Category: उत्तराखंड

  • ‘Maverick Jaspal: The Man Who Changed Indian Shooting’ पुस्तक का हुआ विमोचन

    ‘Maverick Jaspal: The Man Who Changed Indian Shooting’ पुस्तक का हुआ विमोचन

    जसपाल राणा के भारतीय निशानेबाजी में योगदान को रेखांकित करती है पुस्तक

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध निशानेबाज एवं खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्ती स्वर्गीय जसपाल राणा के परिवारजनों ने भेंट की। इस अवसर पर जसपाल राणा की पत्नी रीना राणा, पुत्र युवराज राणा और पुत्री देवांशी राणा उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री ने जसपाल राणा के जीवन और उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक ‘Maverick Jaspal: The Man Who Changed Indian Shooting’ पुस्तक का विमोचन किया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जसपाल राणा की खेल उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी उपलब्धियां देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह संदेश देती हैं कि निरंतर अभ्यास, समर्पण तथा आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा ने निशानेबाजी के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने के साथ ही उत्तराखंड का गौरव भी बढ़ाया है। उनका जीवन और खेल सफर युवा खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।

    मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘Maverick Jaspal: The Man Who Changed Indian Shooting’ पुस्तक पाठकों, विशेषकर युवा खिलाड़ियों को जसपाल राणा के अनुभवों, संघर्ष और उपलब्धियों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस प्रयास के लिए जसपाल राणा के परिवारजनों को शुभकामनाएं दीं।

  • गोपेश्वर की टीम और जसपाल राणा इंस्टीट्यूट ने जीता खिताब

    गोपेश्वर की टीम और जसपाल राणा इंस्टीट्यूट ने जीता खिताब

    अंतर महाविद्यालय वॉलीबॉल प्रतियोगिता

    देहरादून। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता में दो दिवसीय अंतर महाविद्यालयी वॉलीवाल प्रतियोगिता के बालक वर्ग में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर तथा बालिका वर्ग में जसपाल राणा इंस्टीट्यूट ऑफ़ एजूकेशन एंड टेक्नोलॉजी की टीम चैंपियन बनी।

    बालक वर्ग उप-विजेता एस एम आर जनजातीय पी०जी०कॉलेज शाईया तथा बालिका वर्ग के उप-विजेता में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार की टीम रही। बालक वर्ग में गोपेश्वर की टीम ने शाईया की टीम को 25/21,27/25 एवं 25/18 की अंतर से हराया। जबकि बालिका वर्ग में जसपाल राणा इंस्टिट्यूट की टीम ने कोटद्वार की टीम को 25/23,25/18 के अंतर से हराकर अंतर महाविद्यालय चैंपियन बनने में सफलता हासिल की है।

    प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तराखंड उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष प्रो ० देवेन्द्र भसीन तथा विशिष्ट अतिथि डॉ० दिनेश चन्द्रा कुलसाचेव श्रीदेव सुमन विश्व विद्यालय बादशाहीथौल टिहरी गढ़वाल रहे ।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष प्रो ० देवेन्द्र भसीन ने कहा कि सरकार ने 36 खेल स्टेडियम तथा 19 इन्डोर खेल स्थल विकसित किये हैं। सरकार ने प्रदेश स्तरीय खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में 4% क्षैतिज आरक्षण देने का सराहनीय निर्णय लिया है।। विशिष्ट अतिथि डॉ दिनेश चन्द्रा ने कम समय में चुनौतीपूर्ण आयोजन को सम्पादित करने के लिए मालदेवता महाविद्यालय सराहना की। उन्होंने खिलाड़ियों के रोमांचक एवं कड़े मुकाबले के खेल प्रस्तुतीकरण की सराहना की है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० वी. पी. अग्रवाल ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों तथा महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। प्राचार्य ने खिलाड़ियों से कहा कि हार या जीत की प्रवाह किये बगैर, भविष्य में लगातार खेल भावना का परिचय देते हुए अपने उच्च लक्ष्यों हासिल करें।

    विश्वविद्यालय के क्रीड़ा सचिव डॉ. पुष्कर गौड़ ने कहा कि विजेता खिलाड़ियों को जालंधर तथा लखनऊ के लिये चयन किया जायेगा । रायपुर महाविद्यालय के क्रीड़ा प्रभारी डॉ ० सुमन सिंह गुसाईं ने कार्यक्रम रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, महाविद्यालयके प्राध्यापकों, इण्टर कॉलेज एवं प्राथमिक विद्यालय प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया। इन विद्यालयों ने अपने कीड़ा प्रागंण देकर आयोजन को सुगम बनाया । इस अवसर पर कॉलेज के सभी प्राध्यापक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, प्रतियोगिता के लिए गठित विभिन्न कमेटियों के सक्रिय सदस्य, विभिन्न महाविद्यालयों से आई टीमों के खिलाड़ी प्रतियोगिता में मूल्यांकन के लिए आए विभिन्न ऑफिशल्स विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    विजेता एवं उपविजेता टीमों को मुख्य अतिथियों के कर कमलों से से प्रमाण पत्र, मेडल तथा ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके साथ ही दो दिवसीय भव्य अंतर महाविद्यालयी बालक और बालिका वर्ग वॉलीबॉल प्रतियोगिता का समापन हो गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनोद शाह ने किया।

  • विजिलेंस का शिकंजा, रिश्वत लेते महिला एएसआई गिरफ्तार

    विजिलेंस का शिकंजा, रिश्वत लेते महिला एएसआई गिरफ्तार

    समझौता कराकर मामला निपटाने के नाम पर मांगी रिश्वत

    देहरादून। हरिद्वार के रानीपुर थाने में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सोनिया को सतर्कता विभाग की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह लेन-देन के विवाद में दूसरे पक्ष से समझौता कराकर मामला निपटाने के एवज में शिकायतकर्ता से रिश्वत मांग रही थी।

    सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर इस संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून ने ट्रैप टीम गठित की। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

    शनिवार को सतर्कता टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला एएसआई सोनिया को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • दिनेश आर्य बनेंगे राज्यसभा में उत्तराखंड की बुलंद आवाज

    दिनेश आर्य बनेंगे राज्यसभा में उत्तराखंड की बुलंद आवाज

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य ने मुख्यमंत्री आवास में शिष्टाचार भेंट की।
    इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री धामी ने दिनेश आर्य को राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आर्य अपने अनुभव, कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति समर्पण के माध्यम से संसद में उत्तराखंड की जनभावनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश के विकास, जनकल्याण और जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि दिनेश आर्य प्रदेश की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और राज्य के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने दिनेश आर्य के सफल संसदीय कार्यकाल की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि उनके प्रयासों से उत्तराखंड के विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

  • ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे सीएम

    ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे सीएम

    खराब मौसम के बावजूद हेलीकॉप्टर का रुख बाजपुर की ओर कराया

    प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता का आश्वासन

    बाजपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बाजपुर क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण एवं स्थलीय निरीक्षण कर फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया।
    इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

    शुक्रवार को दोपहर लगभग 12 बजे बाजपुर क्षेत्र में अचानक भीषण ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। इसी दौरान मुख्यमंत्री धामी हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। जैसे ही उन्हें ओलावृष्टि और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी मिली, उन्होंने खराब मौसम के बावजूद पायलट को हेलीकॉप्टर बाजपुर की ओर ले जाने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने पहले हेलीकॉप्टर से ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बाजपुर में उतरकर प्रभावित खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया।

    मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधे संवाद कर फसलों को हुए नुकसान, उनकी समस्याओं और कठिनाइयों की जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

    मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का विस्तृत सर्वेक्षण एवं नुकसान का आकलन प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।
    उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के हितों की रक्षा और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और नुकसान के आकलन से लेकर राहत संबंधी कार्रवाई तक पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए।

  • सीएम ने व्यापारी हित में कीं 8 बड़ी घोषणाएं

    सीएम ने व्यापारी हित में कीं 8 बड़ी घोषणाएं

    हल्द्वानी में प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन

    26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध

    प्रदेश में निवेश और उद्यमिता को दिया जा रहा बढ़ावा

    हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन में व्यापारियों के हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
    उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़े उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक, प्रत्येक व्यापारी राज्य के विकास में योगदान दे रहा है। कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। सरकार का प्रयास है कि व्यापारियों को भयमुक्त, सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण मिले तथा उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। व्यापारियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान और उनके साथ निरंतर संवाद पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने व्यापारी हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं

    1. प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    2. व्यापारियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित कराई जाएंगी।
    3. जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
    4. पर्यटन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी तथा सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।
    5. पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार एवं अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें।
    6. चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिल सके।
    7. राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों तथा अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों एवं नालियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से कराया जाएगा।
    8. व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

    व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार, उद्यमिता, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। उत्तराखण्ड में भी व्यापार और निवेश से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखण्ड स्टार्टअप नीति तथा 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। सरकार औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रखकर पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के व्यापारियों को स्थानीय बाजारों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान स्थापित करने के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक शक्ति के साथ आर्थिक शक्ति का भी प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके सहयोग से विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त उत्तराखण्ड का संकल्प साकार होगा।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया तथा व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

    इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत एवं सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी विवेक राय सहित व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • हर जिले में विज्ञान-नवाचार केंद्रों की होगी स्थापना

    हर जिले में विज्ञान-नवाचार केंद्रों की होगी स्थापना

    सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव को मिलेंगे एक करोड़ रुपये

    बागेश्वर में बाल विज्ञान महोत्सव शुरू

    पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल वैज्ञानिक ले रहे हिस्सा

    राज्य की STEM लैब्स को एआई से जोड़ने और सभी विकासखंडों में लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में होगा कार्य

    मुख्यमंत्री ने बाल वैज्ञानिकों से किया संवाद, उनकी जिज्ञासाओं के दिए उत्तर

    बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया।
    दो दिवसीय इस महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी एवं पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव एवं संबंधित कार्यक्रमों हेतु एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने राज्य की STEM लैब्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जोड़ने तथा सभी विकासखंडों में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में विज्ञान एवं तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं के लिए तैयार करना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को खूब पढ़ने, नए विचारों पर काम करने और सवाल पूछने की प्रवृत्ति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक ही भविष्य में देश के प्रमुख वैज्ञानिक, इंजीनियर और शोधकर्ता बनेंगे। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित इस प्रकार के विज्ञान महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ ही उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने और देश एवं प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा में आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर देते हुए रोबोटिक्स एवं ड्रोन तकनीक को शिक्षा से जोड़ने तथा महिला विकास एवं विज्ञान विषय पर सम्मेलन आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं तकनीक के माध्यम से प्रदेश में नवाचार, सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और स्मार्ट कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से प्रयास कर रही है। इसके साथ ही कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, मौन पालन और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

    महोत्सव के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक कविता हरकोटिया, दीप चंद जोशी, हरिमोहन ऐठाणी एवं ख्याली दत्त को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य अव्वल सिंह तोपाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक एवं बाल वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

  • उद्योगों के विकास में सहयोगी की भूमिका निभा रही सरकार : मुख्यमंत्री

    उद्योगों के विकास में सहयोगी की भूमिका निभा रही सरकार : मुख्यमंत्री

    प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित

    1.27 लाख युवाओं को मिला रोजगार

    हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में आयोजित 7वें सीआईआई उत्तराखण्ड इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो-2026 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार आध्यात्मिक नगरी होने के साथ उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास का भी एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इस प्रकार के आयोजन उद्योग, व्यापार, निवेश और नवाचार को एक साझा मंच प्रदान करने के साथ राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति में उद्यमियों, व्यापारियों और निवेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उद्योगों की स्थापना से रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं, नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा मिलता है तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड में उद्योगों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सरल व्यवस्था उपलब्ध हो तथा सरकार एक नियामक के बजाय सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से राज्य में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम सड़क परियोजना और लगातार बेहतर हो रही कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स सुविधाओं में भी सुधार हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1.27 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ की व्यवस्था की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करते हुए 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का युवा केवल नौकरी मांगने वाला न बने, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाला बने, इस उद्देश्य से स्टार्टअप और नवाचार को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड स्टार्टअप नीति लागू करने के साथ स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।

    उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में लगभग 1,002 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छोटे उद्यमियों को आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है तथा भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में भी उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में उत्तराखण्ड को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में भी उत्तराखण्ड ने अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने उद्यमियों और निवेशकों का आह्वान किया कि वे उत्तराखण्ड में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाते हुए निवेश और रोजगार सृजन में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाएं और बेहतर निवेश अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक शक्ति केंद्र के साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। इसमें उद्योग जगत, व्यापारियों, निवेशकों और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सीआईआई की पूरी टीम और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा औद्योगिक इकाई द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया।

    मुख्यमंत्री ने इससे पहले पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों का हालचाल जाना और प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा पूरी लगन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।

    इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हरिद्वार में आयोजित इंडस्ट्री कार्यक्रम उत्तराखंड के औद्योगिक विकास में नया आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए उद्योग जगत को गुणवत्ता और नवाचार के साथ आगे बढ़ना होगा। संकल्प और इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। भारत आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और वैश्विक स्तर पर मजबूत राष्ट्र बन सकता है। पिछले वर्षों में हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है।

    कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद, अध्यक्ष शिवालिकनगर नगर पालिका राजीव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री आदेश सैनी, विक्रम भुल्लर, अध्यक्ष सीआईआई उत्तराखंड संजय अग्रवाल, वाइस चेयरमैन सीआईआई उत्तरखण्ड सौरव दास, उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, प्रबंध निदेशक सिडकुल सौरव गहवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, निदेशक सीआईआई उत्तराखंड गौरव लांबा, चेयरपर्सन सीआईआई उत्तरखण्ड सोनिया, संदीप जैन सहित उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

  • फल उत्पादकों को मिले बेहतर बाजार और उचित मूल्य : सीएस

    फल उत्पादकों को मिले बेहतर बाजार और उचित मूल्य : सीएस

    देहरादून में सेब महोत्सव शुरू

    देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को नाबार्ड से वित्तपोषित किसान उत्पादक संगठनों द्वारा आयोजित सेब महोत्सव 3.0 का शुभारम्भ किया।

    इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) द्वारा उत्पादित सेब की विभिन्न प्रजातियों, कीवी, सब्जियों एवं अन्य कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने किसानों और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों से उत्पादों के सम्बन्ध में जानकारी ली एवं आ रही समस्याओं पर चर्चा की।

    मुख्य सचिव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को केवल किसानों को एक साथ जोड़ने तक सीमित न रखते हुए उन्हें मजबूत, आत्मनिर्भर और सस्टेनेबल संस्थाओं के रूप में विकसित किया जाना आवश्यक है। इसके लिए उन्हें निरन्तर मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और क्षमता विकास के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

    मुख्य सचिव ने कृषि एवं बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए खरीद, विपणन और उत्पादों की ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ावा देते हुए उन्हें उचित बाजार और बेहतर मूल्य से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।

    मुख्य सचिव ने किसानों के उत्पादों के सुरक्षित भंडारण एवं उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए शीत भंडारण की सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने उत्पादों की जानकारी उपलब्ध कराने की ट्रेसेबिलिटी व्यवस्था विकसित करने तथा जैविक उत्पादों के लिए जैविक प्रमाणन की प्रक्रिया को बढ़ावा देने की बात कही।

    मुख्य सचिव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत बनाने के लिए नाबार्ड और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को सस्टेनेबल बनाने के लिए इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता है। योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का एक-दूसरे से जोड़कर अधिक से अधिक लाभ किसानों और किसान उत्पादक संगठनों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सरकार, नाबार्ड, सम्बन्धित विभागों, किसान उत्पादक संगठनों, किसानों और अन्य स्टेक होल्डर्स को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से उत्तराखण्ड के कृषि एवं बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।

    इस अवसर पर सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड पंकज यादव एवं महाप्रबंधक नाबार्ड शशि कुमार सहित नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें पंचायत प्रतिनिधि : मुख्यमंत्री

    गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें पंचायत प्रतिनिधि : मुख्यमंत्री

    त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम

    हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास हेतु आयोजित एक दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि सशक्त पंचायतें विकसित उत्तराखण्ड की मजबूत नींव हैं। प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक साथ 60 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण से जोड़ना ग्राम स्तर पर विकास को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी तथा सरकार और जनता के बीच सेतु हैं। वे स्थानीय समस्याओं को बेहतर समझते हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ की भावना से काम करने और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पंचायतों को संसाधन, आधारभूत सुविधाएं और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराकर विकास की नेतृत्वकर्ता संस्थाओं के रूप में सशक्त किया जा रहा है। राज्य सरकार भी इसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ जन योजना अभियान के तहत ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत स्तर पर विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। योजनाओं में स्थानीय आवश्यकताओं, जनसुझावों और उपलब्ध संसाधनों को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक पंचायत स्पष्ट लक्ष्य, समयसीमा और अपेक्षित परिणाम निर्धारित करे, ताकि विकास कार्यों का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को मिले।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पंचायत की विकास योजना में पेयजल, सड़क, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। ग्राम सभाओं में लोगों के सुझाव लिए जाएं और कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा हो। पंचायत प्रतिनिधि यह भी देखें कि योजनाओं का लाभ वास्तव में किन परिवारों तक पहुंच रहा है। कमजोर और वंचित वर्गों की जरूरतों को विशेष प्राथमिकता दी जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 56 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। राज्य की 7,817 ग्राम पंचायतों में से 5,972 में पंचायत भवन ग्राम सचिवालय के रूप में संचालित हो रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में 1,362 पंचायत भवनों का निर्माण और 584 की मरम्मत की गई है। एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का कम्प्यूटरीकरण भी हो चुका है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर पंचायतों की कार्ययोजनाओं, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति तथा कार्यों की जियो टैगिंग की जा रही है। डिजिटल पंचायत का उद्देश्य कामकाज को पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि पंचायत का पैसा जनता का पैसा है और इसकी एक-एक पाई का हिसाब जनता के सामने होना चाहिए। विकास कार्यों की संख्या से अधिक उनका प्रभाव मायने रखता है। सड़कों की गुणवत्ता, पेयजल योजनाओं की उपयोगिता और पंचायत भवनों से मिलने वाली सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ गांव बनाने में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिला पंचायतों को ग्रामीण मोटर मार्गों तथा स्थानीय बाजारों की सफाई हेतु कचरा उठाने वाली मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। विकासखंड स्तर पर भी इस कार्य के लिए विशेष मशीनें स्थापित की गई हैं। उन्होंने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने और गांवों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमिता, कृषि, बागवानी, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। गांवों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना तथा पलायन कम करना सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने सहित अनेक कदम उनके सशक्तिकरण के लिए उठाए गए हैं। गांवों की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी समान ध्यान देना होगा।

    मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे प्रत्येक विकास कार्य में गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण से मिले ज्ञान का उपयोग कर पंचायतों को स्वच्छ, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी और विकसित उत्तराखण्ड का संकल्प साकार होगा।

    इस दौरान कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़क, बिजली, पंचायत भवन, विद्यालय सहित विकास की तमाम योजनाएं पंचायतों के माध्यम से लोगों तक पहुंचती हैं। पंचायतों में जनप्रतिनिधित्व और सक्रियता बढ़ने से गांवों में बड़ा बदलाव आएगा।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से गांवों में विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, आदेश सैनी, ब्लॉक प्रमुख बहादराबाद आशा नेगी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)जितेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, विभिन्न ग्राम पंचायत से आये हुए ग्राम प्रधान एवं जनप्रतिनिधि सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे