Category: उत्तराखंड

  • धामी कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों पर लगी मुहर

    धामी कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों पर लगी मुहर

    देखें, भाजपा सरकार के खास फैसले

     

    देहरादून। राज्य सचिवालय में धामी कैबिनेट की बैठक में कई फैसले किये गए। शुक्रवार को हुई अहम बैठक में कई प्रस्तावों पर मुहर लगी।

    शाम को हुई बैठक के बाद मुख्य सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को फैसले की जानकारी दी।

    देखें, प्रमुख फैसले

    1-राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (सीडा) को प्रदेश के समस्त औद्योगिक क्षेत्रों के मानचित्र स्वीकृत किये जाने हेतु अधिकृतत किये जाने का निर्णय

    2-खाद्य विभाग के अंतर्गत अंत्योदय एवं बीपीएल कार्ड धारकों को 8 रुपये की दर से प्रतिमाह मिलेगा 1 किलो आयोडाइज नमक।

    3-समान नागरिक सहिंता के अंतर्गत अब तक समिति द्वारा लिए गए निर्णयों को कैबिनेट ने किया अनुमोदित।

    4-संस्कृति, धर्मस्व एवं तीर्थाटन विभाग के अंतर्गत श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में कार्मिकों एवं धार्मिक कार्यों के लिए दो नियमावली बनाने की मंजूरी।

    5-मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना में अब बालक का जन्म होने पर भी मिलेगी किट।

    6-आवास विकास विभाग के अंतर्गत ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के आसपास बेहतर टाऊन शिप विकसित हों, इस हेतु 11 कस्बों में निर्माण कार्यों पर आगामी एक वर्ष के लिए 200 मीटर की दूरी तक रहेगी रोक। तय मास्टर प्लान से होगा इन क्षेत्रों का विकास। इसमें योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, ब्यासी, सिराला, चिलगढ-मल्ला, मलेथा, श्रीनगर, धारी देवी, तिलानी, घोलतीर, गौचर शामिल।

    7-परिवहन निगम में मृतक आश्रितों के 195 पद जो कि पूर्व में फ्रीज किया गया था, उनसे रोक हटाये जाने का निर्णय।

    8-आवास विभाग के अंतर्गत भवन निर्माण एवं विकास उपविधि में संशोधन को मंजूरी। छोटे नाले से 5 मीटर की दूरी पर बना सकेंगे पेट्रोल पंप। शेष के लिये रहेगी 50 मीटर की दूरी यथावत।

    9-राज्य कर्मचारी सामूहिक बीमा योजना में प्रीमियम की दरों को किया गया संसोधित। अब बीता योजना की धनराशि को 100 रू0 से बढाकर 350, 200 से 700 तथा 400 को 1400 किया गया। तथा अब इन्श्यारेंस के रूप में प्रदान किये जाने वाली धनराशि को बढाकर 01 लाख को 05 लाख, 02 लाख को 10 लाख तथा 04 लाख को 20 लाख किये जाने का निर्णय।

    10-विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांग को ध्यान में रखते हुये पदोन्नति में शिथिलीकरण नियमावली को 30 जून 2024 तक लागू किये जाने का निर्णय।

    11-कार्मिक विभाग के अंतर्गत यूपीएससी एवं डिफेंस फोर्सेज की एनडीए व अन्य परीक्षाओं में प्री परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को अब 50 हजार रुपये के बजाय मिलेगी रू0 1 लाख की धनराशि, दिये जाने का निर्णय।

    12-गृह विभाग के अंतर्गत राजस्व से रेगुलर पुलिस में लाये गये 6 नए थानों एवं 21 पुलिस चौकियों के लिये कॉन्स्टेबल एवं एस.आई. के लिए 327 नए पदों पर भर्ती किये जाने का निर्णय।

    13-पशुपालन विभाग के अंतर्गत देहरादून में पालतू जानवरों के अस्पताल हेतु 9 पदों के सृजन का निर्णय।

    14-पशुपालन विभाग के अंतर्गत अब तक 60 विकासखंड में वेटरनरी मोबाइल वैन का केन्द्र सरकार के सहयोग से किया जा रहा है संचालन, राज्य के शेष 35 विकासखण्डों के लिये राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से की जायेगी वैन की व्यवस्था।

    15-पशुपालन विभाग के अंतर्गत पशु चिकित्सालयों की व्यवस्था के लिये अब यूजर चार्ज का 75 प्रतिशत चिकित्सालय अपने लिए जबकि शेष 25 प्रतिशत ट्रेजरी में करेंगे जमा।

    16-प्रदेश में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पी.जी. में सीनियर रेजीडेंट की कमी के कारण अब इसकी अवधि को एक साल की बजाय दो साल किये जाने का निर्णय।

    17-ग्राम्य विकास विभाग के अन्तर्गत मुख्य विकास अधिकारी उत्तरकाशी एवं चमोली के रूप में चिन्हित पदों को परिवर्तित कर उपायुक्त परियोजना के रूप में किये जाने का निर्णय।

    18-सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी के ढांचे में स्वीकृत कतिपय पदो के सृजन के संबंध में निर्णय।

    19-सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के भर्ती नियमावली के प्राविधान मृतक कुटुम्ब के सदस्य को सरकारी सेवा के किसी पद पर ऐसे पद को छोड कर जो लोक सेवा आयोग के क्षेत्रांर्तगत उपयुक्त किये जाने के संबंध में नियमावली का प्रख्यापन।

  • फर्जीवाड़ा- जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसिल लेकिन ग्राहकों से हो रही थी कर वसूली

    फर्जीवाड़ा- जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसिल लेकिन ग्राहकों से हो रही थी कर वसूली

    ‘बिल लाओ इनाम पाओ’योजना के खरीदारी बिल्स की जांच में पकड़ा गया बड़ा फर्जीवाड़ा

    राज्य कर विभाग ने प्रदेशव्यापी छापे में पकड़ी 5 करोड़ की टैक्स चोरी

    ग्राहकों से टैक्स वसूल कर सरकारी खजाने में जमा नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर छापे

    दून, हरिद्वार, हल्द्वानी व रुद्रपुर के डेढ़ दर्जन प्रतिष्ठानों की पकड़ी टैक्स चोरी

     

    देहरादून। बिल लाओ इनाम पाओ योजना के तहत खरीदारी बिल की जांच में बड़ी टैक्स चोरी सामने आई है। कई प्रतिष्ठानों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन एक्सपायर होने के बावजूद भी ग्राहकों से जीएसटी वसूला जा रहा था। डेढ़ दर्जन व्यापारिक प्रतिष्ठान ग्राहकों से वसूला गया टैक्स सरकारी खजाने में जमा नहीं कर रहे थे।

    यह शिकायत मिलने पर राज्य कर विभाग ने पूरे प्रदेश में छापेमारी कर 5 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी। हरिद्वार, देहरादून, रुद्रपुर, हल्द्वानी के होटल व दुकानों में छापेमारी की गई। विभाग के छह दर्जन से अधिक अधिकारी व कर्मचारी ने छापे में हिस्सा लिया।

    विभागीय सूत्रों ने बताया कि टैक्स चोरी की शिकायत मिलने पर समस्त फर्मों के सर्वेक्षण की कार्यवाही की गयी। छापामारी में 5 प्रतिष्ठान हरिद्वार, 4 देहरादून, 5 प्रतिष्ठान रुद्रपुर व 4 प्रतिष्ठान हल्द्वानी में कर चोरी पकड़ी।

    और यह सभी होटल्स एण्ड रेस्टोरेण्ट, रेडीमेड गारमेण्ट्स, डेली नीड स्टोर श्रेणी में आते हैं। सम्पूर्ण कार्यवाही में कुल रुपए 5 करोड से अधिक की टैक्स चोरी सामने आई।

    हरिद्वार स्थित प्रतिष्ठानों ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए कुल 2,47,000 मौके पर सरेंडर किये हैं।

    गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार की बिल लाओ इनाम पाओ योजना के अंतर्गत विभिन्न उपभोक्ताओं द्वारा अपनी खरीद के बिल अपलोड किए जा रहे हैं । इस योजना के अन्तर्गत प्रति माह विजयी उपभोक्ताओं को 1500 इनाम भी राज्य सरकार द्वारा दिए जाते हैं। इस योजना को लागू करने के पीछे सरकार की मंशा अपने नागरिकों के मध्य जीएसटी बिल लेने के लिए जागरूकता पैदा करना तथा वैध जीएसटी बिल के सापेक्ष राजस्व जमा करना है।

    कर आयुक्त के निर्देशों पर माह सितंबर 2022 से लागू इस योजना में अपलोड किए गए बिलों की जांच संयुक्त आयुक्त वि०अनु०शा०/प्र० एवं नोडल अधिकारी-आई०टी० एवं उनकी टीम द्वारा की जा रही थी ।

    जांच में कुल 18 प्रतिष्ठान ऐसे पाये गये हैं जिनके बिल्स बिल लाओ इनाम पाओ योजना के अन्तर्गत अपलोड किये गये हैं किन्तु उनके जीएसटी पंजीयन दो तीन वर्ष पहले ही कैंसिल हो चुके हैं । या उनके द्वारा दाखिल रिटर्नस में कोई खरीद-बिकी की जानी प्रदर्शित नहीं की जा रही थी।

    जांच में यह भी पाया गया कि उनके द्वारा अभी भी अपने बिलों पर जी०एस०टी० चार्ज कर के ग्राहकों से कर वसूल किया जा रहा है और राज्य सरकार के राजकोष में कोई कर जमा नहीं किया जा रहा है।

    कर आयुक्त इकबाल ने बताया कि जांच टीम के सर्वे में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व डाटा प्रकाश में आये हैं। किये गये है। अभिग्रहीत डाटा, अभिलेखों की जांच विभाग की विशेष अनुसंधान इकाईयों द्वारा की जायेगी जिसके पश्चात् कर चोरी की धनराशि का सही आंकलन हो पायेगा । संबंधित करदाताओं से चोरी किये गये कर की धनराशि ब्याज एवं अर्थदण्ड सहित वसूली की जायेगी।

    उन्होंने बताया कि कर विभाग की क्रिसमस एवं नव वर्ष के आयोजनों को देखते हुए होटलों एवं रेस्टोरेन्ट्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में भी डाटा विश्लेषण व अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर सर्वेक्षण/जांच की कार्यवाही जारी रखी जायेगी।

    शुक्रवार को हुई व्यापक छापेमारी कुमाऊं और गढ़वाल जोन के अपर आयुक्तों राकेश वर्मा व पीएस डुंगरियाल के नेतृत्व में की गई।

    चारों संभाग में तैनात संयुक्त आयुक्तों श्याम तिरूवा, देहरादून , डॉ० सुनीता पाण्डे, हरिद्वार , रणवीर सिंह, रूद्रपुर व रोशन लाल, हल्द्वानी के नेतृत्व में टैक्स चोरी की जांच अभियान चलाया गया।

    प्रदेशव्यापी छापेमारी अभियान में उपायुक्त सुरेश कुमार, कार्तिकेय वर्मा, रजनीश यशवस्थी, हेमलता, सहायक आयुक्त जयदीप सिंह, मनमोहन असवाल, राहुल कांत व दीपक कुमार सहित राज्य भर के लगभग 70 अधिकारी / कर्मचारी शामिल थे।

  • फर्जी रजिस्ट्री मामले में चार अभियुक्त गिरफ्तार

    फर्जी रजिस्ट्री मामले में चार अभियुक्त गिरफ्तार

    गुरुद्वारा डेरा संत मेहर सिंह की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने का आरोप

    देहरादून। गुरुद्वारा डेरा संत की संपत्ति को खुर्द-बुर्द कर अपने नाम करने के आरोप में पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

    चार अभियुक्तों में दो देहरादून व एक- एक अभियुक्त यूपी व हरियाणा के हैं।

    पुलिस सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को अभियुक्त जयपाल सिंह व अभियुक्त विशाल कुमार धीमान को तेगबहादुर रोड से और अभियुक्त निरंकार व संदीप कुमार को मोदीनगर से गिरफ्तार किया गया।
    इन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।

    गौरतलब है कि थाना डालनवाला पर शिकायतकर्ता सन्दीप श्रीवास्तव नामित अधिकारी-स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग उत्तराखण्ड देहरादून/ सहायक महानिरीक्षक निबन्धन देहरादून ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा था कि वर्ष 1979 में डालनवाला में एक भूमि संत मेहर सिंह ने खरीदी ।

    वर्ष 1982 में संत मेहर सिंह के गायब होने के बाद अप्रैल 2022 में अभियुक्त निरंकार व अभियुक्त संदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर कूटचरित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से संत मेहर सिंह के नाम से अपने नाम रजिस्ट्री करवायी।

    यह भूमि जयपाल सिंह ने जून 2022 में अपने पुत्र विशाल धीमान को फर्जी तरीके से उपहार पत्र कर दिया।

    इस मामले में प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना डालनवाला पर अन्तर्गत धारा- 419/420/467/468/471 भादवि में अभियोग पंजीकृत किया गया।

    विवेचना सब इंस्पेक्टर सुरेन्द्र सिंह राणा ने की।

    नाम पता अभियुक्त गण
    (1) जयपाल सिंह पुत्र श्री तेलू राम निवासी- म0नं0- 22/3/2 तेग बहादुर रोड, जिला- देहरादून उम्र 72 वर्ष,
    (2) विशाल कुमार धीमान पुत्र जयपाल सिंह निवासी- 22/3/2 तेग बहादुर रोड, जिला- देहरादून उम्र 39 वर्ष,
    (3) निरंकार पुत्र श्री गजेन्द्र सिंह निवासी- सी-80, देवेन्द्रपुरी, मोदीनगर, गाजियाबाद, उ0प्र0 उम्र 65 वर्ष,
    (4) संदीप कुमार पुत्र श्री सुभाष चंद निवासी कुलां, कुल्लन, फतेहाबाद, हरियाणा उम्र 35 वर्ष

  • वरिष्ठ पत्रकार राकेश डोभाल की माता का हृदयगति रुकने से निधन, सीएम धामी ने संवेदना जताई

    वरिष्ठ पत्रकार राकेश डोभाल की माता का हृदयगति रुकने से निधन, सीएम धामी ने संवेदना जताई

    शुक्रवार को सुबह 11 बजे हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार

     

    देहरादून। वरिष्ठ पत्रकार राकेश डोभाल की माता कमला देवी डोभाल का गुरुवार की देर शाम हृदयगति रुकने से  निधन हो गया। वे 90 साल की थी।

    उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को हरिद्वार में होगा। सुबह दस बजे उनकी अंतिम यात्रा उनके निवास सरस्वती सोनी मार्ग लक्ष्मण चौक से हरिद्वार के लिए रवाना होगी।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकार राकेश डोभाल की माताजी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार जनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

    स्व. कमला देवी पांच बच्चों और नाती पोतों का भरा पूरा परिवार छोड़कर गई हैं।उनके दो पुत्र डीके डोभाल, राकेश डोभाल हैं और तीन पुत्रियां सरस्वती थपलियाल, चंद्रप्रभा भट्ट और सुमित्रा बहुगुणा हैं।

    उनके निधन पर सीएम धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, सांसद तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, डा धन सिंह रावत, महानगर भाजपा अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान, प्रदीप कुकरेती, उत्तराखंड पत्रकार यूनियन, उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा समेत कार्यकारणी, सामाजिक संगठनों, राजनेतिक दलों ने गहरा शोक जताया है।

  • दून के प्रसिद्ध उद्योगपति सुधीर विंडलास को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

    दून के प्रसिद्ध उद्योगपति सुधीर विंडलास को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

    विंडलास के मैनेजर सहित तीन अन्य भी सीबीआई की हिरासत में

    जमीन कब्जाने के मामले में बीते साल शासन ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी

     

    देहरादून। शहर के चर्चित उद्योगपति व रियल स्टेट के कारोबारी सुधीर विंडलास को सीबीआई ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।

    विंडलास के साथ उनके परचेज मैनेजर रवि दयाल व प्रशांत समेत तीन अन्य को भी हिरासत में लेने की खबर है। विंडलास की गिरफ्तारी को लेकर रियल स्टेट सेक्टर में हलचल मच गई।

    गौरतलब है कि लगभग पांच साल पहले विंडलास पर धोखाधड़ी से जमीन कब्जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। एसआईटी जांच भी हुई थी लेकिन विंडलास के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    अक्टूबर 2022 में शासन ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। और 18 जनवरी 2023 को सीबीआई ने विंडलास के प्रतिष्ठानों में छापे भी मारे थे।

    दून के प्रसिद्ध उद्योगपति विंडलास कई साल से हॉलीवुड व बॉलीवुड फिल्मों में प्रयोग होने वाले पारंपरिक हथियारों का निर्माण भी करते रहे हैं। इधर, लम्बे समय से रियल स्टेट व जमीनों के धंधे से भी जुड़े हुए थे। कुछ साल पहले जमीन कब्जाने केआरोप में काफी विवादित भो हो गए थे।

    पढ़िए, उद्योगपति सुधीर विंडलास के खिलाफ मुकदमे दर्ज व सीबीआई जांच की सिफारिश से जुड़ी खबरें

    10 अक्टूबर 2022 को शासन ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी

    देहरादून। उत्तराखंड शासन ने स्थानीय बिल्डर व भू माफिया सुधीर कुमार विंडलास व मैनेजर प्रशांत के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की है।

    इस बाबत अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने केन्द्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को शासन की सीबीआई जांच सम्बन्धी संस्तुति से से अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।

    अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के केंद्र को भेजे संस्तुति पत्र में कहा गया है कि माफिया सुधीर कुमार विण्डलास व उसके मैनेजर प्रशान्त आदि द्वारा फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार करके ग्राम जौहड़ी गांव में भूमि पर कब्जा करने के सम्बन्ध में जनपद देहरादून के थाना राजपुर में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।cbi inquiry

    गौरतलब है कि बिल्डर सुधीर विंडलास के दून में रियल स्टेट के कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी विंडलास के प्रकरण में तीखी टिप्पणी की है।

    सीबीआई जांच की सिफारिश की थी शासन ने

    प्रेषक, संख्या-155/XX – 4 – 2022-13 (03) 2022, राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव,उत्तराखण्ड शासन।

    सेवा में,

    सचिव, कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग). भारत सरकार, नार्थ ब्लॉक, नई दिल्ली।

    गृह अनुभाग-04,

    देहरादून दिनांक: 30 सितम्बर, 2022

    विषय- जनपद देहरादून के थाना राजपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0-13 / 2018, धारा 420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि मु0अ0सं0-13/ 2022 धारा 420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि मु0अ0सं0-15/2022 धारा-420 भादंवि तथा मु0अ0सं0-31 / 2022, धारा 420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि की विवेचना सी०बी०आई० से कराये जाने के सम्बन्ध में।

    महोदय,

    कृपया अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड के संलग्न पत्र संख्या- डीजी- अपD-188 (31) / 2022, दिनांक 02.09.2022 का संलग्नकों सहित संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें।

    02 अवगत कराना है कि भू-माफिया श्री सुधीर कुमार विण्डलास व उसके मैनेजर श्री प्रशान्त आदि द्वारा फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार करके ग्राम जौहड़ी गांव में भूमि पर कब्जा करने के सम्बन्ध में जनपद देहरादून के थाना राजपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0-13 / 2018, धारा 420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि मु0अ0सं0-13/2022, धारा-420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि मु0अ0सं0-15/ 2022 धारा-420 भादवि तथा मु0अ0सं0-31/2022 धारा-420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि की विवेचना सी०बी०आई० से कराये जाने की संस्तुति राज्य सरकार द्वारा की जाती है।

    03 अतः दिल्ली विशेष पुलिस अवस्थापना अधिनियम, 1946 की धारा-6 के अन्तर्गत निर्गत अधिसूचना की प्रति तथा प्रकरण को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच हेतु सन्दर्भण के लिये निर्धारित प्रारूप में अपेक्षित सूचनायें संलग्न कर प्रेषित करते हुए मुझे आपसे यह अनुरोध करने का निर्देश हुआ है कि कृपया विस्तृत अन्वेषण केन्द्रीय जांच ब्यूरो से कराये जाने के सम्बन्ध में अग्रेत्तर आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें। संलग्नक – यथोक्त

    भवदीया,

    (राधा रतूडी) अपर मुख्य सचिव।

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    10 जनवरी 2022 को मुकदमा दर्ज, 20 बीघा जमीन कब्जाने जा आरोप

    देहरादून के चर्चित उद्योगपति व रियल एस्टेट कारोबारी सुधीर विंडलास के खिलाफ  धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि सुधीर ने  अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर जोहड़ी गांव स्थित 20 बीघा जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा लिया। जमीन के मालिक ने विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। एसआईटी की जांच में विंडलास दोषी पाए गए थे, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया था। अब पुलिस कप्तान के आदेश पर राजपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

    रवि दयाल विंडलास कंपनी में परचेज मैनेजर
    पुलिस के मुताबिक संजय सिंह निवासी वसंत विहार ने पुलिस कप्तान को शिकायत की थी। संजय सिंह के अनुसार उनकी माता ओमवती व उनके नाम पर जोहड़ी गांव में करीब 20 बीघा जमीन है। इस पर सुधीर विंडलास की नजर थी। वर्ष 2010 में सुधीर विंडलास ने संजय से कहा था कि यह जमीन उसे बेच दो नहीं तो वह कब्जा कर लेगा, लेकिन संजय ने मना कर दिया। इसके कुछ दिन बाद पता चला कि इस जमीन को फर्जीवाड़ा कर बेच दिया गया है। नई खतौनी में किसी रवि दयाल के नाम यह जमीन कर दी गई है।

    इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत एसआईटी भूमि को कर दी। जांच में पता चला कि रवि दयाल विंडलास कंपनी में परचेज मैनेजर है। जबकि उन्होंने जिसे संजय सिंह दर्शाया है वह सुधीर विंडलास के ड्राइवर का भाई है। इस पर जिस अजय नाम के गवाह के हस्ताक्षर हैं उसकी कुछ दिन पहले मौत हो चुकी है। इसी तरह जिसे ओमवती दर्शाया गया है वह सुधीर विंडलास के ड्राइवर की माता है। जांच में पुष्टि हुई कि रवि दयाल के खाते में विंडलास कंपनी से ही सैलरी जाती है। उसके खाते में कुछेक लाख रुपये ही हैं। फिर वह इस करोड़ों की जमीन को कैसे खरीद सकता है।

    तत्कालीन एसआईटी प्रभारी डीआईजी गढ़वाल रेंज ने मुकदमे की संस्तुति भी कर दी थी, लेकिन सुधीर के प्रभाव के चलते कहीं मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। ऐसे में उन्होंने पुलिस कप्तान को शिकायत की। कप्तान डीआईजी जन्मेजय खंडूरी ने एसआईटी की जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। एसओ राजपुर मोहन सिंह ने बताया कि इस मामले में सुधीर विंडलास और रवि दयाल के खिलाफ  मुकदमा दर्ज किया गया है।

    कोर्ट को भी किया गुमराह

    पीड़ित संजय सिंह ने पुलिस को बताया कि जिस वक्त उन्होंने एसआईटी को इसकी शिकायत की थी तब सुधीर विंडलास ने उन्हें समझौते की पेशकश की थी। कहा था कि वह यह विक्त्रस्य पत्र निरस्त करा देंगे। इसके बाद खुद ही कोर्ट में जाकर एक पक्षीय फैसला भी ले लिया। इस विक्त्रस्य पत्र को शून्य करार दे दिया गया, लेकिन इसमें उन्हें पार्टी नहीं बनाया गया। जबकि यह जमीन ऐसे में सुधीर विंडलास ने कोर्ट को भी गुमराह किया है।

     

    एक महीने में दर्ज हुए थे तीन मुकदमे

    सुधीर विंडलास के खिलाफ मुदकमो की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। इसके बाद जनवरी 2022 में तीन मुकदमे एक के बाद एक दर्ज किए गए। सभी मुदकमों की जांच के लिए कई बार विवेचना अधिकारी भी बदले गए। लेकिन, बाद में इन्हें सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया।

    दुर्गेश गौतम निवासी राजपुर ने वर्ष 2018 में एसआईटी (भूमि) से शिकायत की थी। आरोप था कि सुधीर विंडलास और उनके साथियों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर अपनी जमीन बढ़ा ली है। यह करीब एक हेक्टेयर जमीन है।

    इसमें कुछ तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप था। एसआईटी की सिफारिश पर 14 फरवरी 2018 को राजपुर थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में सुधीर विंडलास और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
    अन्य तीन मुकदमे जनवरी 2022 में दर्ज हुए थे। दून पैरामेडिकल कॉलेज के मालिक संजय सिंह ने आरोप लगाया था कि सुधीर विंडलास ने अपने स्टाफ के लोगों के साथ मिलकर उनकी बेशकीमती जमीन को फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया। न्यायालय में भी झूठे प्रमाण पत्र लगाकर जमीन बिक्री के करार को एकतरफा खत्म करा दिया था।

    यह मुकदमा नौ जनवरी 2022 को दर्ज हुआ। उनके खिलाफ तीसरा मुकदमा 13 जनवरी को सेना से सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल सोबन सिंह दानू की शिकायत पर दर्ज हुआ। राजपुर थाने में ही दर्ज इस मुकदमे में आरोप है कि विंडलास ने सरकार से आवंटित उनकी भूमि कब्जाई थी।

    इसके बाद संजय सिंह की ही शिकायत पर 25 जनवरी को चौथा मुकदमा दर्ज हुआ। इस मुकदमे में उनके भाई को भी आरोपी बनाया गया। आरोप है कि उन्होंने रजिस्ट्रार कार्यालय से जमीन के असली बैनामे को ही गायब करा दिया और पुराने मालिक के वारिसों से जमीन अपने नाम करा ली।

    पिछले साल दर्ज हुए मुकदमो की विवेचना राजपुर से हटाकर वसंत विहार थाने को दी गई थी। लेकिन, इसमें कोई कार्रवाई न होते देख पीड़ितों ने पुलिस मुख्यालय से गुहार लगाई। जिसके बाद सीबीआई जांच की संस्तुति की गई। (साभार अ.उ)

  • बढ़ती ठंड में  जिला प्रशासन क़ी कवायद तेज़, DM ने दिए ये निर्देश

    बढ़ती ठंड में जिला प्रशासन क़ी कवायद तेज़, DM ने दिए ये निर्देश

    उत्तराखंड में बढ़ती ठंड के मद्देनज़र जिला प्रशासन क़ी कवायद तेज़। ऊँची चोटियों में बर्फ गिरने से मैदानी क्षेत्रों में भी ठंड लगातार बढ़ रही है। राजधानी देहरादून में भी सुबह और शाम जनमानस को ठिठुरन भारी ठंड सता रही है। जिलाधिकारी सोनिका के अनुसार सभी नगर निगम और नगर पालिकाओं को यह निर्देश जारी कर दिए गए हैँ कि चिन्हित क्षेत्रों में अलाव जला कर और रैनबसेरों क़ी मरम्मत कर बेघर और बेसहारा लोगों के लिए प्रशासन काम करें। साथ ही यदि अन्य वैकल्पिक रेनबासेरों क़ी ज़रुरत पड़े तो उन्हें भी जल्द तैयार किया जाय।

  • सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो 12 रैट माइनर्स का सीएम धामी ने किया  सम्मान

    सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो 12 रैट माइनर्स का सीएम धामी ने किया सम्मान

    सीएम ने बारह रैट माइनर्स को 50-50 हजार की सम्मान राशि दी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तरकाशी के सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में टनल की खुदाई में अहम भूमिका निभाने वाले 12 रैट माइनर्स को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और सभी रैट माइनर्स को 50-50 हजार रूपये के सम्मान राशि के चेक भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रैट माइनर्स ने अपनी जान की परवाह किये बिना कठिन परिस्थितयों में टनल में खुदाई, सफाई और पाइप को काटने का कार्य किया। सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलता तक पहुंचाने में रैट माइनर्स का बहुत बड़ा योगदान रहा।

    उन्होंने कहा कि जिस लगन और परिश्रम से हमारे रैट माइनर्स ने इस रैस्क्यू अभियान को सफल बनाने में अन्य एजेंसियों के साथ योगदान दिया, इसके लिए सभी रैट माइनर्स बधाई और आशीर्वाद के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा रेस्क्यू अभियान में योगदान देने वाले सभी लोगों का भी प्रदेश की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले रैट माइनर्स ने राज्य में स्वागत और सम्मान होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुरंग में फंसे 41 लोगों की जान बचाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ उन्हें भी अपना योगदान देने का अवसर मिला, यह उनके लिए गर्व की बात है।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव  राधा रतूड़ी, जिलाधिकारी उत्तरकाशी अभिषेक रूहेला भी मौजूद थे।

  • हर चुनौती से निपटने को तैयार है स्वास्थ्य विभागः डॉ. धन सिंह रावत

    हर चुनौती से निपटने को तैयार है स्वास्थ्य विभागः डॉ. धन सिंह रावत

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रखा तैयारियों का ब्योरा

    नई दिल्ली/देहरादून। कोविड-19 के नये वेरेएंट से निपटने के लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित देशभर के स्वास्थ्य मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी प्रतिभाग किया। जिसमें उन्होंने देश के कुछ राज्यों में इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों में हालिया वृद्धि को देखते हुए राज्य सरकार की तैयारियों का ब्योरा रखा। डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य विभाग किसी भी परिस्थिति से निपटने को पूरी तरह से तैयार है। इस संबंध में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों को सरकार की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं की तैयारी पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं उच्चाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 के नये वैरिएंट की आहट के प्रति सभी राज्यों को तत्काल कदम उठाने, निगरानी बढ़ाने तथा लोगों से प्रभावी संवाद स्थापित करने को कहा है। उन्होंने किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिये आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के दिशा-निर्देश दिये। बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर क्रियान्वयन व सकारात्मक दृष्टिकोण के लिये सभी राज्यों की सराहना की। हालांकि पूरे देश के स्वास्थ्य मंत्रियों ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया जबकि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नई दिल्ली प्रवास पर होने के चलते केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में ही मौजूद होकर बैठक में प्रतिभाग किया।

    बैठक में डॉ. रावत ने कोरोना के नये वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग किसी भी परिस्थिति से निपटने को पूरी तरह से तैयार है। इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते केसों को देखते हुये राज्य में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है साथ ही सभी जिला अधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दे दिये गये हैं। अस्पतालों में अधिक से अधिक संख्या में आरटी-पीसीआर एवं एंटीजन जांच सुनिश्चित करने को भी अधिकारियों को कहा गया है। डॉ. रावत ने बताया कि अभी तक राज्य में कोविड-19 के नये वैरिएंट का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) की नियमित निगरानी की जा रही है। किसी भी चुनौती से निपटने के लिये राज्य में पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाएं एवं मानव संसाधन उपलब्ध है। जिसमें 5,893 ऑक्सीजन सपोर्टेड आइसोलेशन बेड, 1,204 आई0सी0यू0 बेड, 894 आई0सी0यू0 बेड मय वेन्टिलेटर, 1,298 क्रियाशील वेन्टिलेटर, 7,561 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर, 15,950 ऑक्सीजन सिलेन्डर, 93 क्रियाशील पी0एस0ए0 प्लांट, 807 क्रियाशील एल0एम0ओ0 स्टोरेज टैंक उपलब्ध हैं। इसके साथ ही कोविड-19 प्रबंधन में प्रशिक्षित 3,161 पैरामेडिकल स्टॉफ की टीम शामिल है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया की भारत सरकार के निरंतर सहयोग से राज्य दवाओं, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, टीकों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने में सक्षम है वहीं अधिकारियों की कार्यक्षमता पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा।

    बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, श्रीमती भारती पवार सहित केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे जबकि राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं उच्चधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

  • उत्तराखण्ड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने दिए निर्देश

    उत्तराखण्ड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने दिए निर्देश

    बैठक का आयोजन प्रत्येक 3 माह में किया जाय

    देहरादून। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में महात्मा गांधी नरेगा कियान्वयन, कार्यों के अनुश्रवण एवं योजना के आय व्ययक के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक सचिवालय परिसर के वीर चन्द्र सिंट गढ़वाली पंचम तल के सभागार में की गई। जिसमें नामित सरकारी गैर सरकारी सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

    बैठक में मंत्री गणेश जोशी द्वारा निर्देशित किया गया कि बैठक का आयोजन प्रत्येक 3 माह के अन्तराल में आयोजित किया जाना चाहिए। साथ ही मनरेगा योजना के अन्तर्गत सोशल ऑडिट राज्य के सभी विकासखण्डों में ससमय किया जाना आवश्यक है। योजनान्तर्गत केन्द्राभिसरण के सम्बन्ध में समस्त मुख्य विकास अधिकारियो को निदेश दिये गये कि विभागों से समन्वय स्थापित कर योजना के कार्यों में सुधार लाये। वृक्षारोपण बढ़ाये जाने के सम्बन्ध में सही स्थल का चयन किये जाने के निर्देश दिये गये साथ ही जल संस्क्षण के सम्बन्ध में टैंक निर्माण के दौरान पोलीविलायन शीट का इस्तेमाल किया जाये जिसस टैंक में रिसाव न हो।

    बैठक में सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा द्वारा सुझाव दिया गया कि सोशल ऑडिट का क्रियान्वयन रोस्टर के आधार पर किया जाय तथा NMMS में जहा उपस्थिति लगने में समस्या आ रही है। उन स्थानों पर जिलाधिकारी द्वारा छूट प्राप्त कर ली जाये साथ ही वित्तीय भौतिक प्रगति जनपदवार रैंकिगवार दी जाय।

    नमित गैर सरकारी सदस्यों द्वारा महात्मा गांधी नरेगा में मजदूरी दर बढ़ाये जाने हेतु सुझाव दिये गये, जिसमें मंत्री गणेश जोशी द्वारा अवगत कराया गया कि अन्य राज्यों से तुलना करने के उपरान्त ही प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि समूह में कुछ ही लोगों अग्रणी रहते है,हर जिले हर ब्लॉक में और आम लोग इनका लाभ नहीं ले पाते है। उन्होंने कहा इसके लिए अधिकारियों को सुनिश्चित किया गया है कि सभी लोगों को योजनाओं का लाभ मिले।

    इस अवसर पर उपाध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग राधिका झा सचिव आनन्द स्वरूप अपर सचिव ग्राम्य विकास विभाग राजेन्द्र भण्डारी ब्लॉक प्रमुख नरेन्द्र नगर मठौर सिंह चौहान ब्लॉक प्रमुख कालसी, भारती देवी ब्लॉक प्रमुख घाट चमोली, मुकेश थपलियाल ग्राम प्रधान,जय सिंह ग्राम प्रधान गङ्गाड जाखणीधार, टिहरी गढ़वाल, मीला राणा ग्राम प्रधान सेरा गांव रायपुर देहरादून तथा समस्त जनपदा के मुख्य विकास अधिकारी, उत्तराखण्ड द्वारा पीसी क माध्यम से प्रतिभाग किया गया।

  • ज़िलाधिकारी देहरादून के आदेश पूरे शहर में होगी सी0सी0टी0वी0 कैमरे से निगरानी

    ज़िलाधिकारी देहरादून के आदेश पूरे शहर में होगी सी0सी0टी0वी0 कैमरे से निगरानी

    जिलाधिकारी देहरादून ने आदेश दिये कि पूरे देहरादून शहर में इन्वेस्टर सम्मिट के दौरान किये गये डेकोरेशन/रिडवलपमेन्ट के कार्यो की निगरानी DICCC के अन्तर्गत लगाए गए कैमरो की मदद से की जाएगी। जिलाधिकारी देहरादून ने यह भी आदेश दिए की जो जगह DICCC के कैमरो की नजर से दूर हैं वहां कि फोटोग्राफी एवं विडियोग्राफी करवाई जा रही है जिससे पूरे देहरादून शहर में हुए कार्यों का रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके ।

    जिलाधिकारी देहरादून के अनुसार यह प्रयास किया जायेगा कि पूरे देहरादून शहर में हुए कार्यो को सी.सी.टीवी कैमरे से मॉनीटर किया जा सके।