज्य आंदोलनकारियों और चारधाम यात्रा से जुड़े हितधारकों को इन निर्णयों से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • कर्णप्रयाग हिंसा प्रकरण: चार निहंग यात्री गिरफ्तार, तीन न्यायिक हिरासत में

    कर्णप्रयाग हिंसा प्रकरण: चार निहंग यात्री गिरफ्तार, तीन न्यायिक हिरासत में

    धारदार हथियारों से हमले के बाद पुलिस का कड़ा एक्शन, क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा

    कर्णप्रयाग। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच हुए हिंसक विवाद में न्यायालय ने तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी उपचाराधीन होने के कारण पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    गौरतलब है कि कोतवाली कर्णप्रयाग क्षेत्र के कृष्णा पैलेस होटल के समीप 16 जून को हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और चार निहंग यात्रियों ने कथित रूप से तलवार और कृपाण जैसे धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में एक व्यापारी सहित चार लोग घायल हो गए।

    एसपी सुरजीत पंवार

    पीड़ित गजपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने नाकेबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से तीन कृपाण तथा घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल बरामद की गईं। चौथे आरोपी को अगले दिन कर्णप्रयाग चिकित्सालय से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तलवार भी बरामद कर ली गई।

    गिरफ्तार आरोपियों में जसनप्रीत सिंह, अजय सिंह, सतविंदर सिंह और मनप्रीत सिंह शामिल हैं। सभी आरोपी पंजाब के मोहाली और एसएएस नगर क्षेत्र के निवासी हैं। न्यायालय में पेशी के बाद तीन आरोपियों को जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया गया, जबकि मनप्रीत सिंह का उपचार जारी है।

    घटना के मद्देनजर गौचर-कर्णप्रयाग क्षेत्र में आईटीबीपी और पीएसी की एक-एक कंपनी तैनात की गई है। पुलिस उपाधीक्षक त्रिवेंद्र सिंह राणा क्षेत्र में कैंप कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस लगातार गश्त और निगरानी अभियान चला रही है।

    पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

    वहीं, ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान में चमोली पुलिस ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की।चेकिंग के दौरान उनके वाहन से हॉकी स्टिक बरामद होने तथा सार्वजनिक स्थान पर अभद्रता करने की शिकायत मिलने पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने उन्हें भविष्य में शांति व्यवस्था भंग न करने की सख्त चेतावनी दी है।

  • सचिवालय सुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास का प्रमुख केंद्र : धामी

    सचिवालय सुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास का प्रमुख केंद्र : धामी

    सीएम ने सचिवालय संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को दिलाई शपथ

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड सचिवालय संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सचिवालय संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीपक जोशी, उपाध्यक्ष राकेश जोशी एवं संजय कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष प्रमिला टम्टा, महासचिव राजेन्द्र रतूड़ी, सचिव अतुल कुमार सिंह, संयुक्त सचिव दिव्यांशु डोभाल एवं सुरेन्द्र सिंह रावत, संप्रेक्षक श्रीमती रीना मखनवाल, कोषाध्यक्ष रमेश सिंह बर्त्वाल तथा प्रचार सचिव दीपक बिष्ट सहित समस्त नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सचिवालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि प्रदेश की शासन व्यवस्था की आत्मा और जनविश्वास का प्रमुख केंद्र है। यहीं से नीतियों का निर्माण होता है, जनकल्याणकारी योजनाओं को दिशा मिलती है और प्रदेश के विकास की रूपरेखा तैयार होती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी विकसित उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण सहभागी है। सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों और योजनाओं को धरातल पर उतारने तथा अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में सचिवालय परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने कहा कि सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी शासन एवं जनता के बीच विश्वास के मजबूत सेतु के रूप में कार्य करते हैं। उनकी कार्यकुशलता, कर्मनिष्ठा और समर्पण से सरकार की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रारंभ से ही शासन व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने का प्रयास किया है। इसी क्रम में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में कार्य किया गया है।

    उन्होंने कहा कि एक मजबूत, प्रेरित और संतुष्ट कर्मचारी तंत्र सुशासन की सबसे बड़ी शक्ति होता है। शासन और कर्मचारी जब टीम भावना के साथ कार्य करते हैं तो विकास कार्यों को गति मिलती है और जनता का विश्वास शासन व्यवस्था पर और अधिक मजबूत होता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, तकनीक आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने और ई-गवर्नेंस को सशक्त करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हों। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सचिवालय परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड सचिवालय बेहतर कार्य संस्कृति, आपसी समन्वय और सकारात्मक वातावरण के माध्यम से सुशासन एवं कार्यकुशलता की नई मिसाल स्थापित करेगा।

    मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी से अपेक्षा की कि वे सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए देवभूमि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के सरकार के “विकल्प रहित संकल्प” को सिद्धि तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    इस अवसर पर शासन के वरिष्ठ अधिकारी, सचिवालय संघ के पदाधिकारी तथा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • 2,400 करोड़ रुपये की सौगात: पीएम करेंगे प्रोत्साहन राशि का वितरण

    2,400 करोड़ रुपये की सौगात: पीएम करेंगे प्रोत्साहन राशि का वितरण

    विकसित भारत रोजगार योजना

    प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी रोजगारोन्मुखी योजना है, जिसका उद्देश्य देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि करना तथा औपचारिक क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है

    इस अवसर पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, गढ़ी कैंट, देहरादून समेत हरिद्वार एवं सेलाकुई में भी समानांतर समारोह आयोजित होंगे

    कार्यक्रम के दौरान पीएमवीबीआरवाई के अंतर्गत नव नियुक्त कर्मचारियों को उनके नियोक्ताओं द्वारा नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) के अंतर्गत देश भर के पात्र कर्मचारियों और नियोक्ताओं को प्रोत्साहन राशि जारी करने हेतु राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित होगा। प्रधानमंत्री श नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम के दौरान लगभग 2400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जाएगा।19 जून को विज्ञान भवन में यह कार्यक्रम आयोजित होगा।

    इस अवसर पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, गढ़ी कैंट समेत हरिद्वार एवं सेलाकुई में भी समानांतर समारोह आयोजित होंगे।

    इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में राज्य के मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, नियोक्ता, कर्मचारी तथा अन्य हितधारकों को भी आमंत्रित किया गया है।
    कार्यक्रम के दौरान पीएमवीबीआरवाई के अंतर्गत नव नियुक्त कर्मचारियों को उनके नियोक्ताओं द्वारा नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे, जो युवाओं के औपचारिक रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

    इस पहल की पहुँच व प्रभाव को और व्यापक बनाने के लिए, देश भर के 200 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों व राज्यों की राजधानियों में समानांतर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जो नई दिल्ली में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में किये जा रहे मुख्य कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

    पीएमवीबीआरवाई भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी रोजगारोन्मुखी योजना है, जिसका उद्देश्य देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि करना तथा औपचारिक क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है। विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना में अतिरिक्त लाभ का प्रावधान किया गया है।

    योजना के अंतर्गत ₹99,446 करोड़ के कुल परिव्यय से दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों के सृजन का अनुमान है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ प्रथम बार औपचारिक कार्यबल में प्रवेश करने वाले युवाओं को लाभ मिलने की संभावना है। योजना का लाभ 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगारों पर लागू होगा।

    योजना के प्रमुख प्रावधान के अंतर्गत, ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत तथा ₹1 लाख प्रतिमाह तक वेतन प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को एक माह के वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दो किश्तों में प्रदान की जाएगी। पहली किश्त 6 माह की निरंतर सेवा पूर्ण करने पर तथा दूसरी किश्त 12 माह की सेवा एवं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत देय होगी।

    अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी प्रति माह ₹3,000 तक का प्रोत्साहन दो वर्षों तक प्रदान किया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह लाभ तीसरे एवं चौथे वर्ष तक भी विस्तारित रहेगा। 50 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम 2 तथा 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम 5 अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी।

    प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी)- योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम (एबीपीएस) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी, जबकि नियोक्ताओं को प्रोत्साहन राशि उनके पैन-लिंक्ड बैंक खातों में जमा की जाएगी।

    क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून की उपलब्धियों के अंतर्गत, पीएमवीबीआरवाई के अंतर्गत क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। योजना के भाग-ए (प्रथम बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारी) के अंतर्गत: मार्च 2026 में 435 प्रतिष्ठानों के 985 कर्मचारियों को लगभग ₹57.60 लाख की प्रोत्साहन राशि वितरित की जा चुकी है। जून 2026 में 902 प्रतिष्ठानों के 3,991 कर्मचारियों को लगभग ₹2.22 करोड़ की राशि वितरित की जाएगी। इस प्रकार योजना के प्रथम 9 माह में कुल 4,976 प्रथम बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को लगभग ₹2.80 करोड़ का लाभ प्राप्त होगा।

    नियोक्ताओं को प्रोत्साहन (भाग-बी)- योजना के भाग-बी के अंतर्गत अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले प्रतिष्ठानों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है मार्च 2026 में 141 नियोक्ताओं को लगभग ₹2.50 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। जून 2026 में 562 नियोक्ताओं को लगभग ₹15.82 करोड़ की राशि प्रदान की जाएगी। इस प्रकार क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून के अंतर्गत नियोक्ताओं को अबतक कुल ₹18.32 करोड़ का लाभ प्रदान किया जाना अनुमन्य है। यह उत्तराखंड में रोजगार सृजन एवं सामाजिक सुरक्षा विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

  • सीमांत जनपदों में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर रहे युवा स्वयंसेवक

    सीमांत जनपदों में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर रहे युवा स्वयंसेवक

    सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास तथा युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज फेज-2 कार्यक्रम जारी

    उत्तरकाशी के सीमांत गांव सुखी, झाल्ला एवं बगोरी में योग, मनोरंजन खेल प्रतियोगिता, ग्राम दर्शन, आपदा प्रबंधन पर विशेष सत्रों का आयोजन

    इन​ कार्यक्रमों में अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश एवं उड़ीसा के 38 युवाओं ने किया प्रतिभाग

    उत्तरकाशी। मेरा युवा भारत (माय भारत), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आइटीबीपी तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास तथा युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज फेज-2 कार्यक्रम जारी है। जिसके अंतर्गत उत्तरकाशी के सीमांत गांव सुखी, झाल्ला एवं बगोरी में योग, मनोरंजन खेल प्रतियोगिता, ग्राम दर्शन, आपदा प्रबंधन पर विशेष सत्रों का आयोजन कराया गया। इन​ कार्यक्रमों में अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश एवं उड़ीसा के 38 युवाओं ने प्रतिभाग किया। जिससे इन युवाओं को सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं विकासात्मक परिस्थितियों को निकटता से जानने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ।

    प्रतिभागी गांवों में जनजागरूकता, सामुदायिक संवाद एवं विकासोन्मुख गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। साथ ही वे स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उनके अनुभवों, चुनौतियों तथा विकास संबंधी आवश्यकताओं को समझ रहे हैं।

    विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज फेज-2 कार्यक्रम के तहत सभी प्रतिभागियों ने स्थानीय नागरिकों, जन प्रतिनिधियों से संवाद किया। गांव में हो रही विभिन्न प्रकार की खेती ( सेब, राजमा, आलू आदि) के बारें में जानकारी ली। प्रतिभागियों ने गांव के विद्यालयों में भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा सभी छात्र एवं छात्राओं को अपने राज्यों की भाषा, संस्कृति, खान पान के बारें में जानकारी दी गयी। साथ ही प्रतिभागियों को गढ़वाली के कुछ शब्द एवं लोक गीत के बारें में बताया गया।

    कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी प्रतिभागियों द्वारा उत्तरकाशी के सीमांत गांव सुखी गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। प्रतिभागियों ने पारंपरिक लोक गीतों और लोकनृत्य के माध्यम से अपने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की गई।