Category: उत्तराखंड

  • बिना जरूरत ICU में भर्ती, अवैध वसूली का खेल; कहीं डॉक्टर गायब

    बिना जरूरत ICU में भर्ती, अवैध वसूली का खेल; कहीं डॉक्टर गायब

    आयुष्मान योजना

    एसएचए की छापेमारी में योजना में संबद्ध अस्परतालों की बदहाल व्यवस्थाएं उजागर

    एक डायलिसिस यूनिट समेत तीन अस्पतालों के निलंबन और दो अस्पतालों पर अर्थदंड की संस्तुति

    देहरादून।  आयुष्मान योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में मंगलवार को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए) की छापेमारी में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।

    राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी के निर्देश पर निदेशक क्लेम डा. सरोज नैथानी के नेतृत्व में टीम ने पावरलाइफ, प्रेमसुख, प्रकाशदीप, वेलमेड और सुनंदा मेडिकल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। मरीजों से अवैध वसूली, बिना आवश्यकता आइसीयू में भर्ती, डाक्टरों की गैरमौजूदगी, खराब डायलिसिस सेवाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी खामियां मिलने पर प्राधिकरण ने प्रकाशदीप व पावरलाइफ अस्पताल और सुनंदा मेडिकल सेंटर की डायलिसिस यूनिट की संबद्धता निलंबित करने की संस्तुति की है। साथ ही प्रेमसुख व सुनंदाा अस्पताल पर आर्थिक दंड लगाने की भी संस्तुति की है। सभी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    पावरलाइफ अस्पताल में मरीज अनावश्यक आइसीयू में भर्ती

    पावरलाइफ अस्पताल में टीम को सामान्य वार्ड नहीं मिला। यहां छह बेड का एचडीयू और आठ बेड का आइसीयू संचालित होता मिला। टीम ने पाया कि घबराहट और उल्टी की शिकायत वाले एक मरीज को अनावश्यक रूप से आइसीयू में भर्ती रखा गया था। अस्पताल में टोल फ्री नंबर और सूचना-शिक्षा एवं संचार (आइईसी) सामग्री भी प्रदर्शित नहीं थी। आइसीयू की चार्टिंग अपडेट नहीं की गई थी, जबकि बायोमेडिकल वेस्ट की लाग बुक पिछले तीन माह से नहीं भरी गई थी।

    प्रेमसुख अस्पताल में मिलीं कई खामियां

    प्रेमसुख अस्पताल में आयुष्मान के लाभार्थी से 48 हजार रुपये और अन्य मदों में छह हजार रुपये लेने की शिकायत मिली। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्री-आथराइजेशन में देरी, रैंप का अभाव और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पाई गई। अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना से संबंधित सूचना बोर्ड, टोल फ्री नंबर और जनजागरूकता सामग्री भी नहीं लगी थी। आपरेशन थिएटर की प्रभारी नर्स की जिम्मेदारी एक ओटी तकनीशियन निभाता मिला। इसके अलावा स्टाफ को मरीजों की भर्ती प्रक्रिया की भी पर्याप्त जानकारी नहीं थी।

    प्रकाशदीप अस्पताल में डाक्टर ही गायब

    प्रकाशदीप अस्पताल की स्थिति सबसे चिंताजनक पाई गई। यहां मरीजों से 85 हजार रुपये तक वसूले जाने की शिकायत मिली। अस्पताल का आइसीयू बेहद खराब स्थिति में मिला। दो गंभीर मरीजों को तत्काल इंदिरेश अस्पताल रेफर किया गया। निरीक्षण के दौरान एक भी उपचाररत चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। मरीजों ने बताया कि पिछले 10 दिनों से नियमित रूप से डाक्टर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं और उपचार केवल नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रहा है। अस्पताल में केवल एक एंबुलेंस उपलब्ध थी।

    सुनंदा मेडिकल सेंटर में डायलिसिस यूनिट में मिली गंभीर खामियां

    सुनंदा मेडिकल सेंटर में डायलिसिस यूनिट की स्थिति बेहद खराब मिली। अस्पताल में वेंटिलेशन, रैंप और अग्नि निकास मार्ग नहीं मिला। डायलिसिस करा रहे मरीजों के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य रिकार्ड भी उपलब्ध नहीं थे। टोल फ्री नंबर और जनजागरूकता सामग्री का अभाव था। डायलिसिस के लिए उपयोग होने वाला आरओ सिस्टम भी मानकों के अनुरूप नहीं मिला। तीमारदारों के लिए बैठने और विश्राम की व्यवस्था भी नहीं थी।

    वेलमेड अस्पताल में भी कमियां मिलीं

    वेलमेड अस्पताल में रैंप और जनजागरूकता सामग्री नहीं मिली। 140 बेड वाले अस्पताल में 100 मरीज भर्ती होने के बावजूद केवल छह आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और सात राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के मरीज मिले। जांच के दौरान अस्पताल में सिर्फ एक आरओ प्लांट संचालित मिला। बायोमेडिकल वेस्ट की लाग बुक का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं पाया गया। आपरेशन थिएटर के कल्चर परीक्षण की इन-हाउस रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी।

  • कोटद्वार को मिली बड़ी सौगात, गोपेश्वर व ऋषिकेश एम्स के लिए बस सेवा शुरू

    कोटद्वार को मिली बड़ी सौगात, गोपेश्वर व ऋषिकेश एम्स के लिए बस सेवा शुरू

    विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने दिखाई हरी झंडी

    कोटद्वार। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज कोटद्वार वासियों को एक महत्वपूर्ण सौगात देते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम की दो नई बस सेवाओं का शुभारंभ किया।
    उन्होंने कोटद्वार से गोपेश्वर तथा कोटद्वार से ऋषिकेश एम्स के लिए संचालित होने वाली रोडवेज बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि जनता की सुविधाओं को प्राथमिकता देना उनकी प्रतिबद्धता है और इसी दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
    उन्होंने कहा कि कोटद्वार से ऋषिकेश एम्स के लिए सीधी बस सेवा की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा वर्षों से की जा रही थी। विशेष रूप से मरीजों, उनके परिजनों एवं उपचार के लिए ऋषिकेश आने-जाने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस सीधी बस सेवा के शुरू होने से लोगों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

    उन्होंने कहा कि ऋषिकेश स्थित एम्स उत्तराखंड सहित पूरे प्रदेश के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में कोटद्वार से सीधे एम्स तक बस सेवा शुरू होना क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इससे मरीजों को बार-बार वाहन बदलने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी तथा समय और धन दोनों की बचत होगी।

    विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोटद्वार से गोपेश्वर के लिए बस सेवा शुरू होने से गढ़वाल मंडल के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा। इससे यात्रियों, छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों एवं पर्यटकों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप नई सेवाएं शुरू की जा रही हैं।

    ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि कोटद्वार प्रदेश का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण व्यापारिक एवं शैक्षणिक केंद्र भी है। यहां से विभिन्न क्षेत्रों के लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन नई बस सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उठाएंगे तथा उनकी यात्रा अधिक सुगम और सुविधाजनक बनेगी।

    उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों को नई बस सेवाओं के शुभारंभ पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता की सुविधा और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

    इस अवसर पर उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारी, जिला अध्यक्ष कोटद्वार राज गौरव, महापौर शैलेन्द्र रावत , मण्डल अध्यक्ष विकासशदीप मित्तल , विजय नंद पोखरियाल, सतीश गौड़, मंडल अध्यक्ष प्रेमा खंतवाल, आशीष रावत, सुनीता देवी, आदित्य त्रिपाठी, राजेंद्र जेजेडी, प्रमोद केस्टवाल एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

  • कर्णप्रयाग हिंसा के बाद प्रशासन सख्त, चार निहंग तीर्थयात्री हिरासत में

    कर्णप्रयाग हिंसा के बाद प्रशासन सख्त, चार निहंग तीर्थयात्री हिरासत में

    चिंताजनक- चलीं तलवारें लाठी और पत्थर, पांच घायल, मुकदमा दर्ज

    हेमकुंड साहिब ट्रस्ट की अपील—शस्त्रों का दुरुपयोग न करें, यात्रा में बनाए रखें अनुशासन

    चमोली। चारधाम यात्रा के चरम पर कर्णप्रयाग में सिख तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के विवाद में तलवारें, पत्थर और लाठियों का खुलकर प्रयोग हुआ।
    उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में पंच पुलिया के पास एक स्थानीय होटल के बाहर पार्किंग और मामूली विवाद को लेकर सिख तीर्थयात्रियों और स्थानीय होटल कर्मचारियों के बीच हिंसक झड़प में पांच लोग घायल हो गए।
    आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बद्रीनाथ नेशनल हाईवे को 4 घंटे तक जाम कर दिया।

    पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज किया है। वहीं घटना के बाद हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने भी श्रद्धालुओं से शांति, संयम और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की  अपील करते हुए यात्रा के दौरान अनावश्यक रूप से शस्त्र साथ न लाने का आग्रह किया है।

    मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को कर्णप्रयाग बाजार स्थित कृष्णा पैलेस होटल के समीप हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच मामूली कहासुनी हो गई।
    विवाद बढ़ने पर प्रकाश रावत पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य स्थानीय लोगों पर भी हमला हुआ, जिससे कुल चार लोग घायल हो गए। इनमें एक घायल को गंभीर हालत में एयर एम्बुलेंस से देहरादून भेजा गया, जबकि अन्य तीन का उपचार स्थानीय स्तर पर किया गया।
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हमले में शामिल चार निहंग यात्रियों को हिरासत में ले लिया।
    गजपाल सिंह की तहरीर पर कोतवाली कर्णप्रयाग में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
    घटना के बाद कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थानीय नागरिकों से वार्ता कर माहौल को शांत कराया। प्रशासन और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से यातायात बहाल कर दिया गया। साथ ही चारधाम यात्रा मार्ग पर वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए अन्य जनपदों से भी समन्वय किया गया।
    फंसे हुए यात्रियों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था भी की गई।
    जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि चारधाम यात्रा सामान्य रूप से संचालित हो रही है और जनपद में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।
    वहीं एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी कीमत पर अशांति फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

    इधर, घटना के बाद गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट, गोविंदघाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने श्रद्धालुओं के नाम जारी अपील में कहा है कि यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। श्रद्धालु यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के विवाद से बचें और धार्मिक मर्यादाओं का पालन करें।

    डीएम व एसपी

    ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि सिख धर्म में शस्त्रों का महत्व धर्म और मानवता की रक्षा के लिए है, न कि उनके प्रदर्शन या दुरुपयोग के लिए। इसलिए श्रद्धालु अनावश्यक रूप से शस्त्र लेकर यात्रा पर न आएं। विशेष रूप से बच्चों को किसी भी प्रकार के शस्त्र साथ रखने से रोका जाए।
    ट्रस्ट ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि और शांतिप्रिय राज्य के रूप में देश-दुनिया में प्रतिष्ठित है। यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी है कि वे यात्रा की गरिमा बनाए रखें और किसी भी समस्या की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय प्रशासन और पुलिस की मदद लें।
    फिलहाल कर्णप्रयाग में स्थिति सामान्य बताई जा रही है तथा पुलिस-प्रशासन पूरे क्षेत्र में सतर्क निगरानी बनाए हुए है।

    हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कर्णप्रयाग में हुई हिंसक घटना ने प्रशासन और यात्रा प्रबंधन से जुड़े संगठनों की चिंता बढ़ा दी है।

    कर्णप्रयाग हिंसा और विवाद के मुख्य बिंदु

    विवाद की वजह-  हेमकुंड साहिब जा रहे सिख तीर्थयात्रियों (निहंग) का एक जत्था रुका था, और स्थानीय होटल के बाहर वाहन पार्क करने को लेकर विवाद शुरू हुआ।

    हिंसक झड़प- बहस बढ़ने पर हाथापाई हुई और आरोप है कि तीर्थयात्रियों ने तलवारों से हमला कर दिया।

    घायल- 

    इसमें 4 स्थानीय निवासी (प्रकाश रावत, सुदर्शन कंडारी, गजपाल सिंह, और हरेंद्र सिंह) और एक तीर्थयात्री (मनप्रीत सिंह) घायल हो गए।
    प्रदर्शन और जाम- घटना से गुस्साए स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-07) को जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई।

    प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

    चमोली के जिलाधिकारी (गौरव कुमार) और एसपी (सुरजीत सिंह पंवार) ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की।
    प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने हाईवे से जाम हटा लिया।
    स्थानीय लोगों ने तीर्थयात्रा के दौरान धारदार हथियार ले जाने पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।

  • पौड़ी को 110 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की बड़ी सौगात

    पौड़ी को 110 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की बड़ी सौगात

    पौड़ी में विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण

    कंडोलिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव बनाने की घोषणा

    पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के भ्रमण के दौरान जनपद मुख्यालय स्थित श्रीनगर रोड पर जिला प्रशासन द्वारा विकसित अंबेडकर भवन में विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण तथा रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को ₹110.55 करोड़ की लागत वाली 19 विकास योजनाओं की सौगात देते हुए 14 योजनाओं का शिलान्यास एवं 5 योजनाओं का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री ने श्रीनगर रोड स्थित जिला विज्ञान संग्रहालय का विधिवत लोकार्पण किया तथा संग्रहालय में विकसित की गयी विज्ञान आधारित गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।

    इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने संग्रहालय का भ्रमण कर विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित इंटरएक्टिव मॉडलों, वैज्ञानिक प्रदर्शनों, एवं आधुनिक उपकरणों का अवलोकन किया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने संग्रहालय में स्थापित वैज्ञानिक प्रदर्शनों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बच्चे उत्साहित नजर आए।

    मुख्यमंत्री ने स्वयं भी कई प्रदर्शनियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विज्ञान, अंतरिक्ष, ऊर्जा, पर्यावरण एवं तकनीकी नवाचारों से संबंधित प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए कहा कि ऐसे विज्ञान संग्रहालय बच्चों में जिज्ञासा, अनुसंधान की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला विज्ञान संग्रहालय केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि यह संग्रहालय विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक आधुनिक विज्ञान शिक्षण एवं नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां बच्चे विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संग्रहालय जनपद के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा वैज्ञानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

    मुख्यमंत्री ने इसके बाद कंडोलिया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान पहुंचकर कंडोलिया पौड़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कंडोलिया महोत्सव को सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम है। आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। इस अवसर पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है तथा अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ हाउस ऑफ हिमालय, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार तथा होमस्टे योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सनातन संस्कृति, मूल स्वरूप और सामाजिक सौहार्द की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून तथा सख्त भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल, पौड़ी-श्रीनगर मार्ग चौड़ीकरण, झील निर्माण, ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तथा खेल अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी और रोजगार व पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएंगी।

    इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।

  • RCS पोर्टल लॉन्च: सहकारी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन

    RCS पोर्टल लॉन्च: सहकारी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन

    चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र

    सहकारिता विभाग के नये पोर्टल का शुभारंभ

    देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सभागार, देहरादून में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने निबंधक सहकारी समितियां कार्यालय के अत्याधुनिक ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया।
    इसके अलावा उन्होंने आयोग से चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों (वर्ग-2) को नियुक्ति पत्र वितरित किये और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल तकनीक से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नव विकसित पोर्टल के माध्यम से सहकारी समितियों से जुड़ी सभी सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यों में तेजी आएगी। जिससे आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

    डॉ रावत ने कहा कि पोर्टल पर सहकारी समितियों का पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड, शिकायत एवं सुझाव निस्तारण, नामांकन सत्यापन, वार्षिक प्रतिवेदन, ऑडिट प्रबंधन, सदस्यता संबंधी विवरण, दस्तावेज प्रबंधन तथा एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

    नव नियुक्त सहायक सहकारी निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुये डॉ. रावत ने कहा कि वे विकसित भारत के युवा ब्रांड एम्बेसडर हैं और सहकारिता आंदोलन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका होगी।
    उन्होंने नव नियुक्त सहायक सहकारी निरीक्षकों को कहा कि वह प्रत्येक ब्लॉक में सहकारिता नेटवर्क को मजबूत करते हुए कम से कम एक बहुद्देशीय सहकारी समिति को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करें। सरकार की योजना प्रत्येक ब्लॉक में एक ‘सहकारिता ग्राम’ स्थापित करने की है, जिसे आपके समर्पण और नवाचार से शीघ्र साकार किया जा सकेगा।

    डॉ. रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पहली नियुक्ति मिलना युवाओं के लिए एक अवसर है। उन्हें विश्वास जताया कि नव नियुक्त अधिकारी अपने कार्यों और नवाचारों के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति देंगे। डॉ रावत ने कहा शीघ्र ही ब्लॉक स्तर पर 100 ऋण मेले लगाये जायेंगे, जिनके माध्यम से किसानों, काश्तकारों, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों को ऋण वितरित किया जायेगा, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता सचिव डॉ. इकबाल अहमद ने कहा कि सहकारिता विभाग आज जन-जन से जुड़ा विभाग बन चुका है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।
    उन्होंने कहा, “सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में नव नियुक्त अधिकारियों का खासा योगदान रहेगा।

    कार्यक्रम के दौरान संयुक्त निबंधक मंगला प्रसाद त्रिपाठी ने नव नियुक्त सहकारी निरीक्षकों को विभागीय दायित्वों, कार्य प्रणाली एवं अपेक्षाओं से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया।

    इस अवसर पर वरिष्ठ सहकार बंधु प्रदीप चौधरी, सुभाष रमोला, अनु सचिव सहकारिता सुरेंद्र दत्त बेलवाल, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद ए.डी. शुक्ल, संयुक्त निबंधक एम.पी. त्रिपाठी, रमेंद्री मंद्रवाल, उप निबंधक राजेश चौहान, मोनिका चुनेरा, सहायक निबंधक देहरादून बलवंत मनराल, उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के वरिष्ठ प्रबंधक त्रिभुवन रावत सहित विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • मांगों को लेकर आयुर्वेदिक चिकित्सकों का धरना-प्रदर्शन

    मांगों को लेकर आयुर्वेदिक चिकित्सकों का धरना-प्रदर्शन

    बड़ी संख्या में आयुर्वेदिक डॉक्टर धरने में हुए शामिल

    देहरादून। आयुर्वेद निदेशालय में लंबित मांगों को लेकर भारी संख्या में आक्रोशित आयुर्वेदिक यूनानी डॉक्टरों ने धरना प्रदर्शन किया । आयुर्वेदिक डॉक्टरों की लंबित मांगों के निराकरण के लिए सरकार से मांग की गई।

    राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, उत्तराखंड के स्टेट मीडिया कोर्डिनेटर डॉ० डी० सी० पसबोला ने बताया कि सुबह से ही आयुर्वेद निदेशालय में बड़ी संख्या में आयुर्वेदिक डॉक्टर जुटने शुरू हो गए थे। सुबह से लेकर शाम सभी डॉक्टर धरने में डटे रहे।

    धरने में प्रदेश अध्यक्ष डॉ नीरज कोहली, महासचिव डॉ हरदेव रावत, वरिष्ठ प्रदेश‌ उपाध्यक्ष डॉ राम किशोर भट्ट, डॉ दिनेश जोशी, डॉ एजल पटेल, डॉ सुगम तिवारी, डॉ अनुपमा त्यागी, डॉ मो० मिस्काल, डॉ नावेद आजम, डॉ नम्रता डाबरे आदि इत्यादि वक्ताओं ने आयुर्वेदिक डॉक्टरों की लंबित मांगों एवं विभागीय शोषण एवं उत्पीड़न के ऊपर अपने विचार रखे। कल भी धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

  • अंकिता हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई: पूर्व विधायक राठौर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल

    अंकिता हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई: पूर्व विधायक राठौर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल

    अंकिता मर्डर केस की सीबीआई जांच चुनावी मुद्दे में तब्दील

    देखें वीडियो

    भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को साजिशन फंसाने का आरोप

    कथित ऑडियो-वीडियो मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर गिरफ्तार

    देहरादून। बीते रविवार को गिरफ्तार किए गए भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को सोमवार को दून की कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया गया है।

    उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो प्रकरण में दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरिद्वार जिले के ज्वालापुर सीट के पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को 14 जून की रात गिरफ्तार कर लिया था।

    पुलिस का आरोप है कि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को एक सुनियोजित साजिश के तहत संवेदनशील मामले में फंसाने और उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक एवं मनगढ़ंत ऑडियो-वीडियो सामग्री प्रसारित की गई थी। मामले की विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
    पुलिस के अनुसार, 5 जनवरी 2026 को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने कोतवाली डालनवाला में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने कुछ राजनीतिक तत्वों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा।

    आरोप है कि दोनों ने फर्जी ऑडियो और वीडियो तैयार कर अथवा उनका प्रसार कर भाजपा नेताओं की छवि खराब करने, सामाजिक वैमनस्य फैलाने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया।
    तहरीर के आधार पर कोतवाली डालनवाला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

    जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों, डिजिटल सामग्री और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। विवेचना में सुरेश राठौर के खिलाफ अतिरिक्त अपराध के साक्ष्य मिलने पर बीएनएस की धारा 308(6) भी बढ़ाई गई।
    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर गठित टीम ने 14 जून को मुखबिर की सूचना पर सुरेश राठौर को बिहारीगढ़ फ्लाईओवर के समीप से गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया गया है।

    अंकिता भंडारी हत्याकांड: अब तक की प्रमुख स्थिति

    सितंबर 2022 में पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या का मामला सामने आया था। इस मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को गिरफ्तार किया गया था। जांच में आरोप सामने आया कि वीआईपी मेहमानों को “विशेष सेवाएं” देने के दबाव का विरोध करने पर अंकिता की हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया।
    मामले की जांच के बाद एसआईटी ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। कोटद्वार स्थित विशेष अदालत में मुकदमे की सुनवाई जारी रही, जिसमें अभियोजन और बचाव पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए गए। राज्यभर में इस मामले को लेकर लंबे समय तक जनआक्रोश बना रहा और अंकिता को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठती रही। मई 2025 में तीनों अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा हुई।

    इसी बीच, बीते कुछ महीनों में सोशल मीडिया पर अंकिता प्रकरण से जुड़े कई ऑडियो, वीडियो और कथित खुलासे वायरल हुए। इन्हीं में से कुछ सामग्रियों को लेकर भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने आरोप लगाया कि उन्हें और अन्य नेताओं को जानबूझकर मामले से जोड़ने तथा राजनीतिक लाभ के लिए दुष्प्रचार किया गया। इसी शिकायत के आधार पर दर्ज मुकदमे में अब पूर्व विधायक सुरेश राठौर की गिरफ्तारी हुई है।
    पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं सुरेश राठौर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

    सीबीआई जांच के परिणाम का इंतजार

    गौरतलब है कि बीते दिसम्बर माह में उर्मिला सनावर व राठौर के ‘खुलासे’में भाजपा के नेताओं का नाम कथित वीआईपी के तौर पर सामने आया था। उर्मिला ने इस मामले को वीडियो व ऑडियो के जरिये सार्वजनिक किया। इसके बाद प्रदेश की जनता कथित वीआईपी के मुद्दे पर सड़कों पर उतर गयी। भारी जनाक्रोश के बाद सीएम धामी ने जनवरी में सीबीआई जांच की घोषणा की।
    छह महीने बीत जाने के बाद सीबीआई की जांच का कोई रिजल्ट सामने नहीं आया। लेकिन भाजपा ने संगठन महामंत्री का प्रदेश से राजस्थान ट्रांसफर कर दिया। जबकि दुष्यंत गौतम अभी प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे है।

    इधऱ, दून पुलिस ने पूर्व विधायक की गिरफ्तारी कर हलचल बढ़ा दी है। राठौर की गिरफ्तारी पर उर्मिला सनावर का कोई बयान सामने नहीं आया है। अंकिता मर्डर केस की सीबीआई जांच के मुद्दे पर विपक्षी राजनीतिक दल व सामाजिक संगठन सीबीआई कार्यालय का घेराव भी कर चुके हैं।
    लगभग चार साल बाद चुनावी साल में अंकिता मर्डर केस की हों रही सीबीआई जांच प्रमुख चुनावी मुद्दा बनती जा रही है।

  • आयुष्मान योजना में गड़बड़ी, तीन अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

    आयुष्मान योजना में गड़बड़ी, तीन अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

    एक पर 86 हजार का जुर्माना

    कैशलेस इलाज से इनकार

    अवैध वसूली और गुणवत्ता मानकों में खामियां मिलने पर एसएचए की सख्त कार्रवाई

    एसआरएमएस, ओजस्वी और अरिहंत अस्पतालों पर गिरी गाज

    बलूनी अस्पताल को 15 दिन में कमियां दूर करने का अल्टीमेटम

    देहरादून। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए) उत्तराखंड ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई), अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना (एएयूवाई) और राज्य सरकारी स्वास्थ्य योजना (एसजीएचएस) के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लाभार्थियों को कैशलेस इलाज से वंचित करने, अवैध वसूली, संक्रमण नियंत्रण और गुणवत्ता मानकों में गंभीर खामियां पाए जाने पर बरेली स्थित एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज तथा देहरादून के ओजस्वी और अरिहंत अस्पताल की संबद्धता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है। वहीं, बलूनी अस्पताल पर 86,250 रुपये का जुर्माना लगाते हुए 15 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

    एसआरएमएस ने रेफरल मरीजों को लौटाया, कैशलेस इलाज से भी किया इनकार

    राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार, उत्तराखंड के पर्वतीय और दूरस्थ जिलों से सरकारी अस्पतालों के रेफरल लेकर पहुंचे मरीजों को भर्ती करने और कैशलेस इलाज देने से इनकार किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में पाया गया कि कई मामलों में वैध रेफरल पत्रों को स्वीकार नहीं किया गया और मरीजों को अन्य केंद्रों से नया रेफरल लाने के लिए कहा गया।

    चंपावत जिले के एक मरीज को उप जिला चिकित्सालय टनकपुर से रेफर किए जाने के बावजूद भर्ती नहीं किया गया। नोटिस में मोरपाल कश्यप, लक्ष्मी देवी, सुरेश राम और सूरज गुप्ता सहित कई लाभार्थियों के मामलों का उल्लेख किया गया है। नैनीताल निवासी महेंद्र सिंह ने शिकायत की है कि उनके पिता से पीएम-जेएवाई के तहत भर्ती होने के बावजूद इलाज के लिए करीब 1.44 लाख रुपये वसूले गए, जो अब तक वापस नहीं किए गए हैं। अस्पताल को सात दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में अस्पताल नए लाभार्थियों को भर्ती नहीं कर सकेगा, हालांकि पहले से भर्ती मरीजों का उपचार जारी रहेगा।

    ओजस्वी अस्पताल ने लाभार्थी से लिए 12 हजार रुपये, 60 हजार का जुर्माना

    देहरादून स्थित ओजस्वी अस्पताल की पीएम-जेएवाई, एएयूवाई और एसजीएचएस के तहत संबद्धता भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है। जांच में पाया गया कि अस्पताल ने एक लाभार्थी से 12 हजार रुपये वसूले थे, जो कैशलेस उपचार के नियमों का उल्लंघन है। हालांकि बाद में यह राशि वापस कर दी गई, लेकिन यह कार्रवाई राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की आपत्ति के बाद की गई।

    निरीक्षण के दौरान रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) की उपलब्धता भी अपर्याप्त पाई गई। एचईएम पोर्टल पर दर्ज चिकित्सक का संपर्क नंबर सक्रिय नहीं मिला और निरीक्षण के समय संबंधित चिकित्सक मौजूद नहीं थे। अस्पताल पर वसूली गई राशि का पांच गुना यानी 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर डी-एम्पैनलमेंट सहित अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।

    डायलिसिस और संक्रमण नियंत्रण में खामियां, अरिहंत अस्पताल निलंबित

    देहरादून स्थित अरिहंत अस्पताल की संबद्धता डायलिसिस यूनिट, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियों के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है। निरीक्षण के दौरान डायलिसिस बेड के बीच पर्याप्त दूरी नहीं पाई गई। डायलिसिस प्रक्रियाओं की निगरानी के लिए कोई नामित मेडिकल ऑफिसर मौजूद नहीं था और रिकॉर्ड पर चिकित्सकीय पर्यवेक्षण के हस्ताक्षर भी नहीं मिले।
    इसके अलावा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) की उपलब्धता और उपयोग भी संतोषजनक नहीं पाया गया। डायलिसिस मशीनों के संक्रमणमुक्त करने की प्रक्रिया, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से अनिवार्य सत्यापन में भी कमियां मिलीं। लाभार्थी सहायता केंद्र और सूचना प्रदर्शन व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं थी। अस्पताल को 15 दिनों के भीतर सुधारात्मक रिपोर्ट, संक्रमण नियंत्रण रिकॉर्ड और अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में नए लाभार्थियों की भर्ती नहीं की जा सकेगी, जबकि पहले से भर्ती मरीजों का उपचार जारी रहेगा।

    बलूनी अस्पताल पर 86,250 रुपये का जुर्माना

    बलूनी अस्पताल पर एक आयुष्मान लाभार्थी से अवैध रूप से धनराशि वसूलने के मामले में 86,250 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जांच में पाया गया कि एक पीएम-जेएवाई लाभार्थी से दवाइयों और डायग्नोस्टिक जांच के नाम पर 17,250 रुपये लिए गए। अस्पताल ने राशि लौटाने का दावा किया, लेकिन इसके समर्थन में लाभार्थी की रसीद, बैंक लेनदेन या भुगतान वापसी से जुड़े कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।
    निरीक्षण के दौरान अस्पताल में रैंप, आईसीयू की साफ-सफाई, हाउसकीपिंग व्यवस्था और तीमारदारों के लिए पर्याप्त सुविधाओं में भी कमियां पाई गईं। इसके अलावा आईसीयू में ऑक्सीजन, एयर और सक्शन की अनिवार्य पाइपलाइन व्यवस्था को भी मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल को 15 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने का अल्टीमेटम दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर उसकी संबद्धता भी निलंबित की जा सकती है।

  • सैन्य अधिकारी भारतीयों के विश्वास और आकांक्षाओं के सच्चे संरक्षक : मुर्मू

    सैन्य अधिकारी भारतीयों के विश्वास और आकांक्षाओं के सच्चे संरक्षक : मुर्मू

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामई उपस्थिति में आईएमए की पासिंग आउट परेड सम्पन्न

    481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने रचा इतिहास

    देहरादून। देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आज देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) में मुख्य अतिथि एवं समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल हुईं।

    राष्ट्रपति ने भारतीय सैन्य अकादमी के 158वें नियमित तथा 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड की समीक्षा की और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

    अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने पास आउट होने वाले कैडेट्स को भारत माता की रक्षा के लिए कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं।

    महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि

    इस वर्ष की पासिंग आउट परेड की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 9 महिला कैडेटों का सफलतापूर्वक पास आउट होना रहा। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो महिला-नेतृत्व वाले विकास तथा सशक्त भारत की अवधारणा को नई ऊर्जा प्रदान करता है।

    वैश्विक रक्षा सहयोग का सशक्त प्रतीक

    परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। राष्ट्रपति ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास तथा अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के बढ़ते आयामों का प्रतीक बताया।

    भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान

    राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के इस दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा सैनिकों के कल्याण और सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सैन्य एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनकर नवप्रशिक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।

    राष्ट्रपति ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • पीएम मोदी के 12 वर्षों में विकास को मिली नई गति : धामी

    पीएम मोदी के 12 वर्षों में विकास को मिली नई गति : धामी

    उत्तराखंड से विशेष लगाव के चलते राज्य को मिली विकास की लाखों करोड़ की योजनाएं

    आत्मविश्वास, सुरक्षित और विश्व पटल मे दस्तक का स्वर्णिम कालखंड हैं पीएम मोदी का कार्यकाल

    देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पीएम मोदी के सर्वाधिक बतौर निर्वाचित प्रधानमंत्री कार्यकाल देश की प्रगति और विकास के लिए समर्पित रहा है।

    यह कालखंड आत्मविश्वास से भरा, सुरक्षित और विश्व में श्रेष्ठता स्थापित करने का कालखंड रहा है। जहाँ तक उत्तराखंड का प्रश्न है तो उत्तराखंड से लगाव के चलते इसका लाभ भी सामने आया और राज्य में बड़े बदलाव को लेकर आया है। .
    पीएम का कार्यकाल देश और प्रत्येक देवभूमिवासी के लिए गौरवमयी और आनंददायक पलों को लेकर आया है।

    पार्टी प्रदेश मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के सफल और शानदार पूरा होने के अवसर पर मीडिया संवाद का कार्यक्रम मे उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन 12 वर्षों में न केवल सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम बनने का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया, बल्कि बल्कि लंबे समय से विकासशील देश की अवधारणा पर अटके भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया है।

    इस दौरान जनता ने 2014, 2019 और 2024 में लगातार तीसरी बार आशीर्वाद देकर साबित किया कि देश अब “नारे नहीं, काम पर वोट” देता है। आज भारत आत्मविश्वास से भरा, सुरक्षित और विश्व में सम्मानित राष्ट्र बन चुका है।
    उन्होंने कहा कि देश ने वह दौर देखा है जब विशेषकर कांग्रेस के शासन में योजनाएं कागजों पर बनती थीं। लेकिन मोदी सरकार में योजनाएं बनती भी है और जमीन पर उतरती भी हैं। पहले सरकारें शिलान्यास करती थीं और अगली पीढ़ियां उ‌द्घाटन का इंतजार करती थीं। लेकिन मोदी के नेतृत्व में शिलान्यास और उद्घाटन दोनों देखने को मिल रहे हैं।

    सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक गरीब हटाने के नारे दिए, लेकिन सिर्फ अपने नेताओं की गरीबी हटाई।लेकिन मोदी ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का अभूतपूर्व काम किया, जिसे दुनिया भी अचंभित होकर तारीफ कर रही है। विपक्ष विशेषकर कांग्रेस की सरकारों में न विकास हुआ और न ही गरीबों की दशा में परिवर्तन, क्योंकि उनके समय भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बना हुआ था। जबकि मोदी सरकार ने डिजिटल क्रांति की और डीबीटी के माध्यम से 4.31 लाख करोड़ गलत हाथों में जाने से बचाए। इसी का नतीजा है कि यह पैसा जरूरतमंदों के पास गया और विकास की गति बढ़ाने वाली योजनाओं में वालिस लौटा। आज हम दुनिया में सबसे अधिक डिजिटल लेन देन करने वाले देश बन गए हैं जो बड़े बड़े देशों के लिए आज भी चमत्कार से कम नहीं है।

    उन्होंने पीएम मोदी के गौरवमयी कार्यकाल में हुए देश के धार्मिक सांस्कृतिक पुनरोत्थान का जिक्र करते हुए कहा कि अब से पहले की विपक्षी सरकारों ने लगभग 6 दशक तक राम मंदिर निर्माण के प्रश्न को टालते रहे। लेकिन मोदी जी ने श्री राम जन्म भूमि मंदिर ही नहीं, काशी, श्री बद्रीनाथ, केदारनाथ, उज्जैन महाकाल, सोमनाथ आदि तमाम पावन स्थलों का विकास कर, सांस्कृतिक आस्था और राष्ट्रीय गौरव दोनों का सम्मान किया।

    उन्होंने पूर्व की सरकारों द्वारा स्थित राजनीति की मूल अवधारणा में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति तुष्टिकरण और वोट बैंक तक सीमित रही, जबकि मोदी सरकार की नीति तुष्टिकरण की नहीं संतुष्टीकरण की है।

    उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता का प्रमाण है कि दूसरी बार शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री का पहला हस्ताक्षर किसान सम्मान निधि की फाइल पर था। इसी तरह 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 4 करोड़ गरीबों को पक्के मकान और 11 करोड़ माताओं-बहनों को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला।

    जन-धन, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान ने गरीबों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया है।

    सीएम ने देश की सुरक्षा नीति में आए जमीन आसमान के फर्क को स्पष्ट करते हुए कहा कि ये नया भारत है जो आतंकवादी घटना पर केवल निंदा भर नहीं करता बल्कि आतंकवाद का जवाब घर में घुसकर देता है। ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक ने दुनिया को भारत की नई सुरक्षा कार्य संस्कृति से परिचय कराया है। एक दशक पहले जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी उस नक्सलवाद की समाप्ति करने में मोदी सरकार सफल हुई है।

    ऐसे तमाम प्रभावित क्षेत्रों में भय का वातावरण समाप्त हुआ है और विकास का दायरा बढ़ रहा है। जुड़ते भारत, बढ़ते भारत की परिकल्पना का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में देश में 11 किलोमीटर प्रतिदिन सड़क बनती थी, आज 34 किलोमीटर प्रतिदिन से अधिक सड़कें बन रही हैं।
    इसी तरह डीजल से चलने वाली ट्रेन नहीं बल्कि बिजली से हवा में बात करने वाली वंदे भारत ट्रेनें और अटल टनल, चेनाब ब्रिज और आधुनिक रेलवे स्टेशन नए भारत की पहचान बन गए हैं। आसमान की बात करें तो भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है।

    सीएम ने उत्तराखंड का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष स्नेह और मार्गदर्शन से राज्य में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाएं संचालित हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम पुनर्विकास ने देवभूमि को वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर स्थापित किया है।

    चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आया है। केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाएं तीर्थयात्रा को नई ऊंचाई देने जा रही हैं।

    वाइब्रेंट विलेज योजना से सीमांत गांवों में विकास की नई धारा पहुंची है।2.54 लाख रुपए से अधिक महिलाओं का लखपति दीदी बनना प्रदेश मे महिला सशक्तिकरण का प्रमाण है, जिसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को है। माणा गांव जिसे मोदी जी ने सकारात्मक सोच की दृष्टि से पहला गाँव बताया और विकास की धारा को सबसे पहले वहां पहुंचाने का निर्णय लिया। उसी का परिणाम है कि यह देश का पहला गांव आज शतप्रतिशत लखपत दीदी वाला बन गया है।

    इसी तरह वाइब्रेंट विलेज योजना से सीमावर्ती क्षेत्रों का तेज गति से विकास हो रहा है। कांग्रेस के समय सीमांत गांव खाली हो रहे थे, आज वाइब्रेंट विलेज योजना से वहां फिर से विकास और उम्मीद लौट रही है। इसी तरह पीएम के मार्गदर्शन में एसडीजी इंडेक्स और निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखंड का प्रथम स्थान डबल इंजन सरकार की सफलता का प्रमाण है।

    देश की तरह प्रदेश में भी जिन परियोजनाओं को कांग्रेस दशकों तक फाइलों में दबाकर बैठी रही, उन्हें मोदी और धामी की डबल इंजन सरकार ने धरातल पर उतारा। जिसका उदाहरण है जमरानी परियोजना, लखवाड़ व्यासी और किसाऊ परियोजना है।

    उन्होंने राहुल के हालिया दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के लिए उत्तराखंड चुनावी पर्यटन का विषय रहा, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपने आध्यात्मिक और भावनात्मक संबंधों से जोड़ा है।
    क्योंकि अल्मोड़ा में मौसम खराब था तो पैड़ी में तो साफ था और यदि पहाड़ में नहीं तो देहरादून के मैदानों में तो मौसम साफ था। जबकि वहां तो अगले दिन आना था, लेकिन युवराज का मूड खराब हो गया और वे वापिस लौट गए।

    उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस के 60 वर्षों में जो काम अधूरे रहे, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में गति, दिशा और परिणाम दिए हैं। आज देश और उत्तराखंड दोनों एक ही विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
    उन्होंने दोनों पार्टियों के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास विरासत में मिली राजनीति है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के पास जनता से मिला विश्वास है। यही विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का आधार बन रहा है। हम सभी उत्तराखंडवासियों के सामर्थ्य पर भरोसे से कह सकते है कि विकसित भारत निर्माण के लिए विकसित उत्तराखंड की दिशा में हम मजबूती से बढ़ रहे हैं।

    इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शल महेंद्र भट्ट ने अपने सम्बोधन में कहा कि हम सभी यहाँ एक ऐतिहासिक अवसर पर एकत्रित हुए हैं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकसित भारत के संकल्प के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं।
    यह केवल एक सरकार के 12 वर्ष नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास, वैश्विक प्रतिष्ठा और जन-जन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की गौरवशाली यात्रा के ये 12 वर्ष हैं। इन 12 वर्षों में भारत ने अनेकों क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ प्राप्त की हुई हैं। गरीब कल्याण से लेकर महिला सशक्तिकरण, किसानों के उत्थान से लेकर युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान करना, आधारभूत संरचना के विस्तार से लेकर डिजिटल क्रांति तक, हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। भारत आज विश्व मंच पर एक मजबूत, सक्षम और निर्णायक नेतृत्व वाले राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है।
    ​
    जहां तक सवाल है उत्तराखंड का तो हमारे लिए भी ये 12 वर्ष विशेष महत्व रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश विकास, निवेश, पर्यटन, कनेक्टिविटी, रोजगार और सांस्कृतिक गौरव के नए आयाम स्थापित कर रहा है। आज उत्तराखंड विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
    ​
    मीडिया संवाद के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड में हुए ऐतिहासिक कार्यों, जन-कल्याणकारी योजनाओं तथा विकसित भारत 2047 के विजन पर एक संक्षिप्त वृत्त चित्र प्रस्तुत किया गया।
    संवाद कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, अनिल गोयल, मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी एवं प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन मुख्य रूप से मौजूद रही।