Category: उत्तराखंड

  • कड़ा प्रशिक्षण पूरा, 15 आरक्षी बने पुलिस बल का हिस्सा

    कड़ा प्रशिक्षण पूरा, 15 आरक्षी बने पुलिस बल का हिस्सा

    फैज आलम सर्वांग सर्वोत्तम, अन्जुम निशा अंत:कक्ष प्रशिक्षण में अव्वल

    देहरादून। पुलिस लाइन में बुधवार को नौ माह का गहन प्रशिक्षण पूरा करने वाले 15 प्रशिक्षु आरक्षियों की पासिंग आउट सेरेमनी आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

    17 नवंबर 2025 से शुरू हुए प्रशिक्षण के दौरान आरक्षियों को अंत:कक्ष और बाह्य कक्ष दोनों स्तरों पर पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया गया। अंत:कक्ष में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, भारतीय संविधान, विविध अधिनियम, पुलिस एवं समाज, मानव व्यवहार एवं मनोविज्ञान, व्यक्तित्व विकास, अपराधशास्त्र, थाना अभिलेख, पुलिस संगठन-प्रशासन और पुलिस रेगुलेशन की जानकारी दी गई।

    बाह्य कक्ष प्रशिक्षण में पदादि प्रशिक्षण, शस्त्र प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, पीटी/पीई, योग और यूएसी का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को एसएसपी ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।

    अंत:कक्ष परीक्षा में महिला आरक्षी अन्जुम निशा प्रथम रहीं, जबकि बाह्य कक्ष परीक्षा में आरक्षी फैज आलम ने पहला स्थान हासिल किया। फैज आलम को पूरे प्रशिक्षण के दौरान सर्वांग सर्वोत्तम कैडेट चुना गया। वह प्रशिक्षण के दौरान परेड कमांडर भी रहे।

    एसएसपी ने सभी प्रशिक्षुओं को पुलिस सेवा में अपने दायित्वों का पूरी लगन और सत्यनिष्ठा से निर्वहन करने की सीख दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में क्षेत्राधिकारी लाइन, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन, आरटीसी स्टाफ, प्रशिक्षु आरक्षियों के परिजन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

  • हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ

    हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ

    पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् भारतीय ज्ञान परंपरा का बनेगा सशक्त केंद्र – सीएम

    हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पतंजलि वेलनेस योगग्राम, ग्राम औरंगाबाद, हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् के उद्घाटन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने गुरुकुलम् के शुभारंभ पर योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण तथा समस्त पतंजलि परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है। देवभूमि में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

    उन्होंने कहा कि भारत की गुरुकुल परंपरा हजारों वर्षों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार रही है। गुरुकुलों में विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी बोध कराया जाता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सा विद्या या विमुक्तये’ का भाव हमारी प्राचीन शिक्षा परंपरा का आधार रहा है। सच्ची शिक्षा वही है, जो मनुष्य को अज्ञान, भय और संकीर्णता से मुक्त कर उसके व्यक्तित्व का समग्र विकास करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। यहां आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का समन्वय विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में तेजी से बदलती दुनिया में गुरुकुल शिक्षा की प्रासंगिकता और बढ़ी है। आधुनिक ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और संतुलित जीवन शैली की शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग, आयुर्वेद, शिक्षा, अनुसंधान और जन-स्वास्थ्य के क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया है। स्वामी रामदेव ने योग को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि आचार्य बालकृष्ण द्वारा आयुर्वेद के अध्ययन, शोध और प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कौशल, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष बल दिया गया है। उत्तराखण्ड भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे की विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। अपनी जड़ों और विरासत से जुड़कर आधुनिक ज्ञान को अपनाने वाली युवा पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का अधिक आत्मविश्वास से सामना कर सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और संस्कृति के अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध विरासत को जाने, समझे और उसे विश्व के समक्ष आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विज्ञान, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में साइंस एवं इनोवेशन सेंटर सहित वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। राज्य में स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर मिले हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को पर्यटन के साथ-साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् जैसे शिक्षण संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण सहयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् आने वाले समय में उत्तराखण्ड और देश के साथ विश्वभर के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, विज्ञान, योग और आयुर्वेद के अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ज्ञान, संस्कार और सेवा की भावना के साथ समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    इस दौरान कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक ज्वालापुर ई.रवि बहादुर, पूर्व कैबिनेट स्वामी यतिस्वारानंद, गोल्डन बाबा, स्वामी भू देव, जिलाध्यक्ष भाजपा आसुतोष शर्मा, जिला अध्यक्ष भाजपा रुड़की डॉ मधु सिंह, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, राज्य मंत्री आदेश सैनी, श्यामवीर सैनी, अजीत सिंह, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल, वरिष्ठ कार्यकर्ता भाजपा राजेंद्र चौधरी, लव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र, एसपी ट्रैफिक निशा यादव, जॉइन मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, सिटी मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरी, उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा सहित बड़ी संख्या संस्थान के छात्र-छात्राएं एवं जनप्रतिनिधि में मौजूद रहे।

  • राम माधव को मिली उत्तराखण्ड भाजपा प्रभारी की जिम्मेदारी

    राम माधव को मिली उत्तराखण्ड भाजपा प्रभारी की जिम्मेदारी

    अरविंद व बांसुरी को सह प्रभारी की जिम्मेदारी

    देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखण्ड को नया प्रभारी व सह प्रभारी दे दिया है। दुष्यंत गौतम व सह प्रभारी रेखा वर्मा की छुट्टी कर दी गयी है।
    ताजा सूची के मुताबिक राम माधव को प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। अरविंद मेनन व बांसुरी स्वराज को सह प्रभारी बनाया गया है।
    अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी और दुष्यन्त गौतम को लेकर राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ा हुआ था।

    उर्मिला सनावर व भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की मोबाइल वार्ता के बाद गौतम व संगठन महामंत्री अजेय कुमार का नाम खूब उछाला गया।
    कांग्रेस समेत अन्य संगठन भी विरोध में उतरे हुए थे। हाल ही में नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे में दुष्यंत गौतम की मौजूदगी को विपक्ष ने प्रमुख मुद्दा बनाया हुआ था।

    विधानसभा 2027 के चुनावों को देखते हुए संघ पृष्ठभूमि के राम माधव की ताजपोशी को भाजपा के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
    अरविंद मेनन व बांसुरी स्वराज की नियुक्ति भी भाजपा में उत्साह पैदा करने वाली बताई जा रही है।
    भाजपा नेतृत्व ने कई राज्यों के प्रभारी व सह प्रभारी की घोषणा की है।

  • 12 करोड़ के ठेकों पर भाजपा में अंदरूनी खींचतान

    12 करोड़ के ठेकों पर भाजपा में अंदरूनी खींचतान

    निदेशक टोलिया ने कहा, धनराशि जारी न करें

    भाजपा नेत्री मधु चौहान ने कांग्रेसियों को ठेके देने पर किया था प्रदर्शन

    मंत्री आवास पर धरना और जॉइनिंग रुकने से बढ़ी अंदरूनी खटास

    देहरादून। ये नये मिजाज की भाजपा है जनाब ।भाजपा के तेज तर्रार विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पत्नी मधु चौहान (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ) व दायित्वधारी गीताराम गौड़ के  कैबिनेट मंत्री खजान दास के आवास पर समर्थकों सहित धरने के मसले ने नया मोड़ ले लिया है।
    इसी बीच, 21 सितंबर  को जनजाति कल्याण निदेशक संजय टोलिया ने अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए पहले अवमुक्त 12 करोड़ की धनराशि को कार्यदायी संस्था/क्रियान्वयन एजेंसी को अग्रेतर अवमुक्त या वितरित नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

    निदेशक ने जिला समाज कल्याण अधिकारियों देहरादून, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ को धनराशि जारी नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

    गौरतलब है कि मधु चौहान व गीता राम गौड़ ने 12 करोड़ के ठेके कांग्रेसियों को दिए जाने को लेकर बवाल मचाया था। यही नहीं ,समाज कल्याण विभाग में 15 से 200 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगा कर सनसनी मचा दी थी।
    मधु चौहान ने तल्ख तेवर व व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था कि भाजपा थाली हमसे बजवाती है….दीये हमसे जलवाती है। और ठेके कांग्रेसियों को दिए जा रहे हैं। चुनावी साल में भी भाजपा से जुड़े लोगों को ठेके नहीं मिले।

    भाजपा के अंदर उठे इस बवाल के बाद समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा था कि कमीशन लेने के आरोप साबित होने पर वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे। और आत्महत्या भी कर लेंगे।
    इस घटना के ठीक अगले दिन 21 सितम्बर को मधु चौहान और गीताराम गौड़ने चकराता के दो दर्जन परिवारों को भाजपा में शामिल करने के लिए प्रदेश मुख्यालय में एक आयोजन तय किया। लेकिन मंत्री खजान दास के विरोध के कारण भाजपा में शामिल होने का कार्यक्रम टल गया।

    गीता राम गौड़ ने कहा कि मंत्री की नाराजगी के चलते जॉइनिंग नहीं हो सकी और नेताओं ने मंत्री से माफी भी मांगी है। मधु चौहान ने इसे पार्टी परिवार का मामला बताते हुए बातचीत से समाधान की बात कही। वहीं भाजपा की ओर से कहा गया कि प्रदेश अध्यक्ष की व्यस्तता के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और बाद में निर्धारित प्रक्रिया के तहत जॉइनिंग कराई जाएगी। बाद में ये सभी लोग सीएम धामी से भी मिले।

    पत्र ने बढ़ाई चिंता

    इसी बीच 21 सितंबर 2026 को निदेशालय जनजाति कल्याण, उत्तराखंड की ओर से जिला समाज कल्याण अधिकारियों देहरादून, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ को भेजे गए पत्र ने मामले को नया संदर्भ दिया है। पत्र में अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए पहले अवमुक्त धनराशि को कार्यदायी संस्था/क्रियान्वयन एजेंसी को अग्रेतर अवमुक्त या वितरित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
    पत्र के अनुसार 16 सितंबर को देहरादून के लिए 11 करोड़ 42 लाख 61 हजार रुपये, ऊधमसिंह नगर के लिए 26 लाख 29 हजार रुपये और पिथौरागढ़ के लिए 23 लाख 68 हजार रुपये अवमुक्त किए गए थे। तीनों जिलों की कुल राशि करीब 11 करोड़ 92 लाख 58 हजार रुपये बैठती है। निदेशालय ने अग्रिम आदेश तक इस धनराशि को आगे जारी नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

    धरने में लगे गंभीर आरोप

    20 सितंबर को मंत्री खजान दास के यमुना कॉलोनी स्थित आवास के बाहर हुए धरने में मधु चौहान, गीता राम गौड़, मूरत राम शर्मा, प्रताप राव, कमलेश भट्ट समेत भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चकराता में एससीपी-टीएसपी की योजनाओं में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों की अनदेखी कर कांग्रेस से जुड़े लोगों को काम दिए जा रहे हैं।

    धरने से जुड़े बयानों में 15 से 20 प्रतिशत कमीशन लेकर योजनाएं मंजूर कराने और करीब 80 प्रतिशत काम विपक्षी/कांग्रेस से जुड़े लोगों को दिए जाने के आरोप भी सामने आए। ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं।  मंत्री खजान दास ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि योजनाओं का बजट बिना भेदभाव देने का प्रयास किया गया है।

    इस पूरे प्रकरण में कमीशनखोरी के आरोपों की स्वतंत्र जांच/पुष्टि नहीं हुई है। जबकि निदेशक संजय टोलिया  ने अवमुक्त धनराशि के आगे वितरण पर रोक लगा दी है। उधर,कमीशनखोरीव ठेके आवंटन पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है।

    सेवा में,
    जिला समाज कल्याण अधिकारी,
    देहरादून/ऊधम सिंह नगर/पिथौरागढ़।

    विषय- अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास योजनान्तर्गत अवमुक्त बजट धनराशि को कार्यदायी संस्था/क्रियान्वयन एजेंसी को अग्रेतर अवमुक्त न किए जाने के सम्बन्ध में।

    महोदय,
    कृपया उपर्युक्त विषयक अवगत कराना है कि निदेशालय पत्र संख्या-सी3454 दिनांक-16.09.2026 द्वारा जनपद देहरादून को रु. 11,42,61,000.00, पत्र संख्या-सी3455 दिनांक-16.09.2026 द्वारा जनपद ऊधम सिंह नगर को रु. 26,29,000.00 एवं पत्र संख्या-सी3456 दिनांक-16.09.2026 द्वारा जनपद पिथौरागढ़ को रु. 23,68,000.00 की धनराशि अनुदान संख्या-31 के लेखाशीर्षक 4225-02-800-03-00 अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास योजना की मानक 53-वृहद निर्माण अन्तर्गत अवमुक्त की गई थी।
    अतः उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों के क्रम में आपको आदेशित किया जाता है कि उपरोक्तानुसार अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास योजनान्तर्गत अवमुक्त धनराशि को अग्रिम आदेशों तक अग्रेतर अवमुक्त/वितरित न किया जाए।
    (एस.एस.टोलिया)
    निदेशक

  • उत्तराखण्ड के छोटे-बड़े शहरों का मास्टर प्लान जल्द होगा तैयार

    उत्तराखण्ड के छोटे-बड़े शहरों का मास्टर प्लान जल्द होगा तैयार

    देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, नैनीताल समेत सात शहर अमृत-1 में

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के सुनियोजित विकास के लिए तैयार की जा रहीं महायोजनाएं जल्द ही धरातल पर उतरेंगी। ख्यातिलब्ध विशेषज्ञ संस्थानों की मदद से विभाग इसको अंतिम रूप देने में जुटा है। कुल 98 महायोजनाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें अमृत-1 के अंतर्गत 07 और अमृत-2 में 23 महायोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत 7 क्लस्टरों में 65 नगर निकायों और मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत तीन महायोजनाएं तैयार की जा रही हैं। दीर्घकालीन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी महायोजनाएं वर्ष 2041 और 2045 के लक्ष्य को सामने रखते हुए तैयार की जा रही हैं।

    अमृत-1 में चयनित शहर
    देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, रुद्रपुर, काशीपुर, नैनीताल और हल्द्वानी।

    अमृत-2 में चयनित शहर
    पौड़ी जनपद में कोटद्वार, श्रीनगर, पौड़ी, ऊधमसिह नगर जनपद में जसपुर, नगला, खटीमा, किच्छा, बाजपुर, सितारगंज, गदरपुर, नैनीताल जनपद में रामनगर, हरिद्वार जनपद में मंगलौर, लक्सर, चंपावत में टनकपुर, चमोली में गोपेश्वर, देहरादून में ऋषिकेश, डोईवाला, विकासनगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी एवं टिहरी।

    जीआईएस आधारित मास्टर प्लान वाला उत्तराखंड पहला राज्य

    उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां द्वितीय और तृतीय श्रेणी के निकायों के लिए भी जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इससे बेहतर भूमि उपयोग, अवैध निर्माण पर नियंत्रण, बेहतर यातायात प्रबंधन, ड्रेनेज योजना और आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी।

    प्रमुख विशेषताएं

    नए महायोजनाओं की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता GIS आधारित प्लानिंग है। इसके माध्यम से शहरों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों का तकनीकी एवं समग्र आकलन करते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की योजना तैयार की जा रही है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में सुनियोजित एवं क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप विकास, पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसरों का सृजन, भौतिक एवं सामाजिक अवस्थापना सुविधाओं का प्रावधान तथा पर्यावरण का संरक्षण इसका उद्देश्य हैं।

    नियोजित विकास पर फोकस:डॉ राजेश

    प्रदेश के आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप महायोजनाओं में भविष्य की सभी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नियोजित विकास पर फोकस किया गया है। महायोजना से सभी संबंधित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा।

    देश के प्रतिष्ठित संस्थानों की है भागीदारी

    महायोजनाएं तैयार करने में प्रदेश सरकार देश के विशेषज्ञ संस्थानों की मदद ले रही है। इनमें स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) नई दिल्ली,एसपीए भोपाल, एनआईटी कालीकट, एनआईटी सूरत और एमएनआईटी जयपुर प्रमुख हैं।

    प्रदेश के सुनियोजित और दीर्घकालीन शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए मास्टर प्लान बनाए जा रहे हैं। यह महायोजनाएं जहाँ ट्रैफिक जाम, अवैध निर्माण और अव्यवस्थित शहरीकरण से निपटने में सहायक बनेंगी, वहीं आम जनता को बेहतर सड़कें और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
    पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

  • नीट-यूजी में फर्जीवाड़ा, 45 लाख में एमबीबीएस सीट का सौदा; दो गिरफ्तार

    नीट-यूजी में फर्जीवाड़ा, 45 लाख में एमबीबीएस सीट का सौदा; दो गिरफ्तार

    स्वतंत्रता सेनानी कोटे के फर्जी प्रमाणपत्र से तीन दाखिले

    20-20 लाख रुपये लिए एडवांस

    देहरादून। नीट यूजी-2025 में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे से एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के मामले में एसआईटी ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में तीन अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रमाणपत्र बनवाने और उनके आधार पर अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में दाखिला कराने का मामला सामने आया है।

    पुलिस के अनुसार, प्रत्येक दाखिले के लिए 45 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था और परिजनों से 20-20 लाख रुपये एडवांस लिए गए थे।
    13 सितंबर को थाना रायपुर और क्लेमेंटाउन में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने की शिकायत मिली थी। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर दोनों थानों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए।
    मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। एसआईटी ने संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के साथ शिक्षण संस्थानों से भी रिकॉर्ड जुटाए। जांच में दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए गए। शिक्षण संस्थानों से मिले रिकॉर्ड के आधार पर अभ्यर्थियों के वास्तविक पतों की जानकारी हासिल की गई।

    कंसल्टेंसी के जरिए दाखिले का खेल
    जांच में सामने आया कि गिरफ्तार रूपेश पंडित पिछले करीब पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था। मेरठ में वह ‘मिकोडो (MECODO) पाठशाला’ नाम से कंपनी संचालित करता था। पुलिस के मुताबिक, कंपनी के माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीकॉम समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में कमीशन के आधार पर दाखिले कराए जाते थे।
    पुलिस के अनुसार, अरविन्द कुमार रूपेश का पुराना परिचित है। अपनी बेटी के एमबीबीएस दाखिले के लिए उसने रूपेश से संपर्क किया था। इसके साथ ही दो परिचितों के बच्चों के दाखिले की बात भी हुई। आरोप है कि रूपेश और उसके साथियों ने तीनों अभ्यर्थियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से दाखिला दिलाने का भरोसा दिया। इसके एवज में प्रत्येक दाखिले के लिए 45 लाख रुपये तय किए गए। तीनों अभ्यर्थियों के परिजनों से 20-20 लाख रुपये एडवांस लिए गए और शेष रकम दाखिले तथा कक्षाएं शुरू होने के बाद देने की बात तय हुई।

    फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर दाखिला
    एसआईटी के मुताबिक, रूपेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर तीनों अभ्यर्थियों के कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए और उनके आधार पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाए। इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर तीनों अभ्यर्थियों ने अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में दाखिला लिया।

    साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने रूपेश पंडित और अरविन्द कुमार को पूछताछ के लिए थाना रायपुर बुलाया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसआईटी मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका, दस्तावेज तैयार करने की पूरी प्रक्रिया और दाखिले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    गिरफ्तार आरोपित

    रूपेश पंडित, निवासी पूर्णिया, बिहार, हाल निवासी ब्रह्मपुरी, मेरठ।
    अरविन्द कुमार, निवासी बहादरपुर खादर, थाना लक्सर, हरिद्वार।

  • अंबेडकर-बडोनी को नमन कर हरदा ने भाजपा पर साधा निशाना

    अंबेडकर-बडोनी को नमन कर हरदा ने भाजपा पर साधा निशाना

    जनता से मिल रहे बदलाव के साफ संकेत-हरीश रावत

    चार सिद्धपीठों के बाद संविधान और राज्य आंदोलन के प्रतीकों को किया नमन

    देहरादून। स्वास्थ्य कारणों से लंबे समय तक राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की देहरादून वापसी के बाद सियासी सक्रियता लगातार बढ़ रही है।

    सोमवार को चार सिद्धपीठों के दर्शन के बाद मंगलवार को हरदा ने घंटाघर पहुंचकर डॉ. भीमराव अंबेडकर और उत्तराखंड आंदोलन के प्रमुख नेता इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
    इस दौरान रावत ने भाजपा पर संविधान, महंगाई, बेरोजगारी और धर्म की राजनीति को लेकर निशाना साधा और कार्यकर्ताओं से आगामी चुनाव के लिए जुटने का आह्वान किया।

    दोपहर करीब 12:30 बजे घंटाघर पहुंचे रावत ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और संविधान की रक्षा का संकल्प लिया।
    उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का संविधान, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश देश का मार्गदर्शन करता रहेगा। रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान हटाकर धर्म की राजनीति को आगे बढ़ा रही है।
    उन्होंने कहा कि समाज में आपसी प्रेम और भाईचारा भारत की पहचान रहा है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है।

    रावत ने 2024 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने कई क्षेत्रों में भाजपा को जवाब दिया है।
    इसके बाद करीब एक बजे रावत ने इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि बडोनी को उत्तराखंड का गांधी कहा जाता है और राज्य आंदोलन में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

    चार सिद्धपीठों में दर्शन, कांग्रेस की वापसी का संकल्प

    इससे पहले दिल्ली से आने के बाद सोमवार को रावत ने देहरादून के कालू सिद्ध, लक्ष्मण सिद्ध, माणक सिद्ध और मांडू सिद्ध में पूजा-अर्चना की थी। उनके साथ पूर्व मंत्री गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक हरीश धामी, मनोज तिवारी समेत पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। रावत ने इन धार्मिक स्थलों पर प्रदेश की सुख-समृद्धि और कांग्रेस की राजनीतिक वापसी का संकल्प व्यक्त किया।

    रावत ने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से वह लंबे समय तक राजनीतिक कार्यक्रमों से दूर रहे, लेकिन अब वह कार्यकर्ताओं के बीच लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने की जिम्मेदारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उठानी होगी। महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवा निराश हैं और जनता गंभीर समस्याओं से जूझ रही है।

    चंदन जीना प्रकरण से गरमाया सियासी माहौल

    हरीश रावत की सक्रियता ऐसे समय बढ़ी है, जब उनके पूर्व OSD और वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में बहस तेज है।
    10 सितंबर को ईडी ने वीपीडीओ परीक्षा-2016 में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जीना के आवास समेत कई स्थानों पर तलाशी ली थी। ईडी की कार्रवाई में लाखों की नकदी, सोना और महंगी घड़ियां बरामद किए जाने की बात सामने आई है।
    कार्रवाई के बाद रावत ने अपने राजनीतिक कार्यकाल की जांच कराने की खुली चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि उनके कार्यकाल को लेकर सवाल हैं तो आयोग गठित कर पूरे कार्यकाल की जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार के दौरान हुई भर्तियों में पद के दुरुपयोग की गुंजाइश नहीं थी।

    ईडी कार्रवाई और रावत की ओर से कांग्रेस के पदों से इस्तीफे की पेशकश के बाद प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में भी हलचल रही है। हालांकि, सोमवार को चार सिद्धपीठों की यात्रा और मंगलवार को अंबेडकर-बडोनी को नमन के कार्यक्रमों के जरिये रावत ने कार्यकर्ताओं के बीच अपनी सक्रियता का संदेश दिया। सोमवार को उन्होंने कहा था कि चुनाव से पहले ईडी और सीबीआई की कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं और वह फिलहाल पार्टी के एक सिपाही हैं।

    यहां यह भी उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव की कमान संभाले कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने हरीश रावत के हालिया दौरे से दूरी बनाई हुई है। हरदा के कई पुराने साथी अवश्य नजर आ रहे हैं।

    सहसपुर से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके आर्येन्द्र शर्मा की हरीश रावत के साथ मौजूदगी नये राजनीतिक संकेत दे रही है।
    सहसपुर से हरक सिंह रावत ने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। ऐसे में पूर्व सीएम एनडी तिवारी के ओएसडी रहे आर्येन्द्र शर्मा ने हरदा को पकड़ कर हरक को भी अपना सन्देश पहुंचा दिया।
    बहरहाल, पूर्व सीएम हरीश रावत की इस सक्रियता ने चुनावी तैयारियों और रणनीति पर अतिरिक्त गर्मी तो पैदा कर ही दी है।

  • आठवीं अनुसूची में शामिल हों गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी

    आठवीं अनुसूची में शामिल हों गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी

    देहरादून। उत्तराखंड लोक भाषा मंच दिल्ली के संयोजक दिनेश ध्यानी ने प्रदेश के भाषा मंत्री खजान दास को ज्ञापन सौंप कर राज्य में गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाओं को मान्यता दिए जाने की पुरजोर मांग की है।

    भाषा मंत्री को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड की तीनों प्रमुख भाषाएं आठ सौ वर्ष से अधिक पुरानी हैं और इनमें हर विधा में साहित्य सृजन हो रहा है, यही नहीं रियासत काल में ये राज काज की भाषाएं रही हैं किंतु पृथक राज्य बनने के बाद भी इन भाषाओं को यथोचित सम्मान नहीं मिल पाया।

    ध्यानी ने ज्ञापन में मांग की है कि उत्तराखंड सरकार दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए विधानसभा के आगामी सत्र में प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार से मांग करे कि गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए और प्रदेश में अलग से गढ़वाली कुमाऊंनी जौनसारी भाषा अकादमी गठित की जाए।

    ध्यानी ने आग्रह किया है कि उत्तराखंड सरकार संविधान के अनुच्छेद 345 के तहत प्रदेश में गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी को अपने स्तर से मान्यता प्रदान करे। इस अनुच्छेद में प्रावधान है कि अगर कोई भाषा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं भी है तो राज्य सरकार अपने स्तर से उसे मान्यता प्रदान कर सकती है। ध्यानी के साथ ज्ञापन देने वालों में गढ़वाली भाषा के अध्येता आशीष सुंदरियाल तथा अन्य लोग शामिल थे। ध्यानी ने बताया कि भाषा मंत्री खजान दास ने उनकी मांग पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है।

  • सतपाल महाराज का व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत: सीएम

    सतपाल महाराज का व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत: सीएम

    आत्म-ज्ञान का प्रकाश फैलाया रहे हैं महाराज: राज्यपाल

    हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं सुविख्यात आध्यात्मिक गुरु और समाजसेवी सतपाल महाराज के 75वें पावन जन्मोत्सव के अवसर पर मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में ऋषिकुल मैदान, हरिद्वार में दो दिवसीय भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समारोह के तहत सोमवार को उन्हें शुभकामना देने पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सतपाल महाराज देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं।

    उनका व्यक्तित्व हम सबके लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि श्री महाराज केवल राजनेता ही नहीं, बल्कि एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु भी हैं। बचपन से ही पिता श्री हंस जी महाराज से ज्ञान प्राप्त कर उन्होंने मानव धर्म के प्रचार-प्रसार को अपना मिशन बनाया। देश-विदेश में उनके आध्यात्मिक प्रवचन होते हैं।

    उनका मूल संदेश आत्म-ज्ञान, मानव सेवा और सर्वधर्म समभाव है। इसी कारण लाखों अनुयायी उन्हें गुरु के रूप में पूजते हैं। 2017 और 2022 में उन्होंने उत्तराखण्ड के चौबट्टाखाल विधानसभा से भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की और सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। बतौर PWD और पर्यटन मंत्री उनका फोकस हमेशा उत्तराखंड के चौमुखी विकास पर रहा है।

    इस अवसर पर समारोह में पहुंचे प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने सतपाल महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड के सबसे वरिष्ठतम कैबिनेट मंत्री एवं आध्यात्मिक गुरू सतपाल महाराज का व्यक्तित्व हम सबके लिए प्रेरणादायक है।
    एक ओर उन्होंने मानव उत्थान सेवा समिति के माध्यम से देश-विदेश में मानव धर्म, सद्भावना और आत्म-ज्ञान का प्रकाश फैलाया है, तो दूसरी ओर एक कुशल प्रशासक और जनप्रतिनिधि के रूप में आपने उत्तराखंड के विकास में अमूल्य योगदान दिया है।
    उनके नेतृत्व में चारधाम यात्रा का सुव्यवस्थीकरण, राज्य में पर्यटन अवसंरचना का विस्तार और हमारी देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हो रहा है। उन्होंने विकास को आध्यात्मिकता से जोड़ा है।

    प्रदेश के केबिनेट मंत्री व आध्यात्मिक गुरु सतपाल ऋषिकुल मैदान में अपार जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी को सत्संग का पूरा लाभ उठाना चाहिए और महापुरुषों का दर्शन व सत्संग मानव को बड़े भाग्य से प्राप्त होता है। समय का कालचक्र बड़ा ही खराब चल रहा है।इसलिए संत महापुरुषों की वाणियों पर अमल करना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि अपने मन में हर व्यक्ति को सदा सकारात्मक विचारों को ही रखना चाहिए।विनाशकारी सोच मानव को अधोगति में ले जाती है। इसलिए हर काम को करते समय परमपिता परमात्मा के पावन नाम का सुमिरन करना चाहिए जिससे यह मानव शरीर सार्थक व सफल हो। परमात्मा का नाम ही हमें मुक्ति के मार्ग पर ले जाएगा।

    कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री माता अमृता ने अपने संबोधन में कहा कि समारोह के पहले दिन श्री महाराज के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति देखकर उपस्थित सभी लोगों को जानकारी हुई कि महाराज जी ने अपने जीवन में मानव कल्याण के लिए कितना संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज जी का जीवन संघर्षों से भरा पड़ा है। हम सभी को उनसे प्रेरणा लेकर उनकी आज्ञा में चलना चाहिए।

    श्री महाराज जी के जन्मोत्सव पर पूजन का कार्यक्रम हुआ। पूजन के पश्चात माता श्री अमृता जी, श्रद्धेय, आराध्या, सुयश, मोहिना सहित सभी संत महात्मा व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मंच का संचालन डॉ.संतोष यादव ने किया।

    कार्यक्रम के दौरान चौबट्टाखाल विधायक और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत स्थित विभिन्न मंदिरों सहित विद्यालयों के स्थलीय विकास के साथ साथ राजकीय डिग्री कॉलेज वेदीवाल में स्नातक स्तर पर विज्ञान वर्ग में भौतिक विज्ञान व गणित विषयों के पद सृजित किये जाने का अनुरोध किया।

  • होटलों में मंथन से निकलेगा पहाड़ के विकास का रास्ता

    होटलों में मंथन से निकलेगा पहाड़ के विकास का रास्ता

    अधिकारियों के रात्रि प्रवास का इंतजार कर रहे ग्रामीण !

    दून में ‘विकसित उत्तराखण्ड 2047′  पर मंथन से निकलेगा विकास का अमृत !

    विकास की दीर्घकालिक रणनीति,
    कनेक्टिविटी से स्टार्टअप तक, विकसित उत्तराखण्ड@2047 के रोडमैप पर जुटेंगे विशेषज्ञ

    देहरादून। अस्थायी राजधानी के एक होटल में एक बार फिर उत्तराखण्ड के समग्र विकास को लेकर चिंता व्यक्त की जाएगी। कई अधिकारी विभिन्न मुद्दों पर अपनी अपनी बात रखेंगे। प्रदेश के गांवों और कस्बों को सरसब्ज बनाने की कार्ययोजना पर एक बार फिर आलाधिकारी देहरादून में सिर जोड़कर बैठेंगे।
    उत्तराखण्ड को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य के रूप में तैयार करने की दिशा में मंगलवार को देहरादून में एक दिवसीय ‘उत्तराखण्ड डेवलपमेंट कॉन्क्लेव-संकल्प विकसित उत्तराखण्ड@2047’ का आयोजन किया जाएगा।

    नियोजन विभाग की ओर से आयोजित कॉन्क्लेव में राज्य के दीर्घकालिक विकास, आर्थिक वृद्धि, पर्यावरणीय चुनौतियों और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को लेकर विशेषज्ञों के साथ मंथन होगा।
    चकराता रोड स्थित होटल में सुबह 9:30 बजे से शुरू होने वाले कॉन्क्लेव में तीन प्रमुख सत्र रखे गए हैं।
    पहले सत्र का विषय ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर विकसित उत्तराखण्ड@2047- कनेक्टिविटी, रेजिलिएंस एंड इकोनॉमिक ग्रोथ’ है।

    इसमें राज्य की कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आपदाओं के प्रति लचीलापन बढ़ाने और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

    दूसरे सत्र में ‘क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर एंड एलाइड सेक्टर्स फॉर हाई-वैल्यू, मार्केट-लेड ग्रोथ’ विषय पर मंथन होगा। इसमें जलवायु अनुकूल कृषि, संबद्ध क्षेत्रों, उच्च मूल्य वाली गतिविधियों और बाजार आधारित विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

    तीसरा सत्र ‘फ्यूचर-रेडी उत्तराखण्ड: स्टार्टअप्स, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड स्किल्स’ पर केंद्रित रहेगा।
    इसमें स्टार्टअप, नवाचार, तकनीक और कौशल विकास के जरिए युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप राज्य की अर्थव्यवस्था तैयार करने पर चर्चा होगी।

    कॉन्क्लेव के विभिन्न सत्रों में पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नीति आयोग, पूर्व मुख्य सचिव, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी तथा शोध एवं शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के भाग लेने का प्रस्ताव है। संबंधित विषयों के विशेषज्ञ पैनल चर्चा और परिचर्चा के माध्यम से अपने विचार रखेंगे।
    नियोजन विभाग की ओर से सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों और निदेशकों को कॉन्क्लेव में प्रतिभाग करने का अनुरोध किया गया है।
    ‘संकल्प विकसित उत्तराखण्ड@2047’ के तहत आयोजित यह कॉन्क्लेव राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए प्राथमिकताओं और संभावित रणनीतियों पर विमर्श का मंच बनेगा।
    प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम की ओर से विभागों को इस आशय का पत्र भी भेजा गया है।
    इस मंथन में पूर्व रक्षा सचिव योगेंद्र नारायण ऑनलाइन जुड़ेंगे। इसके अलावा मुख्य सचिव आंनद बर्धन व शासन से जुड़े वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखेंगे।

    पहाड़ी क्षेत्रों में कब जुटेंगे योजनाकार  ?

    गौरतलब है कि राज्य गठन के बाद पर्वतीय राज्य के गांवों का विकास मुख्य मुद्दा रहा है। राज्य के स्कूलों, अस्पताल  समेत अन्य समस्याओं पर आज भी सवालिया निशान खड़े हैं। कमोबेश हर सीएम ने अपने एजेंडे में गांवों के विकास को प्राथमिकता दी है। यही नहीं, अधिकारियों के गांवों में रात्रि विश्राम का कैलेंडर भी जारी किया गया था।

    सीएम धामी समेत कुछ अधिकारियों ने रात्रि प्रवास को अमलीजामा भी पहनाया। लेकिन लम्बे समय से किसी अधिकारी के रात्रि प्रवास के दौरान ग्रामीणों के दुख दर्द जानने की कोई विशेष खबर सामने नहीं आयी।

    पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए बड़े होटलों में सरकारी समारोह व आयोजनों में ब्रेक लगाया था। लेकिन यह संकल्प भी उनके समय पर ही टूट गया था। और आज सरकारी आयोजन बड़े बड़े होटलों में ही किये जा रहे है।

    ऐसे कई शासकीय मंथन पूर्व में भी होते रहे हैं। उन हाई प्रोफाइल कार्यक्रमों की संस्तुतियों व रिपोर्ट्स पर कितना अमल हो पाया। यह भी कोई नहीं जान पाया।
    देहरादून के बजाय यही कॉन्क्लेव पंतनगर विवि, भरसार विवि, रानीचौरी विवि, कुमाऊं व गढ़वाल विवि के परिसर में चरणबद्ध व क्रमबद्ध तरीके से आयोजित किये जाने चाहिए।

    स्थानीय ग्रामीणों के अनुभवों को कॉन्क्लेव का हिस्सा बनाने पर  विकसित होने वाले उत्तराखण्ड की जमीनी सच्चाई भी सामने आएगी।
    ग्रामीण अर्थव्यवस्था व गांवों में अपनी मेहनत से सक्सेस स्टोरी लिखने वाले गुमनाम लोगों को चिन्हित कर उनकी कार्ययोजना को अगर सिस्टम अपना ले तो उत्तराखंड 2047 से दस साल पहले 2037 में ही विकसित राज्य का दर्जा हासिल कर लेगा।