उक्रांद की नोएडा महानगर कार्यकारिणी घोषित
उत्तराखंड के मूल सवालों को लेकर एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान
नोएडा। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) नोएडा महानगर की ओर से नौ अगस्त को आंदोलनकारी बाबा मोहन उत्तराखंडी के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला अध्यक्ष कैलाश चंद सती की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में बाबा मोहन उत्तराखंडी के संघर्ष, त्याग और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के आंदोलन में उनके योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर नवगठित महानगर कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में उक्रांद दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष चंद्र सिंह रावत मुख्य अतिथि और चारु तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने बाबा मोहन उत्तराखंडी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
चंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल का इतिहास राज्य निर्माण आंदोलन के संघर्ष और बलिदान से जुड़ा है। कार्यकर्ताओं को संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ उत्तराखंड के मूल मुद्दों को लेकर एकजुट होकर काम करना होगा।
चारु तिवारी ने कहा कि आंदोलनकारियों के सपनों और विचारों को आगे बढ़ाना ही बाबा मोहन उत्तराखंडी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उत्तराखंड के मूल सवालों और पहाड़ के हितों को लेकर लगातार जनजागरण की जरूरत है।

जिला अध्यक्ष कैलाश चंद सती ने कहा कि नोएडा महानगर में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाएगा। उत्तराखंड से जुड़े लोगों को एकजुट कर उनके हितों और समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
नई कार्यकारिणी का गठन
नई कार्यकारिणी में प्रकाश जलाल को उपाध्यक्ष, दलजीत सिंह को संगठन मंत्री, बलवंत नेगी, विजय आनंद और नवीन चंद को महामंत्री बनाया गया। ललित पपने को मीडिया प्रभारी, जितेंद्र सती को कार्यालय प्रभारी, मनोज कुमार को सचिव और पंकज पांडे को आईटी प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी गई। सचिन चांडे, कुलदीप सिंह और हरीश जलाल को कार्यकारी सदस्य बनाया गया।
बैठक में केंद्रीय पदाधिकारी महेश उपाध्याय, महेश मठपाल और दीपक भाकुनी तथा दिल्ली प्रदेश से दिनेश जोशी, खीमानंद सती, किशोर कबडवाल, हिमांशु शर्मा और हरक सिंह अधिकारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
कार्यक्रम में हरीश पाठक, रमेश पांडे, रविंद्र मेहरा, रमेश नेगी, चंदर शेखर रावत, प्रदीप नेगी, दिनेश पांडे और हितेश पांडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अंत में कार्यकर्ताओं ने “बाबा मोहन उत्तराखंडी अमर रहें” और “जय उत्तराखंड” के नारों के साथ उत्तराखंड के हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।



