Category: उत्तराखंड

  • ठगी के आरोप में उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव का बेटा गिरफ्तार

    ठगी के आरोप में उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव का बेटा गिरफ्तार

    फर्जी आईपीएस बनकर करता था लाखों की ठगी

    देहरादून पुलिस ने किया गिरफ्तार

    आईपीएस बनने का सपना टूटा तो बना फर्जी अधिकारी

    घर से मिलीं वर्दियां, आईडी कार्ड और वायरलेस सेट

    देहरादून। थाना राजपुर पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, रॉ एजेंट, सीआरपीएफ अधिकारी समेत विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी का पुत्र है।

    आरोपी लोगों को नौकरी दिलाने, कंपनी का पंजीकरण कराने और सरकारी काम कराने का झांसा देकर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था।
    गिरफ्तार आरोपी आर. यशोवर्धन (35) पुत्र एस. रामास्वामी निवासी ऑफिसर्स रेजिडेंशियल कॉलोनी, आईएचएम कैंपस, गढ़ी कैंट, देहरादून है।
    पुलिस के अनुसार, आरोपी एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी का पुत्र है। उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था। उसने कई वर्षों तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।

    पहले मामले में डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने 8 जुलाई को थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर होटल जिंजर में बुलाया और उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का शीघ्र पंजीकरण कराने के नाम पर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
    दूसरे मामले में 15 जुलाई को कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुषा ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 4.60 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने उन्हें अपने फर्जी विजिटिंग कार्ड और आईडी भी दिखाए थे।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे के पास चेकिंग के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बचपन से वह वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाले प्रभाव और सुविधाओं से प्रभावित था। यूपीएससी परीक्षा में असफल रहने के बाद उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों को नौकरी दिलाने, टेंडर पास कराने और सरकारी कार्यों में मदद का झांसा देकर ठगी शुरू कर दी। उसकी वर्दी, बोलचाल और फर्जी पहचान पत्र देखकर लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे।
    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पांच फर्जी आईडी कार्ड, आठ फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना के 25 लोगो, सेना एवं पैरामिलिट्री बलों की तीन जोड़ी वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट तथा एक लैपटॉप बरामद किया है।
    आरोपी की गिरफ्तारी में क्षेत्राधिकारी डालनवाला नितिन लोहानी, थानाध्यक्ष राजपुर पी.डी. भट्ट तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • हरित उत्तराखंड की ओर कदम, 40 वन प्रभागों में 3,791 स्थानों पर रोपे गए पौधे

    हरित उत्तराखंड की ओर कदम, 40 वन प्रभागों में 3,791 स्थानों पर रोपे गए पौधे

    हर गाँव का यही पैगाम – एक पेड़ माँ के नाम

    हरेला पर्व पर मालदेवता में हुआ भव्य वृक्षारोपण अभियान

    देहरादून। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर “हर गाँव का यही पैगाम – एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत आज जनपद के मालदेवता, में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन, विधायी एवं संसदीय कार्य, निर्वाचन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल रहे।

    कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, टिहरी गढ़वाल लोकसभा सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह विशिष्ट अतिथि तथा रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल ने रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    इस अवसर पर वन, विधायी एवं संसदीय कार्य, निर्वाचन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वृक्ष लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसका संरक्षण और संवर्धन करना है। पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करें।

    उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि इस वर्ष हरेला पर्व के अवसर पर 2 करोड़ पौधारोपण का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और विकास को जनआंदोलन बनाना है।

    उन्होंने कहा कि हरेला प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है। वृक्ष, नदियाँ और वन्य जीव हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं तथा इनके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण एवं उनका संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना तथा वनों की सुरक्षा करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। वन विभाग जनसहभागिता के माध्यम से वनों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही प्राप्त किया जा सकता है उन्होंने जनमानस से प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास की इस यात्रा में सहयात्री बनने का अनुरोध किया।

    अपने संबोधन के दौरान उन्होंने वनों की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले वन कर्मियों तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष में जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
    कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने मौलश्री, टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह ने महोगनी तथा विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने कदम्ब का पौधा रोपित किया।

    राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला पर्यावरण और प्रकृति के प्रति हमारी आस्था एवं संस्कृति का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

    टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह तथा रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने भी अपने संबोधन में जनमानस से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आह्वान किया।
    ज्ञातब्य है कि पूरे प्रदेश के 40 वन प्रभागों के 3791 स्थलों पर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है, जिससे राज्य में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र भी वितरण किए गए।
    इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल डॉ0 धीरज पांडेय, प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल, प्रमुख वन संरक्षक (वन पंचायत) एस.पी. सुबुद्धि, अपर प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडेय, जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी अमित कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी कालसी वैभव कुमार सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

  • गोपेश्वर दौरे पर मुख्यमंत्री धामी, जनता की समस्याओं का लिया जायजा

    गोपेश्वर दौरे पर मुख्यमंत्री धामी, जनता की समस्याओं का लिया जायजा

    अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

    ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में जनकल्याणकारी योजनाओं का लिया फीडबैक

    गोपेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित “सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” (सेवा पखवाड़ा) कार्यक्रम में प्रतिभाग कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने आमजन से संवाद करते हुए अधिकारियों को जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    मुख्यमंत्री के गोपेश्वर पहुंचने पर जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें श्रीमद्भगवद्गीता तथा ‘हरित उत्तराखण्ड’ अभियान के तहत पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। चमोली पुलिस के जवानों ने सेरेमोनियल वर्दी में मुख्यमंत्री को सलामी दी।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए बहुउद्देशीय सेवा शिविरों का निरीक्षण किया और विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। शिविरों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सभी मामलों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।

    कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक भूपाल राम टम्टा, अनिल नौटियाल और लखपत बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत और गणेश शाह, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, राज्य मंत्री हरक सिंह, रामचंद्र गौड़ और बलवीर घुनियाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

    इसके अलावा बदरी-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश तथा पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

  • सिल्क्यारा टनल में कंक्रीट लाइनिंग गिरने से मजदूर की मौत

    सिल्क्यारा टनल में कंक्रीट लाइनिंग गिरने से मजदूर की मौत

    सिल्क्यारा टनल में हादसा, कंक्रीट लाइनिंग का हिस्सा गिरने से श्रमिक की मौत

    टनल के भीतर 900 मीटर अंदर हुआ हादसा, एनएचआईडीसीएल ने शुरू की जांच

    उत्तरकाशी ।  सिल्क्यारा टनल में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में 21 वर्षीय श्रमिक की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रात करीब दो बजे बड़कोट साइड से लगभग 900 मीटर अंदर टनल की कंक्रीट (शॉटक्रीट) लाइनिंग का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से झारखंड निवासी श्रमिक की मौके पर ही मौत हो गई।

    हादसे के बाद एनएचआईडीसीएल (NHIDCL) ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के कारणों और अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही की जाएगी। फिलहाल घटना से संबंधित तथ्य जुटाए जा रहे हैं और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

  • सीएम धामी के मुरीद हुए कांग्रेस के विधायक

    सीएम धामी के मुरीद हुए कांग्रेस के विधायक

     कांग्रेस विधायक लखपत ने मंच से की खुलकर तारीफ

    सीएम की सभा में उमड़ा जनसैलाब, दूर दूर से आए लोग

    गोपेश्वर। चमोली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यक्रम ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इसकी सबसे बड़ी वजह रही बदरीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला का मंच से मुख्यमंत्री की खुलकर तारीफ करना।

    ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि अक्सर यह आरोप लगाया जाता है कि विपक्ष के विधायकों के साथ भेदभाव होता है, लेकिन उनकी विधानसभा में सबसे ज्यादा विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद करते हैं।

    देखें वीडियो

    कांग्रेस विधायक का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच लगातार सियासी बयानबाजी चल रही है। ऐसे में सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री की तारीफ को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री की सभा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुबह से ही आसपास के क्षेत्रों से लोग गोपेश्वर के पुलिस मैदान पहुंचने लगे थे। कार्यक्रम स्थल पर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ रही और मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान पूरा मैदान श्रोताओं से भरा नजर आया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने चमोली जिले के लिए 155.36 करोड़ रुपये की 63 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 113.99 करोड़ रुपये की 36 योजनाओं का शिलान्यास और 41.37 करोड़ रुपये की 27 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा, पर्यटन और खेल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं इन योजनाओं में शामिल हैं।

    कार्यक्रम के बाद कांग्रेस विधायक के बयान और सभा में उमड़ी भीड़ को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि विकास के मुद्दे पर विपक्ष के विधायक की यह टिप्पणी आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी रह सकती है।

  • ड्राफ्ट मतदाता सूची सार्वजनिक, मतदाता कर सकेंगे नामों का सत्यापन

    ड्राफ्ट मतदाता सूची सार्वजनिक, मतदाता कर सकेंगे नामों का सत्यापन

    13 अगस्त तक किए जा सकेंगे दावे-आपत्तियां

    ड्राफ्ट रोल में 11.90 लाख वोटर दर्ज, मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर हुई 2045

    जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराया ड्राफ्ट रोल, त्रुटियों पर तत्काल सुझाव देने की अपील

    देहरादून । मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अपडेट और त्रुटिरहित बनाने के लिए पिछले एक महीने से चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरा हो गया है। इसके बाद, 14 जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट रोल (प्रथम प्रारूप) प्रकाशित कर दिया गया है।

    बुधवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में उन्होंने राजनीतिक दलों को मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल, एएसडी वोटर, सर्विस वोटर और मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) की सूची हार्ड व सॉफ्ट कॉपी (पेन ड्राइव) में सौंपी। जिलाधिकारी ने सभी दलों से अपील की है कि यदि सूची में कोई भी विसंगति या त्रुटि नजर आए, तो उसे तुरंत प्रशासन के संज्ञान में लाएं।

    जिलाधिकारी ने बताया कि प्रकाशित ड्राफ्ट रोल के अनुसार जनपद देहरादून की मतदाता सूची में कुल 11,90,805 मतदाता पंजीकृत है। इसमें 9369 सर्विस मतदाता तथा 10130 दिव्यांग मतदाता शामिल है। जनपद में पहले 1882 मतदेय स्थल थे, लेकिन नए अनुमोदन के बाद अब इनकी संख्या बढ़कर 2045 हो गई है।

    जिलाधिकारी ने कहा कि सभी 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए फोटोयुक्त नामावली, सर्विस वोटर लिस्ट और अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत व डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई है। हर विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचक और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती भी की जा चुकी है।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि आपका नाम मतदाता सूची में नहीं है या उसमें कोई सुधार करना है, तो निर्वाचन आयोग ने इसके लिए समय-सीमा तय की है। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक रहेगी। पात्र नागरिक अपने नजदीकी मतदाता पंजीकरण अधिकारी, सहायक पंजीकरण अधिकारी या बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। 11 सितंबर 2026 तक सभी आपत्तियों का निपटारा कर दिया जाएगा और 15 सितंबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम रूप से प्रकाशन होगा।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से बूथ स्तर पर अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) जल्द से जल्द नियुक्त करने का आग्रह भी किया। कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में बीएलए-2 की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा अभी 35 बूथ, इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी द्वारा 103 तथा सीपीआईएम द्वारा 1394 मतदेय स्थलों पर अपने बीएलए-2 नियुक्त किए जाने शेष है। जबकि बहुजन समाज पाटी, आम आदमी पार्टी द्वारा किसी भी बूथ पर बीएलए-2 की नियुक्ति नहीं की गई है।

    बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र प्रसाद देवली, कांग्रेस पार्टी से डॉ जसविन्दर सिंह, बीजेपी से महेश गुप्ता, बीएसपी से सत्यपाल, आप पार्टी के कमल राना, सीपीआईएम के रविन्द्र कुमार नौडियाल सहित राजनीतिक दलों के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

  • ‘वेड इन उत्तराखंड’ बनेगा स्थानीय अर्थव्यवस्था की नई ताकत: सीएम धामी

    ‘वेड इन उत्तराखंड’ बनेगा स्थानीय अर्थव्यवस्था की नई ताकत: सीएम धामी

    वेडिंग टूरिज्म के साथ स्पिरिचुअल और वेलनेस टूरिज्म को भी मिल रहा विशेष प्रोत्साहन

    त्रियुगीनारायण सहित अनेक स्थलों को विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन वेडिंग केंद्र के रूप में किया जा रहा विकसित

    बेहतर कानून-व्यवस्था, ट्रिपल आर कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल नीतियों से उत्तराखंड बना निवेशकों की पहली पसंद

    देशभर के वेडिंग एवं इवेंट विशेषज्ञों से उत्तराखंड के पर्यटन विकास में साझेदारी का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट, किमाड़ी में इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) द्वारा आयोजित ‘ग्रेस हिन्दुस्थान 2.0 उत्तराखण्ड’ राष्ट्रीय वेडिंग प्रोफेशनल्स सम्मेलन में प्रतिभाग किया।
    इस अवसर पर उन्होंने देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, इवेंट विशेषज्ञों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों तथा सभी अतिथियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन राज्य में पर्यटन, विशेषकर वेडिंग टूरिज्म के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दो दिनों तक आयोजित इस सम्मेलन में पर्यटन, वेडिंग और इवेंट उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के विचार-मंथन से उत्तराखंड में पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी।
    उन्होंने इस आयोजन के लिए इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) की पूरी टीम तथा पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस मंथन के सकारात्मक परिणाम राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “वेड इन उत्तराखंड” की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वेडिंग और इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े सभी विशेषज्ञों के सहयोग से उत्तराखंड को देश और दुनिया के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह केवल सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि दो आत्माओं का पवित्र मिलन माना जाता है। देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत ऐसे पावन अवसर को और अधिक दिव्य बना देती है।
    उन्होंने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर जैसी ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर उत्तराखंड को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार त्रियुगीनारायण, ओंकारेश्वर (ऊखीमठ), रामनगर, टिहरी, मसूरी सहित अन्य उपयुक्त स्थलों को विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन वेडिंग केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
    उन्होंने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग केवल होटल और रिसॉर्ट तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे स्थानीय कारीगरों, लोक कलाकारों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों तथा अनेक छोटे व्यवसायों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त होते हैं।
    इसी कारण राज्य सरकार वेडिंग टूरिज्म को स्थानीय अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम मानते हुए आगे बढ़ा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटक केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति, अध्यात्म और आत्मीयता का भी अनुभव अपने साथ लेकर जाएं, इसी उद्देश्य से पर्यटन के विविध आयामों को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और वेलनेस का अद्भुत संगम है, जहां लोगों को एक संपूर्ण पर्यटन अनुभव प्राप्त होता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय कर विश्वस्तरीय वेलनेस अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वेडिंग टूरिज्म के साथ-साथ स्पिरिचुअल और वेलनेस टूरिज्म को भी समान रूप से बढ़ावा दे रही है।

    उन्होंने कहा कि सरकार केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के विकास एवं सौंदर्यीकरण के साथ हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। साथ ही शीतकालीन यात्रा की शुरुआत कर वर्षभर पर्यटन को गति देने का प्रयास किया गया है। इसके अतिरिक्त गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज कानून-व्यवस्था, सुशासन और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण देश के सबसे भरोसेमंद राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सड़क, रेल और रोपवे आधारित ट्रिपल आर (Triple R) कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर विशेष बल दे रही है। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, विभिन्न रोपवे परियोजनाओं, जौलीग्रांट एवं पंतनगर हवाई अड्डों के विस्तार तथा प्रदेश के सभी जिलों में हेलीपोर्ट विकास जैसे कार्य पर्यटन को नई गति प्रदान करेंगे और पर्यटकों की पहुंच को और अधिक सुगम बनाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को व्यवहारिक रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था के माध्यम से निवेशकों, वेडिंग प्लानर्स और इवेंट आयोजकों को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित सभी विशेषज्ञों एवं निवेशकों से उत्तराखंड के पर्यटन विकास के लिए अपने सुझाव साझा करने का आग्रह करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से उत्तराखंड को विश्व के सर्वोत्तम वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने का संकल्प अवश्य साकार होगा।

    इस अवसर पर इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) के पदाधिकारी, पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल, देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, इवेंट एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ, विभिन्न उद्यमी, निवेशक तथा बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

  • झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन मिलने से सरिता देवी के स्वरोजगार को मिली नई उड़ान

    झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन मिलने से सरिता देवी के स्वरोजगार को मिली नई उड़ान

    ‘‘सेवा सुशासन एवं समर्पण’’ जन-संवाद शिविर

    7,472 लोगों ने किया प्रतिभाग 4,632 लाभार्थी हुए लाभान्वित 1,737 आवेदनों का मौके पर किया गया निस्तारण’

    गोपेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़े के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। साथ ही विभिन्न विभागों की जन-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री, स्वीकृति पत्र एवं वित्तीय सहायता वितरित कर सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया।

    इस अवसर पर आयोजित शिविर में कुल 7,472 लोगों ने प्रतिभाग किया। विभिन्न विभागों को प्राप्त 1,737 आवेदनों का शिविर के दौरान ही निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसके अतिरिक्त कुल 203 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 172 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। शिविर के माध्यम से 4,632 लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान विकासखंड नन्दानगर के ग्राम खलतरा की श्रीमती सरिता देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में झंगोरे का भरपूर उत्पादन होता है, लेकिन मंड़ाई एवं प्रसंस्करण की समुचित व्यवस्था न होने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उनकी झंगोरा मंड़ाई एवं प्रोसेसिंग मशीन की मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए शिविर स्थल पर ही कृषि विभाग के स्टॉल से उन्हें झंगोरा मड़ाई एवं प्रोसेसिंग मशीन उपलब्ध कराई।

    विकासखंड दशोली के ग्राम रौली ग्वाड़ निवासी नीरज भट्ट ने लिलियम फूलों की खेती के लिए अगस्त माह तक बीज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विकासखंड ज्योतिर्मठ के ग्राम बड़ागांव निवासी गुलशन सिंह राणा ने पोल्ट्री फार्म स्थापित करने के लिए पोल्ट्री हट उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत उनका प्रस्ताव स्वीकृत कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    इसी प्रकार विकासखंड दशोली के ग्राम कौजपोथनी निवासी जयदीप सिंह ने लोक निर्माण विभाग में मोटर मार्ग एवं पुलिया निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारी पंजीकरण का आवेदन चार दिनों से लंबित होने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने अधिशासी अभियंता को आज ही सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर पंजीकरण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। वहीं विकासखंड पोखरी के ग्राम नौली निवासी देवेन्द्र सिंह ने एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब के पौधे एवं ओलावृष्टि से फलों की सुरक्षा के लिए एंटी-हेल नेट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिला उद्यान अधिकारी को उन्हें अनुदान सहित विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से शासन स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहा है, जिससे जनसेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं वित्तीय सहायता भी वितरित की। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से 6 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 3 लाभार्थियों को अनुसूचित जाति पुत्री विवाह अनुदान प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा तिलक स्वयं सहायता समूह, ग्राम कुण्डी को फार्म मशीनरी बैंक, एक लाभार्थी को झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन, दो लाभार्थियों को झाड़ी/घास कटर मशीन तथा ग्राम बैरागना को चैन लिंक्ड फेंसिंग उपलब्ध कराई गई। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर प्राप्त करने वाली रूपकुण्ड फेड फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड, हाटकल्याणी (देवाल) तथा उन्नति स्वायत्त सहकारिता एफपीओ, पडेरगांव (नन्दानगर) को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सम्मानित किया।

    सहकारिता विभाग के माध्यम से 4 लाभार्थियों को दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण के चेक वितरित किए गए। पशुपालन विभाग द्वारा 2 लाभार्थियों को चारा बीज उपलब्ध कराया गया। उद्यान विभाग के अंतर्गत एक लाभार्थी को नाबार्ड पॉलीहाउस योजना हेतु ₹4 लाख, एक लाभार्थी को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के तहत ₹2 लाख, एक लाभार्थी को मशरूम उत्पादन योजना के लिए ₹2 लाख तथा एक लाभार्थी को कीवी मिशन योजना के अंतर्गत ₹4.20 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 5 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के चेक वितरित कर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    ’हर गाँव का यही पैगाम: एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने किया वृक्षारोपण’

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के उपलक्ष्य में ‘हर गाँव का यही पैगाम: एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है और अधिक से अधिक पौधरोपण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    कार्यक्रम में चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका परिषद चमोली गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत, नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग अध्यक्ष गणेश शाह, महिला आयोग उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, राज्य मंत्री हरक सिंह, रामचंद्र गौड़, बलवीर घुनियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती,जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, दलवीर दानू, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद थे।

  • चमोली को विकास की सौगात: करोड़ों की 36 योजनाओं का शिलान्यास

    चमोली को विकास की सौगात: करोड़ों की 36 योजनाओं का शिलान्यास

    ₹ 41.37 करोड़ की 27 योजनाओं का लोकार्पण

    सेवा, सुशासन एवं समर्पण सेवा पखवाड़ा

    गोपेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण सेवा पखवाड़े के अंतर्गत जनपद चमोली के विकास को नई गति देते हुए विभिन्न विभागों की कुल ₹ 155.36 करोड की 63 विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने ₹ 113.99 करोड़ की 36 विकास योजनाओं का शिलान्यास तथा ₹ 41.37 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा, पशुपालन, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चमोली जनपद धार्मिक, सांस्कृतिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार जनपद के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्याश किया उनमें ₹ 4.34 करोड़ से जोशीमठ-नीति मार्ग के जुग्जू में स्टील ट्रस पुल, ₹9.62 करोड़ से लंगसी-द्वींग-तपोवन-लांजी-पोखनी मोटर मार्ग पर 78 मीटर लोह सेतु, ₹85.24 लाख से मैहलचौरी-सिलंगना घनियाली मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण, ₹2.20 करोड़ से चांदनीखाल-रड़वा-काण्डई-रेंसू मोटर मार्ग विस्तार, ₹2.57 करोड़ से विशालखाल-देवीखेत-बांमेश्वर मोटर मार्ग, ₹2.51 करोड़ से नन्दानगर की 13 पर्वतीय नहरों का पुनरोद्धार, ₹3.40 करोड़, ₹4.08 करोड़, ₹4.59 करोड़, ₹2.16 करोड़, ₹1.83 करोड़, ₹3.52 करोड़ एवं ₹6.83 करोड़ की विभिन्न बाढ़ सुरक्षा योजनाएं, ₹2.60 करोड़ से डायट गौचर अनुरक्षण, ₹4.36 करोड़ से मॉडल राजकीय पशु चिकित्सालय नन्दप्रयाग, ₹98.45 लाख से पशु चिकित्सालय तलवाड़ी, ₹3.03 करोड़ से सेम-तोप में सामुदायिक भवन एवं पार्किंग, ₹2.88 करोड़ से राइंका उज्ज्वलपुर भवन, ₹3.20 करोड़ से नन्दानगर पार्किंग, ₹4.05 करोड़ से गोगनापानी-भडूड़ा मोटर मार्ग, ₹4.71 करोड़ से गोपेश्वर-पोखरी-बछेर मोटर मार्ग, ₹3.32 करोड़ एवं ₹2.33 करोड़ से स्टील गर्डर सेतु, ₹6.99 करोड़ से नौटी-चौण्डली-ल्यूथा मार्ग, ₹7.42 करोड़ से हरनीचक-मुन्दोली मार्ग, ₹9.36 करोड़ से थराली-घाट (डुंग्री) मार्ग, ₹3.50 करोड़ से लौहाजंग-वॉक मार्ग तथा ₹1.95 करोड़ एवं ₹2.00 करोड़ से तेलाण मार्ग पर स्टील गर्डर सेतु सहित शिक्षा, सिंचाई, पशुपालन एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी अन्य योजनाएं शामिल हैं।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें ₹1.42 करोड़ से गैरसैंण मुख्य मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, ₹2.71 करोड़ से सेमी-मासों मोटर मार्ग, ₹2.34 करोड़ से हापला-गुड़म-नैल-नौली मोटर मार्ग, ₹1.15 करोड़ से नंदासैंण-मालई मोटर मार्ग का डामरीकरण, ₹50-50 लाख से बीपीएचयू पोखरी एवं जिला चिकित्सालय चमोली में डीआईपीएचएल भवन, विभिन्न विद्यालयों में ₹21.84 लाख से ₹26.77 लाख की लागत से पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष एवं विज्ञान प्रयोगशालाएं, ₹3.50 करोड़ से बैरागना ट्राउट इंडोर हैचरी, ₹2.45 करोड़ से स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर में दो कोर्ट का बैडमिंटन हॉल, ₹40.50 लाख से कल्पेश्वर पाथवे एवं आर्क ब्रिज, ₹30 लाख से पाण्डुकेश्वर बहुउद्देशीय सहकारी समिति भवन, ₹5.63 करोड़ से तेफना-कण्डारा मोटर मार्ग अपग्रेडेशन, ₹9.32 करोड़ से कुलसारी-गैरवारम मोटर मार्ग अपग्रेडेशन तथा ₹7.75 करोड़ से लोल्टी-मालबज्वाड़-पास्तोली मोटर मार्ग शामिल है। इन योजनाओं से जनपद में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन, मत्स्य पालन एवं आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

    इस मौके पर चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका परिषद चमोली गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत, नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग अध्यक्ष गणेश शाह, महिला आयोग उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, राज्य मंत्री हरक सिंह, रामचंद्र गौड़, बलवीर घुनियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती,जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, दलवीर दानू, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद थे।

  • ‘संवेदना अभियान’ के माध्यम से रक्तदान महाशिविर का आयोजन

    ‘संवेदना अभियान’ के माध्यम से रक्तदान महाशिविर का आयोजन

    निशंक’ के जन्म दिवस पर लिया संकल्प

    देहरादून। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के जन्मदिवस पर “संवेदना अभियान” के अंतर्गत देश के पहले लेखक गांव थानों (देहरादून) में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 200 यूनिट रक्तदान किया गया।
    छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और क्षेत्रवासियों ने रक्तदान कर समाज के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय सरोकारों का सशक्त संदेश दिया। हिमालयीय आयुर्वेदिक (पी.जी.) मेडिकल कॉलेज, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय, भागीरथ प्रयास फाउंडेशन, रुड़की तथा देवभूमि ब्लड बैंक, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक लोगों ने रक्तदान किया।

    लेखक गांव स्थित श्री नरसिंह भगवान मंदिर में विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना एवं हवन के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के साथ उनकी पुत्री डॉ. आरुषि निशंक, विदुषी निशंक, अभिनव पंत, मेजर देवल वाजपेयी, आर्यन देव उनियाल सहित अनेक परिवारजन भी उपस्थित रहे और सभी ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। इस अवसर पर डॉ निशंक द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया।
    इसके उपरांत नालंदा पुस्तकालय शोध एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित बाल कवि गोष्ठी में सनराइज अकादमी एवं एंजेल्स अकैडमी बहादराबाद के छात्र-छात्राओं ने डॉ. निशंक की चर्चित बाल रचनाओं “भोर की किरण”, “बारिश की फुहार”और “प्रकृति का उपहार” सहित अन्य कविताओं का भावपूर्ण पाठ कर उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएँ दीं। विद्यार्थियों ने संस्कृत में जन्मदिवस गीत प्रस्तुत कर भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की सुंदर झलक भी प्रस्तुत की। डॉ. निशंक ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें साहित्य, शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित किया।

    रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए हेलमेट भेंट कर सम्मानित किया गया।
    अपने संबोधन में डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा, “संवेदना ही मानव जीवन का सबसे बड़ा मूल्य है। रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी करुणा, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। यदि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान का संकल्प ले, तो अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं।” उन्होंने युवाओं से समाजसेवा और स्वैच्छिक रक्तदान जैसे अभियानों से निरंतर जुड़ने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा, पद्मा श्री बी.के.एस संजय, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, डॉ. जयपाल सिंह, सुभाष बर्थवाल, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट, गन्ना आयोग के सदस्य सुभाष भट्ट, रुड़की की महापौर अनीता अग्रवाल, हरिद्वार जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, रुड़की जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, ऋषिकेश जिला अध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल डोईवाला नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, ऋषिकेश की पूर्व मेयर अनीता महंगाई, पौड़ी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।