कुमाऊं में विधानसभा की ये 6 सीटें बना-बिगाड़ सकती हैं खेल!

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उत्तराखंड,यूं तो प्रदेश भर में चुनावी दंगल में उतरने के लिये नेताओं ने ताल ठोंक दी है। उत्तराखंड में 15 फरवरी को मतदान होना है। प्रदेश में कई सीटें ऐसी हैं जहां जीत का अंतर ज्यादा नहीं रहा है तो कुछ सीटों पर वोटकटवा किसी का भी खेल बिगाड़ देते हैं। नैनीताल जिले की सीटें भी इस लिहाज से अहम हैं। वीआईपी के साथ आम नेता भी जिले की 6 विधानसभा सीटों पर ताल ठोंकने को तैयार हैं।

कुमाऊं मंडल का नैनीताल जिला विधानसभा चुनाव के लिये खास अहमियत रखता है। जिले की छः विधानसभा सीटों का अपना अलग ही महत्व है। जिले की हल्द्वानी सीट से चुनाव जीतकर इंदिरा हृदयेश कैबिनेट मंत्री बनीं तो लालकुआं सीट से निर्दलीय के रूप में हरीश चंद्र दुर्गापाल ने कैबिनेट की बर्थ हासिल की। रामनगर सीट से कांग्रेस के टिकट पर अमृता रावत ने जीत दर्ज कर मंत्री पद हासिल किया लेकिन अब बागी हो गयी हैं।

कालाढूंगी से भाजपा के बंशीधर भगत विधायक बने तो भीमताल से दान सिंह भंडारी भी कमल खिलाने में कामयाब रहे। हालांकि भंडारी अब कांग्रेस के हो गये हैं। परिसीमन के बाद पहली बार नैनीताल सीट अस्तित्व में आयी तो महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्य विधायक चुनी गयीं। जिले की छह सीटों के वीआईपी होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विजय बहुगुणा के सीएम रहते कैबिनेट की तीन बर्थ मिलीं और रावत कैबिनेट में भी पूरा तवज्जो मिला। अब एक बार फिर जिले की सभी सीटों पर मुकाबले की कड़ी तैयारी है।

प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों ने टिकटों का ऐलान नहीं किया है लेकिन अपने-अपने तरीके से जोर आजमाइश शुरू हो गयी है। जिले की 6 विधानसभा सीटों पर साल 2012 में क्या थी प्रमुख दलों और प्रत्याशियों की स्थिति। किसे मिले थे कितने वोट और वोट काटने वालों पर भी एक नजर डालते हैं।

विधानसभा – कांग्रेस- भाजपा- बसपा- यूकेडी(पी.)- सपा- अन्य- विजयी

नैनीताल 25563 – 19255 – 4460 – 763 – 503 – 878 – कांग्रेस

हल्द्वानी 42627 – 19044 – 3043 – 365 – 13453 -969 – कांग्रेस

लालकुआं 13863 – 16341 – 3719 – 1849 – 627 – 31004 -निर्दलीय

भीमताल 14452 – 21494 – 15051 – 829 – 232 – 4729 – भाजपा

कालाढूंगी 20374 – 22744 – 9636 – 2843 – 371 – 22761 – भाजपा

रामनगर 23851 – 20122 – 11406 – 484 – 1493 – 7112 – कांग्रेस

 

जाहिर है आंकड़ों पर गौर करें तो नैनीताल और हल्द्वानी विधानसभा सीट को छोड़कर दोनों प्रमुख दलों के लिये जीत हार का खेल निर्दलीयों के अलावा सपा और बसपा ने बिगाड़ने का काम किया। लालकुआं सीट पर तो हरीश चंद्र दुर्गापाल ने निर्दलीय को रूप में जीत दर्ज की थी हालांकि इस बार वो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं।

चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है और नेता अपनी जुगत में भि़ड़ चुके हैं। पार्टियों की ओर से फिलहाल टिकटों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन कई मायनों में अहम नैनीताल जिले में चुनावी बिसात पिछ चुकी है जिसमें दल बदलू ही नहीं निर्दलीय भी हार जीत का खेल बिगाड़ सकते हैं। देखना ये है कि जनता किस प्रत्याशी को विधायक बनाती है।

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