देहरादून। आवाज़ सुनो पहाड़ों की फिल्म फेस्टिवल का प्रथम संस्करण 22 जनवरी से 28 जनवरी 2026 तक देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित किया जाएगा। फेस्टिवल का शुभारंभ 22 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा। सात दिवसीय यह आयोजन अजबपुर स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में सम्पन्न होगा।
यह फेस्टिवल हिमालयी क्षेत्र के सांस्कृतिक और सिनेमाई परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। फेस्टिवल का नेतृत्व फेस्टिवल डायरेक्टर नरेंद्र रौथाण कर रहे हैं, जो उत्तराखंड के प्रतिष्ठित निर्माता, निर्देशक, लेखक, लोकगायक एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं। संगीत, फिल्म, टेलीविजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में तीन दशकों से अधिक के अनुभव के साथ उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा और लोक-संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शारदा स्वर संगम के संस्थापक के रूप में उन्होंने कई अग्रणी फिल्म, टेलीविजन और सांस्कृतिक पहलों का नेतृत्व किया है, जिनमें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका मंच आवाज़ सुनो पहाड़ों की भी शामिल है। स्वतंत्र रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता फेस्टिवल की मूल अवधारणा को दिशा देती है।
100 से अधिक देशों से 1,238 प्रविष्टियाँ, 98 फिल्में चयनित
फेस्टिवल को वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। विश्व के 100 से अधिक देशों से कुल 1,238 शॉर्ट और फीचर फिल्मों की प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। प्रस्तुत फिल्मों की विविधता और गुणवत्ता फेस्टिवल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुँच और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की सशक्त सिनेमाई आवाज़ों को मंच देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कठोर चयन प्रक्रिया के बाद चयन समिति द्वारा 98 फिल्मों को आधिकारिक चयन के लिए अंतिम रूप दिया गया है। ये फिल्में विभिन्न श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगी, जहाँ प्रत्येक श्रेणी में 10 नामांकन शामिल हैं। चयनित फिल्में विषयवस्तु, प्रारूप और कलात्मक दृष्टिकोण की व्यापक विविधता का प्रतिनिधित्व करती हैं।

आधिकारिक चयन की श्रेणियाँ
एनीमेशन शॉर्ट फिल्म
डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म
एक्सपेरिमेंटल शॉर्ट फिल्म
लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म
फीचर फिल्म
डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म
चयन समिति में अनुभवी फिल्मकार और सांस्कृतिक पेशेवर शामिल हैं, जिनमें श्रीश डोभाल (भेड़िया धसान–2024, गडेरा–2024, रैबार–2025), संतोष सिंह और दीपशिखा शर्मा प्रमुख हैं। समिति द्वारा संतुलित, समावेशी और गुणवत्ता-आधारित चयन सुनिश्चित किया गया।
फेस्टिवल का उद्देश्य सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और मानवीय सरोकारों से जुड़ी फिल्मों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, साथ ही कलात्मक प्रयोग और सिनेमाई उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना भी इसका लक्ष्य है।
अपने प्रथम संस्करण में यह फेस्टिवल देहरादून को स्वतंत्र और क्षेत्रीय सिनेमा के एक जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास करेगा। यह आयोजन फिल्म, मीडिया और एनीमेशन के छात्रों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। स्क्रीनिंग, पैनल चर्चाओं और उद्योग विशेषज्ञों से संवाद के माध्यम से छात्रों को समकालीन सिनेमा की व्यावहारिक समझ प्राप्त होगी।
फेस्टिवल के दौरान फिल्म स्क्रीनिंग, पैनल चर्चाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक रूप से समृद्ध पृष्ठभूमि में फिल्मकारों, विशेषज्ञों, छात्रों और सिनेप्रेमियों को एक साथ जोड़ेंगे।
फेस्टिवल के कार्यक्रम, स्क्रीनिंग और अन्य आयोजनों से संबंधित विस्तृत जानकारी शीघ्र जारी की जाएगी।
प्रेस वार्ता मे नरेंद्र रौथाण, बलवीर सिंह पवार, हेमंत कुमार थपलियाल, प्रशांत, संतोष रावत, अरुण फारसी, पूजा चौहान, आरती बडोला, कौशल्या देवी, प्रियांशु, मनोज दसवानी, अमन नौटियाल, आनंद सिंह रावत उपस्थित रहे।



