देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग के महानिदेशक बंशी धर तिवारी ने विभागीय परिसर में ध्वजारोहण किया । इस अवसर पर उन्होंने विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
महानिदेशक तिवारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण कराता है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अपर निदेशक आशीष त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, उपनिदेशक मनोज श्रीवास्तव, रवि बिजारनीया, अर्चना सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण से पहले मुख्यमंत्री एवं उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा मां भारती की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए उनका स्मरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर बलिदानियों ने जिस सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ योगदान देना होगा। सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से ही देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र, संतुलित और सतत विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में सभी के सहयोग और सहभागिता से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है।
देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड पुलिस के 14 पुलिस कार्मिकों को उनकी उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” प्रदान करेंगे।
इनमें 8 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सेवा के आधार पर तथा 6 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को विशिष्ट कार्य के लिए “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” प्रदान किया जाएगा।
” मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” (सेवा के आधार पर)
1. नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, साइबर/एसटीएफ उत्तराखण्ड।
2. रेवाधर मठपाल अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस दूरसंचार, जनपद नैनीताल।
3. भास्कर लाल शाह, पुलिस उपाधीक्षक, सचिवालय/विधानसभा सुरक्षा, उत्तराखण्ड।
4. त्रिवेन्द्र सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद चमोली।
5. मनीष जस्वाल, पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।
6. गिरीधर सिंह रावत, निरीक्षक, नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।
7. मोहम्मद यासीन, निरीक्षक, नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।
8. दिनेश चन्द्र, गुल्मनायक, 40वीं वाहिनी पीएसी।
सीएम धामी ने चयनित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस कार्मिकों द्वारा कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण एवं उत्कृष्ट सेवाभाव के साथ किए जा रहे कार्यों का सम्मान है तथा इससे समस्त पुलिस बल को अपने दायित्वों का और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने की प्रेरणा मिलेगी।
देखें वीडियो,टीएचडीसी टनल हादसे में सात की मौत,तीन लापता
गोपेश्वर। मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दुर्घटना में सात कर्मियों की मौत हुई है। तीन लापता हैं। और 12 का इलाज गोपेश्वर अस्पताल में चल रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं बचाव दलों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने टनल के अंदर जाकर बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों से मौके पर आवश्यक जानकारी ली।
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा टनल में फंसे शेष 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को अब तक किए गए रेस्क्यू तथा मौके पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से अब तक 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि शेष 3 लोगों की तलाश एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। घटना में अभी तक 7 लोगों की दुखद मृत्यु की सूचना है।
रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू अभियान के साथ-साथ घायलों के उपचार, परिजनों की सहायता एवं घटनास्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने बचाव दलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अभियान को पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी, सभासद राजा जोशी, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।
सीएम धामी के निर्देश पर राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी
चमोली। जिले के पीपलकोटी क्षेत्र के मायापुर में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में गुरुवार की शाम मलबा एवं पानी भरने से सात मजदूरों की मौत हो गयी। 14 घायल मजदूरों को गोपेश्वर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक व घायल मजदूर बिहार,छतीसगढ़, झारखंड,पंजाब,हिमाचल व उत्तराखण्ड के हैं। मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से वार्ता कर हरसम्भव मदद का भरोसा दिया।
देर रात तक एनडीआरएफ,एसडीआरएफ व पुलिस के जवान बचाव कार्य में जुटे हुए थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सीएम धामी ने तत्काल कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी व प्रशसन को युद्धस्तर पर बचाव कार्य करने के निर्देश दिए थे।
गुरुवार की शाम शाम लगभग 7:05 बजे टनल में 20 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ सहित संबंधित एजेंसियों द्वारा तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। प्रारंभिक कार्रवाई में 16 व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। जबकि शेष व्यक्तियों की सुरक्षित निकासी के लिए रात भर अभियान चलता रहा।
घटना की सूचना मिलते ही सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना की गई हैं। राहत एवं बचाव अभियान में सभी उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा टनल में फंसे लोगों तक सुरक्षित पहुंच बनाने और उन्हें शीघ्र बाहर निकालने के लिए अभियान को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से की वार्ता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के संबंध में झारखंड के मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता की।
मुख्यमंत्री धामी ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को टनल में फंसे उनके राज्यों के श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया और बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 16 श्रमिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है तथा शेष प्रभावित श्रमिकों के लिए भी सभी आवश्यक प्रयास निरंतर जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है तथा आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार उनके राज्यों के प्रत्येक प्रभावित श्रमिक और उनके परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य सरकारों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए सभी आवश्यक सूचनाएं साझा की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और राज्य सरकार का पूरा तंत्र प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षा, उपचार और सहायता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद सुमन ने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
एसपी सुरजीत पंवार ने कहा कि
जिला प्रशासन एवं राहत-बचाव से जुड़ी सभी एजेंसियां घटनास्थल पर समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं।
देखें वीडियो, सीएम के सामने छात्रा के बयान से पसर गया था सन्नाटा
अब कहा, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मुझे वहन करने थे डेढ़ लाख
देखें खिलाड़ी छात्रा के दोनों वीडियो बयान
देहरादून। बीते सोमवार को युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम के दौरान दून के सीएनआई गर्ल्स स्कूल में अध्ययनरत एक छात्रा ने सीएम धामी के सामने ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए डेढ़ लाख रुपये मांगे जाने की बात कहकर सभी को चौंका दिया था। यह बात कहते हुए छात्रा भावुक भी हो गयी थी। और कहा कि इसलिए वो ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगितामें हिस्सा नहीं ले पाई थी।
यह वीडियो वॉयरल होते ही खेल विभाग की कार्य प्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे। सोशल मीडिया में सिस्टम का पोस्टमार्टम करते हुए कई सवाल दागे जाने लगे। उक्त छात्रा के मामले में राज्य का खेल विभाग इन्वॉल्व था या कोई अन्य संगठन। यह भी अहम चर्चा रही।
बुधवार को इस मसले ने जोर पकड़ा। राजनीतिक स्तर पर भी हलचल बढ़ने लगी। दोपहर होते होते उक्त खिलाड़ी छात्रा का एक और वीडियो बयान सामने आ गया।
छात्रा ने बताया कि Taekwondo Council of India, जो कि एक निजी संस्था है, के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थी। इसी माध्यम से उसका एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ था। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने पर यात्रा सहित कुल खर्च लगभग ₹3.70 लाख बताया गया था।
इसमें संबंधित निजी संस्था द्वारा छात्रा को आर्थिक सहयोग देते हुए करीब ₹1.70 लाख स्वयं वहन करने का आश्वासन दिया गया था, जबकि शेष लगभग ₹1.50–1.60 लाख की व्यवस्था प्रतिभागी को करनी थी।
छात्रा ने कहा कि जो रकम उसके द्वारा व्यय की जानी थी। उसके बारे में उसने किसी को नहीं बताया। और इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाई। छात्रा के नए वीडियो बयान से भ्रम की स्थिति तो कुछ हद तक दूर हुई। लेकिन सोशल मीडिया में शक अभी भी कायम है।
यह तथ्य भी सामने आया कि संवाद के दौरान कम समय में छात्रा अपनी पूरी बात विस्तार से नहीं रख पाई, जिसके कारण स्थिति को लेकर भ्रम उत्पन्न हुआ।
इस बीच, सोशल मीडिया में खिलाड़ी से रिश्वत मांगने सम्बन्धी चर्चाओं ने भी जोर पकड़ा हुआ है। और यूज़र्स ने मौका ताड़ते हुए जमकर भड़ास निकालनी भी शुरू कर दी।।
हालांकि, एक वर्ग का यह भी कहना है कि यह मामला न तो किसी सरकारी अधिकारी द्वारा पैसे मांगने का था और न ही किसी सरकारी चयन प्रक्रिया से जुड़ा था। यह एक निजी संस्था के माध्यम से निजी स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने से संबंधित खर्च का विषय था।
बहरहाल, खिलाड़ी छात्रा के बेबाक बयान के बाद हॉल में सन्नाटा पसर गया था। भावुक क्षण को देखते हुए सीएम धामी ने छात्रा को बैठने की सलाह भी दी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दो नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को दी मंजूरी
बीटीकेआईटी द्वाराहाट में इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे आधुनिक पाठ्यक्रम
देहरादून। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के बीटीकेआईटी परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग तथा रोबोटिक्स पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे ताकि छात्रों को अत्याधुनिक व वैश्विक तकनीक से जोड़ा जा सके। इन दोनों नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मंजूरी दे दी है। दोनों पाठ्यक्रम वर्तमान शैक्षणिक सत्र से स्व-वित्त पोषित माध्यम से चलाये जायेंगे।
सूबे के तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। जिसको देखते हुये राज्य सरकार ने राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर आधुनिक पाठ्यक्रमों के संचालन का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया बिपिन त्रिपाठी कुमायूं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआईटी), द्वाराहाट में दो नये बीटेक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (एआई एंड एमएल) तथा रोबोटिक्स शामिल है। डाॅ. रावत ने बताया कि दोनों पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्व-वित्त पोषित माध्यम से संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसके साथ ही दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने बताया कि दोनों नये पाठ्यक्रमों के संचालन को बीटीकेआईटी द्वारा उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की प्रशासकीय परिषद तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), नई दिल्ली से भी आवश्यक अनुमोदन ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य तकनीकी संस्थानों में भी स्नातक व परास्नातक स्तर पर शीघ्र ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, बॉयोटेक, सेमीकंडक्टर तथा फुल-स्टैक डेवलपमेंट जैसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू किया जायेगा, ताकि नये तकनीकी पाठ्यक्रमों के संचालन से युवाओं को प्रदेश में ही अत्याधुनिक क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।
कैबिनेट मंत्री डाॅ. रावत के नेतृत्व में तिरंगे के रंग में रंगा पैठाणी
चाकीसैंण, तरपालीसैण व माजरा महादेव में उमड़ा जनसैलाब
श्रीनगर/देहरादून । ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तीसरे दिन आज कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के पैठाणी, चाकीसैंण, तरपालीसैंण एवं माजरा महादेव में आयोजित तिरंगा यात्राओं में प्रतिभाग किया। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, महिलाओं, युवाओं एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र देशभक्ति के नारों और राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर हो उठा।
पैठाणी में डाॅ. रावत ने युवाओं एवं स्थानीय लोगों के साथ पैदल तिरंगा यात्रा में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। यह स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के त्याग एवं बलिदान की याद दिलाते हुए प्रत्येक नागरिक को देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की सामूहिक अभिव्यक्ति है।
चाकीसैंण, तरपालीसैंण और माजरा महादेव में आयोजित तिरंगा यात्राओं में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। डाॅ. रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और आपसी सद्भाव की भावना को और मजबूत करते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि तिरंगा हम सभी को एक सूत्र में बांधता है और देश के प्रति कर्तव्यों का बोध कराता है। तिरंगा यात्रा में युवाओं की बड़ी भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी राष्ट्र निर्माण और देश की प्रगति के प्रति पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है।
बॉक्स सैकड़ों लोगों ने थामा भाजपा का दामन
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के दौरान श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के कई लोगों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की। कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कनाकोट, काण्डा, पैलार एवं सरणा गांव से भाजपा में शामिल हुए लोगों का स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर डाॅ. रावत ने कहा कि भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा एवं जनकल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए सदस्यों के जुड़ने से संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूती मिलेगी तथा जनसेवा के कार्यों को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।
दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड – शेफ केशव नेगी को कुछ दिन पहले मिली थी जमानत
सहयोग के लिए जताया आभार
देहरादून। मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड प्रकरण में जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद शेफ केशव नेगी ने सीएम धामी शिष्टाचार भेंट कर उन्हें सहयोग एवं संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री धामी ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक के हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है तथा आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में सरकार का दायित्व है कि वह अपने नागरिकों का मनोबल बढ़ाए और उन्हें न्यायोचित सहायता उपलब्ध कराए। उन्होंने अधिकारियों को भी ऐसे मामलों में आवश्यक समन्वय बनाए रखते हुए यथासंभव सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व केशव नेगी से दूरभाष पर वार्ता कर उनका हालचाल जाना था तथा उन्हें भरोसा दिलाया था कि प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने इस संबंध में दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी बात की थी |
मुख्यमंत्री के इस सहयोग और संवेदनशील पहल के प्रति नेगी ने आज परिवार सहित भेंट कर पुनः अपना आभार व्यक्त किया।
एक्सपायर दवाइयां और लाइसेंस संबंधी अनियमितताएं मिलीं
फार्मासिस्ट गैरहाजिर
मसूरी। आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराने तथा औषधि विक्रय से संबंधित वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को मसूरी क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत किए गए निरीक्षण में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा एवं औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान शामिल रहे। टीम ने मेडिकल स्टोरों में औषधियों के रखरखाव, लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, अभिलेखों के संधारण, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड, फ्रिज एवं तापमान व्यवस्था तथा सीसीटीवी आदि की जांच की।
हैमर्स मेडिकोज में फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं। मेडिकल स्टोर में दवाइयों के अतिरिक्त दैनिक उपभोग की विभिन्न वस्तुएं भी विक्रय के लिए रखी गई थीं। सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले तथा रैक में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए टीम ने स्टोर में दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट एवं स्टोर मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव व्यवस्थित नहीं पाया गया। स्टोर में दवाइयों के साथ अन्य सामान भी विक्रय किया जा रहा था। फ्रिज चालू अवस्था में था, लेकिन तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं थी। स्टोर संचालक ने बताया कि एक्सपायर दवाइयां संबंधित कंपनी को वापस कर दी गई हैं। नारकोटिक्स दवाइयों के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया। टीम ने संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अग्रवाल मेडिकोज में स्टोर मालिक उपस्थित मिला, जबकि फार्मासिस्ट अवकाश पर थी। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाइयों की बिक्री किए जाने की बात सामने आई। फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। अन्य दवाइयों के साथ एक्सपायर दवाइयां भी पाई गईं। कई दवाइयां कटी हुई अवस्था में मिलीं तथा स्टोर में साफ-सफाई का भी अभाव था। गंभीर अनियमितताओं के चलते स्टोर को बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।
ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाई गई। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव अव्यवस्थित मिला तथा फ्रिज खराब अवस्था में पाया गया। टीम ने फ्रिज बदलने के निर्देश दिए। अनियमितताओं के कारण स्टोर को तत्काल बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।
ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट एवं स्टोर मालिक उपस्थित मिले। लाइसेंस मांगे जाने पर संचालक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त होना पाया गया तथा नवीनीकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं और क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख भी व्यवस्थित नहीं पाए गए। रैक में साफ-सफाई का भी अभाव था। टीम ने स्टोर की सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण होने तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षणों का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। औषधियों की गुणवत्ता एवं सुरक्षित वितरण का सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य से है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर निगरानी एवं जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है। आमजन के स्वास्थ्य एवं मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषकर दूरस्थ एवं पर्यटन क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य एवं औषधि संबंधी प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।