Category: ताजा खबर

  • राज्य में 10 हजार लोग लेंगे अंगदान की शपथः डॉ. धन सिंह रावत

    राज्य में 10 हजार लोग लेंगे अंगदान की शपथः डॉ. धन सिंह रावत

    आयुष्मान भव अभियान के तहत चलाया जायेगा जागरूकता कार्यक्रम

    प्रदेश के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में स्थापित होगी दक्षीचि दीवार

    प्रदेश में आगामी 17 सितम्बर से आयोजित होने वाले आयुष्मान भव अभियान के तहत रक्तदान हेतु पंजीकरण के साथ-साथ अंगदान, नेत्रदान एवं देहदान के लिये भी जनजागरूकता अभियान चलाया जायेगा। जिसके तहत तीन माह के दौरान रक्तदान हेतु दो लाख लोगों का पंजीकरण कराने तथा अंगदान व देहदान हेतु 10 हजार लोगों का पंजीकरण एवं शपथ का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज, उच्च शिक्षण संस्थान, एनएसएस, स्काउट्स-गाइड, रेडक्रॉस सोसाइटी व स्वयंसेवी संस्थाएं भी अपना योगदान देगी।

    सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने आज अपने शासकीय आवास पर स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ ही विभिन्न संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आयुष्मान भव अभियान के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की। डॉ. रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा पखवाड़ा एवं 31 दिसम्बर तक चलने वाले आयुष्मान आपके द्वारा 3.0 कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। जिनकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान प्रत्येक विधानसभा के अंतर्गत 10-10 रक्तदान शिविरों का आयोजन कर रक्तदान कराने के साथ ही दो लाख लोगों का रक्तदान हेतु पंजीकरण का भी लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार प्रदेशभर में जनजागरूकता अभियान चलाकर 10 हजार लोगों को देहदान एवं अंगदान के लिये तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिये स्वैच्छिक रूप से तैयार लोगों को नेत्रदान, अंगदान व देहदान के लिये आयोजित होने वाले शिविरों में शपथ पत्र भरवाये जायेंगे। इसके अलावा अंगदान एवं देहदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शीघ्र ही प्रदेश के प्रत्येक मेडिकल कॉलेजों में दधीची दीवार की स्थापना की जायेगी, जिस पर अंग एवं देह दानियों के नाम अंकित किये जायेंगे। डॉ. रावत ने बताया कि आयुष्मान भव अभियान के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने से वंचित रहे गये लोगों के आयुष्मान कार्ड एवं शत-प्रतिशत लोगों की आभा आईडी बनाई जायेगी। जिन ग्राम पंचायतों एवं शहरी वार्डों में शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाये जायेंगे उन्हें आयुष्मान ग्राम पंचायत एवं आयुष्मान शहरी वार्ड घोषित किया जायेगा। इसे अलावा राजकीय संयुक्त चिकित्सालयों व आयुष्मान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स में साप्ताहिक स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जायेगा जहां पर चिकित्सकों द्वारा स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही गैर संचारी रोंगों की जांच की जायेगी।

    बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. ए.एस. उनियाल, दधीचि देहदान समिति के संरक्षक विजय जी, अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल, महासचिव नीरज पाण्डे सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • उच्च शिक्षा में प्रवेश से वंचित नहीं रहेगा कोई छात्रः डॉ. धन सिंह रावत

    उच्च शिक्षा में प्रवेश से वंचित नहीं रहेगा कोई छात्रः डॉ. धन सिंह रावत

    कहा, वंचित छात्र-छात्राओं को दिया जायेगा अंतिम मौका, खुलेगा पोर्टल

    सूबे की विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं अन्य कारणों से उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने से वंचित रह गये छात्र-छात्राओं को प्रवेश के लिये एक और मौका दिया जायेगा। प्रवेश से वंचित छात्र-छात्राओं का नजदीकी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में ऑफलाइन पंजीकरण कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। ऑफलाइन पंजीकरण छात्र-छात्राओं को अंतिम मौका देते हुये एक बार पुनः समर्थ पोर्टल खोला जायेगा।

    सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभिन्न कारणों से उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश से वंचित रह गये छात्र-छात्राओं को अंतिम मौका देने को कहा। उन्होंने बताया कि विद्यालयी शिक्षा परिषद की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं, केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश से वंचित छात्रों एवं अन्य कारणों से प्रवेश न ले पाने वाले छात्र-छात्राओं को राज्य विश्वविद्यालयों एवं राजकीय महाविद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिये ऑफलाइन पंजीकरण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिये गये हैं। ऑफलाइन पंजीकरण कराने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या के आधार पर एक सप्ताह के लिये अंतिम बार समर्थ पोर्टल खोल दिया जायेगा ताकि संबंधित महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय अपने यहां पंजीकृत छात्रों का पोर्टल पर ऑनलाइन डाटा अपलोड कर सकेंगे।

    बैठक में अपर सचिव उच्च शिक्षा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. सी.डी. सूंठा, संयुक्त निदेशक डॉ. ए.एस. उनियाल अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

    नये महाविद्यालयों के भवनों को शीघ्र मिलेगी भूमि
    सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज शासकीय आवास पर नव सृजित राजकीय महाविद्यालयों को भूमि आवंटन को लेकर विभागीय बैठक ली। जिसमें संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों एवं उप जिलाधिकारियों एवं संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। विभागीय मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये प्रत्येक ब्लॉक में नये महाविद्यालयों स्थाना की है। जिनमें से कई महाविद्यालयों को भूमि उपलब्ध करा दी गई है, जबकि कुछ महाविद्यालयों को अभी तक भूमि आवंटित नहीं हो पायी है। जिसको लेकर संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही राजकीय महाविद्यालय खाड़ी (टिहरी), मोरी (उत्तरकाशी), रामगढ़ (नैनीताल), देहरादून शहर, भोपतवाला (हरिद्वार), नानकमत्ता (ऊधमसिंह नगर) एवं राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर को भूमि उपलब्ध करा दी जायेगी।

     

  • 2023 का विद्यासागर साहित्य सम्मान वरिष्ठ रचनाकार शोभाराम शर्मा को

    2023 का विद्यासागर साहित्य सम्मान वरिष्ठ रचनाकार शोभाराम शर्मा को

    -सामाजिक क्षेत्र में अनिल स्वामी (थपलियाल) को भी सम्मानित किया जाएगा

    -विद्यासागर नौटियाल सम्मान समितियों ने चयन कर की सम्मान की घोषणा

     

    देहरादून। वर्ष 2023 का विद्यासागर साहित्य सम्मान वरिष्ठ रचनाकार शोभाराम शर्मा को दिया जाएगा वहीं सामाजिक क्षेत्र में अनिल स्वामी (थपलियाल) को दिया जाएगा। सम्मान में प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो व सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। प्रथम विद्यासागर साहित्य सम्मान वरिष्ठ कथाकार सुभाष पंत को और दूसरा स्व. शेखर जोशी को दिया गया था। यह सम्मान हिंदी के जाने माने कथाकार स्व. विद्यासागर नौटियाल की स्मृति में दिया जाता है।

    विद्यासागर नौटियाल सम्मान समिति और देहरादून के रचनाकारों की संस्था संवेदना के तत्वाधान में सम्मान समारोह 29 सितम्बर 2023 को देहरादून में आयोजित होगा। समारोह में देश के स्पेनिश भाषा के विशेषज्ञ डॉ. प्रभाती नौटियाल मुख्य अतिथि होंगे। मुख्य वक्ता के रूप में लक्ष्मण सिंह बिष्ट बटरोही की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
    विद्यासागर साहित्य सम्मान समिति की तीन सदस्यीय चयन समिति में शामिल वरिष्ठ कथाकार सुभाष पन्त, कवि राजेश सकलानी और कथाकार नवीन कुमार नैथानी ने उत्तराखंड के समस्त जनपक्षधर रचनाकारों में से अंतिम रूप से सामने आए 9 रचनाकारों के समग्र साहित्य पर विस्तार से चर्चा विमर्श करने के बाद वर्ष 2023 के लिए विद्यासागर नौटियाल की परंपरा के सबसे उपयुक्त पात्र के रूप में शोभाराम शर्मा के नाम की घोषणा की। शोभाराम शर्मा का पहला उपन्यास ‘धूमकेतु’ पचास के दशक में प्रकाशित हो गया था। तब वह राही सुंदरियाल नाम से लिखते थे। 90 की वय पार कर चुके शोभाराम शर्मा की अधिकांश कृतियां सृजन के कई दशक बाद प्रकाशित हुई हैं।

    बीते साल वर्ष 2022 में ही उनका एक कथा संग्रह “तीलै धारो बोला” प्रकाशित हुआ है। 2022 में ही उत्तराखंड की सबसे छोटी आदिम जनजाति राजी या वनरावतों पर लिखा उनका उपन्यास ‘काली वार-काली पार ’ प्रकाशित हुआ है।उनकी इस वर्ष प्रकाशित रचनाओं में नाटक संग्रह ‘मगर होलिका नहीं जली’ और चयनित व्यंग्य रचनाओं का संग्रह प्रकाशित हुए हैं। उनकी अन्य रचनाओं में ‘क्रांतिदूत चे ग्वेरा’ (चे ग्वेरा की डायरियों पर आधारित जीवनी), ‘अमरीका परदे के पीछे परदे के बाहर ’ , वीर चंद्र सिंह गढवाली के जीवन पर आधारित महाकाव्य ‘हुतात्मा। उत्तराखंड के पतनोन्मुख कत्यूरी वंश पर नाटक “महारानी जिया” (नाटक)। चीनी उपन्यास हरीकेन हिंदी अनुवाद अंधड़, साइबेरिया की चुकची जनजाति के पहले उपन्यासकार यूरी रित्ख्यू के उपन्यास का भी हिंदी अनुवाद ‘जब व्हेल पलायन करते हैं’ , मानक हिंदी मुहावरा कोश (दो भाग), वर्गीकृत हिंदी मुहावरा कोश, वर्गीकृत हिंदी लोकोक्ति कोश आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वनरावतों पर उनका शोध प्रबंध ‘पूर्वी कुमांऊ तथा पश्चिमी नेपाल की राजी जनजाति (वनरावतों) की बोली का अनुशीलन ’ प्रकाशनाधीन है।

    सामाजिक क्षेत्र में चयन समिति राजीव नयन बहुगुणा, जगदंबा प्रसाद रतूड़ी व डॉ. कमल टावरी, ने सर्वसम्मति से पांच नामों में अनिल स्वामी के नाम का चयन उनके द्वारा विगत पांच दशक से किए गए कार्यो एवम समाज के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए किया है। वह उत्तराखंड आन्दोलन, गढ़वाल विवि आंदोलन, शराब विरोधी आन्दोलन, पर्यावरणविद सुन्दरलाल बहुगुणा के साथ आन्दोलन में बहुत सक्रिय रहे । श्रीनगर शहर में प्रगतिशील जन मंच के जरिए नगर की विभिन्न नागरिक सुविधाओं के लिये संघर्षों में उनका योगदान रहा है। वह लावारिस देह का दाह संस्कार, अस्पताल में गरीबो व असहाय लोगों को औषधि व मदद, रक्तदान में सामाजिक चेतना आदि ढेरों सामाजिक कार्य करते रहे हैं।

  • आज इन 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    आज इन 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    उत्तराखंड में आज बृहस्पतिवार को देहरादून समेत छह जिलों में तेज बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून, नैनीताल, चम्पावत, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

    सभी जिलों में बिजली चमकने और तेज गर्जन के साथ कई दौर की तेज बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में भी हल्की बारिश होने की संभावना है।

     

  • पांच साल की बालिका का शिकार करने वाला गुलदार हुआ ढेर

    पांच साल की बालिका का शिकार करने वाला गुलदार हुआ ढेर

    पांच सितंबर को गुलदार आंगन से उठा ले गया था मासूम को

     

    पौड़ी। बीते 5 सितम्बर को पौड़ी जिले के ढिकाल गांव में पांच वर्षीय बालिका को मारने वाले गुलदार को शिकारियों की टीम ने ढेर कर दिया।

    देर रात वन विभाग व शिकारी दल की संयुक्त टीम पर घात लगाए बैठे गुलदार ने हमला कर दिया। इसी बीच शिकारी ने गुलदार को गोली मार दी। गोली लगने से गुलदार की मौके पर ही मौत हो गई ।

    पौड़ी जिले के ढिकाल गांव में पांच सितंबर को मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों ने नरभक्षी गुलदार को मारने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। जिसके बाद वन विभाग ने गुलदार को मारने की अनुमति दी।
    कल देर रात वन विभाग व शिकारी दल की संयुक्त टीम द्वारा गस्त कर गुलदार की खोज की जा रही थी इस दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने संयुक्त टीम पर हमला कर दिया। इसी दौरान शिकारी दल की टीम ने गुलदार को सूट कर दिया। मौके पर ही गुलदार की मौत हो गई ।

    डीएफओ गढ़वाल स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि गुलदार के ढेर हो जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। डीएफओ बताया कि गुलदार की उम्र 6 से 7 साल आंकी जा रही है और गुलदार के दो दांत भी टूटे हुए है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गुलदार जानवरों का शिकार करने में असमर्थ। लिहाजा वह बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर रहा था।

  • उत्तराखण्ड में उद्योगों के हित में 27 नई नीतियां बनाई – सीएम धामी

    उत्तराखण्ड में उद्योगों के हित में 27 नई नीतियां बनाई – सीएम धामी

    सीएम ने रियल एस्टेट इन्वेस्टर से लिया फीडबैक

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजपुर रोड स्थित एक होटल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के लिए आवासीय परियोजनाओं एवं अन्य विषयों पर रियल एस्टेट इन्वेस्टर के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसम्बर 2023 में प्रस्तावित इन्वेस्टर समिट राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। राज्य की आर्थिकी को बढ़ाने में निवेश सम्मेलन अहम भूमिका निभायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले 25 सालों के रोडमैप को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े निवेशकों से लगातार संवाद किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए नई नीतियां बनाई जा रही है। राज्य में उद्योगों के हित में 27 नई नीतियां बनाई गई हैं। सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाया जा रहा है। नीतियों के सरलीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट के सबंध में जो भी सुझाव आज प्राप्त हुए हैं, उन सुझावों को आगे की कार्ययोजना में शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत से जुड़े लोगों से समय-समय पर जो सुझाव प्राप्त हुए हैं, उन सुझावों को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाई गई है। जो भी सुझाव प्राप्त हो रहे हैं, उन पर तात्कालिक रूप से जो कार्य हो सकते हैं, वे कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में निवेशकों का रूझान तेजी से बढ़ रहा है। निवेश के लिए देवभूमि उत्तराखण्ड में अनुकूल माहौल है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का राज्य में तेजी से विस्तार हो रहा है। औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का आकर्षण तेजी से राज्य में बढ़ा है।

    कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नीतियां निवेश के अनुकूल बनाई जा रही हैं। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों के श्रेणी में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस इन्वेस्टर समिट की बैठकें उत्तराखण्ड के अलावा देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों में भी प्रस्तावित हैं। रियल एस्टेट के क्षेत्र में निवेश की अनेक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए हम सबको अपना योगदान देना होगा।

    इस अवसर पर रेरा के अध्यक्ष रबिन्द्र पंवार, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, आनंद बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, एस.एन. पाण्डेय, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं रियल एस्टेट से जुड़े निवेशक उपस्थित थे।

  • धामी कैबिनेट की बैठक खत्म, इन 6 मामलों मे हुए फैसला

    धामी कैबिनेट की बैठक खत्म, इन 6 मामलों मे हुए फैसला

     

    1. सचिवालय प्रसाशन मे निजी सचिव परीक्षा मामले मे हाई कोर्ट गए 4 अभ्यर्थियों को अनुमान्य किया गया
    2. औली विकास प्राधिकरण का निर्माण किया गया जों औली मे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बनाया जाएगा
    3. उधम सिंह नगर मे गैस आधारित प्लांट को चलाने के लिए विदेशो से आने वाली गैस मे वेट जीरो था अब  cng मे भी वेट 0 किया गया
    4. बद्रीनाथ मे विभिन्न क्लाकृतियों और वहा के इतिहास के बारे मे बताने का काम किया जाएगा जिसने मास्टर प्लान बनाया वो ही INI डिजाइन स्टूडियो को काम दिया जाएगा
    5. ऊर्जा मे पम्प स्टोरेज प्लांट पॉलिसी बनाई गई इसमें नॉन पीक ऑवर मे इनका उपयोग होगा इस पॉलिसी के तहत 12 प्रतिशत बिजली नहीं देनी होगी राज्य को, लैंड अलॉटमेंट भी प्राथमिकता के आधार पर होगा
    6. उद्योग सेवा क्षेत्र की तहत नई पॉलिसी को मंजूरी

     

  • राजस्थान में हुआ सीएम धामी का सम्मान, सीएम बोले इस पूण्यभूमि में आकर वे अविभूत है

    राजस्थान में हुआ सीएम धामी का सम्मान, सीएम बोले इस पूण्यभूमि में आकर वे अविभूत है

    सोमवार को सीएम धामी के सम्मान में  श्री गंगानगर राजस्थान के मानकसर गांव में क्षेत्रवासियों द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सीएम ने कहा कि गुरु जंभेश्वर भगवान की पूण्यभूमि में आकर वे अविभूत है। उन्होंने कहा कि गुरु जंभेश्वर जी ने जीवन में 29 नियम अपनाने के लिए कहा था। उनके द्वारा दिये गए नियमों को आत्मसात कर आज विश्नोई समाज, वाणी परसंयम रखने के साथ ही अन्य नियमों का पालन कर रहा है।

     

     

     

    सीएम धामी ने राजस्थान में वन एवं पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने वाली अमृता देवी विश्नोई की शहादत को नमन करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड जैसे हिमालय क्षेत्र में वन संरक्षण को लेकर हुए चिपको आंदोलन से तो काफी लोग वाकिफ हैं। परंतु इससे सैकड़ों वर्ष पहले राजस्थान में भी अमृता देवी जी के नेतृत्व मैं चिपको जैसा आंदोलन हो चुका है,जिसमें पेड़ों को बचाने के लिए 363 लोगों ने अमृता देवी जी के नेतृत्व में अपना बलिदान दिया। इस प्रकार हम पीढ़ियों से पर्यावरण के संरक्षक रहे हैं। प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाना हमारा संस्कार है।

    सीएम ने कहा कि हमारे पुरखों ने प्रकृति और मानव के सह-अस्तित्व पर एक समृद्ध विचारधारा को पोषित किया और आज सदियों बाद भी, हम उस विचार का, उतनी ही निष्ठा से अनुसरण करते आ रहे हैं। हमारी संस्कृति में वृक्षारोपण और वृक्ष संरक्षण दोनों का ही एक वैभवशाली और अनुसरणीय इतिहास रहा है। अमृता देवी जी और उनके साथियों के बलिदान की गाथा को कोई नहीं भूल सकता। इस महिला सत्याग्रही ने पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और नारी सशक्तिकरण को नए अर्थों में परिभाषित किया।

  • राजस्थान चुनाव में  बीजेपी ने  डा.निशंक को सौंपी जिम्मेदारी

    राजस्थान चुनाव में बीजेपी ने डा.निशंक को सौंपी जिम्मेदारी

    देहरादून। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक को राजस्थान चुनाव में पार्टी संगठन ने जिम्मेदारी सौंपी हैं। उन्हें पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में राजस्थान के करौली जिले की कमान सौंपी गई है। इस जिले में 4 विधानसभा क्षेत्र हैं।

    भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग की ओर से उन्हें इसकी सूचना दी गई कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के मार्गदर्शन में वह भाजपा के विजय संकल्प को पूरा करने में अपना योगदान देंगे। डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया है और कहा कि पार्टी की ओर से दी गई जिम्मेदारी निभाते हुए भाजपा के विजय संकल्प को पूरा करने में अपना योगदान देंगे।

  • दैनिक वेतनकर्मी महिलाओं को मिलेगा प्रसूति अवकाश

    दैनिक वेतनकर्मी महिलाओं को मिलेगा प्रसूति अवकाश

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार के अधीन विभागों में विभागीय एवं आउटसोर्सिंग के माध्यम से दैनिक वेतन पर नियोजित महिलाओं को सेवा प्रदाता संस्था द्वारा प्रसूति अवकाश की सुविधा अनुमन्य की गई है। इस संबंध में सोमवार को सचिव दिलीप जावलकर की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।

    आदेशों में कहा गया है कि प्रसूति अवकाश अवधि के वेतन का भुगतान यथाप्रक्रिया नियोक्ता के द्वारा किया जाएगा एवं प्रसूति अवकाश स्वीकृत किये जाने के संबंध में संबंधित नियोक्ता एवं सेवा प्रदाता द्वारा अधिनियम में उल्लिखित प्रावधानों का अनुपालन पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।

    देखें, मातृत्व अवकाश का आदेश

    कार्यालय-ज्ञाप

    विषय:- राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन विभागों / संस्थाओं में विभागीय एवं वाहय स्रोत के माध्यम से दैनिक वेतन पर नियोजित महिलाओं को प्रसूति अवकाश की सुविधा अनुमन्य किये जाने के सम्बन्ध में ।

    शासन स्तर पर सम्यक विचारोपरान्त लिये गये निर्णय के क्रम में राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन विभागों / संस्थाओं में विभागीय एवं वाह्य स्रोत के माध्यम से दैनिक वेतन पर नियोजित महिलाओं को प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम, 1961 ( समय-समय पर यथासंशोधित) के अधीन अधिनियम में उल्लिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों को पूर्ण करने पर अधिनियम में दिये गये निर्देशानुसार प्रसूति / मातृत्व अवकाश की सुविधा निम्नलिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अनुमन्य किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-

    (i) विभागीय माध्यम से दैनिक वेतन पर नियोजित महिलाओं को नियोक्ता द्वारा एवं वाह्य स्रोत से दैनिक वेतन पर नियोजित महिलाओं को सेवा प्रदाता संस्था द्वारा प्रसूति अवकाश अनुमन्य किया जायेगा ।

    (ii) प्रसूति अवकाश अवधि के वेतन का भुगतान यथाप्रक्रिया नियोक्ता के द्वारा किया जायेगा । (iii) प्रसूति अवकाश स्वीकृत किये जाने के सम्बन्ध में संबन्धित नियोक्ता एवं सेवा प्रदाता संस्था द्वारा उक्त वर्णित अधिनियम में उल्लिखित प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा ।

    भवदीय

    Signed by Dilip Jawalkar Date: 11-09-2023 18:34:23 (दिलीप जावलकर) सचिव ।