नाबालिग से दुष्कर्म की कहानी निकली झूठी
चम्पावत। जिले में चर्चित नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण की जांच में पुलिस को बड़ा खुलासा हाथ लगा है। एसआईटी जांच में मामला सुनियोजित साजिश का निकला, जिसके बाद पुलिस ने कथित षड़यंत्रकर्ता कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र अर्जिता राय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार बदले की भावना से पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया था।
जांच में सामने आया कि कमल सिंह रावत ने अपनी महिला मित्र अर्जिता राय के साथ मिलकर बदले की भावना से यह साजिश रची थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कमल सिंह रावत के खिलाफ पहले से महिला अपराध और आईटी एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
इस मुद्दे पर कांग्रेस समेत विभिन्न संगठन सड़क।पर उतर आए हैं। मामले में भाजपा से जुड़े नेताओं का नाम आने से विरोधी दलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। बाल संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है।
पुलिस के मुताबिक छह मई को कोतवाली चम्पावत में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी 16 वर्षीय पुत्री के साथ तीन लोगों द्वारा दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल 10 सदस्यीय एसआईटी गठित कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, मेडिकल परीक्षण, एफएसएल रिपोर्ट, सीडब्ल्यूसी काउंसिलिंग और न्यायालय में बयान समेत सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि नामजद तीनों आरोपी कथित घटना के समय घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे।
पुलिस के अनुसार न्यायालय में नाबालिग ने भी किसी प्रकार की दुष्कर्म की घटना से इंकार करते हुए पूरे मामले को मनगढ़ंत बताया।
चम्पावत पुलिस ने कहा है कि महिला एवं बाल अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही कानून का दुरुपयोग कर झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आमजन और मीडिया से अपील की है कि केवल सत्यापित तथ्यों का ही प्रसारण करें तथा पोक्सो एक्ट के तहत नाबालिग की पहचान गोपनीय रखी जाए।
अपडेट-चंपावत दुष्कर्म प्रकरण
शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे एक भयानक अपराध बताया गया था, लेकिन हालिया वीडियो बयानों ने मामले को पूरी तरह पलट दिया है।
आरोप
10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि तीन युवकों (विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह रावत और पूरन सिंह रावत) ने चाकू की नोक पर उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
पुलिस कार्रवाई-
पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धारा 70(2) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसओजी (SOG) की टीमें तैनात की गई थीं।
बड़ा खुलासा (ताजा मोड़)
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक नए वीडियो में नाबालिग पीड़िता ने दुष्कर्म के आरोपों से इनकार किया है। उसने बताया कि यह सब एक षड्यंत्र के तहत किया गया था और तीनों युवकों ने उसके साथ कुछ गलत नहीं किया।
परिजनों की माफी-
पीड़िता के भाई ने भी एक वीडियो जारी कर एसपी और जनता से माफी मांगी है। उसने स्वीकार किया कि उसने किसी और के कहने पर पुलिस को गलत पत्र भेजा था।



