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Wednesday, January 14, 2026
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अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच की मांग ने पकड़ा जोर

मोर्चा व कांग्रेस ने कहा, तलाशो वीआईपी को

 

देहरादून/विकासनगर। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी संलिप्तता को लेकर एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। पूर्व विधायक की कथित पत्नी द्वारा सार्वजनिक रूप से वीआईपी का नाम सामने लाने के बाद जन संघर्ष मोर्चा और कांग्रेस ने एक सुर में सीबीआई जांच की मांग करते हुए सरकार, भाजपा नेतृत्व और राजभवन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

राजभवन करे हस्तक्षेप- जन संघर्ष मोर्चा

विकासनगर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में लंबे समय से एक वीआईपी की संलिप्तता की चर्चाएं थीं, लेकिन अब पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी द्वारा मीडिया और सोशल मीडिया में किए गए खुलासे से तस्वीर साफ हो गई है।
नेगी ने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम उर्फ गट्टू की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि वीआईपी को रिजॉर्ट तक कौन लेकर गया, उसे विशेष सेवाएं किसके निर्देश पर दी गईं और उस खास कमरे पर बुलडोजर चलाने की अनुमति किसने दी।
नेगी ने कहा कि सरकार दबाव में आकर इस मामले को आगे नहीं बढ़ा सकी। उन्होंने राजभवन से आग्रह किया कि वह पीड़ित परिवार की पीड़ा को समझते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश करे और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की दिशा में कदम उठाए।

भाजपा बताए—न्याय के साथ या आरोपितों के साथ: कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने देहरादून में जारी बयान में कहा कि भाजपा विधायक की पत्नी द्वारा वीआईपी का नाम उजागर किए जाने और भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ द्वारा स्थानीय विधायक के इशारे पर बुलडोजर कार्रवाई के खुलासे के बाद भाजपा की भूमिका कटघरे में है।

उन्होंने कहा कि अब जब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम सामने आ चुका है, तो भाजपा नेतृत्व को उन्हें पद से हटाते हुए हत्या में शामिल होने का मुकदमा दर्ज कराना चाहिए। साथ ही संबंधित विधायक की सदस्यता समाप्त की जाए।

प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि यह जघन्य हत्याकांड सरकार और पुलिस संरक्षण में हुआ, जो देवभूमि के लिए कलंक है, और मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

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