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  • दून के प्रसिद्ध उद्योगपति सुधीर विंडलास को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

    दून के प्रसिद्ध उद्योगपति सुधीर विंडलास को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

    विंडलास के मैनेजर सहित तीन अन्य भी सीबीआई की हिरासत में

    जमीन कब्जाने के मामले में बीते साल शासन ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी

     

    देहरादून। शहर के चर्चित उद्योगपति व रियल स्टेट के कारोबारी सुधीर विंडलास को सीबीआई ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।

    विंडलास के साथ उनके परचेज मैनेजर रवि दयाल व प्रशांत समेत तीन अन्य को भी हिरासत में लेने की खबर है। विंडलास की गिरफ्तारी को लेकर रियल स्टेट सेक्टर में हलचल मच गई।

    गौरतलब है कि लगभग पांच साल पहले विंडलास पर धोखाधड़ी से जमीन कब्जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। एसआईटी जांच भी हुई थी लेकिन विंडलास के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    अक्टूबर 2022 में शासन ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। और 18 जनवरी 2023 को सीबीआई ने विंडलास के प्रतिष्ठानों में छापे भी मारे थे।

    दून के प्रसिद्ध उद्योगपति विंडलास कई साल से हॉलीवुड व बॉलीवुड फिल्मों में प्रयोग होने वाले पारंपरिक हथियारों का निर्माण भी करते रहे हैं। इधर, लम्बे समय से रियल स्टेट व जमीनों के धंधे से भी जुड़े हुए थे। कुछ साल पहले जमीन कब्जाने केआरोप में काफी विवादित भो हो गए थे।

    पढ़िए, उद्योगपति सुधीर विंडलास के खिलाफ मुकदमे दर्ज व सीबीआई जांच की सिफारिश से जुड़ी खबरें

    10 अक्टूबर 2022 को शासन ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी

    देहरादून। उत्तराखंड शासन ने स्थानीय बिल्डर व भू माफिया सुधीर कुमार विंडलास व मैनेजर प्रशांत के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की है।

    इस बाबत अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने केन्द्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को शासन की सीबीआई जांच सम्बन्धी संस्तुति से से अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।

    अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के केंद्र को भेजे संस्तुति पत्र में कहा गया है कि माफिया सुधीर कुमार विण्डलास व उसके मैनेजर प्रशान्त आदि द्वारा फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार करके ग्राम जौहड़ी गांव में भूमि पर कब्जा करने के सम्बन्ध में जनपद देहरादून के थाना राजपुर में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।cbi inquiry

    गौरतलब है कि बिल्डर सुधीर विंडलास के दून में रियल स्टेट के कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी विंडलास के प्रकरण में तीखी टिप्पणी की है।

    सीबीआई जांच की सिफारिश की थी शासन ने

    प्रेषक, संख्या-155/XX – 4 – 2022-13 (03) 2022, राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव,उत्तराखण्ड शासन।

    सेवा में,

    सचिव, कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग). भारत सरकार, नार्थ ब्लॉक, नई दिल्ली।

    गृह अनुभाग-04,

    देहरादून दिनांक: 30 सितम्बर, 2022

    विषय- जनपद देहरादून के थाना राजपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0-13 / 2018, धारा 420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि मु0अ0सं0-13/ 2022 धारा 420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि मु0अ0सं0-15/2022 धारा-420 भादंवि तथा मु0अ0सं0-31 / 2022, धारा 420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि की विवेचना सी०बी०आई० से कराये जाने के सम्बन्ध में।

    महोदय,

    कृपया अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड के संलग्न पत्र संख्या- डीजी- अपD-188 (31) / 2022, दिनांक 02.09.2022 का संलग्नकों सहित संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें।

    02 अवगत कराना है कि भू-माफिया श्री सुधीर कुमार विण्डलास व उसके मैनेजर श्री प्रशान्त आदि द्वारा फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार करके ग्राम जौहड़ी गांव में भूमि पर कब्जा करने के सम्बन्ध में जनपद देहरादून के थाना राजपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0-13 / 2018, धारा 420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि मु0अ0सं0-13/2022, धारा-420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि मु0अ0सं0-15/ 2022 धारा-420 भादवि तथा मु0अ0सं0-31/2022 धारा-420, 447, 467, 468, 471, 120बी भादंवि की विवेचना सी०बी०आई० से कराये जाने की संस्तुति राज्य सरकार द्वारा की जाती है।

    03 अतः दिल्ली विशेष पुलिस अवस्थापना अधिनियम, 1946 की धारा-6 के अन्तर्गत निर्गत अधिसूचना की प्रति तथा प्रकरण को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच हेतु सन्दर्भण के लिये निर्धारित प्रारूप में अपेक्षित सूचनायें संलग्न कर प्रेषित करते हुए मुझे आपसे यह अनुरोध करने का निर्देश हुआ है कि कृपया विस्तृत अन्वेषण केन्द्रीय जांच ब्यूरो से कराये जाने के सम्बन्ध में अग्रेत्तर आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें। संलग्नक – यथोक्त

    भवदीया,

    (राधा रतूडी) अपर मुख्य सचिव।

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    10 जनवरी 2022 को मुकदमा दर्ज, 20 बीघा जमीन कब्जाने जा आरोप

    देहरादून के चर्चित उद्योगपति व रियल एस्टेट कारोबारी सुधीर विंडलास के खिलाफ  धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि सुधीर ने  अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर जोहड़ी गांव स्थित 20 बीघा जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा लिया। जमीन के मालिक ने विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। एसआईटी की जांच में विंडलास दोषी पाए गए थे, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया था। अब पुलिस कप्तान के आदेश पर राजपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

    रवि दयाल विंडलास कंपनी में परचेज मैनेजर
    पुलिस के मुताबिक संजय सिंह निवासी वसंत विहार ने पुलिस कप्तान को शिकायत की थी। संजय सिंह के अनुसार उनकी माता ओमवती व उनके नाम पर जोहड़ी गांव में करीब 20 बीघा जमीन है। इस पर सुधीर विंडलास की नजर थी। वर्ष 2010 में सुधीर विंडलास ने संजय से कहा था कि यह जमीन उसे बेच दो नहीं तो वह कब्जा कर लेगा, लेकिन संजय ने मना कर दिया। इसके कुछ दिन बाद पता चला कि इस जमीन को फर्जीवाड़ा कर बेच दिया गया है। नई खतौनी में किसी रवि दयाल के नाम यह जमीन कर दी गई है।

    इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत एसआईटी भूमि को कर दी। जांच में पता चला कि रवि दयाल विंडलास कंपनी में परचेज मैनेजर है। जबकि उन्होंने जिसे संजय सिंह दर्शाया है वह सुधीर विंडलास के ड्राइवर का भाई है। इस पर जिस अजय नाम के गवाह के हस्ताक्षर हैं उसकी कुछ दिन पहले मौत हो चुकी है। इसी तरह जिसे ओमवती दर्शाया गया है वह सुधीर विंडलास के ड्राइवर की माता है। जांच में पुष्टि हुई कि रवि दयाल के खाते में विंडलास कंपनी से ही सैलरी जाती है। उसके खाते में कुछेक लाख रुपये ही हैं। फिर वह इस करोड़ों की जमीन को कैसे खरीद सकता है।

    तत्कालीन एसआईटी प्रभारी डीआईजी गढ़वाल रेंज ने मुकदमे की संस्तुति भी कर दी थी, लेकिन सुधीर के प्रभाव के चलते कहीं मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। ऐसे में उन्होंने पुलिस कप्तान को शिकायत की। कप्तान डीआईजी जन्मेजय खंडूरी ने एसआईटी की जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। एसओ राजपुर मोहन सिंह ने बताया कि इस मामले में सुधीर विंडलास और रवि दयाल के खिलाफ  मुकदमा दर्ज किया गया है।

    कोर्ट को भी किया गुमराह

    पीड़ित संजय सिंह ने पुलिस को बताया कि जिस वक्त उन्होंने एसआईटी को इसकी शिकायत की थी तब सुधीर विंडलास ने उन्हें समझौते की पेशकश की थी। कहा था कि वह यह विक्त्रस्य पत्र निरस्त करा देंगे। इसके बाद खुद ही कोर्ट में जाकर एक पक्षीय फैसला भी ले लिया। इस विक्त्रस्य पत्र को शून्य करार दे दिया गया, लेकिन इसमें उन्हें पार्टी नहीं बनाया गया। जबकि यह जमीन ऐसे में सुधीर विंडलास ने कोर्ट को भी गुमराह किया है।

     

    एक महीने में दर्ज हुए थे तीन मुकदमे

    सुधीर विंडलास के खिलाफ मुदकमो की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। इसके बाद जनवरी 2022 में तीन मुकदमे एक के बाद एक दर्ज किए गए। सभी मुदकमों की जांच के लिए कई बार विवेचना अधिकारी भी बदले गए। लेकिन, बाद में इन्हें सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया।

    दुर्गेश गौतम निवासी राजपुर ने वर्ष 2018 में एसआईटी (भूमि) से शिकायत की थी। आरोप था कि सुधीर विंडलास और उनके साथियों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर अपनी जमीन बढ़ा ली है। यह करीब एक हेक्टेयर जमीन है।

    इसमें कुछ तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप था। एसआईटी की सिफारिश पर 14 फरवरी 2018 को राजपुर थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में सुधीर विंडलास और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
    अन्य तीन मुकदमे जनवरी 2022 में दर्ज हुए थे। दून पैरामेडिकल कॉलेज के मालिक संजय सिंह ने आरोप लगाया था कि सुधीर विंडलास ने अपने स्टाफ के लोगों के साथ मिलकर उनकी बेशकीमती जमीन को फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया। न्यायालय में भी झूठे प्रमाण पत्र लगाकर जमीन बिक्री के करार को एकतरफा खत्म करा दिया था।

    यह मुकदमा नौ जनवरी 2022 को दर्ज हुआ। उनके खिलाफ तीसरा मुकदमा 13 जनवरी को सेना से सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल सोबन सिंह दानू की शिकायत पर दर्ज हुआ। राजपुर थाने में ही दर्ज इस मुकदमे में आरोप है कि विंडलास ने सरकार से आवंटित उनकी भूमि कब्जाई थी।

    इसके बाद संजय सिंह की ही शिकायत पर 25 जनवरी को चौथा मुकदमा दर्ज हुआ। इस मुकदमे में उनके भाई को भी आरोपी बनाया गया। आरोप है कि उन्होंने रजिस्ट्रार कार्यालय से जमीन के असली बैनामे को ही गायब करा दिया और पुराने मालिक के वारिसों से जमीन अपने नाम करा ली।

    पिछले साल दर्ज हुए मुकदमो की विवेचना राजपुर से हटाकर वसंत विहार थाने को दी गई थी। लेकिन, इसमें कोई कार्रवाई न होते देख पीड़ितों ने पुलिस मुख्यालय से गुहार लगाई। जिसके बाद सीबीआई जांच की संस्तुति की गई। (साभार अ.उ)

  • बढ़ती ठंड में  जिला प्रशासन क़ी कवायद तेज़, DM ने दिए ये निर्देश

    बढ़ती ठंड में जिला प्रशासन क़ी कवायद तेज़, DM ने दिए ये निर्देश

    उत्तराखंड में बढ़ती ठंड के मद्देनज़र जिला प्रशासन क़ी कवायद तेज़। ऊँची चोटियों में बर्फ गिरने से मैदानी क्षेत्रों में भी ठंड लगातार बढ़ रही है। राजधानी देहरादून में भी सुबह और शाम जनमानस को ठिठुरन भारी ठंड सता रही है। जिलाधिकारी सोनिका के अनुसार सभी नगर निगम और नगर पालिकाओं को यह निर्देश जारी कर दिए गए हैँ कि चिन्हित क्षेत्रों में अलाव जला कर और रैनबसेरों क़ी मरम्मत कर बेघर और बेसहारा लोगों के लिए प्रशासन काम करें। साथ ही यदि अन्य वैकल्पिक रेनबासेरों क़ी ज़रुरत पड़े तो उन्हें भी जल्द तैयार किया जाय।

  • सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो 12 रैट माइनर्स का सीएम धामी ने किया  सम्मान

    सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो 12 रैट माइनर्स का सीएम धामी ने किया सम्मान

    सीएम ने बारह रैट माइनर्स को 50-50 हजार की सम्मान राशि दी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तरकाशी के सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में टनल की खुदाई में अहम भूमिका निभाने वाले 12 रैट माइनर्स को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और सभी रैट माइनर्स को 50-50 हजार रूपये के सम्मान राशि के चेक भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रैट माइनर्स ने अपनी जान की परवाह किये बिना कठिन परिस्थितयों में टनल में खुदाई, सफाई और पाइप को काटने का कार्य किया। सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलता तक पहुंचाने में रैट माइनर्स का बहुत बड़ा योगदान रहा।

    उन्होंने कहा कि जिस लगन और परिश्रम से हमारे रैट माइनर्स ने इस रैस्क्यू अभियान को सफल बनाने में अन्य एजेंसियों के साथ योगदान दिया, इसके लिए सभी रैट माइनर्स बधाई और आशीर्वाद के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा रेस्क्यू अभियान में योगदान देने वाले सभी लोगों का भी प्रदेश की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले रैट माइनर्स ने राज्य में स्वागत और सम्मान होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुरंग में फंसे 41 लोगों की जान बचाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ उन्हें भी अपना योगदान देने का अवसर मिला, यह उनके लिए गर्व की बात है।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव  राधा रतूड़ी, जिलाधिकारी उत्तरकाशी अभिषेक रूहेला भी मौजूद थे।

  • हर चुनौती से निपटने को तैयार है स्वास्थ्य विभागः डॉ. धन सिंह रावत

    हर चुनौती से निपटने को तैयार है स्वास्थ्य विभागः डॉ. धन सिंह रावत

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रखा तैयारियों का ब्योरा

    नई दिल्ली/देहरादून। कोविड-19 के नये वेरेएंट से निपटने के लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आयोजित देशभर के स्वास्थ्य मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी प्रतिभाग किया। जिसमें उन्होंने देश के कुछ राज्यों में इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों में हालिया वृद्धि को देखते हुए राज्य सरकार की तैयारियों का ब्योरा रखा। डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य विभाग किसी भी परिस्थिति से निपटने को पूरी तरह से तैयार है। इस संबंध में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों को सरकार की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं की तैयारी पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं उच्चाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 के नये वैरिएंट की आहट के प्रति सभी राज्यों को तत्काल कदम उठाने, निगरानी बढ़ाने तथा लोगों से प्रभावी संवाद स्थापित करने को कहा है। उन्होंने किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिये आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के दिशा-निर्देश दिये। बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर क्रियान्वयन व सकारात्मक दृष्टिकोण के लिये सभी राज्यों की सराहना की। हालांकि पूरे देश के स्वास्थ्य मंत्रियों ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया जबकि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नई दिल्ली प्रवास पर होने के चलते केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में ही मौजूद होकर बैठक में प्रतिभाग किया।

    बैठक में डॉ. रावत ने कोरोना के नये वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग किसी भी परिस्थिति से निपटने को पूरी तरह से तैयार है। इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते केसों को देखते हुये राज्य में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है साथ ही सभी जिला अधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दे दिये गये हैं। अस्पतालों में अधिक से अधिक संख्या में आरटी-पीसीआर एवं एंटीजन जांच सुनिश्चित करने को भी अधिकारियों को कहा गया है। डॉ. रावत ने बताया कि अभी तक राज्य में कोविड-19 के नये वैरिएंट का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) की नियमित निगरानी की जा रही है। किसी भी चुनौती से निपटने के लिये राज्य में पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाएं एवं मानव संसाधन उपलब्ध है। जिसमें 5,893 ऑक्सीजन सपोर्टेड आइसोलेशन बेड, 1,204 आई0सी0यू0 बेड, 894 आई0सी0यू0 बेड मय वेन्टिलेटर, 1,298 क्रियाशील वेन्टिलेटर, 7,561 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर, 15,950 ऑक्सीजन सिलेन्डर, 93 क्रियाशील पी0एस0ए0 प्लांट, 807 क्रियाशील एल0एम0ओ0 स्टोरेज टैंक उपलब्ध हैं। इसके साथ ही कोविड-19 प्रबंधन में प्रशिक्षित 3,161 पैरामेडिकल स्टॉफ की टीम शामिल है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया की भारत सरकार के निरंतर सहयोग से राज्य दवाओं, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, टीकों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने में सक्षम है वहीं अधिकारियों की कार्यक्षमता पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा।

    बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, श्रीमती भारती पवार सहित केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे जबकि राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं उच्चधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

  • उत्तराखण्ड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने दिए निर्देश

    उत्तराखण्ड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने दिए निर्देश

    बैठक का आयोजन प्रत्येक 3 माह में किया जाय

    देहरादून। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में महात्मा गांधी नरेगा कियान्वयन, कार्यों के अनुश्रवण एवं योजना के आय व्ययक के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक सचिवालय परिसर के वीर चन्द्र सिंट गढ़वाली पंचम तल के सभागार में की गई। जिसमें नामित सरकारी गैर सरकारी सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

    बैठक में मंत्री गणेश जोशी द्वारा निर्देशित किया गया कि बैठक का आयोजन प्रत्येक 3 माह के अन्तराल में आयोजित किया जाना चाहिए। साथ ही मनरेगा योजना के अन्तर्गत सोशल ऑडिट राज्य के सभी विकासखण्डों में ससमय किया जाना आवश्यक है। योजनान्तर्गत केन्द्राभिसरण के सम्बन्ध में समस्त मुख्य विकास अधिकारियो को निदेश दिये गये कि विभागों से समन्वय स्थापित कर योजना के कार्यों में सुधार लाये। वृक्षारोपण बढ़ाये जाने के सम्बन्ध में सही स्थल का चयन किये जाने के निर्देश दिये गये साथ ही जल संस्क्षण के सम्बन्ध में टैंक निर्माण के दौरान पोलीविलायन शीट का इस्तेमाल किया जाये जिसस टैंक में रिसाव न हो।

    बैठक में सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा द्वारा सुझाव दिया गया कि सोशल ऑडिट का क्रियान्वयन रोस्टर के आधार पर किया जाय तथा NMMS में जहा उपस्थिति लगने में समस्या आ रही है। उन स्थानों पर जिलाधिकारी द्वारा छूट प्राप्त कर ली जाये साथ ही वित्तीय भौतिक प्रगति जनपदवार रैंकिगवार दी जाय।

    नमित गैर सरकारी सदस्यों द्वारा महात्मा गांधी नरेगा में मजदूरी दर बढ़ाये जाने हेतु सुझाव दिये गये, जिसमें मंत्री गणेश जोशी द्वारा अवगत कराया गया कि अन्य राज्यों से तुलना करने के उपरान्त ही प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि समूह में कुछ ही लोगों अग्रणी रहते है,हर जिले हर ब्लॉक में और आम लोग इनका लाभ नहीं ले पाते है। उन्होंने कहा इसके लिए अधिकारियों को सुनिश्चित किया गया है कि सभी लोगों को योजनाओं का लाभ मिले।

    इस अवसर पर उपाध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग राधिका झा सचिव आनन्द स्वरूप अपर सचिव ग्राम्य विकास विभाग राजेन्द्र भण्डारी ब्लॉक प्रमुख नरेन्द्र नगर मठौर सिंह चौहान ब्लॉक प्रमुख कालसी, भारती देवी ब्लॉक प्रमुख घाट चमोली, मुकेश थपलियाल ग्राम प्रधान,जय सिंह ग्राम प्रधान गङ्गाड जाखणीधार, टिहरी गढ़वाल, मीला राणा ग्राम प्रधान सेरा गांव रायपुर देहरादून तथा समस्त जनपदा के मुख्य विकास अधिकारी, उत्तराखण्ड द्वारा पीसी क माध्यम से प्रतिभाग किया गया।

  • ज़िलाधिकारी देहरादून के आदेश पूरे शहर में होगी सी0सी0टी0वी0 कैमरे से निगरानी

    ज़िलाधिकारी देहरादून के आदेश पूरे शहर में होगी सी0सी0टी0वी0 कैमरे से निगरानी

    जिलाधिकारी देहरादून ने आदेश दिये कि पूरे देहरादून शहर में इन्वेस्टर सम्मिट के दौरान किये गये डेकोरेशन/रिडवलपमेन्ट के कार्यो की निगरानी DICCC के अन्तर्गत लगाए गए कैमरो की मदद से की जाएगी। जिलाधिकारी देहरादून ने यह भी आदेश दिए की जो जगह DICCC के कैमरो की नजर से दूर हैं वहां कि फोटोग्राफी एवं विडियोग्राफी करवाई जा रही है जिससे पूरे देहरादून शहर में हुए कार्यों का रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके ।

    जिलाधिकारी देहरादून के अनुसार यह प्रयास किया जायेगा कि पूरे देहरादून शहर में हुए कार्यो को सी.सी.टीवी कैमरे से मॉनीटर किया जा सके।

  • काबुल हाउस की शत्रु संपत्ति पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने वाले अभियुक्तों पर केस दर्ज

    काबुल हाउस की शत्रु संपत्ति पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने वाले अभियुक्तों पर केस दर्ज

    एक दून व तीन यूपी के निवासियों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज

    देहरादून। काबुल हाउस की शत्रु संपत्ति पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने वाले चार अभियुक्तों पर मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में दून निवासी भगवती प्रसाद उनियाल व यूपी निवासी शाहिद,खालिद व मौहम्मद आरिफ पर धारा-419/420/467/468/471/120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना डालनवाला से जुड़े इस चर्चित केस में डीएम दून ने कुछ दिन पूर्व ही यह शत्रु सम्पत्ति मुक्त करवाई थी।

    यह है पूरा मामला

    ई0सी0 रोड करनपुर पुलिस चौकी के बगल पर भूमि संख्या 15बी (नया नम्बर 24) जो करनपुर पुलिस चौकी के पीछे वाली भूमि जो पूर्व काबूल के अमीर (राजा) याकूब साहब की सम्पत्ति थी, जो 1876 में बिट्रिश सरकार की तरफ से दी गयी थी। यह भूमि याकूब के वारिसों के नाम दर्ज चली आ रही थी। सन 1947 में बटवारे में याकूब के वारिसान पाकिस्तान चले गये थे. जिसके बाद इनका हिस्सा कस्टूडियन सम्पति (शत्रु संपति) घोषित हुआ।

    वर्ष 2000 में साहिद और खालिद पुत्रगण तथाकथित अब्दुल रज्जाक, निवासी ढोलीखाल, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) ने इस भूमि को (अब्दुल रजाक की खेवट-47) अपने नाम अंकित करवाया उसके बाद इन दोनो ने इस भूमि की पावर ऑफ अटोनीं मौहमद आरिफ खान पुत्र शफात अली खान निवासी शामली (उत्तर प्रदेश) को दी।

    इस भूमि पर विवाद होने के उपरान्त कब्जाधाकरियो की याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड ने याचिका का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ताओ को अपना पक्ष जिलाधिकारी देहरादून/असिस्टेन्ट कस्टूडियन के समक्ष रखने हेतु आदेशित किया और सम्पति पर यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था। लेकिन विपक्षीगण मौहमद आरिफ खान पुत्र शफात अली खान निवासी शामली (उत्तर प्रदेश), भगवती प्रसाद उनियाल पुत्र रामकिशन उनियाल आदि ने कटूरचित दस्तावेज मुख्तयारनामाआम, विक्रय पत्र आदि तैयार कर इस भूमि को करीब 30 लोगो को सन 2017 में बेच दिया। खरीदने वालो नें इसके पश्चयात इस भूमि पर कब्जा कर निर्माण किये।

    वर्ष 2018 में इस्लामुद्दीन अंसारी पुत्र स्व० समशुद्दीन, द्वारा इस जमीन के बाबत शिकायत जिलाधिकारी देहरादून को दी थी, जिलाधिकारी देहरादून द्वारा जाँच कराकर 2019 में उक्त प्रकरण में अपर जिलाधिकारी न्यायालय देहरादून द्वारा दिनांक 20.11.2021 को शाहिद, खालिद की विरासत खारिज कर दी थी। इसके बाद वर्ष 2017 में करायी गयी समस्त रजिस्ट्रीयाँ स्वतः निरस्त हो गयी थी, लेकिन कब्जा धारको ने भूमि से अपना कब्जा नहीं हटाया।

    दिनाँक 25.05.2022 को माननीय उच्च न्यायालय उतराखण्ड के आदेश के अनुपालन में श् जिलाधिकारी देहरादून ने प्रशासन को उक्त भूमि कब्जाधारियो से खाली खराने के निर्देश पर दिनाँक 02.11.2023 को पुलिस व प्रशासन की टीम द्वारा उक्त भूमि को कब्जाधारियो के कब्जे से मुक्त कराया गया है।

    प्रश्नगत भूमि प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल का आदेश पारित होने के बाबजूद विपक्षीगण शाहिद, खालिद, आरिफ खान, भगवती प्रसाद उनियाल आदि में षडयन्त्र के तहत कस्टूडीयन/सरकारी सम्पत्ति को कूटरचित दस्तावेजो के आधार पर तथा सम्पति को गैर कानूनी तरिके से खेवट 47 (खेवटदार अब्दुल रज्जाक) के स्वामित्व की सम्पति दर्शित करते हुए विपक्षी शाहिद व खालिद पुत्रगण अब्दुल रजाक निवासी ढोली खाल सहारनपुर उत्तर प्रदेश, को अब्दुल रज्जाक का पुत्र और वारिस दर्शाते हुए मिलीभगत करके राज्सव अभिलेखो में अपनी विरासत दर्ज करवायी। इसके पश्चयात इनके द्वारा कूटरचित मुख्तारनामाआम तैयार कराकर उक्त सरकारी सम्पति पर अध्यासित भगवती प्रसाद उनियाल आदि से मिलीभगत करके कूटरचित विक्रय पत्र भगवती प्रसाद उनियाल व अन्य लोगों के पक्ष में तैयार कराये गये।

    उपरोक्त प्रकरण में सघन जांच उपरांत थाना डालनवाला पर मु0अ0सं0- 303-2023 धारा-419/420/467/468/471/120 बी भादवि बनाम

    1.भगवती प्रसाद उनियाल
    पुत्र रामकिशन उनियाल निo 15-बी, ई0सी0 रोड, देहरादून, डालनवाला, देहरादून*

    2.शाहिद नि o ढोलीखाल, सहारनपुर, 30प्र0, कोतव बली नगर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश,

    3.खालिद ढोलीखाल, कोतवाली नगर,सहारनपुर, उत्तरप्रदेश,

    4.मौहम्मद आरिफ खान

    पुत्र शफात अली खान निo शामली, उत्तर प्रदेश
    पंजीकृत किया गया है।

  • बेरोजगार संघ ने कहा, पुलिस कांस्टेबल 2022 की वेटिंग लिस्ट जारी करें

    बेरोजगार संघ ने कहा, पुलिस कांस्टेबल 2022 की वेटिंग लिस्ट जारी करें

    देखें, डीजीपी को सम्बोधित मांग पत्र

    देहरादून।  उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिरीक्षक विम्मी सचदेवा को डीजीपी अभिनव कुमार के नाम सम्बोधित मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में कहा कि उत्तराखंड पुलिस कांस्टेबल 2022 की वेटिंग लिस्ट जारी की जाए, जिसको लेकर विम्मी सचदेवा ने आश्वास्त किया कि एक बार पुन परीक्षण करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि साल 2022 में फायरमैन के 445 पदों पर भर्ती निकली थी, जिसमें पुरूषों के लिए 312 पद थे और महिलाओं के लिए 133 पद लेकिन आयोग की गलती की वजह से 321 महिलाओं को फायरमैन में नियुक्ति दे दी गई और सिर्फ 124 पुरूष अभ्यर्थियों का ही चयन हो सका, अब इन सभी महिला

    अभ्यर्थियों को फायरमैन की ट्रेनिंग कराकर फायरमैन पुलिस से हटाकर नागरिक पुलिस में भेजा जा रहा है।

    बॉबी पंवार ने कहा कि नए शासनादेश को भी देख लिया जाए तो विभिन्न विभागों की वेटिंग नहीं निकाले जाने का प्रावधान है, लेकिन पुलिस विभाग एकल विभाग है जिसमें वेटिंग निकाले जाने का प्रावधान है. ऐसे में जल्द पुलिस कांस्टेबल की वेटिंग निकाली जाए।

    इसके साथ ही बेरोजगार संघ ने पुलिस दारोगा की विज्ञप्ति जल्द जारी करने की मांग की, जिसको लेकर पुलिस कहा गया कि पुलिस मुख्यालय से विज्ञप्ति लोकसेवा आयोग को भेजी जा चुकी है, वहीं बेरोजगारों ने उत्तराखंड पुलिस कांस्टेबल में इस बार उम्र सीमा बढ़ाने की भी मांग की।
    इस दौरान बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार, उपाध्यक्ष राम कंडवाल, अखिल तोमर, प्रशात नेगी आदि मौजूद रहे।

  • दून स्वच्छता संगोष्ठी रिपोर्ट का राज्यपाल ने किया विमोचन

    दून स्वच्छता संगोष्ठी रिपोर्ट का राज्यपाल ने किया विमोचन

    दून कैंट बोर्ड की प्रथम स्वच्छता चौपाल पर आधारित है रिपोर्ट

     

    देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को राजभवन में छावनी परिषद, देहरादून की “दून स्वच्छता संगोष्ठी रिपोर्ट-2023” का अनावरण किया। यह रिपोर्ट देहरादून छावनी परिषद द्वारा आयोजित प्रथम स्वच्छता चौपाल पर आधारित है। फरवरी माह में आयोजित इस संगोष्ठी में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य कर रही देशभर की 51 कंपनियों, स्टार्टअप और स्वयं सहायता समूहों ने प्रतिभाग कर अपशिष्ट प्रबंधन में अपने उत्पादों और प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया था। इस रिपोर्ट में उत्तराखंड में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता प्रौद्योगिकी और विकल्पः अवसर व चुनौतियां और स्वच्छता स्टार्टअप व इनोवेशन का उभरता हुआ परिदृश्य आदि विषयों पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही संगोष्ठी में आयोजित परिचर्चाओं को भी सम्मिलित किया गया है।

    राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि यह एक सराहनीय पहल है और इस डॉक्यूमेंट को सभी निकायों और जनप्रतिनिधियों को प्रेषित किया जाय। उन्होंने कहा कि यह अभियान यहीं नहीं रुकना चाहिए, इस तरह के कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएं। चर्चा के दौरान राज्यपाल ने कहा कि इस तरह के आयोजन हरिद्वार में भी आयोजित किए जाएं, जिससे वहां पर लोग स्वच्छता के प्रति अधिक जागरूक हो सकें। हरिद्वार में साल भर में करोड़ों श्रद्धालु आते हैं यदि हम हरिद्वार को स्वच्छ और साफ-सुथरा रखेंगे तो यहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक एक सकारात्मक छवि लेकर जाएगा। उन्होंने इस दिशा में विशेष प्रयास की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित सीएसआर का सहयोग लिया जाय।

    राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन पर्यटन को आगे बढ़ाने के लिए हमें हमारे पर्यटक स्थलों पर साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है। हमारे धार्मिक एवं पर्यटक स्थल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में और अधिक वृद्धि होगी, जिसके जरिए प्रदेश की आर्थिकी में भी वृद्धि होगी। इस अवसर पर कैंट बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर संजोग नेगी, सीईओ अभिनव सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल उपस्थित रहे।

  • रविन्द्र जुगरान, ऊषा व सरिता को मिला अनूप गैरोला स्मृति सम्मान

    रविन्द्र जुगरान, ऊषा व सरिता को मिला अनूप गैरोला स्मृति सम्मान

    अनूप गैरोला स्मृति सामाजिक सम्मान समारोह

    देहरादून। उत्तराचंल प्रेस क्लब की ओर से अनूप गैरोला स्मृति सामाजिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

    स्व. अनूप गैराला की पत्नी रचना गैरोला के हाथों सम्मानित किया गया। पुलिस लाइन में आयोजित अजय गौतम क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान सम्मान प्रदान किये गए।

    कार्यक्रम के दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने कहा कि स्व. अनूप गैरोला पत्रकारिता के साथ सामाजिक सरोकारों जुड़े रहे। जिसे देखते हुए सामाजिक क्षेत्र में आंदोलनकारी व सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र जुगरान को सम्मानित किया गया।

    वहीं पत्रकारिता के क्षेत्र में ऊषा रावत नेगी पत्रकार हिन्दुस्तान व सरिता नेगी पत्रकार राष्ट्रीय सहारा से महिला पत्रकारों को को सम्मानित किया।

    मुख्य अतिथि रचना गैरोला का स्वागत संयुक्त मंत्री व कार्यवाहक महामंत्री मीना नेगी ने पुष्पगुच्छ देकर किया. इसके पश्चात स्व. अनूप गैरोला को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

    इस दौरान कोषाध्यक्ष मनीष भट्ट, संप्रेक्षक मनोज सिंह ज्याडा,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मि खत्री, कनिष्ठ उपाध्यक्ष दरबान सिंह , संयुक्त मंत्री राजीव थपलियाल, कार्यकारिणी सदस्य बीएस तोपवाल, विनोद पुण्डीर, मंगेश कुमार, भगवती प्रसाद कुकरेती, प्रवीण बहुगुणा, मौजूद रहे।