शासन द्वारा निम्नलिखित महानुभावों को उनके नाम के सम्मुख अंकित कॉलम में उल्लिखित पदनाम के अनुसार दायित्व दिये जाने का निर्णय लिया गया है-


शासन द्वारा निम्नलिखित महानुभावों को उनके नाम के सम्मुख अंकित कॉलम में उल्लिखित पदनाम के अनुसार दायित्व दिये जाने का निर्णय लिया गया है-


फंड, फंक्शन व फंक्शनरी के तहत होगा पंचायतों का सशक्तीकरण- महाराज
देहरादून। पंचायतीराज विभाग उत्तराखण्ड द्वारा संविधान के 73 वें संशोधन के अन्तर्गत त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था को सशक्त बनाये जाने के उद्देश्य से पंचायतों को प्रशासनिक, कार्यकारी एवं वित्तीय अधिकारों के संक्रमण के दृष्टिगत 29 विषयों के हस्तांतरण को लेकर आहूत सेमिनार के दूसरे दिन भी गहन मंथन किया गया। प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि संविधान के 73 में संशोधन के अन्तर्गत त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था को सशक्त करने के लिए 29 विषयों को पंचायतों को हस्तांतरित करने के लिए सभी विभागों को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि विकास के एक ही कार्य को सांसद, विधायक या जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख और ग्राम प्रधान करते हैं। कार्य में किसी प्रकार का दोहराव न हो इसके लिए कार्यों का विभाजन आवश्यक है महाराज ने कहा कि पंचायतों को 29 विषयों के हस्तांतरण के तहत सभी विभागों को मैपिंग के निर्देश दिए गए हैं। इस बात का गहनता से विवेचन किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को करने के लिए (तीन एफ) तीन कामों फंड, फंक्शन और फंक्शनरी पर विचार करने के साथ-साथ आगे काम किया जायेगा।
NIRDPR हैदराबाद संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी डॉ० अंजन कुमार भांजा एवं मोहम्मद तकुउद्दीन कंसलटेन्ट द्वारा संविधान के 73 वे संशोधन के द्वारा गर्वनेन्स की तीसरी कड़ी को सशक्त बनाये जाने के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्र में स्व-शासन स्थापित करने, सत्ता के साथ-साथ कार्य, अधिकार तथा स्टॉफ और वित्तीय संसाधन प्रयुक्त करने के महत्वपूर्ण मामले को चरणबद्ध रूप में पंचायतीराज संस्थाओं को संक्रमित करने अर्थात विकास प्रशासन पूर्णतया लोकोन्मुखी और प्रजातंत्र की न्यूनतम इकाई वास्तव में नियोजन, क्रियान्वयन और रेग्यूलेशन की प्रथम कड़ी रहे, इस विचार मंथन में विषयवार गंभीरता के साथ प्रकाश डाला और विभागों के स्तर से भी सुझावों की अपेक्षा की गई।
बैठक में त्रिस्तरीय पंचायतों को 11 वीं अनुसूची में विर्निदिष्ट 29 विषयों कृषि, भूमि सुधार, भूमि सुधारों का कार्यान्वयन, भूमि समेकन और मृदा संरक्षण, लघु सिंचाई, जल प्रबंधन और वाटरशेड विकास, पशुपालन, डेयरी, मुर्गीपालन, मछली पालन, सामाजिक वानिकी और कृषि वानिकी, लघु वन उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, लघु उद्योग, खादी, ग्राम एवं कुटीर उद्योग, ग्रामीण आवास, पेयजल, ईधन और चारा, सड़कें, पुलिया, पुल, घाट, जलमार्ग और संचार के अन्य साधन, ग्रामीण विद्युतीकरण, जिसमें बिजली का वितरण भी शामिल है, गैर परंपरागत ऊर्जा सोत, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम. शिक्षा, जिसमें प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय शामिल है, तकनीकी प्रशिक्षण एवं व्यवसादिक शिक्षा, वयस्क एवं अनौपचारिक शिक्षा, पुस्तकालय, सांस्कृतिक गतिविधियां, बाजार और मेले, अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और औषधालयों सहित स्वास्थ्य और स्वच्छता, परिवार कल्याण, महिला बाल विकास, सामाजिक कल्याण, जिसमें विकलांगों और मानसिक रूप से विकलांगों का कल्याण भी शामिल है।
कमजोर वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का कल्याण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सामुदायिक परिसंपत्तियों का रख-रखाव, के सापेक्ष वर्ष 2003 में 14 विषयों के निर्गत शासनादेश पेयजल, ग्रामीण आवास, गरीबी उन्मूलन, प्राथमिक शिक्षा, प्रौढ, अनौपचारिक शिक्षा, पुस्तकालय, सांस्कृतिक क्रियाकलाप, परिवार कल्याण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कार्यक्रम, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, लघु सिंचाई तथा कृषि (जलागम) के वित्तीय, कार्यकारी और कार्मिक आधार पर पूर्ण नित्रयण त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को सौंपे जाने संबंधी कार्यवाही पर विस्तारपूर्णक प्रकाश डालते हुए भविष्य में योजनाबद्ध रूप से इस प्रक्रम को आगे बढ़ाने हेतु उपस्थित समस्त वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने बहुमूल्य सुझाव मौके पर रखे गये। उक्त विषयों के साथ ही NIRDPA हैदराबाद संस्थान के उपस्थित अधिकारियों द्वारा विभागों के स्तर पर ओएस आर के संदर्भ में विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए निर्धारित किए गये कतिपय प्रपत्रों पर विभागीय संरचनाओं / योजनाओं की सूचना भी उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई।
पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ एवं मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को इस अतिमहत्वपूर्ण संवैधानिक व्यवस्था को सामूहिक सहयोग के साथ चरणबद्ध रूप में यथाशीघ्र अस्तित्व में लाने अर्थात 73 में संशोधन में निहित सत्ता के विकेन्द्रीकरण की मूल भावनाओं को मूर्तरूप देने के लिए 29 विषयों को पंचायतो सौपे जाने अर्थात हस्तान्तरण की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गये।
बैठक में हरिचन्द्र सेमवाल, सचिव पंचायतीराज विभाग, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, सचिव, कृषि विभाग, आलोक कुमार पाण्डेय, अपर सचिव, पंचायतीराज विभाग, श्रीमती निधि यादव, निदेशक, पंचायतीराज, संजय सिंह टोलिया, अपर सचिव-निदेशक, जनजाति आयोग, के.सी. पाठक, निदेशक कृषि विभाग, पी०एस० पांगती, अपर आयुक्त, खाद्य विभाग, के०के० डिमरी, सहायक आयुक्त, राजस्व विभाग, जी०आर०नौटियाल, संयुक्त निदेशक, समाज कल्याण, ए० के० राजपूत, उपायुक्त ग्राम्य विकास विभाग, अनुपम द्विवेदी, उपनिदेशक, उद्योग विभाग, धीरेन्द्र कुमार सिंह, उपनिदेशक, युवा कल्याण विभाग, सुश्री निधि रावत, उपायुक्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, डॉ० बी० एस० नेगी, स्टॉफ ऑफीसर, स्वास्थ्य महानिदेशालय, एच० एस० बरोड़ा, उप सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सुश्री पल्लवी कुमारी, अधिशासी अभियन्ता, पेयजल विभाग, रतन कुमार, संयुक्त निदेशक, उद्यान, एम० के० कानियाल, उपनिदेशक, तकनीकी शिक्षा, बी० के० तिवारी, विभागाध्यक्ष सिंचाई विभाग, एस० डी० मासीवाल, सी.ई.ओ., खादी बोर्ड, सुश्री कल्याणी नेगी, उपवन संरक्षक, वन विभाग, वाई.एस. तोमर, एस.ई. पॉवर कार्पोरेशन, उत्तराखण्ड, डी०के०तिवारी.ए.एस.एम.एस.एम.ई. उत्तराखण्ड, राजीव कुमार इंसपेक्टर, डेयरी विभाग, सुश्री वन्दना, डिप्टी सी.पी.ओ उरेड़ा विभाग, NIRDPR हैदराबाद के वरिष्ठ अधिकारी डॉ० अंजन कुमार भांजा एसोसिएट प्रोफेसर, मोहम्मद तकुउद्दीन कंसलटेन्ट, डॉ० मोहसिन उददीन कंसलटेन्ट एवं विभागीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत स्मार्ट सड़कों के कार्यो के साथ- साथ देहरादून की सौंदर्यता को बढ़ाने हेतु भी विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में चकराता रोड पर बिंदाल पुल को आकर्षक बनाने के उद्देश्य से पुल के दोनो तरफ CNC MS CUTTING शीट लगाई गई है। जिस पर बायीं ओर DEHRADUN एवम दायीं ओर UTTARAKAKHAND के साथ साथ संस्कृत में गायत्री मंत्र एवम अन्य श्लोक भी लिखे गए हैं एवं भव्यता बढ़ाने हेतु वॉल वॉशर लाइटें भी लगाई गई हैं।



इसी प्रकार ई सी रोड पर भी विकसित किए गए फुटपाथ पर बच्चों एवं स्थानीय नागरिकों हेतु झूले, स्मार्ट सेल्फी पॉइंट, फुटपाथ पर एल आकार की एल.ई.डी. लाइट स्थापित की गई है।

स्मार्ट सिटी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि देहरादून पर्यटन की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण शहर है, इसलिए शहर को पर्यटकों हेतु आकर्षक एवं देहरादून के जनमानस हेतु सुलभ एवं सुविधाओं से युक्त बनान स्मार्ट सिटी की प्राथमिकता में हैं।


देखें, परीक्षा से जुड़ी डिटेल
गन्ना पर्यवेक्षकों के 78 व दुग्ध पर्यवेक्षकों के 13 पदों पर होगा एग्जाम
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम डेट 3 जनवरी 2024




पंचायतों राज संस्थाओं को विकास कार्यों की पूरी जानकारी दी जाय
देहरादून। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को सशक्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सशक्त पंचायतें ग्रामीण विकास के लिए बेहद जरूरी है। लिहाजा, ग्राम पंचायत स्तर पर किए जाने वाले समस्त विकास कार्यों को पंचायती राज संस्थाओं की जानकारी में लाना अत्यंत आवश्यक है । कहा कि निश्चित समय अवधि में जो सूचनाओं पंचायती राज विभाग द्वारा चाही गई है उनको उपलब्ध करा दें जिससे कि रोड मैप तैयार किया जा सके।

बुधवार को पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में संविधान के 73वें संविधान संशोधन से संबंधित 29 विषयों के विभागीय अधिकारियों की बैठक हुई। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान हैदराबाद ने उदाहरण देते हुए बताया कि पंचायती राज संस्थाओं को किस तरह मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में छह राज्यों का अध्ययन राष्ट्रीय ग्रामीण विकास में पंचायती राज संस्थान द्वारा किया जा रहा है । उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम 2016 में जिन विषयों के संबंध में पंचायत को जिम्मेदारी दी गई है उनके संदर्भ में विभागों द्वारा एक्टिविटी मैपिंग करने को कहा गया। विभागीय सचिव हरिचन्द्र सेमवाल ने विभिन्न विभागों से संविधान में निर्देशित कदम उठाए जाने की अपील की।
बैठक में निधि यादव निदेशक पंचायतीराज ने पंचायतों में गठित स्थाई समितियों की मजबूती, ग्राम पंचायत विकास योजना में रेखीय विभागों की भागीदारी पर बल दिया ।

पाखरो टाइगर सफारी निर्माण घोटाले के आरोपी DFO की 32 करोड़ की संपत्ति अटैच
कॉर्बेट नेशनल पार्क में टाइगर सफारी व पेड़ कटान मामले में सीबीआई दर्ज कर चुकी है मुकदमा
नई दिल्ली/ देहरादून। कॉर्बेट नेशनल पार्क की पाखरो टाइगर सफारी निर्माण घोटाले मामले में आरोपी डीएफओ किशन चंद की संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी की कार्रवाई के बाद सत्ता के गलियारों में हलचल मच गई है। प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने पूर्व आईएफएस की 32 करोड़ की सम्पत्ति अटैच की है। गौरतलब है कि पाखरो टाइगर निर्माण में धांधली व पेड़ कटान के मामले में किशन चंद जेल भी जा चुके है। इस मामले में 13 अक्टूबर को सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। पूर्व वन मंत्री हरक सिंह से भी सीबीआई पूछताछ कर रही है। इधर, बुधवार को ईडी ने मनी लांड्रिंग के तहत पयरव DFO किशन चंद पर यह कार्रवाई की है।
मिली जानकारी के मुताबिक
हरिद्वार जिले में एक स्कूल भवन और रुड़की स्थित एक स्टोन क्रशर प्लांट को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अटैच किया गया है, जिनका स्वामित्व आईएफएस किशन चंद और उनके परिवार के सदस्यों के पास है। वहीं ईडी द्वारा आईएफएस अधिकारी किशन चंद की 31 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्ति को अटैच किया गया है। आपको बता दें कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की गई है।
इन संपत्तियों की कुल कीमत 31.88 करोड़ रुपये है। चंद प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) के रूप में कार्यरत थे। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला उत्तराखंड सरकार के सतर्कता विभाग के अधिकारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। जांच के दौरान पता चला कि कि अटैच की गई संपत्तियां ‘अपराध से अर्जित आय’ हैं, और विभिन्न खातों में भारी मात्रा में नकदी तथा तीसरे व्यक्ति के नाम पर चेक जमा किए गए थे।
जमा की गई राशि का उपयोग इन संपत्तियों को खरीदने के लिए किया गया। एक जनवरी 2010 से 31 दिसंबर 2017 तक की अवधि के दौरान किशन चंद ने चल और अचल संपत्तियों के अधिग्रहण/खरीद के साथ- साथ अन्य कार्यों पर 41.9 करोड़ रुपये की राशि खर्च की। हालांकि इस दौरान चंद की आय 9.8 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार, आईएफएस के पास 32.1 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति थी, जो अपराध की कमाई है।

चार स्थानों पर करेंगे विकसित भारत संकल्प यात्रा में प्रतिभाग
भ्रमण के दौरान करेंगे विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व लोर्कापण
देहरादून । सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत गढ़वाल मंडल के चार दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान डॉ. रावत अपनी विधानसभा क्षेत्र के चार स्थानों पर विकसित भारत संकल्प यात्रा में प्रतिभाग कर आम लोगों को भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके अलावा वह विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास व लोर्कापण भी करेंगे।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि वह 13 दिसम्बर से लेकर 16 दिसम्बर तक गढ़वाल मंडल के दौरे पर रहेंगे। चार दिवसीय भ्रमण के दौरान वह अपनी विधानसभा क्षेत्र में विकसित भारत संकल्प यात्रा की अगुवाई करेंगे। यात्रा के माध्यम से वह क्षेत्र के कोटली, सिमखेत, सांकरसैंण एवं मरखोला में आम लोगों को भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है ताकि उसे राष्ट्रीय योजनाओं यथा पक्का मकान, नल जल कनेक्शन, शौचालय, निःशुल्क इलाज, निःशुल्क राशन, गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, बैंक खाता खुलवाने, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम फसल बीमा योजना, पीएम स्वनिधि योजना और प्रधानमंत्री स्वामित्व संपत्ति कार्ड के तहत मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी जा सके।
अपने गढ़वाल भ्रमण के दौरान गुरूवार को डॉ. रावत श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के मरखोला में चाकीसैंण-जाख रोड़, चाकीसैंण-मरखोला-बांजकोट मोटरमार्ग डामरीकरण का शिलान्यास करेंगे। इसके उपरांत वह मरखोला में विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। इसे अलावा डॉ. रावत चाकीसैंण में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के सौन्दर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास तथा राजकीय स्वास्थ्य केन्द्र के मरम्मत कार्यों एवं यूपीसीएल के 33 केबी सब स्टेशन का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वह चौंरा में राजकीय इंटर कॉलेज के भवन तथा आंताखोली में राजकीय प्राथमिक विद्यालय आंताखोली के मरम्मत कार्यों व राजकीय प्राथमिक विद्यालय खरकासारी के नवीन भवन का शिलान्यास करेंगे, साथ ही वह सौंठ में राजकीय इंटर कॉलेज के भवन का लोकार्पण करेंगे, इसके बाद डॉ. रावत स्थानीय कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।
चार दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत कठ्यूड में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद वह जाजरी में राजकीय इंटर कॉलेज के भवन का सौन्दर्यीकरण एवं जाजरी-किरसाल-चंगीन मोटरमार्ग का लोकार्पण करेंगे। रिखोली में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन एवं कुचोली में प्राथमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, भवन सौन्दर्यीकरण व बाल वाटिका के निर्माण कार्यों का शिलान्यास व लोर्कापण करेंगे। इसके उपरांत डॉ. रावत कुठखाल में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भवन, प्राथमिक विद्यालय मिजगांव के सौन्दर्यीकरण का लोर्कापण तथा प्राथमिक विद्यालय कुठखाल के भवन का शिलान्यास करेंगे। घुलेख में नवीन पंचायत भवन, राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बाल-बाटिका हेतु अतिरिक्त कक्ष का शिलान्यास करेंगे जबकि रिस्ती में डॉ. रावत राजकीय इंटर कॉलेज के नव निर्मित भवन, रामलीला मंच, प्राथमिक विद्यालय के मरम्मत कार्यों एवं राजकीय इंटर कॉलेज रिस्ती में नव निर्मित प्रयोगशाला का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वह डुंगरी में प्राथमिक विद्यालय के नवीन भवन व मरम्मत कार्यों, नवीन पंचायत भवन एवं तरपालीसैंण-गडोली-डुंगरी मोटरमार्ग का लोकार्पण करेंगे। गडोली में डॉ. रावत प्राथमिक विद्यालय के भवन सौन्दर्यीकरण व अतिरिक्त कक्ष के अलावा बारतघर का शिलान्यास करेंगे साथ ही वह गडोली में इंटरलॉकिंग टाईल्स से बने रास्ते का लोकार्पण करेंगे।
शनिवार को डा. रावत थलीसैण के भंडेली में भंडेली-जसपुरखाल-चौखाल मोटर मार्ग के डामरीकरण का भूमि पूजन, ढौंड में राजकीय इंटर कॉलेज के नवीन भवन का लोकार्पण एवं खैतोली में गांव को जोड़ने वाले मोटरमार्ग के निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। इसके उपरांत वह उफरैंखाल में राजकीय इंटर कॉलेज के भवन का शिलान्यास तथा हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर का लोकार्पण करेंगे, साथ ही डॉ. रावत बूंगीधार में राजकीय इंटर कॉलेज के भवन का शिलान्यास करेंगे। इसके उपंरात कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत गैरसैंण के लिये रवाना होंगे जहां वह विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे साथ ही वह अपने विभागों का औचक निरीक्षण भी करेंगे।
इससे पूर्व गढ़वाल दौरे के पहले दिन डॉ. रावत ने अपनी विधनसभा क्षेत्र श्रीनगर के अंतर्गत ग्वाडीगाड़, चोपड्यूं, कोटली, पाबौं, चिपलघाट एवं सांकरसौंण में विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण कर स्थानीय लोगों को विकास की सौगात दी। इसके साथ ही उन्होंने कोटली, सिमखेत एवं सांकरसैण में विकसित भारत संकल्प यात्रा की अगुवाई की और आम जनमानस को सम्बोधित कर केन्द्र व राज्य सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी साथ ही उन्होंने आम लोगों से सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की।

सरकारी अस्पतालों में एकसमान होगा पंजीकरण शुल्क
शीघ्र जारी होगी फार्मासिस्टों की सेवा नियमावली
देहरादून। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत एएनएम के रिक्त 385 पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इस संबंध में विभाग द्वारा चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेज दिया गया है। बोर्ड द्वारा शीघ्र ही भर्ती संबंधी विज्ञप्ति जारी की जायेगी। इसके अतिरिक्त लम्बे समय से रिक्त वार्ड ब्वाय के पदों को भरने हेतु विभागीय अधिकारियों को आउटसोर्स एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण शुल्क एकसमान रखने संबंधी प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति दे दी जायेगी। इसके अलावा फार्मासिस्टों की सेवा नियमावली शीघ्र जारी कर दी जायेगी।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशालय में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें विभाग के तहत लम्बित विभिन्न प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. रावत ने बताया कि विभाग के अंतर्गत एएनएम के रिक्त 385 पदों को शीघ्र भरने हेतु चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेज दिया गया है। बोर्ड द्वारा उक्त पदों के सापेक्ष विज्ञप्ति जारी कर वर्षवार मेरिट के आधार पर एएनएम की भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न की जायेगी। जबकि इससे पूर्व विभाग द्वारा इसी वर्ष एएनएम के 824 पदों को पहले ही भरा जा चुका है। विभागीय मंत्री ने बताया कि एएनएम के इतर विभाग में वर्षों से रिक्त वार्ड ब्वॉय के रिक्त पदों को भरने के लिये प्रक्रिया शुरू करते हुये आउटसोर्स एजेंसी का चयन करने का निर्देश अधिकारियों को दे दिये गये हैं।
एजेंसी का चयन होते ही प्रदेशभर के विभिन्न चिकित्सा इकाईयों में आवश्यकतानुसार वार्ड ब्वायों की तैनाती की जायेगी। सरकारी अस्पतालों में तैनात एमबीबीएस डॉक्टरों के पीजी कोर्स के दौरान आने वाले गैप को भरने के लिये वैकल्पिक व्यवस्था की जायेगी इसके लिये भी विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण शुल्क में भारी असमानता को देखते हुये सभी अस्पतालों में समान शुल्क का निर्धारण किया जायेगा। डॉ. रावत ने बताया कि राजकीय अस्पतालों में तैनात फार्मासिस्टों की सेवा नियमावली शीघ्र जारी कर दी जायेगी इसके साथ ही फार्मेसी संघ की वर्षों से चली आ रही फार्मेसी अधिकारी पद नाम देने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की जायेगी।
बैठक में उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद सुरेश भट्ट, विधायक रूद्रप्रयाग भरत चौधरी, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, अपर सचिव स्वास्थ्य नमामि बंसल, आनंद श्रीवास्तव, अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. भागीरथी जंगपांगी, डॉ. मीतू शाह, डॉ. जे.एस. चुफाल, डॉ. अजीत जौहरी, चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड एवं मेडिकल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने बढ़ती सर्दी देख जरूरतमंदों को ओढ़ाया कंबल
ठंड का बढ़ा कहर, ज़िलाधिकारियों को अलाव की व्यवस्था करने को कहा
प्रदेश के रैन बसेरों की व्यवस्था ठीक करने के भी दिये निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार देर शाम आईएसबीटी समेत शहर के अन्य इलाक़ों का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आईएसबीटी और आसपास के इलाकों में सड़क पर जरूरतमंदों को कंबल वितरण भी किए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी में मौजूद यात्रियों से बातचीत कर साफ़-सफ़ाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त जिलाधिकारी को निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप बढ़ने लगा है, इसके दृष्टिगत प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अलाव की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों में संचालित रैन बसेरों की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों को दिये सीआरपी-बीआरपी की शीघ्र तैनाती के निर्देश
कहा, कलस्टर व पीएम-श्री स्कूलों के निर्माण में लायें तेजी
देहरादून । विद्यालयी शिक्षा विभाग के तहत स्कूल-कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना की जायेगी, जिनमें आने वाले नये छात्र-छात्राओं के लिये पाठ्यक्रम संबंधी पुस्तकें आसानी से उपलब्ध रहेंगी। राज्य में चयनित पीएम-श्री व कलस्टर विद्यालयों के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। इसके अलावा अधिकारियों को सीआरपी-बीआरपी के रिक्त 955 पदों पर आउसटोर्स के माध्यम से शीघ्र कार्मिकों की तैनाती की जायेगी। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न विद्यालयों में रिक्त चतुर्थ श्रेणी के पदों को भरने के लिये आउटसोर्स एजेंसी का चयन कर लिया जायेगा।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय के सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्रदेशभर के स्कूल एवं कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना को लेकर विभागीय अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये। डॉ. रावत ने बताया कि पाठ्य पुस्तकों की किल्लत को दूर करने एवं छात्र-छात्राओं को समय पर किताबें उपलब्ध कराने के दृष्टिगत विद्यालयों में बुक बैंक की स्थापना का निर्णय लिया गया है। जिनमें संबंधित विद्यालयों के पास आउट छात्र-छात्राओं एवं अन्य माध्यमों से स्वैच्छिक रूप से पाठ्य पुस्तकों का संकलन कराया जायेगा, ताकि इन बुक बैंकों में जमा पुस्तकों को आने वाले नये छात्र-छात्राओं को नियत समय पर उपलब्ध कराया जा सकेगा। विभागीय मंत्री ने बताया कि शासन द्वारा राज्यभर के चयनित पीएम-श्री स्कूलों एवं कलस्टर विद्यालयों के भवन निर्माण आदि के लिये धनराशि जारी कर दी गई है। जिनका निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेशभर में सीआरपी-बीआरपी के रिक्त 955 पदों पर भर्ती हेतु आउटसोर्स एजेंसी के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, एजेंसी का चयन होते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी। इसी प्रकार प्रदेशभर के माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त चतुर्थ श्रेणी के लगभग 2500 पदों को भरने के लिये भी शीघ्र आउटसोर्स एजेंसी के चयन करने के निर्देश अधिकारियों को दे दिये गये हैं ताकि एक नियत समय सीमा के भीतर उक्त पदों पर चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती की जा सके।
बैठक में विधायक रूद्रप्रयाग भरत चौधरी, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजनविजय कुमार यादव, अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक बेसिक आर.के. उनियाल, अपर निदेशक माध्यमिक (मुख्यालय) महावीर सिंह बिष्ट, एपीडी समग्र शिक्षा डॉ. अतुल सती, वित्त नियंत्रक गुलफाम अली सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।