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Wednesday, January 14, 2026
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सैनिक स्कूल घोड़ाखाल: उत्कृष्ट परंपराओं और उच्च मानकों की मिसाल

कुमाऊँ उदय सम्मान समारोह व
सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की हीरक जयंती

एनडीए चयन और रक्षा मंत्री ट्रॉफी समेत ऐतिहासिक उपलब्धियों की सराहना

भंवाली/रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कुमाऊँ क्षेत्र में आयोजित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में  सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की हीरक जयंती पर अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण के महत्व को रेखांकित किया, वहीं रुद्रपुर में आयोजित कुमाऊँ उदय सम्मान समारोह में विकास, आधारभूत ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के सरकार के संकल्प को दोहराया।
मुख्यमंत्री ने दोनों अवसरों पर “विकल्प-रहित संकल्प” के साथ लक्ष्य प्राप्ति का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने नैनीताल जिले के भंवाली स्थित सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की हीरक जयंती समारोह का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह विद्यालय केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव है।
दशकों से यह संस्थान राष्ट्र को अनुशासन, परिश्रम और अदम्य राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत युवा दे रहा है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में अपनी उत्कृष्ट परंपरा और उच्च मानकों के लिए जाना जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक स्कूल केवल किताबी शिक्षा नहीं देता, बल्कि व्यक्तित्व, नेतृत्व और चरित्र का निर्माण करता है। यहां पढ़ने वाले कैडेट्स में कब नेतृत्व, शौर्य और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो जाती है, इसका अहसास उन्हें विद्यालय से निकलने के बाद होता है।
उन्होंने कहा कि घोड़ाखाल की मिट्टी में ऐसा जज्बा है, जो यहां के कैडेट्स को अलग पहचान देता है और उन्हें सेना, नौसेना और वायुसेना में श्रेष्ठ अधिकारी बनने के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में सर्वाधिक चयन का रिकॉर्ड बनाने और लगातार 10वीं बार रक्षा मंत्री ट्रॉफी जीतने पर कैडेट्स, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने इसे संस्थान की लगन, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम बताया।
सैनिक-पुत्र होने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सैनिक परिवारों के संस्कारों और चुनौतियों से भली-भांति परिचित हैं और राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। शहीद परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को पांच गुना बढ़ाने, एक आश्रित को सरकारी नौकरी, वीरता पुरस्कारों की राशि में वृद्धि और सैन्य धाम निर्माण जैसे निर्णय इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।

रुद्रपुर–ऊधमसिंह नगर के लिए मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट, एम्स सैटेलाइट सेंटर सहित करोड़ों की विकास योजनाएँ

इसके बाद मुख्यमंत्री रुद्रपुर में आयोजित कुमाऊँ उदय सम्मान समारोह में शामिल हुए, जहां उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रुद्रपुर और ऊधमसिंह नगर जनपद के समग्र विकास के लिए मेडिकल कॉलेज का निर्माण, लगभग 590 करोड़ रुपये की लागत से रुद्रपुर बाईपास, चार लेन सड़कों का विकास, रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण, नई सिग्नल लाइनें और दो रेल ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। जलभराव की समस्या के समाधान के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी दी गई है तथा महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि रुद्रपुर में उत्तराखंड का पहला कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट और एडवांस वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जा रहा है। किच्छा में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर तथा पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अरोमा पार्क, प्लास्टिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क और खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने गन्ना किसानों के हित में समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार तराई क्षेत्र के विकल्प-रहित विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और उत्तराखंड को एक सशक्त, आधुनिक और समृद्ध राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

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