ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि-2 नवंबर 2023
देखें, परीक्षा निर्देश, कुल सीटें, आयु सीमा, आवेदन शुल्क व आरक्षण







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लोक सेवा आयोग की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 14 अक्टूबर से मांगे जाएंगे

उत्तराखण्ड शासन के विभिन्न विभागों के अन्तर्गत अभियंत्रण की शाखाओं के कुल 1097 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती द्वारा चयन हेतु ‘उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य कनिष्ठ अभियन्ता सेवा परीक्षा -2023’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन-पत्र आमंत्रित किये जाते हैं। उक्त विज्ञापन के संबंध में महत्वपूर्ण तिथियां निम्नवत हैं।
भर्ती से सम्बन्धित रिक्तियों का विवरण, अर्हता और शर्ते इत्यादि आयोग की वेबसाईट psc.uk.gov.in पर दिनांक 14 अक्टूबर, 2023 से उपलब्ध होने वाले विज्ञापन में उल्लिखित हैं। अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन करने से पूर्व विज्ञापन का भली-भाँति अवलोकन करना सुनिश्चित करें ।
-SD-
(गिरधारी सिंह रावत ) सचिव ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड के पांचवें धाम के रूप में प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा अर्चना की तथा देश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11:40 बजे शौकियाथल पहुंचे । इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क मार्ग से जागेश्वर धाम पहुंचे। 124 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम में उन्होंने सर्वप्रथम जागेश्वर गर्भगृह में करीब 7 मिनट तक पूजा कर बाबा जागेश्वर के दर्शन किए। इसके पश्चात पुष्टिमता, महामृत्युंजय तथा केदारनाथ में पूजा अर्चना की।

इसके पश्चात मंदिर परिसर की परिक्रमा करते हुए अर्धनारेश्वर वृक्ष का अवलोकन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तांबे से बना वाद्य यंत्र तुरही, ताम्र जागेश्वर तथा डमरू उपहार स्वरूप भेंट किया। फ्लीट मार्ग में प्रधानमंत्री ने स्थानीय लोगों का कार से उतरकर अभिवादन स्वीकार किया।


आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी
आदि कैलाश यात्रा से प्रधानमंत्री मोदी ने दिया भक्ति और शक्ति का संदेश
प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में अध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
स्थानीय लोगों में दिखा गजब का उत्साह, किया जोरदार स्वागत
आदि कैलाश पहुंचने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया प्रधानमंत्री का स्वागत
आदि कैलाश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को भारत की आध्यात्मिक भूमि आदि कैलाश पहुंचे। यहां शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर को सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ जनपद में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से दाहिनी ओर करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुॅचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किया। आदि कैलाश मंदिर में रं-समुदाय के लामा पुजारियों ने पौराणिक काल से प्रसिद्ध शिव-पार्वती की ‘माटी पूजा’ पूरे विधि विधान के साथ संपन्न की।

इसके बाद पीएम मोदी ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन भी किए। आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन कर प्रधानमंत्री अभीभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश के दर्शन कर उनका मन प्रसन्न और जीवन धन्य हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यहां कण-कण में देवी देवताओं का वास है। भगवान आदि कैलाश के दर्शन कर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नही आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे जानकारी दी।

प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हैलीपेड से गुंजी के लिए रवाना हुए।

प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ गई है।

पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फुट से अधिक ऊॅचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है और भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।

अम्बानी ने बीकेटीसी को 5 करोड़ का चेक सौंपा
देहरादून। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रमुख व देश के प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी ने आज श्री बदरीनाथ धाम की यात्रा की और मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) को पांच करोड़ रूपए की धनराशि दी।
उन्होंने चेक के माध्यम से यह धनराशि बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय को सौंपा। इस अवसर पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पंवार भी उपास्थित थे।



स्वास्थ्य सचिव के औचक निरीक्षण में बाहर की दवा लिखते पाये गये डॉक्टर, लगी कड़ी फटकार
काशीपुर। स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा है कि प्रदेश के जिला अस्पतालों में सभी अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुमाऊं मंडल के सभी जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी जल्द दूर की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव अपने चार दिवसीय कुमाऊं दौरे से आज वापस लौट आए हैं।
काशीपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा कि कुमांउ मंडल में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहत्तर बनाया जायेगा। सीमांत जनपदों में अत्याधुनिक सुविधायें जल्द मिलने लगेंगी। आने वाले समय में इलाज के लिए किसी भी व्यक्ति को शहर जाने की आवश्यकता नहीं पडे़गी। इसके लिए तेजी के साथ विभिन्न जनपदों में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जारी है। उन्होंने कहा हमारा प्रयास है सभी जिला अस्पतालों के साथ ही अन्य सरकारी अस्पतालों में स्पेशिलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती हो ताकि मरीज को घर के पास ही बेहत्तर इलाज मिल सके। स्वास्थ्य सचिव ने चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, और वापसी में उधमसिंह नगर जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जांची। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के साथ ही जनपदों के जिला अस्पतालों के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ केन्द्रों का दौरा किया। इस दौरान मरीजों से उन्हें मिलने वाली सुविधाओं का फीडबैक लिया। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य चौपाल लगाई और उनकी स्वास्थ्य संबधी समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया।
उपजिला चिकित्सालय काशीपुर का औचक निरीक्षण
वहीं वापसी में आज स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा एल.डी.भट्ट उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव ने ऑपरेशन थिएटर, ए.एन.सी. वार्ड, डिलीवरी रूम और ट्रामा सेंटर आदि का निरीक्षण किया। चिकित्सालय में पी.पी.पी. मोड पर संचालित कार्डिक केयर यूनिट का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने हर तरह की सुविधा मरीजों को देने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्डिक केयर यूनिट खुलने से इससे सम्बंधित बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को त्वरित एवं निःशुल्क इलाज मिलेगा। इस दौरान उन्होंने कैथ लैब को भी जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
डॉक्टर लिख रहे बाहर की दवा, स्वास्थ्य सचिव ने लगाई फटकार
स्वास्थ्य सचिव ने अपने निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवा लिखने पर अत्यंत रोष प्रकट करते हुए सख्त निर्देश दिए कि चिकित्सालय में दवा उपलब्ध होने की दशा में कोई भी बाहर की दवाएं न लिखें। साथ ही उन्होंने दवा के साल्ट की जगह ब्रांड लिखने पर भी नाराजगी जताते हुए पुनरावृत्ति न होने के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सख्त निर्देश दिए।
जल्द होगी नियमित चिकित्सक की नियुक्ति
इस दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि काशीपुर चिकित्सालय में मैदान के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों से भी बहुतायत में मरीज आते हैं। चिकित्सालय में अस्थि रोग विशेषज्ञ की कमी पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा को निर्देशित किया कि जिला चिकित्सालय रुद्रपुर से सप्ताह में दो दिन अस्थि रोग विशेषज्ञ की वैकल्पिक व्यवस्था काशीपुर चिकित्सालय में की जाये और जल्द ही शासन स्तर से नियमित चिकित्सक की नियुक्ति की जायेगी।
स्वास्थ्य सचिव ने जनपद में आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड युद्धस्तर पर बनाने के निर्देश सी.एम.ओ. को देते हुए कहा कि हैल्थ एंड वैलनेस सेंटरों और ग्रामीण स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए आम जन मानस को जागरूक किया जाए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सी.एम.एस. उपजिला चिकित्सालय डॉ. खेमपाल, डॉ. अमरजीत, गोपाल आर्या, अभिषेक, शुभम आदि मौजूद रहे।

गोविंदघाट। समुद्र तल से 14 हजार फीट पर स्थित पवित्र हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। बुधवार को कपाट दोपहर डेढ़ बजे शुभ मुहूर्त में बंद किए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जो बोले सो निहाल के जयकारे लगाए। कपाट बंद के दौरान करीब दो हजार से ज्यादा तीर्थयात्री हेमकुंड पहुंचे। इस साल हेमकुंड साहिब में 176015 तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका।
बर्फ गिरने के बाद खिली धूप
चमोली जनपद में मंगलवार को ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी के बाद बुधवार को धूप खिली रही। हेमकुंड साहिब के साथ ही बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में भी मौसम सुहावना हो गया है।

आबकारी आयुक्त ने निजी बार लाइसेंस का फैसला स्थगित किये जाने का आदेश जारी किया
देखें, होम मिनी बार में क्या क्या था खास
देखें, सभी जिला आबकारी अधिकारियों को भेजे आदेश में क्या लिखा है
12 हजार के सालाना शुल्क देने के बाद होम मिनी बार लाइसेंसधारक 9 लीटर भारत निर्मित विदेशी शराब, 18 लीटर विदेशी शराब, 9 लीटर वाइन और 15.6 लीटर बीयर घर पर रख सकता है
देहरादून। विरोध को देखते हुए आबकारी विभाग ने प्रदेश में पहली बार शुरू किए गए निजी बार लाइसेंस के फैसले को वापस ले लिया।
बुधवार को आबकारी आयुक्त ने होम मिनी बार के फैसले के स्थगित किये जाने का आदेश जारी किया। आने आदेश में लिखा कि- आबकारी नीति विषयक नियमावली 2023 के नियम-13.11 (वैयक्तिक बार हेतु अनुज्ञापन) को अग्रिम आदेशों तक स्थगित किया जाता है। तदनुसार आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
इस आदेश की प्रति सभी जिला आबकारी अधिकारियों को भेजी गई है।
गौरतलब है कि आबकारी नीति विषयक नियमावली 2023 में निजी बार लाइसेंस की सुविधा प्रदान की गयी थी। इस फैसले का प्रदेश केअंदर विरोध शुरू हो गया था।

यह था मामला- होम मिनी बार को मिली मंजूरी
देहरादून: उत्तराखंड में शराब के शौकीनों को प्रदेश सरकार ने होम मिनी बार खोलने की मंजूरी दे दी है। लोग घरों में बार बना सकेंगे। घरों में 50 लीटर तक शराब रख सकते हैं। धामी सरकार की ओर से प्रदेश में नई आबकारी नीति 2023-24 को लागू कर दिया गया है। इस नीति के तहत शराब के शौकीनों को निजी उपयोग के लिए घर में बार खोलने का लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया है। इस नीति के तहत देहरादून के एक आवेदक को मिनी बार का लाइसेंस जारी भी कर दिया गया है। देहरादून के एक व्यक्ति ने मिनी बार के लिए लाइसेंस मांगा था। 4 अक्टूबर यानी पिछले बुधवार को प्रशासनिक स्तर पर यह लाइसेंस जारी किया गया। देहरादून के जिला आबकारी अधिकारी राजीव सिंह चौहान ने बताया कि आबकारी नीति के अनुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद व्यक्तिगत उपयोग के लिए लाइसेंस जारी किया गया है। जिले में इस प्रकार का पहला लाइसेंस जारी किए जाने की बात उन्होंने कही है।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
उत्तराखंड सरकार की 2023-24 की नई आबकारी नीति में घर पर मिनी बार रखने के लिए लाइसेंस देने का प्रावधान दिया गया है। हालांकि, इसमें कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। देहरादून के जिला आबकारी अधिकारी राजीव चौहान कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति जो पिछले पांच वर्षों से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर रहा है, वह डीएम कार्यालय में लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है।
डीएम कार्यालय की ओर से 12 हजार रुपये के वार्षिक शुल्क पर होम बार लाइसेंस जारी किया जाएगा। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि एक बार मंजूरी मिलने के बाद लाइसेंसधारक 9 लीटर भारत निर्मित विदेशी शराब, 18 लीटर विदेशी शराब, 9 लीटर वाइन और 15.6 लीटर बीयर घर पर रखने का हकदार होगा।
देना होगा हलफनामा
होम मिनी-बार लाइसेंस चाहने वाले व्यक्ति को कुछ शर्तों को पूरा करने के बारे में एक हलफनामा जमा करना होगा। राजीव चौहान ने कहा कि किसी को बार का उपयोग केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए करना होगा। किसी भी व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। अधिसूचित ड्राई डे पर बार को बंद रखना होगा।
जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि लाइसेंसधारक को इसके अलावा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि 21 वर्ष से कम उम्र का कोई भी उस क्षेत्र में न आए, जहां बार स्थापित है। होम बार के निरीक्षण के बाद ही लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा।

श्री बदरीनाथ धाम/ केदारनाथ। देश के प्रसिद्ध अंतरर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी सुरेश रैना ने बुधवार पूर्वाह्न को भगवान बदरीविशाल तथा अपराह्न को भगवान श्री केदारनाथ के दर्शन किये। दोनों धामों पर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति व तीर्थपुरोहित समाज उनके स्वागत को पहुंचे थे।

बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे सुरेश रैना बदरीनाथ मंदिर पहुंचे।मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना की। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ने क्रिकेटर सुरेश रैना को भगवान बदरीविशाल का प्रसाद अंगवस्त्र भेंट किया। इसके बाद सुरेश रैना केदारनाथ को रवाना हुए। अपराह्न दो बजे सुरेश रैना केदारनाथ धाम पहुंचे। मंदिर में दर्शन किये। केदारनाथ मंदिर प्रांगण में मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने सुरेश रैना का स्वागत किया।
क्रिकेटर सुरेश रैना के बदरीनाथ तथा केदारनाथ पहुंचने पर उनको देखने हेतु बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों तथा उनके समर्थकों स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा । क्रिकेटर रैना ने सभी का अभिवादन किया तथा सभी को धन्यवाद दिया। आज ही पूर्वाह्न उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव ने भी पारिवारिक सदस्यों के साथ भगवान बदरीविशाल के दर्शन किये।