Category: उत्तराखंड

  • देहरादून : डी ए वी कॉलेज की दीवार गिरने से एक युवती की मौत, एक युवक घायल

    देहरादून : डी ए वी कॉलेज की दीवार गिरने से एक युवती की मौत, एक युवक घायल

    देहरादून।  देहरादून के करणपुर इलाके में डी ए वी कॉलेज की दीवार गिरने से एक युवती की मौत हो गई जबकि एक युवक घायल है जानकारी के मुताबिक कनिष्ठ सहायक भर्ती परीक्षा मैं जॉब मिलने के बाद अपने टीचर को मिठाई खिलाने के बाद घर जा रही सुष्मिता तोमर पर यह दीवार गिरने से हुई मृत्यु जबकि उनके साथ लौट रहा भाई घायल हुआ हैं। इस सूचना पर आक्रोशित होकर छात्र सेवक आश्रम रोड पर धरने पर बैठ गए हैं जबकि मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को भी तैनात कर दिया गया है। गुरुवार रात्रि लगभग 8.30 बजे डी ए वी महाविद्यालय की दीवार गिरने के कारण एक छात्रा की मृत्यु हो गई तथा एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस घटना पर शोक व्यक्त करती है एवम इस दुख की घड़ी में उन छात्रों के परिजनों के साथ खड़ी है ।पूर्व में विद्यार्थी परिषद द्वारा कॉलेज में जीर्ण शीर्ण भवनों कक्षों दीवारों के संबंध में अनेकों बार प्राचार्य को ज्ञापन दिए गए किंतु कॉलेज प्रशासन द्वारा लगातार नजरंदाज किया गया इस लापरवाही के कारण ही आज एक होनहार बेटी काल का ग्रास बनी विद्यार्थी परिषद मांग करती है की दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएं । तथा भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो ऐसे भवनों कक्षों एवं दीवारों को यथाशीघ्र ठीक करवाया जाए इस मौके छात्र संघ अध्यक्ष दयाल बिष्ट सुमित कुमार ऋषभ मल्होत्रा ऋतिक नौटियाल विपिन नवदीप करन आदि उपस्थित रहे ।

  • फर्जी रजिस्ट्री घोटाले का मुख्य किरदार केपी सिंह की जेल में मौत

    फर्जी रजिस्ट्री घोटाले का मुख्य किरदार केपी सिंह की जेल में मौत

    केपी सिंह कई सफेदपोशों का था राजदार, पुलिस- प्रशासन में हलचल कई सफेदपोशों के राजदार केपी की मौत से पुलिस जांच को भी लगा झटका देहरादून के फर्जी रजिस्ट्री घोटाले से सुर्खियों में आया था केपी सिंह

     

    सहारनपुर/देहरादून। फर्जी रजिस्ट्री घोटाले के मुख्य किरदार केपी सिंह की सहारनपुर जेल में मौत हो गयी। सूत्रों के मुताबिक केपी सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। 51 वर्षीय केपी सिंह को 19 अक्टूबर,गुरुवार की सुबह जेल में ही दिल का दौरा पड़ा। पहले उसे जेल के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। कंवरपाल उर्फ केपी सिंह को जबरदस्त हार्ट अटैक, हाइपर टेंशन व बेहोशी की वजह से एसबीडी जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दून के एसएसपी अजय सिंह ने सहारनपुर जेल में केपी सिंह की मौत की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि केपी सिंह की हार्ट अटैक से मौत हुई।

    देहरादून में जमीनो की फर्जी रजिस्ट्री मामले से सुर्खियों में आये सहारनपुर निवासी केपी सिंह से दून पुलिस ने सितम्बर में पूछताछ की थी। केपी सिंह एक अन्य मामले में अगस्त के दूसरे पखवाड़े में सहारनपुर जेल में बंद हुआ था। सितम्बर महीने में बी वारंट के तहत दून पुलिस ने केपी सिंह से पूछताछ में कई राज उगलवाये थे। इसके बाद दून के वकील विरमानी, इमरान, केपी की पत्नी समेत कई लोग जेल में डाले गए।

    इधर, केपी की मौत के बाद पुलिस भी सकते में है। इस मौत ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।पुलिस की जांच के लिए केपी सिंह एक बहुत खास कड़ी था। दून पुलिस /एसआईटी ने शुरू से ही इस प्रकरण पर बेहतर कार्य करते हुए नामवर लोगों को गिरफ्तार कर सभी को चौंका दिया था। गिरफ्तारियों पर वकीलों ने विरोध भी जताया था।

    क्या केपी की मौत नेचुरल है या सबूत मिटाने के लिए केपी किसी बड़ी साजिश का शिकार तो नहीं हुआ। अगर इस मौत से पर्दा उठ गया तो कई नई कहानियों के सामने आने में देर नहीं लगेगी। केपी सिंह पूरे मामले में कई सफेदपोशों का राजदार था। चर्चा यह भी आम थी कि केपी सिंह का मुंह खुलने पर कई अन्य रसूखदार चेहरों से भी पर्दा हटता। लेकिन इस मौत के बाद अब कई सवालों का उत्तर मिलना एक टेढ़ी खीर हो गया है।

    उल्लेखनीय है कि सहारनपुर निवासी केपी सिंह अन्य मामले में सहारनपुर जेल में बंद था। दून का मामला उजागर होते ही केपी सिंह पुराने मामले में जमानत तुड़वा कर सहारनपुर जेल में दाखिल हो गया था।

    सितम्बर महीने में दून पुलिस पूछताछ के लिए केपी सिंह को यहां लायी थी। केपी सिंह ने ही सबसे पहले बैनामों में छेड़छाड़ करने का खेल शुरू किया था। केपी सिंह सहारनपुर में रखे देहरादून के रिकॉर्ड में अधिवक्ता विरमानी व इमरान के साथ मिलकर घपला करता था। और फिर वास्तविक दस्तावेज को जलाकर नष्ट कर देता था। इस गैंग ने फर्जी कागजात बनाकर करोड़ों के वारे न्यारे किये। वकील विरमानी व इमरान समेटेक दर्जन से अधिक लोग जेल में बंद है। केपी सिंह की पत्नी भी जेल में बंद है।

    गौरतलब है कि सितम्बर के दूसरे पखवाड़े में पुलिस केपी सिंह को बी वारंट पर देहरादून लेकर आई थी। केपी सिंह ने कोर्ट को गुमराह करने की भी कोशिश की। उसने कोर्ट के सामने कहा कि वह इस फर्जीवाड़े के बारे में कुछ नहीं जानता है। वह केवल पांचवी तक पढ़ा है। बैनामा क्या होता है उसे इसकी भी जानकारी नहीं है। इस अभियोजन की ओर से तमाम साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसमें उसका इस फर्जीवाड़े से संबंध होना दर्शाया गया।

    बहरहाल, करोड़ों के फर्जी रजिस्ट्री घोटाले के मास्टरमाइंड केपी सिंह की जेल में हुई मौत से पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। इस बड़े घोटाले में कई सफेदपोश भी शक के दायरे में हैं। उम्मीद थी कि दून पुलिस के हाथ उनके कॉलर तक भी पहुंचेंगे। लेकिन अचानक केपी सिंह की संदिग्ध मौत ने फर्जी रजिस्ट्री की कहानी को नये मोड़ पर खड़ा कर दिया है।

  • धोखाधड़ी कर फरार चल रहे अभियुक्त की संपत्ति कुर्की, ढोल नगाड़े के साथ घर पहुँची दून पुलिस

    धोखाधड़ी कर फरार चल रहे अभियुक्त की संपत्ति कुर्की, ढोल नगाड़े के साथ घर पहुँची दून पुलिस

    देहरादून। दून पुलिस ने ढोल नगाड़े के साथ रिटायर कर्नल जेएस राणा को जमीन बेचने के एवज में 85 लाख रुपए हड़पने वाले अभियुक्त के घर की कुर्की की घोषणा की। अभियुक्त के घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अभियोग पंजीकृत होने के बाद से ही अभियुक्त लगातार फरार चल रहा था। उसके विरुद्ध पूर्व में न्यायालय से गैर जमानती वारंट प्राप्त कर गिरफ्तारी के प्रयास किए गए थे।

    इधर, अभियुक्त के लगातार फरार रहने पर पुलिस ने न्यायालय से आदेश प्राप्त करते हुए गुरुवार को अभियुक्त जसजीत सिंह पुत्र परमजीत सिंह निवासी सी- 156 सेक्टर 3 डिफेंस कॉलोनी, देहरादून के आवास पर नोटिस तामील की कार्यवाही की । इस दौरान दो गवाहों के समक्ष अभियुक्त के मोहल्ले डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र में मुनादी कराई गई। अभियुक्त के मकान के मुख्य गेट सहित मोहल्ले के मुख्य-मुख्य स्थानों व चौराहों पर धारा 82 सीआरपीसी की उद्घोषणा चस्पा की गई।

    अभियुक्त जसजीत सिंह को 26 अक्टूबर तक न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने तथा ऐसा न करने पर न्यायालय के आदेशानुसार भविष्य में की जाने वाली वैधानिक कार्रवाई संबंधी उद्घोषणा भी की गई।

  • हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

    हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

    कलाशन में काश्तकारों से मिले, सेब बागानों का किया भ्रमण

    शिमला में पीएम विश्वकर्मा योजना की कार्यशाला में लेंगे हिस्सा

    देहरादून। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय भ्रमण पर हैं। अपने दो दिवसीय भ्रमण के दौरान डॉ. रावत आज करसोग तहसील के कलाशन पहुंचे। जहां उन्होंने उत्तराखंड में एप्पल फार्मिंग को बढ़ावा देने के दृष्टिगत वहां के सेब बागानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेब काश्तकारों से भी मुलाकात की। डॉ. रावत अपने भ्रमण के दौरान शिमला में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के संबंध में आयोजित कार्यशाला में भी प्रतिभाग करेंगे। इससे पहले हिमाचल प्रदेश पहुंचने पर डॉ. रावत का वहां के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रवास से लौटने के उपंरात सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत दिल्ली से सीधे हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर निकले हैं। मीडिया को जारी बयान में डॉ. रावत ने बताया कि वह गुरूवार 19 अक्टूबर एवं शुक्रवार 20 अक्टूबर को देवभूमि हिमाचल में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे। डॉ. रावत ने बताया कि वह शुक्रवार को शिमला में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के संबंध में आयोजित विशेष कार्यशाला में प्रतिभाग करेंगे। इस अवसर पर वह लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा योजना से होने वाला फायदों से अवगत करायेंगे। उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना भारत सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है। जिसकी घोषण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वकर्मा जयंती की। इस योजना का उद्देश्य देश के करोड़ों कारीगरों को मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके तहत 18 पारंपरिक पेशों से जुड़े कारीगरों का चयन किया जायेगा और उन्हें पांच से सात दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान पांच सौ रुपये प्रतिदिन भत्ता, प्रशिक्षण के बाद टूलकिट की खरीद के लिए पंद्रह हजार रुपये और पांच प्रतिशत की ब्याज दर पर दो किश्तों में तीन लाख रुपये का गारंटी मुक्त ऋण दिया जाएगा।

    इससे पहले गुरूवार (आज) को शिमला पहुंचने पर डॉ. रावत का हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। शिमला पहुंचने के उपरांत डॉ. रावत हिमालच प्रदेश के कलाशन पहुंचे। जहां उन्होंने कलाशन सेब बागान का भ्रमण किया और सेब की खेती से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने सेब काश्तकारों से भी मुलाकात की और सेब उत्पादन को लेकर उनके अनुभवों को जाना। डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य में एप्पल फार्मिंग को बढ़ावा दे रही है और सहकारिता के माध्यम से प्रदेश के पर्वतीय जनपदों उत्तरकाशी, चमोली, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों एवं काश्ताकरों को सेब की खेती का प्रशिक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सेब उत्पादन की असीम सम्भावनाएं हैं और राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को औद्यानिकी की ओर आकर्षित कर स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है।

  • इन्वेस्टर्स समिट से पहले 55 हजार करोड़ के करार

    इन्वेस्टर्स समिट से पहले 55 हजार करोड़ के करार

    लंदन, दुबई और आबू धाबी में हजारों करोड़ के करार

    यूएई दौर के बाद दिल्ली पहुंचे सीएम धामी ने मीडिया को दी जानकारी

    नई दिल्ली। यूएई दौर के बाद दिल्ली पहुंचे सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत पहले लंदन, बर्मिंघम, दिल्ली में तथा अभी दुबई और अबू धाबी में विभिन्न निवेशक समूहों के साथ बैठकें हुई। पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, फार्मा, कृषि, एग्रो के क्षेत्र में निवेशकों से काफी करार हुए हैं। निवेशकों का उत्तराखण्ड आने के लिए और निवेश के लिए मन में आकर्षण है। उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ के निवेश पर दुबई और आबू धाबी में करार हुआ है। इसके अलावा काफी प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। देश के अन्य शहरों में भी निवेशकों के साथ संवाद और रोड शो किये जायेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि 8-9 दिसम्बर 2023 को देहरादून में प्रस्तावित इन्वेस्टर्स समिट तक अभी तक हुए सभी करारों को धरातल पर उतारने का कार्य हो। उन्होंने कहा कि विभिन्न बैठकों में जो भी सुझाव प्राप्त हो रहे हैं, उन सुझावों पर भी अमल किया जायेगा। जो भी करार हुए हैं और प्रस्ताव आये हैं, राज्य के लिए कौन से उपयोगी हैं और भविष्य में फायदेमंद हो सकते हैं, उनका पूरा आंकलन कर आगे कार्य किये जायेंगे।

    निवेश के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले और प्राथमिक सेक्टर को मजबूत बनाने वाले प्रस्तावों एवं करारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रोत्साहित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जो भी नीतियां बनाई हैं, निवेशकों, उद्योगों एवं उत्तराखण्ड के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि दो दिवसीय यूएई दौरे के दौरान कुल मिलाकर पंद्रह हजार चार सौ पच्चहत्तर करोड़ (15475 करोड) के इन्वेस्टमेंट एमओयू किए गए। जिसके तहत पहले दिन दुबई में 11925 करोड़ एवं दूसरे दिन अबू धाबी में 3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू शामिल हैं।

    अबतक 54 हजार करोड से अधिक के एमओयू

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब तक संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन एवं दिल्ली में कुल मिलाकर अब तक चौवन हजार पांच सौ पचास करोड़ (54550 करोड) के इन्वेस्टमेंट एमओयू साइन किए जा चुके हैं। जिसमें यूएई में 15475 करोड, ब्रिटेन में 12500 करोड़ एवं ब्रिटेन में 12 हज़ार 500 करोड़ एवं दिल्ली में आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों में 26,575 करोड़ के एमओयू (4 सितंबर को 7600 करोड़ एवं 4 अक्टूबर को दिल्ली रोड शो के दौरान 18975 हजार करोड़ रूपये ) किये जा चुके हैं।

  • यूएई दौरे के दूसरे दिन ₹3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट पत्र पर हस्ताक्षर

    यूएई दौरे के दूसरे दिन ₹3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट पत्र पर हस्ताक्षर

    मुख्यमंत्री व टीम ने ICAI के कार्यक्रम में उत्तराखंड में निवेश के गिनाए लाभ

    यूएई दौरे में ₹15 हजार 475 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मिली मंजूरी

     

    अबू धाबी। उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 हेतु संयुक्त राज्य अमीरात (यूएई) दौरे के दूसरे दिन उत्तराखण्ड सरकार के प्रतिनिधि मंडल ने आज अबू धाबी में विभिन्न उद्योग समूहों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री धामी की उपस्थिति में विभिन्न समूहों के साथ राज्य सरकार की ओर से यूएई दौरे के दूसरे दिन 3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू किए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी उद्योग घरानों को आगामी 8 एवं 9 दिसम्बर माह में देहरादून में आयोजित होने वाले समिट हेतु निमत्रण भी दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी के साथ कैबिनेट मंत्री डा. धनसिंह रावत भी मौजूद रहे।

    बुधवार को अबू धाबी में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किए गए ₹3550 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू में क्रमशः लूलू ग्रुप के साथ रियल एस्टेट सेक्टर हेतु 1000 करोड़, हायपर मार्केट के साथ हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में निवेश हेतु 500 करोड़ एवं फूड पार्क हेतु 250 करोड़, एसीटी फैसिलिटिज मिडिल ईस्ट के साथ हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में 1500 करोड़ एवं रिजेन्ट ग्लोबल के साथ फार्मा सेक्टर में निवेश हेतु 300 करोड़ के एमओयू शामिल हैं। इससे पूर्व यूएई दौरे के पहले दिन दुबई सीएम धामी की उपस्थिति में 11925 करोड़ के इनवेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए थे। कुल मिलाकर संयुक्त अरब अमीरात में 15 हजार 475 करोड़ के इन्वेस्टमेंट एमओयू किए गए।

    मुख्यमंत्री ने किया आईसीएआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग

    मुख्यमंत्री धामी ने बुधवार को अबु धाबी में इन्स्टीट्यूट ऑफ चार्टेड एकाउन्टेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्व में चाटर्ड एकाउन्टेंट्स के सबसे बड़े संगठन के मेघावी सदस्यों के बीच आना अपने आप में गौवर का क्षण है। उन्होंने कहा कि देश दुनियां में उत्तराखण्ड की पहचान देवभूमि के रूप में है जहां एक ओर केदारनाथ, बदरीनाथ धाम, जागेश्वर आदि मंदिर स्थित हैं, वहीं हमारा प्रदेश गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों का उद्गम स्थल भी है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने सांस्कृतिक, प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक सुंदरता को बचाये रखते हुए प्रदेश के विकास का मार्ग चुना है। इसके लिए हमने सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि को अपना मूलमंत्र माना है। उन्होंने कहा कि टूरिज्म, वेलनेस और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री के साथ-साथ उत्तराखण्ड में अनेक नए एवं गैर परंपरागत उद्योगों को विकसित किया जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से एक ओर जहां राज्य में पिछले पांच वर्षों में करीब 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, वहीं दूसरी ओर 20 हजार करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं पर कार्य गतिमान है। उत्तराखण्ड भी अपनी अवस्थापना परियोजनाओं, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि के क्षेत्र में आपके ज्ञान एवं अनुभव का लाभ लेने हेतु तत्पर है।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि रियल स्टेट क्षेत्र में यूएई ने अत्यंत प्रगति की है, यहाँ की प्रसिद्ध इमारतें विश्व में अपना प्रतिमान स्थापित कर चुकी हैं। उत्तराखण्ड भी अपने शहरों का सुनियोजित विकास एवं नये शहरों की स्थापना करने हेतु आपके साथ सहयोग करने का इच्छुक है, जिससे इस क्षेत्र में आपकी विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार निवेशकों को राज्य में सभी प्राथमिक आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु सदैव तत्पर है और विशेष रूप से गत दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश आकर्षित करने की दिशा में सुनियोजित प्रयास किये हैं। लन्दन एवं बर्मिंघम और उसके बाद दिल्ली के रोड शो के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से 40 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, उससे यह सिद्ध होता है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी उद्यमी, उत्तराखंड में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।

    कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने भी अपना सम्बोधन दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव मुख्यमंत्री डा. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, सचिव उद्योग विनय शंकर पांड्य, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा समेत प्रतिनिधि मंडल के अन्य सदस्य एवं आईसीएआई के सदस्य मौजूद रहे।

  • तराई केन्द्रीय फॉरेस्ट डिवीजन के टांडा रेंज में गुज्जरों के अवैध कब्जों पर चली जेसीबी

    तराई केन्द्रीय फॉरेस्ट डिवीजन के टांडा रेंज में गुज्जरों के अवैध कब्जों पर चली जेसीबी

    अवैध बसे बाहरी गुज्जरों ने मदरसे भी बना लिए थे-वन विभाग

    उधमसिंहनगर/ देहरादून। तराई केन्द्रीय फॉरेस्ट डिवीजन के टांडा रेंज में बुधवार की शाम को वन विभाग के बुलडोजरों ने गुज्जरों के अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया। वन विभाग को सुचना मिली थी कि जंगलों में अवैध रूप से बाहरी प्रदेशों से आए गुज्जर अवैध रूप से बस गए है और वहां उन्होंने अवैध रूप से मदरसे भी बना लिए है।

    उत्तराखंड फॉरेस्ट के अतिक्रमण हटाओ अभियान के नोडल अधिकारी डा पराग मधुकर धकाते ने बताया कि तराई क्षेत्र के टांडा रेंज में अतिक्रमण को लेकर मीडिया में आई खबरों को मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह विभाग ने गंभीरता से लिया और जिला प्रशासन उधमसिंह नगर और तराई सेंट्रल फॉरेस्ट डिवीज़न के अधिकारियों की संयुक्त कारवाई में उक्त अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया है और एक एकड़ वनभूमि पर बने धार्मिक अतिक्रमण को हटा दिया गया, यहां अवैध रूप से मदरसे बनाया गया था और इसके लिए प्रशासन से अनुमति नही ली गई थी।

    डा धकाते ने बताया कि पूर्व में भी यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिए गए थे परंतु इनके द्वारा नियमानुसार जंगल की जमीन को खाली नहीं किया गया था इस लिए आज सख्त कारवाई को बाध्य होना पड़ा। उन्होंने बताया कि जंगल में किसी भी प्रकार की धार्मिक स्थल बनाए जाने की इजाजत नहीं दी जा सकती और यदि कोई बनाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कारवाई की जाएगी साथ ही विभागीय अधिकारियों पर भी कारवाई की जाएगी।

    डा धकाते ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देश पर राष्ट्रीय राज मार्गो के किनारे फॉरेस्ट लैंड से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करके ही अतिक्रमण हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहेगा और कोई भी धार्मिक चिन्ह जंगल में नही बनने दिया जाएगा।

  • उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में  आजीविका व रोजगार के अवसर बढ़ाए जाय

    उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका व रोजगार के अवसर बढ़ाए जाय

    केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदेश के ग्रामीण इलाके की समस्या पर किया मंथन

    देहरादून। दिनांक 18 अक्टूबर 2023 को शैलेश कुमार सिंह, सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक सचिवालय परिसर स्थित मुख्य सचिव सभागार में की गयी। विभाग का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों एवं रोजगार में वृद्धि, बुनियादी ढांचे एवं गरिमापूर्ण आवासीय सुविधा के विकास द्वारा गरीबी उन्मूलन हेतु बहुआयामी रणनीति के माध्यम से समग्र सत्त एवं समावेशी विकास करना है। विभागान्तर्गत केन्द्र पोषित योजनायें राज्य पोषित एवं वाह्य सहायतित परियोजना संचालित हैं, जिन पर विस्तृत चर्चा की गयी तथा प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत किया गया।

    महात्मा गाँधी नरेगा की समीक्षा में मिशन अमृत सरोवर में लक्ष्य के सापेक्ष 129 प्रतिशत की प्रगति पर राज्य को बधाई दी गयी। सचिव महोदय द्वारा सोशल ऑडिट को अधिक विस्तारित किये जाने और उसकी गुणवत्ता बढ़ाये जाने की अपेक्षा की गई। निदेशक सोशल ऑडिट द्वारा फण्ड समय पर निर्गत न हो पाने की समस्या बताई, जिस पर सचिव भारत सरकार द्वारा सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया। एरिया ऑफिसर मॉनिटरिंग के अंतर्गत राज्य में 66 प्रतिशत निरीक्षण किये गये हैं जिसे बढ़ाये जाने के निर्देश दिये गये। राज्य में श्रमिकों के खातों को आधार आधारित भुगतान प्रक्रिया से जोड़े जाने का प्रतिशत 86 है। सचिव भारत सरकार द्वारा निर्देशित किया गया कि इस प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तिथि माह दिसम्बर 2023 है। अतः इस तिथि तक अनिवार्य रूप से प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाये। राज्य द्वारा उठाये गए प्रशासनिक मद की राशि को निर्धारित सीमा 6 प्रतिशत के अनुसार ही जारी करने के अनुरोध पर सचिव महोदय द्वारा आश्वस्त किया गया कि इस पर उचित कार्यवाही की जाएगी। राज्य द्वारा प्रारम्भ नवाचारों यथा अमृत सरोवर एवं मत्स्य पालन, मेरा गांव मेरी सड़क, आजीविका पैकेज मॉडल आदि की सचिव महोदय द्वारा सराहना की गयी।

    उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण मिशन के अन्तर्गत राज्य में वर्तमान समय तक 5.04 लाख महिलाओं को संगठित कर 65355 समूहों का गठन कर उनको उच्च स्तरीय संगठन के रूप में 6705 ग्राम संगठनों एवं 414 कलस्टर स्तरीय संगठनों का गठन किया गया है। 48211 समूहों को रू० 5499.70 लाख का रिवाल्विंग फण्ड, 303147 समूहों को रू0 18761.65 लाख सामुदायिक निवेश निधि एवं वर्तमान समय तक 60274 समूहों को रू0 496.41 करोड़ का बैंक लिंकेज (सी०सी०एल०) / ऋण उपलब्ध करवाकर विभिन्न आजीविका सम्बर्द्धन गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। फार्म लाइवलीहुड घटक के अन्तर्गत राज्य में 2.05 लाख महिला किसानों का क्षमता विकास कर 1.33 लाख एग्री न्यूट्री गार्डन, 260 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना एवं 108 उत्पादक समूहों का गठन किया गया है। स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी) के तहत 2193 उद्यमों की स्थापना की गयी है। समूहों के उत्पादों के प्रसंस्करण एवं बाजारीकरण हेतु 24 ग्रोथ सेन्टर, 19 सरस सेन्टर, 04 राज्य स्तरीय, 60 कलस्टर स्तरीय 110 यात्रा आउटलेटों की स्थापना की गयी है। सचिव महोदय को अवगत कराया गया कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना एवं मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना का संचालन किया जा रहा है।

    ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना ( REAP) के माध्यम से एन०आर०एल०एम० योजना में गठित समूहों का वैल्यू चैन एवं इन्टरप्राईजेस मोड में विकसित किया जायेगा । यू०एस०आर०एल०एम० / रीप एवं विभिन्न विभागों के साथ समन्वयन कर वर्ष 2025 तक राज्य में 1.25 लाख दीदीयों को लखपति दीदी के रूप में विकसित किये जाने का लक्ष्य है जिसमें वर्तमान समय तक 40270 सदस्यों को लखपति दीदी के रूप में तैयार किया गया है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत नये स्वीकृत आवासों हेतु भारत सरकार से अवमुक्त की जा चुकी है। तत्काल प्रथम किश्त निर्गत करते हुए निर्माणाधीन आवासों को धनराशि पूर्ण करा लिया जाये। देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सचिव, ग्रमीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सराहना करते हुए इसको बरकार रखने के निर्देश दिये गये। उत्तराखण्ड राज्य को प्रतीक्षा सूची में उपलब्ध समस्त पात्र लाभार्थियों हेतु आवास आवंटित किये जा चुके हैं।

    प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अन्तर्गत बैठक में PMGSY-I & II के समस्त कार्यों को मार्च, 2024 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। बैठक में यह भी निर्देश दिये गये कि अनुरक्षणाधीन कार्यों में RI (Routine Inspection) को अनिवार्य एवं समयबद्ध रूप से करते हुए गुणवत्तापरक कार्य कराये जायें तथा मार्गों के निर्माण में भी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाये।

    सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान विकासखण्ड रायपुर में मिलेट्स बेकरी का अवलोकन किया गया तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का उत्साह वर्द्धन करते हुए जानकारी प्राप्त की गयी एवं उनके द्वारा तैयार किये गये उत्पाद का टेस्ट लिया गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत देहरादून के रायपुर विकासखण्ड में निर्मित धारकोट से तलाई मोटर मार्ग अपग्रेडेशन, लम्बाई 4.01 किमी0 लागत रू0 201.73 लाख एवं धारकोट से उपरीतलाई मोटर मार्ग स्टेज-2 लम्बाई 1.50 किमी०, लागत रू0 77.04 लाख का निरीक्षण किया गया। उपरोक्त दोनों मार्ग वर्ष 2021 में पूर्ण हो गये थे, जिन पर तृतीय वर्ष में अनुरक्षण का कार्य किया जा रहा है। डोईवाला विकासखण्ड के न्याय पंचायत रानीपोखरी में एन०आर०एल०एम० के अर्न्तगत गठित स्वाभिमान कलस्टर फैडरेशन की अध्यक्षा द्वारा अवगत कराया गया कि 14 ग्राम संगठनों को मिलाकर 1000 महिलाओं का संगठन तैयार किया गया, संगठन में समूहों को शतप्रतिशत आर०एफ० एवं सी०आई०एफ० से लाभान्वित किया गया है। कलस्टर समूहों की महिलायें बैंक ऋण लेकर विभिन्न आजीविका संवर्द्धन गतिविधियां का संचालन कर रही है, जिससे उनकी वार्षिक आय एक लाख से अधिक होकर लखपति दीदी की अग्रसर हो रही हैं। उत्तरास्टेट इम्पोरियम एवं चक जोगीवाला में महात्मा गांधी नरेगा के अन्तर्गत निर्मित अमृत सरोवर एवं पी०एम०ए०वाई०-जी० योजना से निर्मित आवास का अवलोकन करते हुए उक्त योजनाओं के अन्तर्गत निर्मित कार्यों की सराहना की गई।

    बैठक में गया प्रसाद, उप महानिदेशक (आर.एच.). ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार, श्रीमती राधिका झा, सचिव ग्राम्य विकास, बृजेश कुमार संत सचिव समाज कल्याण, आनन्द स्वरूप, अपर सचिव / आयुक्त श्रीमती नितिका खण्डेलवाल, अपर सचिव ग्राम्य विकास, नरेन्द्र कुमार जोशी, निदेशक, उसाटा एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • अवैध पशु कटान में 3 अभियुक्त गिरफ्तार

    अवैध पशु कटान में 3 अभियुक्त गिरफ्तार

    बिना लाइसेंस के कर रहे थे पशु कटान

    पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत

     

    देहरादून। पुलिस ने अवैध पशु कटान में तीन अभियुक्त गिरफ्तार किये। थानाध्यक्ष सहसपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम खुशहालपुर में साजिद पुत्र सादिक की दुकान पर छापा मारकर बिना लाइसेंस अवैध रूप से पशुओं का कटान कर मांस का विक्रय करने पर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। मौके से पुलिस टीम ने 304 किलोग्राम मांस बरामद किया। दुकान स्वामी साजिद पुत्र सद्दीक को फरार हो गया। चारों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम में अभियोग पंजीकृत किया गया है। कब्जे में लिये गये कुल 304 कि०ग्रा० अवैध मांस को गढ्ढा खोदकर दबाया गया है। गौकशी, अवैध पशु कटान,बिक्री जैसे अपराधों को किसी भी दशा में नहीं किया जाएगा बर्दाश्त, ऐसे सभी अपराधी जाएंगे सलाखों के पीछे,होगी कड़ी कार्यवाही : अजय सिंह, एसएसपी।

    गिरफ्तार अभियुक्त

    1.  दिलशाद पुत्र जिंदा हसन निवासी ग्राम खुशहालपुर, थाना सहसपुर, जनपद देहरादून, उम्र 40 वर्ष
    2.  साजिद पुत्र हसन निवासी ग्राम खुशहालपुर, थाना सहसपुर, जनपद देहरादून, उम्र 38 वर्ष
    3. कुर्बान पुत्र फैयाज निवासी ग्राम संसारपुर थाना बेहट, जनपद सहारनपुर, उम्र 40 वर्ष

    वांछित अभियुक्त

    1.  साजिद पुत्र सद्दीक नि0 – ग्राम खुशहालपुर, थाना सहसपुर, जनपद देहरादून
  • राष्ट्रपति ने ‘पाताल ती’ शार्ट फिल्म के लिए सतीश कुमार ‘बिट्टू’ व ‘एक था गांव’ के लिए सृष्टि को किया सम्मानित

    राष्ट्रपति ने ‘पाताल ती’ शार्ट फिल्म के लिए सतीश कुमार ‘बिट्टू’ व ‘एक था गांव’ के लिए सृष्टि को किया सम्मानित

    देहरादून। दिल्ली के विज्ञान भवन में 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें उत्तराखंड की शॉर्ट फिल्म ‘पाताल ती’ को बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का अवॉर्ड दिया गया। इसके अलावा ‘एक था गांव’ को अंतिम मिश्रित ट्रैक का री- रिकॉर्डिस्ट के तहत बेस्ट ऑडियोग्राफी के पुरस्कार से नवाजा गया। लघु फिल्म ‘पाताल ती’ को बेस्ट सिनेमेटोग्राफी में शामिल किया गया था।

    इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक संतोष रावत है। जबकि, सिनेमेटोग्राफर बिटू रावत हैं. वहीं, बेस्ट नॉन फीचर फिल्म के लिए सृष्टि लखेड़ा की ‘एक था गांव को चुना गया था, जिन्हें विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कृत किया है।

    ‘पाताल ती’ फिल्म 39वें बुसान अंतरराष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल कोरिया के लिए भी सिलेक्ट हुई थी। ‘पाताल ती’ एक शॉर्ट फिल्म है, जो भोटिया जनजाति की लोक कथा पर बेस्ड है। इस फिल्म के निर्माण के लिए पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की है। टीम ने पहाड़ों पर पैदल चलकर कई ऐसे दृश्य फिल्माए हैं, जो देखने में अकल्पनीय और बेहतरीन हैं। इस शॉर्ट फिल्म का बिट्टू रावत और दिव्यांशु रौतेला ने फिल्मांकन किया है।

    बेस्ट नॉन फीचर फिल्म के लिए उत्तराखंड की ‘एक था गांव’ फिल्म का चयन किया गया था। ‘एक था गांव’ फिल्म खाली होते पहाड़ों की पृष्ठभूमि पर बनाई गई है। उत्तराखंड में पलायन की पीड़ा को देखते हुए सृष्टि ने यह फिल्म बनाई। बताया, पहले उनके गांव में 40 परिवार रहते थे और अब पांच से सात लोग ही बचे हैं। लोगों को किसी न किसी मजबूरी से गांव छोड़ना पड़ा। इसी उलझन को उन्होंने एक घंटे की फिल्म के रूप में पेश किया है। फिल्म के दो मुख्य पात्र हैं। 80 वर्षीय लीला देवी और 19 वर्षीय किशोरी गोलू।