पूर्व सैनिकों ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
सैन्य सेवा और सुशासन का किया उल्लेख
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर जॉलीग्रांट हवाई अड्डे का नाम बदलकर “मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी, एबीएसएम हवाई अड्डा” किए जाने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपी सीएम पुष्कर सिंह धामी को भी भेजी गई है।
पूर्व सैनिकों का कहना है कि पूर्व सीएम बीसी खण्डूड़ी ने सैन्य सेवा, सुशासन और उत्तराखंड के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिसके सम्मान में एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखा जाना चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया है कि मेजर जनरल खंडूड़ी ने भारतीय सेना की कोर ऑफ इंजीनियर्स में सेवाएं देते हुए 1962, 1965 और 1971 के युद्धों में भाग लिया।

पूर्व सैनिकों के अनुसार किसी युद्ध नायक के नाम पर हवाई अड्डे का नामकरण सैनिक सम्मान और राष्ट्र गौरव का प्रतीक होगा।
स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, ऑल वेदर रोड और लोकायुक्त कानून का भी जिक्र
पूर्व सैनिकों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री रहते हुए खंडूड़ी ने स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना को गति दी तथा हजारों किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा कराया। उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड परियोजना की नींव रखने का श्रेय भी उन्हें दिया गया।
ज्ञापन में उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान लागू किए गए लोकायुक्त कानून, स्थानांतरण उद्योग पर रोक तथा पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि खंडूड़ी की पहचान एक ईमानदार, अनुशासित और निष्पक्ष प्रशासक के रूप में रही है।
पूर्व सैनिकों ने गैरसैंण में विधानसभा भवन निर्माण को उनकी पहाड़-केंद्रित सोच का उदाहरण बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी। ज्ञापन में प्रधानमंत्री से मांग की गई कि जॉलीग्रांट एयरपोर्ट का नाम तत्काल प्रभाव से “मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी, एबीएसएम हवाई अड्डा” घोषित किया जाए, ताकि उनके योगदान को स्थायी सम्मान मिल सके।



