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Tuesday, January 20, 2026
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उत्तराखंड ओटीटी से क्षेत्रीय सिनेमा को नई पहचान

उत्तराखंड के अपने ओटीटी “वीडियोज अलार्म” पर रिलीज हुई फ़िल्म “बिरणी आंखी”

“बिरणी आंखी” बनी पहली गढवाली फिल्म, थियेटर पर नहीं “वीडियोज अलार्म” ओटीटी पर हुई रिलीज

उत्तराखंड के पहले ओटीटी “वीडियोज अलार्म” पर गढवाली फिल्म “बिरणी आंखी” आज रिलीज हुई, इसी के साथ उत्तराखंड की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पहुंचाने की कोशिश में आज एक नया अध्याय जुड गया हैं। बिरणी आंखी, गढवाली फिल्म का पोस्टर टिसर सॉन्ग कोटद्वार में 03 जनवरी को रिलीज हुआ था और आज ये फिल्म हम सबके बीच दस्तक दे चुकी हैं।

इस फिल्म के निर्माता दीपक देव सागर और निर्देशक फैसल सैफी हैं, वही मुख्य कलाकारो में कोटद्वार के सूरज कोटनाला, शिवानी भटट, अंशूल भारद्वाज ने अपने अभिनय से सबको आकर्षित कर गहरी छाप छोड़ी हैं। फिल्म के निर्माता दीपक देव सागर और निर्देशक फैसल सैफी ने ‘बिरणी आंखी’ फिल्म में अपने अनुभव और कौशल से एक ऐसी कहानी परदे पर उखेरी हैं जो दिल को छू लेने वाली हैं, साथ ही फिल्म में मुख्य कलाकारों सूरज कोटनाला, शिवानी भटट, अंशूल भारद्वाज ने अपने अपने किरदार को एक जोरदार तरीके से पेश किया हैं जो की फिल्म में दिखाई दे रहा हैं।

इस फिल्म की शूटिंग कोटद्वार के निकट के क्षेत्रों के साथ ही दुगड्डा, लैंसडाउन, आमसौड, फतेहपुर और दिल्ली में की गई है। फ़िल्म “बिरणी आंखी” पहाड़ की ज़िंदगी, रिश्तों की गहराई और मानवीय संवेदनाओं को बेहद सशक्त तरीके से प्रस्तुत करती है। कहानी आम पहाड़ी लोगों के संघर्ष, प्रेम और आत्मसम्मान को दर्शाती है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सक्षम है। फ़िल्म “बिरणी आंखी” अब “वीडियोज अलार्म” ऐप और पर उपलब्ध है, जिसे दर्शक कभी भी और कहीं भी देख सकते हैं। फ़िल्म से जुड़े कलाकारों और टीम को उम्मीद है कि दर्शकों का प्यार और समर्थन उत्तराखंडी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

इस फिल्म की सबसे खास बात ये है की यह फिल्म सिनेमा हॉल में नहीं बल्कि उत्तराखंड के अपने पहले ओटीटी “वीडियोज अलार्म” पर रिलीज हुई हैं, जिसको आप अपने फ़ोन या टीवी पर घर बैठकर ही परिवार के साथ देख सकते हैं. “वीडियोज अलार्म” ओटीटी को भारत सहित 18 देशों में देखा जा रहा है, जो कि अपने आप में ओटीटी की लोकप्रियता को दर्शाता है, ओटीटी “वीडियोज अलार्म” पर अब तक असगार, मीठी मां कु आर्शीवाद, रत्ब्याण, धरती म्यारा कुमाऊं की, शहीद जैसी फिल्मे रिलीज हो चुकी हैं, और आने वाले दिनों में आपको और भी कई नई फिल्म देखने को मिलेगी। ये ऐप आपके एंड्रॉइड फ़ोन, आईओएस फ़ोन और एंड्रॉइड टीवी पर भी उपलब्ध हैं. जिसको आप मात्र 99 रुपए प्रतिवर्ष में देख सकते हैं.
उत्तराखण्ड के सुदूरवर्ती इलाकों में सिनेमा हॉल न होने के चलते इस ओटीटी “वीडियोज अलार्म” ने गाँव-गाँव तक अपनी पहुँच बनाकर एक नए डिजिटल युग का आगाज कर दिया है, गढ़वाल, कुमाऊँ और जौनसार की खुशबू लिए उत्तराखंड का अपना पहला ओटीटी “वीडियोज अलार्म” अपनी संस्कृति और बोली भाषा को प्रदेश ही नहीं देश विदेश में भी पहुँचाने का काम कर रहा हैं. . “वीडियोज अलार्म” उत्तराखंड का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो स्थानीय कलाकारों, निर्देशकों और कहानियों को प्राथमिकता देता है। इस प्लेटफॉर्म पर उत्तराखंडी फ़िल्में, वेब सीरीज़, म्यूज़िक और शॉर्ट फ़िल्में लगातार दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।

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